स्तन कैंसर के कारण भारत में मौतें बढ़ी, दुनिया में 2050 तक 35 लाख तक मामले बढ़ने के आसार

अध्ययन के मुताबिक, 2023 में 23 लाख स्तन कैंसर के नए मामले और 764,000 मौतें, 2050 तक मामले 35 लाख, मौतें 14 लाख तक बढ़ने का अंदेशा
आय के अनुसार अंतर : उच्च आय वाले देशों में स्तन कैंसर के मामलों की दर स्थिर, कम आय वाले देशों में 147 फीसदी की बढ़ोतरी।
आय के अनुसार अंतर : उच्च आय वाले देशों में स्तन कैंसर के मामलों की दर स्थिर, कम आय वाले देशों में 147 फीसदी की बढ़ोतरी।फोटो साभार: आईस्टॉक
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सारांश
  • मौतों की बढ़ोतरी: 2023 में 764,000 मौतें, 2050 तक 14 लाख तक बढ़ने आशंका, वैश्विक स्वास्थ्य चुनौती।

  • आय के अनुसार अंतर : उच्च आय वाले देशों में मामलों की दर स्थिर, कम आय वाले देशों में 147 फीसदी की बढ़ोतरी।

  • उम्र और पूर्व-मेनोपॉजल कैंसर: 20-54 वर्ष की महिलाओं में 1990 से नए मामलों में 29 फीसदी की वृद्धि देखी गई।

  • नियंत्रित खतरे के कारण : दुनिया में 28 फीसदी खतरों के कारणों में से, जिसमें अधिक लाल मांस, तम्बाकू, उच्च बीएमआई प्रमुख हैं।

लैंसेट ऑन्कोलॉजी’ में प्रकाशित एक नए अध्ययन के अनुसार, दुनिया में स्तन कैंसर के नए मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। 2023 में 23 लाख नए मामले दर्ज किए गए थे, और विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2050 तक यह संख्या 35 लाख से अधिक तक पहुंच जाएगी, यानी लगभग एक तिहाई वृद्धि।

इसी तरह, हर साल होने वाली मौतों की संख्या भी बढ़ रही है। 2023 में स्तन कैंसर के कारण लगभग 764,000 महिलाओं की मौत हुई थी, जबकि 2050 तक यह संख्या 14 लाख तक बढ़ सकती है।

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मौतों में भिन्नता: देश और क्षेत्र अनुसार

1990 से स्तन कैंसर के कारण होने वाली मौतों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। सबसे बड़ी वृद्धि: लाओस (+214 फीसदी), बांग्लादेश (+91 फीसदी), वियतनाम (+80 फीसदी), इंडोनेशिया (+78 फीसदी), भारत (+74 फीसदी), जापान (+52 फीसदी), फिलीपींस (+41 फीसदी) में हुई है।

घटती हुई दर: चीन में मौतों की दर लगभग 37 फीसदी कम हुई है।

इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि कुछ देशों में स्तन कैंसर के उपचार और जांच के बेहतर साधन मौजूद हैं, जबकि कुछ देशों में संसाधनों की कमी है।

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उच्च और निम्न आय वाले देशों में अंतर

उच्च आय वाले देश: मोनाको, एंडोरा, फ्रांस, जर्मनी और आयरलैंड में स्तन कैंसर के नए मामलों की दर 100 प्रति 100,000 महिलाएं या उससे अधिक है।

निम्न और मध्यम आय वाले देश: अफगानिस्तान, सोमालिया, मोजाम्बिक में यह दर 13 प्रति 100,000 महिलाएं या उससे कम है।

1990 से अब तक, कम आय वाले देशों में नए मामलों की दर लगभग 147 फीसदी बढ़ी है, जबकि उच्च आय वाले देशों में यह स्थिर रही।

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मृत्यु दर

उच्च आय वाले देशों में मौतों की दर 30 फीसदी से घटकर 16 प्रति 100,000 महिलाओं हो गई है। कम आय वाले देशों में मृत्यु दर लगभग दोगुनी होकर 24 प्रति 100,000 महिलाओं हो गई है। यह अंतर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और समय पर उपचार की कमी को दर्शाता है।

