

राजस्थान एक बार फिर बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर चिंता के केंद्र में है। 26 अगस्त को खैरथल देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा, जहां एक्यूआई 196 दर्ज हुआ। खास बात यह है कि महज 24 घंटे में इसमें 82 अंकों की तेज बढ़ोतरी हुई।
खैरथल की हवा में पीएम2.5 जैसे महीन कणों का दबदबा है, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। देश के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में राजस्थान के चार शहर—खैरथल, पाली, श्रीगंगानगर और जैसलमेर—शामिल रहे।
इसके उलट मिजोरम की राजधानी आइजोल सबसे साफ शहर रही, जहां एक्यूआई सिर्फ 14 दर्ज किया गया। यानी खैरथल की हवा आइजोल के मुकाबले करीब 14 गुणा खराब रही।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 257 शहरों के आंकड़ों के मुताबिक 71 शहरों में हवा साफ, 146 में संतोषजनक और 40 शहरों में मध्यम श्रेणी की रही।
दिल्ली में बारिश के बाद कुछ राहत मिली और एक्यूआई 101 से घटकर 94 हो गया। फरीदाबाद में भी 107 से गिरकर 89 पर पहुंचा।
हालांकि देशभर के आंकड़े बताते हैं कि प्रदूषण का उतार-चढ़ाव लगातार जारी है और कई शहरों में पीएम2.5 व पीएम10 का स्तर चिंता बढ़ा रहा है।
सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 26 अगस्त 2026 को देश में खैरथल सबसे प्रदूषित रहा। इस दौरान वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 196 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। हालांकि कल (25 अगस्त) खैरथल में सूचकांक 114 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में 82 अंकों का भारी इजाफा हुआ है।
रुझानों में यह भी सामने आया है कि खैरथल की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।
खैरथल में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 1,200 फीसदी अधिक है।
दूसरी तरफ देश में आइजोल की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 14 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर खैरथल की तुलना आइजोल से करें तो वहां स्थिति 14 गुणा खराब है।
वहीं कल देश में लेह की स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 188 रिकॉर्ड किया गया था। हालांकि आज लेह में एक अंक के मामूली उछाल के साथ सूचकांक बढ़कर 189 पर पहुंच गया। हालांकि गुणवत्ता अभी भी मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।
दिल्ली में बारिश के बाद कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 101 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 94 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता में 7 अंकों का सुधार आया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी से संतोषजनक हो गई है।
2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 09 जुलाई को दर्ज किया गया, जब एक्यूआई 48 रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह 08 जुलाई 2026 को सूचकांक 59 और 07-26 अगस्त को 63 रिकॉर्ड किया गया। वहीं 04 अगस्त और 22 जुलाई 2026 को सूचकांक 64 दर्ज हुआ। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।
दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में कमी आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 107 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 89 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 18 अंक के सुधार के साथ फरीदाबाद में आज भी एक्यूआई मध्यम से संतोषजनक हो गई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 26 अगस्त 2026 को 257 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 27.6 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 56.8 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 15.6 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।
कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 17 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है। वहीं दूसरी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में 17.7 फीसदी की वृद्धि हुई है। रुझानों के मुताबिक मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में कल से करीब 2.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जोकि चिंता का विषय है।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में लेह (189) दूसरे जबकि गुम्मिडीपूंडी (185) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह हापुड़ (183) चौथे स्थान पर है। पाली (170) – कल्याण (153) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
