ज्ञापन के मुताबिक एफआरए की धारा 4(5) स्पष्ट रूप से कहती है कि जब तक दावों का पूर्ण सत्यापन नहीं हो जाता, तब तक किसी भी दावेदार को बेदखल नहीं किया जा सकता
गरियाबंद जिले के कुल 134 गांवों को 84,039 हेक्टेयर वन क्षेत्र पर सीएफआरआर मिला है। पूरे राज्य में कुल 4,303 गांवों को 19,36,387 हेक्टेयर क्षेत्र के वनों का सीएफआरआर हासिल हुआ है
आज से 25 साल पहले अकूत प्राकृतिक संपदा से संपन्न छत्तीसगढ़, उत्तराखंड व झारखंड अस्तित्व में आए। विगत वर्षों में इन राज्यों में रह रहे लोगों की हालत क्या है? क्या उन्हें भी इस संपदा में हिस्सेदारी मिल ...
हरित आवरण में शुद्ध वृद्धि की रिपोर्ट के बावजूद नवीनतम वन सर्वेक्षण प्राकृतिक वनों के क्षरण को दिखाता है। पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील हॉटस्पॉट क्षेत्रों में यह क्षरण ज्यादा है