सिंगरौली में अवैध बालू खनन से सूखती नदी, कटते जंगल और बिगड़ते पर्यावरण पर एनजीटी ने सख्त रुख अपनाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
अदालत ने चंबल नदी पर बने उस पुल को लेकर भी चिंता जताई है, जो राजस्थान और मध्य प्रदेश को जोड़ता है। लगातार अवैध खनन से पुल की संरचना और सुरक्षा पर खतरा बढ़ रहा है।
जांच में सामने आया है कि बालदा नदी में नियमों की अनदेखी कर भारी मशीनों से रेत निकाली जा रही है, जिससे नदी के प्राकृतिक प्रवाह और आसपास के गांवों पर खतरा बढ़ सकता है
छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ के गांव सालों से “अबूझ” पहेली बने हुए हैं लेकिन डाउन टू अर्थ ने इन जंगल पहाड़ों में बसे गांवों का दौरा किया है और पाया कि अब भी इनकी स्थिति जस की तस बनी हुई है यानी यहां अब भी सर ...
नदियों का डायनेमिक्स हर साल बदलता रहता है। ऐसे में हर साल कितनी बालू आकर नदियों में जमा होगी यह सटीक बता पाना एक दुरूह काम है। वैज्ञानिक अध्ययन भी 70 फीसदी सटीकता रखते हैं
शिकायत में कहा गया है कि चिकली गांव में पिछले कई वर्षों से बावनथड़ी नदी से अवैध रेत खनन हो रहा है। खनन माफिया नदी के बहाव क्षेत्र में भी पोकलेन जैसी भारी मशीनों का उपयोग करके रेत निकाल रहे हैं