उम्र और स्तन कैंसर

2023 में, स्तन कैंसर के नए मामलों में अधिकांश महिलाएं 55 वर्ष और उससे अधिक उम्र की थीं। 20-54 वर्ष की महिलाओं में नए मामलों की दर 1990 से 29 फीसदी बढ़ी है, जबकि बुजुर्ग महिलाओं में यह दर अधिक नहीं बदली। इसका मतलब है कि पूर्व-मेनोपॉजल महिलाओं में स्तन कैंसर बढ़ रहा है, जो जीवनशैली और खतरों में बदलाव के कारण हो सकता है।

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खतरों के पीछे के कारण और उनकी भूमिका

2023 में, दुनिया भर में स्तन कैंसर के 28 फीसदी मामलों का संबंध छह नियंत्रित करने योग्य खतरे के कारण थे -

  • अधिक लाल मांस का सेवन (लगभग 11 फीसदी स्वास्थ्य वर्ष का नुकसान)

  • तम्बाकू का उपयोग और पास-पास धूम्रपान (8 फीसदी)

  • उच्च रक्त शर्करा (6 फीसदी)

  • उच्च बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) (4 फीसदी)

  • अधिक शराब का सेवन (2 फीसदी)

  • कम शारीरिक गतिविधि (2 फीसदी)

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1990 से 2023 के बीच तम्बाकू और शराब से जुड़ा खतरा घटा है, लेकिन डाइट, मोटापा और उच्च रक्त शर्करा से जुड़े खतरों में कोई बड़ी कमी नहीं आई।

इस बात से साफ है कि जीवनशैली में बदलाव और सार्वजनिक स्वास्थ्य नीतियों का महत्व बहुत बड़ा है।

कम संसाधन वाले देशों की चुनौती

कम आय वाले देशों में, स्तन कैंसर का इलाज और निदान मुश्किल है। वहां अक्सर रेडियोथेरेपी मशीनों की कमी देखी गई है, कीमोथेरेपी दवाओं की उपलब्धता कम पाई गई, पैथोलॉजी लैब कम या अनुपलब्ध होना तथा इलाज का महंगा होना शामिल है। इन कारणों से, इन देशों में महिलाओं की मृत्यु दर अधिक है और स्वास्थ्य को होने वाला नुकसान भी ज्यादा है।

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सुधार और समाधान की दिशा

समान उपचार की पहुंच: सभी महिलाओं को समान उपचार और निदान सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए।

स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करना: रेडियोथेरेपी, कीमोथेरेपी और पैथोलॉजी जैसी सुविधाओं में निवेश।

लागत कम करना: सभी देशों में स्वास्थ्य बीमा और किफायती इलाज उपलब्ध कराना।

जीवनशैली सुधार: अधिक शारीरिक गतिविधि, संतुलित आहार और मोटापा नियंत्रण पर जोर।

आंकड़े और निगरानी: कैंसर रजिस्ट्री और आँकड़ों की गुणवत्ता बढ़ाना।

यदि ये कदम उठाए जाएं, तो भविष्य में स्तन कैंसर के मामलों और मौतों को काफी हद तक रोका जा सकता है।

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स्तन कैंसर महिलाओं में सबसे आम कैंसर है। उच्च आय वाले देशों में उपचार और जांच बेहतर होने के कारण मृत्यु दर घट रही है, लेकिन कम संसाधन वाले देशों में यह बढ़ रही है। जीवनशैली सुधार, समान इलाज की पहुंच और स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करना इस बीमारी के बढ़ते बोझ को कम करने के लिए आवश्यक हैं।

हालांकि रोकथाम महत्वपूर्ण है, लाखों महिलाएं अभी भी स्तन कैंसर से प्रभावित होंगी। इसलिए सभी महिलाओं को समान अवसर और इलाज उपलब्ध कराना सबसे जरूरी कदम है।

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