News (Climate Change)

जलवायु परिवर्तन का असर: 21वीं सदी में बर्फ पिघलने और समुद्र स्तर बढ़ने से पृथ्वी धीरे-धीरे घूम रही है।
2050 तक वर्तमान कोको क्षेत्रों का लगभग 20 फीसदी जलवायु बदलाव के कारण फसल के उगने योग्य नहीं रहेगा।
मैक्वेरी द्वीप पर 1979 के बाद बारिश 28 प्रतिशत बढ़ी, हर साल लगभग 260 मिलीमीटर अतिरिक्त वर्षा दर्ज की गई।
प्रतीकात्मक तस्वीर: आईस्टॉक
दक्षिण-पूर्व एशिया और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हैं, क्योंकि यहां जमीन कम ऊंचाई वाली और तटीय है।
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जलवायु और गतिविधि: पैदल चलना, साइकिल, और सार्वजनिक परिवहन कार्बन उत्सर्जन कम करते हैं और पर्यावरणीय स्वास्थ्य में सुधार लाते हैं।
फोटो: आईस्टॉक
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