

13 मार्च 2026 को देश में भिवाड़ी सबसे अधिक प्रदूषित शहर रहा, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 290 दर्ज किया गया, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा सुरक्षित सीमा से 1,800 फीसदी अधिक है।
कल भिवाड़ी का एक्यूआई 224 था, यानी सिर्फ 24 घंटे में 66 अंकों की बढ़ोतरी। वहीं दिल्ली और फरीदाबाद में प्रदूषण में हल्की गिरावट आई, लेकिन दिल्ली का एक्यूआई अभी भी मानकों से 300 फीसदी अधिक है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, 246 शहरों में केवल 4.9 फीसदी शहरों में हवा साफ है, 37.8 फीसदी में संतोषजनक और 57.3 फीसदी में हालात चिंताजनक हैं।
गुरुग्राम (271) और नयागढ़ (258) क्रमशः दूसरे और तीसरे सबसे प्रदूषित शहर हैं। हालांकि बल्लभगढ़ में कल एक्यूआई सबसे खराब (315) था, लेकिन आज इसमें 87 अंकों की गिरावट हुई।
भिवाड़ी, गुरुग्राम, बल्लभगढ़, पंचगांव, सिंगरौली और अन्य शहरों में पीएम2.5 और पीएम10 प्रमुख प्रदूषक बने हुए हैं, जबकि देश के केवल 12 शहरों में हवा ‘बेहतर’ दर्ज की गई। कुल मिलाकर, देश के ज्यादातर शहरों में हवा की गुणवत्ता अभी भी स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण है।
विश्लेषण के मुताबिक 13 मार्च 2026 को देश में भिवाड़ी सबसे अधिक प्रदूषित शहर रहा। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 290 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। गौरतलब है कि कल भिवाड़ी में एक्यूआई 224 रिकॉर्ड किया गया था। मतलब कि कल से सूचकांक में 66 अंकों का इजाफा हुआ है।
रुझानों में सामने आया है कि भिवाड़ी की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।
भिवाड़ी में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 1,800 फीसदी अधिक है।
दूसरी तरफ देश में श्रीनगर की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 29 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर भिवाड़ी की तुलना श्रीनगर से करें तो वहां स्थिति 10 गुणा खराब है।
इससे पहले कल देश में बल्लभगढ़ की हवा सबसे खराब थी, जब एक्यूआई 315 दर्ज किया गया। हालांकि आज 87 अंकों के सुधार के साथ सूचकांक 228 पर पहुंच गया है। लेकिन चिंता की बात है कि बल्लभगढ़ में वायु गुणवत्ता अभी भी खराब बनी हुई है।
राजधानी दिल्ली की बात करें तो कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 213 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 189 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में सूचकांक में 24 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। चिंता की बात यह है कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता अभी भी मानकों से 300 फीसदी अधिक खराब है।
इसी तरफ फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 225 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 190 पर पहुंच गया। इसका मतलब कि फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता खराब से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 13 मार्च 2026 को 246 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां महज 4.9 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 37.8 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 57.3 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा चिंताजनक बनी हुई है।
बता दें कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 33.3 फीसदी का इजाफा हुआ है। इसी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में भी 12 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की बात करें तो इनकी संख्या में कल से करीब चार फीसदी की गिरावट आई है। इसी तरह खराब गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में भी कल से करीब 28.6 फीसदी का सुधार आया है, जोकि राहत की खबर है।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में गुरुग्राम (271) दूसरे जबकि नयागढ़ (258) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह पंचगांव चौथे स्थान पर है। सिंगरौली-बहादुरगढ़ में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 251 और 241 अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
