

देश की वायु गुणवत्ता में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच 12 अगस्त को हरियाणा का चरखी दादरी सबसे प्रदूषित शहर बनकर सामने आया। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 231 दर्ज हुआ, जो ‘खराब’ श्रेणी में है। एक दिन पहले एक्यूआई 146 था, यानी महज 24 घंटे में 85 अंकों की तेज बढ़ोतरी हुई।
चरखी दादरी की हवा में पीएम2.5 का दबदबा रहा और प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से करीब 1,400 फीसदी अधिक रहा।
इसके विपरीत मिजोरम की राजधानी आइजोल में एक्यूआई महज 15 रहा और वह देश का सबसे साफ शहर रही। यानी दोनों शहरों की हवा के बीच प्रदूषण का अंतर 15 गुणा से अधिक रहा।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 252 शहरों के आंकड़ों के मुताबिक 107 शहरों में हवा साफ, 116 में संतोषजनक और 28 शहरों में मध्यम रही, जबकि चरखी दादरी एकमात्र शहर था जहां हवा ‘खराब’ श्रेणी में पहुंची।
दिल्ली में भी प्रदूषण बढ़ा और एक्यूआई 78 से बढ़कर 92 हो गया, हालांकि हवा अभी संतोषजनक बनी हुई है। वहीं फरीदाबाद में एक्यूआई 118 से घटकर 88 पर पहुंच गया।
आंकड़े बताते हैं कि देश के अधिकांश शहरों में स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन कई शहरों में प्रदूषण का अचानक बढ़ना चिंता का संकेत है।
सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 12 अगस्त 2026 को देश में चरखी दादरी सबसे प्रदूषित रहा। इस दौरान वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 231 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (11 अगस्त) को चरखी दादरी में सूचकांक 146 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से प्रदूषण के स्तर में 85 अंकों का भारी इजाफा हुआ है।
रुझानों में यह भी सामने आया है कि चरखी दादरी की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।
चरखी दादरी में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 1,400 फीसदी अधिक है।
दूसरी तरफ देश में आइजोल की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 15 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर चरखी दादरी की तुलना आइजोल से करें तो वहां स्थिति 15.4 गुणा खराब है।
इससे पहले कल देश में सहरसा की हवा सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 239 दर्ज किया गया, हालांकि आज 182 अंकों के भारी सुधार के साथ वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक घटकर 57 पर पहुंच गया है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 78 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 92 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता में 14 अंकों का उछाल आया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक बनी हुई है।
2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 09 जुलाई को दर्ज किया गया, जब एक्यूआई 48 रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह 08 जुलाई 2026 को सूचकांक 59 और 07-12 अगस्त को 63 रिकॉर्ड किया गया। वहीं 04 अगस्त और 22 जुलाई 2026 को सूचकांक 64 दर्ज हुआ। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।
दिल्ली के उलट फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में कमी दर्ज की गई। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 118 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 88 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 30 अंक के सुधार के साथ फरीदाबाद में आज वायु गुणवत्ता मध्यम से संतोषजनक श्रेणी में पहुंच गई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 12 अगस्त 2026 को 252 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 42.5 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 46 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 11.5 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।
कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 13.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। दूसरी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में 8.7 फीसदी की कमी दर्ज की गई। वहीं मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में कल से करीब 12 फीसदी का इजाफा हुआ है, जोकि चिंता का विषय है।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में लेह (183) दूसरे जबकि बक्सर (168) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह गुरुग्राम (165) चौथे स्थान पर है। बर्नीहाट (मेघालय) (161) – समस्तीपुर (154) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
