Wildlife & biodiversity

वैज्ञानिकों का मानना है कछुओं के पास आंतरिक कंपास और नक्शा प्रणाली होती है, जिससे वे खुले समुद्र में सटीक दिशा तय करते हैं।
फाइल फोटो: सीएसई
जलवायु परिवर्तन, आवास का विनाश, रासायनिक उर्वरक, आक्रामक प्रजातियां और प्रदूषण जैसे कारणों से कीटों की आबादी पर गहरा असर पड़ा है। फोटो: आईस्टॉक
भौंरा मधुमक्खियों पर सुल्फोक्साफ्लोर की कम मात्रा भी जीन गतिविधि बदलकर उनके प्रजनन तंत्र और जैविक कार्यों को प्रभावित कर सकती है।
जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई, शहरीकरण और जनसंख्या वृद्धि उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों के सामने प्रमुख पर्यावरणीय और सामाजिक चुनौतियां बन रही हैं।
मेक्सिको के कोजुमेल द्वीप पर दुर्लभ लोमड़ी की पुष्टि ने विलुप्ति के खतरे पर गंभीर चिंता बढ़ाई।
यह ततैया एफिड या माहू जैसे छोटे पौधों के कीटों का शिकार करती है। एफिड्स फसलों और अन्य पौधों को नुकसान पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।
समुद्री कछुए समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र संतुलित रखते हैं, वे जेलीफिश और समुद्री घास को नियंत्रित कर जैव विविधता बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं
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