अंगुल (240) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में ग्रेटर नोएडा (238), तुमडीह (237) और बल्लभगढ़ (228) भी शामिल हैं। गौरतलब है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के चार शहर (भिवाड़ी, गुरुग्राम, बहादुरगढ़, बल्लभगढ़) शामिल हैं।
विश्लेषण से यह भी पता चला है कि भिवाड़ी, गुरुग्राम, पंचगांव, बहादुरगढ़, तुमडीह, कुंजेमुरा, बिलाईपाड़ा, नंदेसरी, मानेसर, दमोह, कोरबा, नारनौल, बद्दी, हापुड़, धारूहेड़ा, बर्नीहाट, मंडीदीप, रोहतक, छाल, यमुना नगर, मछलीपट्टनम, कुरुक्षेत्र, सोनीपत, भिवानी, वातवा, जींद, वडोदरा, अगरतला, आसनसोल, उज्जैन, परभनी, देहरादून, गुम्मिडीपूंडी, मुजफ्फरपुर, वापी, नागांव, मेहसाणा आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।
वहीं नयागढ़, सिंगरौली, ग्रेटर नोएडा, बल्लभगढ़, धनबाद, बारबिल, गाजियाबाद, फरीदाबाद, दिल्ली, बुलंदशहर, अहमदाबाद, नोएडा, चंद्रपुर, टोंक, राजकोट, लखनऊ, आगरा, भीलवाड़ा, जयपुर, बागपत, गांधीनगर, बीकानेर, मेरठ, छपरा, राउरकेला, सोलापुर, कटनी, सहरसा, तालचेर, पटना, चूरू, सीकर, फतेहाबाद, ग्वालियर, सिरसा, मुजफ्फरनगर, झुंझुनू, सुआकाती, खुर्जा, हनुमानगढ़, ठाणे, भोपाल, झालावाड़, कल्याण, अजमेर, बाड़मेर, जैसलमेर, मालेगांव, पाली, नागौर, पानीपत आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।
इन शहरों के विपरीत देश के 4.9 फीसदी यानी महज 12 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में बागलकोट, भिलाई, गंगटोक, गुंटूर, मदिकेरी, पलवल, पंपोर, पंचकुला, पेरुंदुरई, पुदुचेरी, शिवसागर, श्रीनगर आदि शामिल हैं।
आज देश के जिन 93 शहरों में वायु गुणवत्ता सन्तोषजनक है, उनमें भुवनेश्वर, बक्सर, चामराजनगर, चंडीगढ़, चरखी दादरी, चेन्नई, चिक्काबल्लापुर, चिक्कमगलुरु, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, कोयंबटूर, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलूर, एलुरु, फिरोजाबाद, गया, हल्दिया, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जालंधर, जलगांव, जलना, झांसी, कडप्पा, कलबुर्गी, कन्नूर, करनाल, कटिहार, खन्ना, कोहिमा, कोल्हापुर, कोलकाता, कोटा, लातूर, महाड, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीखेड़ा, मीरा-भायंदर, मोतिहारी, मुंबई, मुंगेर, मैसूर, नाहरलागुन, नवी मुंबई, पटियाला, प्रयागराज, पुणे, पूर्णिया, रायपुर, राजमहेंद्रवरम आदि शामिल हैं।
इन शहरों के उलट आज देश के 126 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
इन शहरों में अगरतला, आगरा, अहमदाबाद, अहमदनगर, अजमेर, अकोला, अलवर, आसनसोल, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बद्दी, बागपत, बांसवाड़ा, बारां, बारबिल, बारीपाड़ा, बाड़मेर, बेंगलुरु, भागलपुर, भरतपुर, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवानी, भोपाल, बीकानेर, बिलासपुर, बोइसर, ब्रजराजनगर, बुलंदशहर, बूंदी, ब्यासनगर, बर्नीहाट, चंद्रपुर, छाल, छपरा, चूरू, कटक, दमोह, दौसा, देहरादून, दिल्ली, देवास, धारूहेड़ा, धारवाड़, धौलपुर, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गांधीनगर, गाजियाबाद, गोरखपुर, गुम्मिडीपूंडी, गुवाहाटी, ग्वालियर, हाजीपुर, हनुमानगढ़, हापुड़, हिसार, जयपुर, जैसलमेर, जालोर, झालावाड़, झुंझुनू, जींद, जोधपुर, कैथल, कल्याण, कानपुर, करौली, कटनी, खुर्जा, कोरबा, कुरुक्षेत्र, लखनऊ, लुधियाना, मछलीपट्टनम, मालेगांव, मंडीदीप, मानेसर, मंगुराहा, मेरठ, मेहसाणा, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नागांव, नागौर, नागपुर, नांदेड़, नारनौल, नासिक, नोएडा, पाली, पानीपत, परभनी, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली, राजकोट, रतलाम, रोहतक, राउरकेला, सागर, सहरसा, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरसा, सोलापुर, सोनीपत, श्री गंगानगर, सुआकाती, तालचेर, टेन्सा, ठाणे, टोंक, उदयपुर, उज्जैन, उल्हासनगर, वडोदरा, वापी, वातवा, विरार, विशाखापत्तनम, वृंदावन, यादगीर, यमुना नगर शामिल हैं।
आंकड़ों में यह भी सामने आया है कि आज देश के 15 शहरों में वायु गुणवत्ता खराब है। इन शहरों में अंगुल, बहादुरगढ़, बल्लभगढ़, भिवाड़ी, बिलाईपाड़ा, धनबाद, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, कुंजेमुरा, मिलुपारा, नंदेसरी, नयागढ़, पंचगांव, सिंगरौली, तुमडीह शामिल हैं।
