कॉपरनिकस एटमॉस्फियर मॉनिटरिंग सर्विस द्वारा जारी विश्लेषण में खुलासा हुआ है कि 12 सितंबर को ओजोन छिद्र का आकार 2.5 करोड़ वर्ग किलोमीटर तक पहुंच गया, जो इस अवधि के औसत से 50 लाख वर्ग किलोमीटर अधिक है।

ताकि हम सच और सरोकार की पत्रकारिता को जारी रख सकें। आप तक पहुंचाते रहें खबरें, नजरिया और बदलती दुनिया का विश्लेषण... इसके लिए आपका सहयोग जरूरी है।
कृपया योगदान करें