2014-15 से 2018-19 के बीच हर दिन करीब 41 हेक्टेयर वन भूमि का डायवर्जन हो रहा था जबकि 2024-25 और 2026 के बीच यह बढ़कर 61 हेक्टेयर प्रतिदिन हो गया

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