भिवानी (136) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में श्री गंगानगर (136), चरखी दादरी (135) और जैसलमेर (134) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में राजस्थान के चार शहर (खैरथल, पाली, श्री गंगानगर, जैसलमेर) शामिल हैं।
विश्लेषण से यह भी पता चला है कि खैरथल, गुम्मिडीपूंडी, चरखी दादरी, खोरा, जींद, सासाराम और बर्नीहाट (असम) आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं। वहीं पाली, कल्याण, भिवानी, श्री गंगानगर, जैसलमेर, ग्रेटर नोएडा, वातवा, जालौर, विशाखापत्तनम, अंबरनाथ, नारनौल, सीकर, बाड़मेर, अहमदाबाद, छपरा, उदयपुर, बद्दी, बीकानेर, सिरोही, नागौर, मालेगांव, अमरावती (आंध्र प्रदेश), अंबाला, पानीपत, गांधीनगर, जोधपुर, सिवान और अलवर आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।
इन शहरों के विपरीत देश के 27.6 फीसदी यानी 71 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में भोपाल, भुवनेश्वर, बिलासपुर, ब्रजराजनगर, चामराजनगर, चंडीगढ़, चिक्काबल्लापुर, कटक, दमोह, देहरादून, धौलपुर, डोंबिवली, डूंगरपुर, फिरोजाबाद, गंगटोक, गुवाहाटी, हाजीपुर, हल्दिया, हुबली, झांसी, काकीनाडा, कलबुर्गी, कानपुर, कारवार, कटनी, खुर्जा, कोल्हापुर, कोरबा, कुरनूल, लातूर, लखनऊ, मदिकेरी, मैहर, मथुरा, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मुजफ्फरपुर, नाहरलागुन, नलबाड़ी, नासिक, पंपोर, प्रयागराज, पुडुचेरी, रायपुर, रामनगर, रतलाम, ऋषिकेश, राउरकेला आदि शामिल हैं।
इसी तरह देश के 146 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें बेगूसराय, बेलापुर, बेंगलुरु, बेतिया, भागलपुर, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, बिलीपाड़ा, बुलंदशहर, बूंदी, ब्यासनगर, चंद्रपुर, चेन्नई, छाल, चित्तौड़गढ़, चूरू, दौसा, दिल्ली, देवास, धारूहेड़ा, धुले, दुर्गापुर, एलूर, एलुरु, फरीदाबाद, फतेहाबाद, फतेहपुर सीकरी, गडग, गजरौला, गया, गाजियाबाद, गोरखपुर, गुंटूर, गुरुग्राम, ग्वालियर, हनुमानगढ़, हिंगोली, हिसार, हावड़ा, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जयपुर, जालंधर, जलगांव, जलना, झालावाड़, झुंझुनू, जोरापोखर, कडप्पा, कैथल, कन्नूर, करनाल, कटिहार, खन्ना, किशनगंज, कोहिमा, कोलकाता, कोटा, कुंजेमुरा, कुरुक्षेत्र, मछलीपट्टनम, महाड, मंडीदीप, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीखेड़ा, मानेसर, मंगुराहा, मेरठ, मेहसाणा, मिलुपारा, मोदीनगर, मोतिहारी, मुंबई, मुजफ्फरनगर, मैसूर, नागांव, नागपुर, नांदेड़, नंदेसरी, नवी मुंबई, नेल्लोर, पलवल, पंचकुला, परभणी आदि शहर शामिल हैं।
इन शहरों के उलट आज देश के 40 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
इनमें अहमदाबाद, अलवर, अमरावती (आंध्र प्रदेश), अंबाला, अंबरनाथ, बद्दी, बाड़मेर, भिवानी, बीकानेर, बर्नीहाट (असम), चरखी दादरी, छपरा, गांधीनगर, ग्रेटर नोएडा, गुम्मिडीपूंडी, हापुड़, जैसलमेर, जालौर, जींद, जोधपुर, कल्याण, खैरथल, खोरा, लेह, मालेगांव, नागौर, नारनौल, नोएडा, पाली, पंचगांव, पानीपत, सासाराम, सीकर, सिलीगुड़ी, सिरोही, सिवान, श्री गंगानगर, उदयपुर, वातवा और विशाखापत्तनम आदि शामिल हैं।
क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 257 में से 71 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 146 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 25 अगस्त को भी यह आंकड़ा 124 दर्ज किया गया था।
40 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।
दूसरे शहरों की तुलना में आज खैरथल में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 196 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। हालांकि कल (25 अगस्त) खैरथल में सूचकांक 114 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में 82 अंकों का भारी इजाफा हुआ है।
वहीं कल देश में लेह की स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 188 रिकॉर्ड किया गया था। हालांकि आज लेह में एक अंक के मामूली उछाल के साथ सूचकांक बढ़कर 189 पर पहुंच गया। हालांकि गुणवत्ता अभी भी मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।
