क्लाइमेट इम्पैक्ट लैब के मुताबिक भारत में दिसंबर से फरवरी के बीच ही बढ़ती गर्मी के कारण 7,400 अतिरिक्त मौतें हो सकती हैं, साथ ही खतरा आगे गर्मियों तक बना रह सकता है

ताकि हम सच और सरोकार की पत्रकारिता को जारी रख सकें। आप तक पहुंचाते रहें खबरें, नजरिया और बदलती दुनिया का विश्लेषण... इसके लिए आपका सहयोग जरूरी है।
कृपया योगदान करें