ग्रेटर नोएडा (148) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में श्री गंगानगर (147), बद्दी (141) और बल्लभगढ़ (135) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के तीन शहर (चरखी दादरी, गुरुग्राम, बल्लभगढ़) शामिल हैं।
विश्लेषण से यह भी पता चला है कि चरखी दादरी, बक्सर, गुरुग्राम, बर्नीहाट (मेघालय), समस्तीपुर, खोरा, गुम्मिडीपूंडी, धारूहेड़ा, गया, भिवाड़ी आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं। वहीं ग्रेटर नोएडा, श्री गंगानगर, बद्दी, बल्लभगढ़, सोनीपत, अंबाला, छपरा, वातवा, विशाखापत्तनम, भरतपुर, सिवान, मंडी गोबिंदगढ़, बीकानेर, पलवल आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।
इन शहरों के विपरीत देश के 42.5 फीसदी यानी 107 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में भोपाल, ब्रजराजनगर, बूंदी, चामराजनगर, चंडीगढ़, चंद्रपुर, छाल, चिक्काबल्लापुर, चित्तौड़गढ़, कोयंबटूर, कुड्डालोर, दमोह, दावणगेरे, देहरादून, धुले, डोंबिवली, फतेहाबाद, फतेहपुर सिकरी, फिरोजाबाद, गजरौला, गंगटोक, हल्दिया, हनुमानगढ़, हैदराबाद, इंदौर, जलगांव, जलना, झुंझुनू, कलबुर्गी, करौली, कारवार, कटनी, किशनगंज, कोल्हापुर, कोरबा, कोटा, कुंजेमुरा, कुरुक्षेत्र, लातूर, मदिकेरी, महाद, मैहर, मालेगांव, मंडीदीप, मंगलौर, मीरा-भायंदर, मोदीनगर, मुरादाबाद, मुंबई, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नागौर, नागपुर, नाहरलागुन, नांदेड़, नासिक, नवी मुंबई, पंचकुला, परभणी, पटियाला, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रयागराज, रायपुर, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम आदि शामिल हैं।
इसी तरह देश के 116 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें बेगूसराय, बेंगलुरु, भागलपुर, भावनगर, भिवानी, भुवनेश्वर, बिलासपुर, बोइसर, बुलंदशहर, ब्यासनगर, बर्नीहाट (असम), चेन्नई, चित्तूर, चूरू, कटक, दौसा, दिल्ली, देवास, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलुरु, फरीदाबाद, गडग, गांधीनगर, गाजियाबाद, गुंटूर, गुवाहाटी, ग्वालियर, हाजीपुर, हापुड़, हिसार, हावड़ा, हुबली, जबलपुर, जयपुर, जैसलमेर, जालंधर, जालोर, झांसी, जींद, जोधपुर, जोरापोखर, कैथल, कल्याण, कन्नूर, कानपुर, करनाल, क्योंझर, खन्ना, खुर्जा, कोहिमा, कोलकाता, लखनऊ, लुधियाना, मछलीपट्टनम, मंडीखेड़ा, मानेसर, मंगुराहा, मथुरा, मेरठ, मेहसाणा, मुंगेर, मैसूरु, नागांव, नंदेसरी, नारनौल, नेल्लोर, पाली, पंचगांव, पानीपत, पटना, पीथमपुर, पुडुचेरी आदि शहर शामिल हैं।
इन शहरों के उलट आज देश के 28 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
इनमें अंबाला, अंगुल, बद्दी, बल्लभगढ़, भरतपुर, भिवाड़ी, बीकानेर, बक्सर, बर्नीहाट (मेघालय), छपरा, धारूहेड़ा, एलूर, गया, ग्रेटर नोएडा, गुम्मिडीपूंडी, गुरुग्राम, खोरा, लेह, मंडी गोबिंदगढ़, नोएडा, पलवल, समस्तीपुर, सिलीगुड़ी, सिवान, सोनीपत, श्री गंगानगर, वातवा, विशाखापत्तनम आदि शामिल हैं। वहीं चरखी दादरी (231) में वायु गुणवत्ता ‘खराब’ दर्ज की गई है।
क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 252 में से 107 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 116 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 11 अगस्त को भी यह आंकड़ा 127 दर्ज किया गया था।
28 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।
दूसरे शहरों की तुलना में आज चरखी दादरी में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 231 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (11 अगस्त) को चरखी दादरी में सूचकांक 146 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से प्रदूषण के स्तर में 85 अंकों का भारी इजाफा हुआ है।
