12.3 एकड़ में हो रहे रेत खनन पर पर्यावरणीय मानकों के पालन को लेकर उठे सवालों पर एनजीटी ने मौके की जमीनी हकीकत जांचने और चार सप्ताह में रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है
आवेदक का आरोप है कि दोनों जगहों पर 15 एकड़ से अधिक क्षेत्र में 5,00,000 घन मीटर से ज्यादा रेत निकाली जा रही थी। इसके अलावा रेत के अवैध भंडारण और नदी के तटबंध को नुकसान पहुंचाने के भी आरोप लगे हैं।
सिंगरौली में अवैध बालू खनन से सूखती नदी, कटते जंगल और बिगड़ते पर्यावरण पर एनजीटी ने सख्त रुख अपनाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
अदालत ने चंबल नदी पर बने उस पुल को लेकर भी चिंता जताई है, जो राजस्थान और मध्य प्रदेश को जोड़ता है। लगातार अवैध खनन से पुल की संरचना और सुरक्षा पर खतरा बढ़ रहा है।
जांच में सामने आया है कि बालदा नदी में नियमों की अनदेखी कर भारी मशीनों से रेत निकाली जा रही है, जिससे नदी के प्राकृतिक प्रवाह और आसपास के गांवों पर खतरा बढ़ सकता है
छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ के गांव सालों से “अबूझ” पहेली बने हुए हैं लेकिन डाउन टू अर्थ ने इन जंगल पहाड़ों में बसे गांवों का दौरा किया है और पाया कि अब भी इनकी स्थिति जस की तस बनी हुई है यानी यहां अब भी सर ...