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रुद्रथ अविनाशी और अवंतिका गोस्वामी
Rudrath Avinashi
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ऊर्जा परिवर्तन का मुद्दा महज समिति उत्सर्जन तक सीमित नहीं है, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा का विषय बन चुका है
भट्ठों पर काम आमतौर पर जून-जुलाई तक चलता है, लेकिन मौसम की अनिश्चितता मजदूरों की कमाई को और अस्थिर बना देती है। फोटो: मीनाक्षी अंबेडकर
Minakshi Ambedakar
5 min read
कानूनों और कागजी सुरक्षा के बावजूद गुजरात के ईंट-भट्टों पर पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलता बंधुआनुमा श्रम, अनौपचारिक कर्ज, बाल मजदूरी और शिक्षा से वंचित होते बच्चे विकास मॉडल पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं
फोटो: आईस्टॉक
DTE Staff
3 min read
डाउन टू अर्थ के एक सर्वे में लगभग 88 प्रतिशत युवाओं ने कहा कि उन्हें जलवायु बदलती हुई महसूस हो रही है। वहीं 67 प्रतिशत युवाओं ने बताया कि इसका असर उनके रोजमर्रा के जीवन पर पड़ने लगा है
हंगर वाच की सर्वे रिपोर्ट बताती है कि हर 20 में से एक परिवार को अक्सर रात का खाना खाये बगैर सोना पड़ा। फोटो: अमित शंकर
DTE Staff
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संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने रूसी-यूक्रेन युद्ध को देखते हुए देशों से खाद्य उत्पादन बढ़ाने और निर्यात बंद नहीं करने का आह्वान किया
Photo : Wikimedia Commons
Dayanidhi
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किसान नैनो तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग करके फसल की उपज में वृद्धि कर सकते हैं। इससे दुनिया भर में खाद्य सुरक्षा की चुनौतियों से निपटा जा सकता है।
उर्वरक आयात पर खतरनाक निर्भरता: भू-राजनीतिक झटकों के बीच भारत की खाद्य सुरक्षा पर बढ़ता जोखिम
Shagun
9 min read
भारत उर्वरक की अपनी 70 प्रतिशत जरूरतों के लिए वैश्विक सप्लाई चेन पर निर्भर है, जिससे इसकी खाद्य सुरक्षा पर भू-राजनीतिक उथल-पुथल का खतरा मंडराता रहता है
फोटो: आईस्टॉक
Lalit Maurya
5 min read
युद्ध के तनाव और मौसम की दोहरी मार: जानिए कैसे हॉर्मुज की नाकाबंदी और अल नीनो मिलकर आपकी रसोई का बजट बिगाड़ने वाले हैं
प्रतीकात्मक तस्वीर: आईस्टॉक
Lalit Maurya
5 min read
होर्मुज तनाव, महंगे ईंधन और मौसम की मार का असर अब सीधे लोगों की थाली तक पहुंच गया है, जिससे दुनिया भर में कमजोर तबके के लिए दो वक्त की रोटी तक जुटाना मुश्किल होता जा रहा है
File Photo: Agnimirh Basu
Raju Sajwan
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एफएओ ने आगाह किया कि किसान पहले से ही बहुत कम मुनाफे पर खेती कर रहे हैं। वर्तमान संकट की वजह से वे खेती छोड़ने या दिवालिया होने को मजबूर हो सकते हैं
Photo: Agnimirh Basu
DTE Staff
4 min read
संयुक्त राष्ट्र की संस्था फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गनाइजेशन (एफएओ) की ताजा रिपोर्ट से पिछले पांच माह से खाद्य कीमतों में गिरावट का सिलसिला थम गया है
विश्व में लगभग 73.3 करोड़ लोग खाद्य असुरक्षा से प्रभावित हैं, जिनके लिए दलहन सस्ता, टिकाऊ और पोषक समाधान प्रदान करते हैं।
Dayanidhi
3 min read
विश्व दलहन दिवस: वैश्विक आंकड़े दर्शाते हैं कि बढ़ती दलहन खपत, खाद्य सुरक्षा, पोषण सुधार और पर्यावरण संरक्षण में भूमिका निभा रही है
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