इस तबाही ने सिर्फ इंसानी जानें, खेत और पशु ही नहीं छीने, बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका और आने वाले महीनों की खाद्य सुरक्षा पर भी गंभीर संकट खड़ा कर दिया है।

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