Wildlife & biodiversity

 नौ फीसदी औषधीय पौधों की प्रजातियां अत्यधिक कटाई, अवैध व्यापार, जलवायु परिवर्तन व आवास नुकसान के कारण विलुप्त होने के कगार पर हैं।
पोटाश बम से घायल हाथी का बच्चा अभी भी रिजर्व में विचरण कर रहा है। फोटो: पुरुषोत्तम ठाकुर
सुमित डूकिया - वन्यजीव जीवविज्ञानी, गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, नई दिल्ली
कई अन्य क्षेत्रों में बर्फ इतनी तेजी से घट रही है कि भालू अनुकूलन नहीं कर पा रहे।
फोटो: आईस्टॉक
भारत में बाघों की जनसंख्या
पैंगोलिन की आठ प्रजातियां हैं – चार एशियाई और चार अफ्रीकी, इनमें से छह प्रजातियां संकटग्रस्त या गंभीर रूप से संकटग्रस्त हैं।
गुफा में ताकाहे पक्षी के एक प्राचीन पूर्वज के अवशेष भी मिले हैं। ताकाहे आज न्यूजीलैंड का एक प्रसिद्ध और दुर्लभ पक्षी है।
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