Natural Disasters

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सराज क्षेत्र में हुई तबाही का निशान तीन माह बाद भी दिखाई दे जाते हैं
उत्तराखंड के चमोली जिले के गांव फाली लगा साउनटनोला में अतिवृष्टि की वजह से आकस्मिक बाढ़ में कई मकानों को भारी नुकसान पहुंचा
एयरोसॉल और बिजली: वायु में सूक्ष्म कण बादलों के निर्माण को प्रभावित करते हैं, जिससे बिजली की गतिविधि बढ़ सकती या घट सकती है।
संसद में आज: चार राज्यों में ग्लेशियर से बनी झीलों की हो रही है सैटेलाइट से निगरानी
संसद में आज: पंजाब में बाढ़ से 1.93 लाख हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को नुकसान, 40 की मौत
मलक्का जलडमरूमध्य में बना गहरा दबाव आज , 26 नवंबर तक चक्रवात ‘सेंयार’ में बदल सकता है।
भविष्य के ज्वालामुखी मॉडल में बदलाव: शीयर बल को शामिल करना जरूरी है ताकि विस्फोट और लावा प्रवाह सही से अनुमानित किया जा सके।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, केवल 24 घंटे पहले की चेतावनी से नुकसान को 30 फीसदी तक कम किया जा सकता है।
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