कानूनों और कागजी सुरक्षा के बावजूद गुजरात के ईंट-भट्टों पर पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलता बंधुआनुमा श्रम, अनौपचारिक कर्ज, बाल मजदूरी और शिक्षा से वंचित होते बच्चे विकास मॉडल पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं
डाउन टू अर्थ के एक सर्वे में लगभग 88 प्रतिशत युवाओं ने कहा कि उन्हें जलवायु बदलती हुई महसूस हो रही है। वहीं 67 प्रतिशत युवाओं ने बताया कि इसका असर उनके रोजमर्रा के जीवन पर पड़ने लगा है
किसान नैनो तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग करके फसल की उपज में वृद्धि कर सकते हैं। इससे दुनिया भर में खाद्य सुरक्षा की चुनौतियों से निपटा जा सकता है।
आपदा के बाद भूख बढ़ना तय नहीं, मजबूत खाद्य व्यवस्था, बेहतर तैयारी, विविध आपूर्ति स्रोत, तकनीक और सामुदायिक सहयोग से खाद्य संकट का असर घटाया जा सकता है।
मौसम की मार, अल नीनो, युद्ध और व्यापार में आ रही बाधाओं ने खाद्य आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ा दी है। स्थिति यह है कि चीनी की कीमतों में करीब 12 फीसदी का भारी उछाल दर्ज किया गया है।
भारत उर्वरक की अपनी 70 प्रतिशत जरूरतों के लिए वैश्विक सप्लाई चेन पर निर्भर है, जिससे इसकी खाद्य सुरक्षा पर भू-राजनीतिक उथल-पुथल का खतरा मंडराता रहता है