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लाहौल स्पीति का तांदी स्थान जहां पर 104 मेगावाट का पावर प्रोजेक्ट प्रस्तावित है। फोटो: रोहित पाराशर
Vivek Mishra
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एनजीटी की समिति ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि गेचा से हेलीपैड तक करीब 2.84 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए जिला वन अधिकारी से अनुमति नहीं ली गई
प्रतीकात्मक तस्वीर। आईस्टॉक
DTE Staff
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ज्ञापन के मुताबिक एफआरए की धारा 4(5) स्पष्ट रूप से कहती है कि जब तक दावों का पूर्ण सत्यापन नहीं हो जाता, तब तक किसी भी दावेदार को बेदखल नहीं किया जा सकता
पवित्र उपवन स्थानीय समुदायों द्वारा देवताओं, प्रकृति या पूर्वजों की आत्माओं को समर्पित भूमि के टुकड़े होते हैं। स्थानीय समुदाय इन क्षेत्रों को वनस्पति की लगभग प्राकृतिक अवस्था में संरक्षित करते हैं (फोटो: विकास चौधरी / सीएसई)
Himanshu Nitnaware
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पवित्र उपवनों की भूमि प्रकृति को समर्पित होने के कारण जंगल की प्राकृतिक स्थिति संरक्षित रहती है
फाइल फोटो: मनीष कुमार मिश्र
DTE Staff
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संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) की ग्लोबल फॉरेस्ट रिसोर्सेज असेसमेंट 2025 (एफआरए 2025) रिपोर्ट जारी की गई
इलेस्ट्रेशन: योगेंद्र आनंद
Sunita Narain
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वह यह समझना चाहते थे कि सिस्टम को मजबूत करने के लिए क्या किया जा सकता है ताकि संतुलन बनाया जा सके
करलाझर गांव के सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समिति ने ओडिशा के अचला गांव के लोगों के साथ वन के बेहतर प्रबंधन के लिए मार्च में मीटिंग की। सभी फोटो : भागीरथ
Bhagirath
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गरियाबंद जिले के कुल 134 गांवों को 84,039 हेक्टेयर वन क्षेत्र पर सीएफआरआर मिला है। पूरे राज्य में कुल 4,303 गांवों को 19,36,387 हेक्टेयर क्षेत्र के वनों का सीएफआरआर हासिल हुआ है
ओडिशा के गंजम जिले के 38 गांवों को मिला “राजस्व” का दर्जा
Anil Ashwani Sharma
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ओडिशा राजस्व बोर्ड द्वारा किए गए अनुमोदन के बाद इन गांवों के छह हजार से ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाएं मिलने का रास्ता साफ हो गया है
संपन्न राज्य, विपन्न लोग-1: 25 साल बाद भी प्राकृतिक संसाधनों पर नहीं मिला हक
Anil Ashwani Sharma
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आज से 25 साल पहले अकूत प्राकृतिक संपदा से संपन्न छत्तीसगढ़, उत्तराखंड व झारखंड अस्तित्व में आए। विगत वर्षों में इन राज्यों में रह रहे लोगों की हालत क्या है? क्या उन्हें भी इस संपदा में हिस्सेदारी मिल ...
संसद में आज: जल संकट से जूझ रहे तीन जिलों में बन रहे हैं थर्मल प्लांट
Dayanidhi
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11 दिसंबर 2025 को संसद के दोनों सदनों में पर्यावरण को लेकर विभिन्न मुद्दों पर सवाल उठे और मंत्रियों ने सरकार की योजनाओं व प्रगति की जानकारी दी
फोटो: सायंतन बेरा/ सीएसई
Shuchita Jha
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41 फीसदी मामलों में, समुदायों का आरोप है कि अधिकारियों या परियोजना प्रस्तावकों ने भूमि अधिग्रहण के लिए उचित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया।
विश्लेषण: इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट 2023, क्या है असलियत?
Himanshu Nitnaware
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हरित आवरण में शुद्ध वृद्धि की रिपोर्ट के बावजूद नवीनतम वन सर्वेक्षण प्राकृतिक वनों के क्षरण को दिखाता है। पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील हॉटस्पॉट क्षेत्रों में यह क्षरण ज्यादा है
पल्की गांव को 2023 में सामुदायिक वन अधिकार प्रदान किए गए थे, जिसके बाद गांव वालों ने  बांस की कटाई और बिक्री शुरू कर दी है, जो ओडिशा का एक महत्वपूर्ण वन उत्पाद है
Nidhi Jamwal
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ओडिशा में केंदू पत्तों के परिवहन और व्यापार को लेकर हुआ हालिया विवाद राज्य में वन अधिकार कानूनों की अलग-अलग व्याख्याओं को उजागर करता है
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