क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 246 में से महज 12 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 93 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 12 मार्च को यह आंकड़ा 83 दर्ज किया गया था।
126 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' (101-200 के बीच) बनी हुई है।
दूसरे शहरों की तुलना में आज भिवाड़ी में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 290 पर पहुंच गया। वहीं कल भिवाड़ी में एक्यूआई 224 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से सूचकांक में 66 अंकों का इजाफा हुआ है।
इससे पहले कल बल्लभगढ़ में स्थिति सबसे ज्यादा खराब रिकॉर्ड की गई थी, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 315 तक पहुंच गया। वहीं आज बल्लभगढ़ में एक्यूआई 228 दर्ज किया गया। मतलब कि कल से सूचकांक में 87 अंकों का सुधार आया है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 213 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 189 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में सूचकांक में 24 अंकों की गिरावट दर्ज की गई है। चिंता की बात यह है कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता अभी भी मानकों से 300 फीसदी अधिक खराब है।
दिल्ली की तरफ ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 225 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 190 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता आज खराब से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है।
प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 13 मार्च को पंचगांव चौथे स्थान पर है, वहीं गुरुग्राम (271) दूसरे, जबकि नयागढ़ (258) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 136, गाजियाबाद में 198, गुवाहाटी में 114, गुरूग्राम में 271, नोएडा में 173, ग्रेटर नोएडा में 238 पर पहुंच गया है।
इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 95 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 153, चेन्नई में 96, चंडीगढ़ में 66, हैदराबाद में 84, जयपुर में 151 और पटना में 139 दर्ज किया गया।
इन शहरों में साफ रही हवा
देश के जिन 12 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें बागलकोट, भिलाई, गंगटोक, गुंटूर, मदिकेरी, पलवल, पंपोर, पंचकुला, पेरुंदुरई, पुदुचेरी, शिवसागर, श्रीनगर शामिल हैं।
वहीं अमरावती (आंध्रप्रदेश), अंबाला, अंबरनाथ, अमरावती (महाराष्ट्र), अमृतसर, अनंतपुर, अररिया, आरा, औरंगाबाद (बिहार), बदलापुर, बालासोर, बरेली, बैरकपुर, बठिंडा, बेगूसराय, भिवंडी, भुवनेश्वर, बक्सर, चामराजनगर, चंडीगढ़, चरखी दादरी, चेन्नई, चिक्काबल्लापुर, चिक्कमगलुरु, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, कोयंबटूर, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलूर, एलुरु, फिरोजाबाद, गया, हल्दिया, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जालंधर, जलगांव, जलना, झांसी, कडप्पा, कलबुर्गी, कन्नूर, करनाल, कटिहार, खन्ना, कोहिमा, कोल्हापुर, कोलकाता, कोटा, लातूर, महाड, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीखेड़ा, मीरा-भायंदर, मोतिहारी, मुंबई, मुंगेर, मैसूर, नाहरलागुन, नवी मुंबई, पटियाला, प्रयागराज, पुणे, पूर्णिया, रायपुर, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, राजसमंद, रामनगर, ऋषिकेश, रूपनगर, समस्तीपुर, सांगली, सासाराम, सतना, शिलांग, शिवमोगा, सिलचर, सिलीगुड़ी, सिरोही, सिवान, सूरत, तिरुवनंतपुरम, तिरुमाला, तिरुपति, वाराणसी, विजयपुरा, विजयवाड़ा आदि 93 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।
इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।
ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।
कल देश में वायु गुणवत्ता की स्थिति कैसी थी इसकी जानकारी आप डाउन टू अर्थ के एयर क्वालिटी ट्रैकर के पिछले अंक से प्राप्त कर सकते हैं:
प्रदूषण का हॉटस्पॉट बना हरियाणा, बल्लभगढ़ में बढ़कर 315 पर पहुंचा एक्यूआई