दिल्ली में बारिश के बाद कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 101 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 94 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता में 7 अंकों का सुधार आया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी से संतोषजनक हो गई है।
दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में कमी आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 107 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 89 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 18 अंक के सुधार के साथ फरीदाबाद में आज भी एक्यूआई मध्यम से संतोषजनक हो गई है।
प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 26 अगस्त को हापुड़ (183) चौथे स्थान पर है, वहीं लेह (189) दूसरे, जबकि गुम्मिडीपूंडी (185) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 83, गाजियाबाद में 76, गुवाहाटी में 40, गुरूग्राम में 90, नोएडामें101, ग्रेटरनोएडामें126 परपहुंचगयाहै।
इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 52 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 39, चेन्नई में 88, चंडीगढ़ में 42, हैदराबाद में 51, जयपुर में 88 और पटना में 62 दर्ज किया गया।
इन शहरों में साफ रही हवा
देश के जिन 71 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा। इन शहरों में आइजोल, अररिया, औरंगाबाद (बिहार), बदलापुर, बारां, बरेली, भरतपुर, भिलाई, भिवंडी, भोपाल, भुवनेश्वर, बिलासपुर, ब्रजराजनगर, चामराजनगर, चंडीगढ़, चिक्काबल्लापुर, कटक, दमोह, देहरादून, धौलपुर, डोंबिवली, डूंगरपुर, फिरोजाबाद, गंगटोक, गुवाहाटी, हाजीपुर, हल्दिया, हुबली, झांसी, काकीनाडा, कलबुर्गी, कानपुर, कारवार, कटनी, खुर्जा, कोल्हापुर, कोरबा, कुरनूल, लातूर, लखनऊ, मदिकेरी, मैहर, मथुरा, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मुजफ्फरपुर, नाहरलागुन, नलबाड़ी, नासिक, पंपोर, प्रयागराज, पुडुचेरी, रायपुर, रामनगर, रतलाम, ऋषिकेश, राउरकेला, सागर, समस्तीपुर, सांगली, शामली, सिंगरौली, शिवसागर, टेन्सा, तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर, तिरुमाला, तुमडीह, वाराणसी, विरार और वृंदावन शामिल हैं।
वहीं अगरतला, आगरा, अहमदनगर, अजमेर, अकोला, अमरावती (महाराष्ट्र), अमृतसर, अनंतपुर, अंगुल, अंकलेश्वर, आरा, आसनसोल, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बागपत, बहादुरगढ़, बालासोर, बल्लभगढ़, बांसवाड़ा, बारबिल, बारीपाड़ा, बैरकपुर, बीड, बेगूसराय, बेलापुर, बेंगलुरु, बेतिया, भागलपुर, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, बिलीपाड़ा, बुलंदशहर, बूंदी, ब्यासनगर, चंद्रपुर, चेन्नई, छाल, चित्तौड़गढ़, चूरू, दौसा, दिल्ली, देवास, धारूहेड़ा, धुले, दुर्गापुर, एलूर, एलुरु, फरीदाबाद, फतेहाबाद, फतेहपुर सीकरी, गडग, गजरौला, गया, गाजियाबाद, गोरखपुर, गुंटूर, गुरुग्राम, ग्वालियर, हनुमानगढ़, हिंगोली, हिसार, हावड़ा, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जयपुर, जालंधर, जलगांव, जलना, झालावाड़, झुंझुनू, जोरापोखर, कडप्पा, कैथल, कन्नूर, करनाल, कटिहार, खन्ना, किशनगंज, कोहिमा, कोलकाता, कोटा, कुंजेमुरा, कुरुक्षेत्र, मछलीपट्टनम, महाड, मंडीदीप, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीखेड़ा, मानेसर, मंगुराहा, मेरठ, मेहसाणा, मिलुपारा, मोदीनगर, मोतिहारी, मुंबई, मुजफ्फरनगर, मैसूर, नागांव, नागपुर, नांदेड़, नंदेसरी, नवी मुंबई, नेल्लोर, पलवल, पंचकुला, परभणी, पटियाला, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, प्रतापगढ़, पुणे, पूर्णिया, रायबरेली, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, राजकोट, राजसमंद, रोहतक, रूपनगर, सहरसा, सतारा, सतना, सवाई माधोपुर, शिवमोगा, सिलचर, सिरसा, सोलापुर, सोनीपत, श्रीकाकुलम, श्रीनगर, सूरत, तालचेर, ठाणे, थूथुकुडी, तिरुपति, टोंक, उज्जैन, उल्हासनगर, वडोदरा, वापी, विजयवाड़ा, यादगीर और यमुना नगर आदि 146 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।
इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।
ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।
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