News (Climate Change)

यह रुझान इसलिए भी चिंता बढ़ाते हैं क्योंकि तापमान में इतनी वृद्धि केवल किसी चार्ट या रिपोर्ट का आंकड़ा नहीं है। इसका असर इंसानों की सेहत, कृषि, पानी, जंगलों, समुद्र और उन करोड़ों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है, जो बढ़ती गर्मी, सूखे, बाढ़, लू और जंगल की आग का सामना कर रहे हैं। फोटो: सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई)
महाेबा का चंदेलकालीन तालाब कीरत सागर लबालब भरने के बाद ओवरफ्लो होने लगा है। फोटो: भागीरथ
भारत के उत्सर्जन से 1750 से 2024 तक वैश्विक तापमान में करीब 0.05 डिग्री सेल्सियस बढ़ोतरी का अनुमान है।
सूखे के साथ बदल रहा बीमारियों का भूगोल, कुछ संक्रमण हो सकते हैं पहले से ज्यादा घातक: स्टडी
 23 हजार से अधिक मोलस्क प्रजातियों के अध्ययन में जलवायु परिवर्तन का शरीर के आकार पर अलग-अलग असर सामने आया है।
आपदा के बाद नेपाल पुलिस का सर्च अभियान। फोटो: X@NepalPoliceHQ
बेस कैंप पर हर दिन करीब 6,000 लीटर पेशाब निकलता है, जिससे एक मौसम में लगभग 154 टन बर्फ पिघल सकती है।
सौराष्ट्र के देवभूमि द्वारका जिले में बारिश न होने के कारण दो माह लेट चने की बुआई करते किसान। फोटो: राजू सजवान
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