बढ़ते तापमान के साथ दुनिया भर में पौधों के प्राकृतिक आवास तेजी से सिकुड़ रहे हैं, ऐसे में वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि सदी के अंत तक 16 फीसदी प्रजातियां विलुप्त होने के कगार पर पहुंच सकती हैं।
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