इससे पहले कल देश में सहरसा की हवा सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 239 दर्ज किया गया, हालांकि आज 182 अंकों के भारी सुधार के साथ वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक घटकर 57 पर पहुंच गया है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 78 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 92 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता में 14 अंकों का उछाल आया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक बनी हुई है।
दिल्ली के उलट फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में कमी दर्ज की गई। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 118 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 88 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 30 अंक के सुधार के साथ फरीदाबाद में आज वायु गुणवत्ता मध्यम से संतोषजनक श्रेणी में पहुंच गई है।
प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 12 अगस्त को गुरुग्राम (165) चौथे स्थान पर है, वहीं लेह (183) दूसरे, जबकि बक्सर (168) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 69, गाजियाबाद में 79, गुवाहाटी में 54, गुरूग्राम में 165, नोएडा में 101, ग्रेटर नोएडा में 148 पर पहुंच गया है।
इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 34 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘बेहतर‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 66, चेन्नई में 62, चंडीगढ़ में 36, हैदराबाद में 44, जयपुर में 67 और पटना में 76 दर्ज किया गया।
इन शहरों में साफ रही हवा
देश के जिन 107 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा। इन शहरों में अहमदनगर, आइजोल, अजमेर, अकोला, अंबरनाथ, अमरावती (महाराष्ट्र), औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बदलापुर, बालासोर, बारां, बारीपदा, बठिंडा, बीड, बेलापुर, बेतिया, भिलाई, भीलवाड़ा, भिवंडी, भोपाल, ब्रजराजनगर, बूंदी, चामराजनगर, चंडीगढ़, चंद्रपुर, छाल, चिक्काबल्लापुर, चित्तौड़गढ़, कोयंबटूर, कुड्डालोर, दमोह, दावणगेरे, देहरादून, धुले, डोंबिवली, फतेहाबाद, फतेहपुर सिकरी, फिरोजाबाद, गजरौला, गंगटोक, हल्दिया, हनुमानगढ़, हैदराबाद, इंदौर, जलगांव, जलना, झुंझुनू, कलबुर्गी, करौली, कारवार, कटनी, किशनगंज, कोल्हापुर, कोरबा, कोटा, कुंजेमुरा, कुरुक्षेत्र, लातूर, मदिकेरी, महाद, मैहर, मालेगांव, मंडीदीप, मंगलौर, मीरा-भायंदर, मोदीनगर, मुरादाबाद, मुंबई, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नागौर, नागपुर, नाहरलागुन, नांदेड़, नासिक, नवी मुंबई, पंचकुला, परभणी, पटियाला, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रयागराज, रायपुर, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, राजसमंद, रामनगर, रतलाम, ऋषिकेश, राउरकेला, सागर, सतारा, शिलांग, शिवमोगा, शिवसागर, सोलापुर, श्रीनगर, सूरत, ठाणे, तिरुमाला, तुमडीह, उदयपुर, उज्जैन, उल्हासनगर, वापी, विजयपुरा, विरार, वृंदावन और यादगीर शामिल हैं।
वहीं अगरतला, आगरा, अहमदाबाद, अलवर, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अमृतसर, अनंतपुर, अंकलेश्वर, अररिया, आरा, आसनसोल, बागलकोट, बागपत, बहादुरगढ़, बांसवाड़ा, बारबिल, बरेली, बाड़मेर, बैरकपुर, बेगूसराय, बेंगलुरु, भागलपुर, भावनगर, भिवानी, भुवनेश्वर, बिलासपुर, बोइसर, बुलंदशहर, ब्यासनगर, बर्नीहाट (असम), चेन्नई, चित्तूर, चूरू, कटक, दौसा, दिल्ली, देवास, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलुरु, फरीदाबाद, गडग, गांधीनगर, गाजियाबाद, गुंटूर, गुवाहाटी, ग्वालियर, हाजीपुर, हापुड़, हिसार, हावड़ा, हुबली, जबलपुर, जयपुर, जैसलमेर, जालंधर, जालोर, झांसी, जींद, जोधपुर, जोरापोखर, कैथल, कल्याण, कन्नूर, कानपुर, करनाल, क्योंझर, खन्ना, खुर्जा, कोहिमा, कोलकाता, लखनऊ, लुधियाना, मछलीपट्टनम, मंडीखेड़ा, मानेसर, मंगुराहा, मथुरा, मेरठ, मेहसाणा, मुंगेर, मैसूरु, नागांव, नंदेसरी, नारनौल, नेल्लोर, पाली, पंचगांव, पानीपत, पटना, पीथमपुर, पुडुचेरी, पुणे, पूर्णिया, रायबरेली, राजकोट, रोहतक, रूपनगर, सहरसा, सतना, सवाई माधोपुर, शामली, सीकर, सिलचर, सिरोही, तालचेर, टेन्सा, तिरुवनंतपुरम, थूथुकुडी, त्रिशूर, तिरुपति, टोंक, वडोदरा, वाराणसी, विजयवाड़ा और यमुना नगर आदि 116 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।
इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।
ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।
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