नजरिया

बदलती जलवायु और हिमालय की मधुमक्खियां:  परागण तंत्र पर गहराता संकट
प्रतीकात्मक तस्वीर: आईस्टॉक
छत्तीसगढ़ का हसदेव जंगल बचाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं आदिवासी। फाइल फोटो: सीएसई
भट्ठों पर काम आमतौर पर जून-जुलाई तक चलता है, लेकिन मौसम की अनिश्चितता मजदूरों की कमाई को और अस्थिर बना देती है। फोटो: मीनाक्षी अंबेडकर
जलवायु संकट से जन्मी ‘ईको एंजायटी’: किशोरों के भीतर पनपता गुस्सा, आक्रामकता और बदलाव की ताकत
डॉ अरुण कुमार महावीर कैंसर संस्थान में प्रमुख शोधार्थी हैं
अशोक कुमार घोष, महावीर कैंसर संस्थान में रिसर्च हेड हैं
अर्थ
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