

देश में प्रदूषण का संकट गहराता जा रहा है। 3 अप्रैल 2026 को ग्रेटर नोएडा देश का सबसे प्रदूषित शहर बनकर सामने आया, जहां एक्यूआई 325 यानी ‘बेहद खराब’ स्तर पर पहुंच गया।
दिल्ली, गाजियाबाद, गुरुग्राम, नोएडा और फरीदाबाद समेत एनसीआर के कई शहरों में प्रदूषण तेजी से बढ़ा है।
पिछले 24 घंटों में दिल्ली का एक्यूआई 72 अंक बढ़कर 266 हो गया, जबकि देश में खराब हवा वाले शहरों की संख्या में 185 फीसदी का बड़ा उछाल दर्ज किया गया।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार 247 शहरों में से केवल 11 फीसदी शहरों में ही साफ हवा है, जबकि 37 फीसदी शहरों में हवा चिंताजनक स्तर पर पहुंच चुकी है।
विश्लेषण के मुताबिक 03 अप्रैल 2026 को देश में ग्रेटर नोएडा सबसे अधिक प्रदूषित शहर रहा। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 325 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। गौरतलब है कि कल से उत्तर प्रदेश के इस शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक में 43 अंकों का इजाफा हुआ है। मतलब कि वायु गुणवत्ता खराब से बेहद खराब हो गई है।
रुझानों में सामने आया है कि ग्रेटर नोएडा की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम10) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है। ग्रेटर नोएडा में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 600 फीसदी अधिक है।
दूसरी तरफ देश में मदिकेरी की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 21 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर ग्रेटर नोएडा की तुलना मदिकेरी से करें तो वहां स्थिति 15 गुणा खराब है।
बता दें कि इससे पहले कल अंगुल में वायु गुणवत्ता सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 303 दर्ज किया गया। हालांकि आज एक्यूआई घटकर 252 पर पहुंच गया है। मतलब कि वहां पिछले 24 घंटों में सूचकांक में 51 अंकों का सुधार आया है।
राजधानी दिल्ली में कल से प्रदूषण में इजाफा हुआ है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 194 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 266 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में सूचकांक में 72 अंकों की बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही दिल्ली में आज वायु गुणवत्ता मध्यम से गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है।
दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 178 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 209 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता आज मध्यम से खराब श्रेणी में पहुंच गई।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 03 अप्रैल 2026 को 247 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां महज 11.3 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 51.4 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 37.2 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।
बता दें कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 24.3 फीसदी की गिरावट आई है। इसी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में 2.3 फीसदी की कमी दर्ज की गई। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की बात करें तो इनकी संख्या में कल से 4.1 फीसदी की कमी आई है। दूसरी तरह खराब हवा वाले शहरों में कल से 185.7 फीसदी का उछाल आया है, जोकि चिंता का विषय है।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में गाजियाबाद (300) दूसरे जबकि गुरुग्राम (295) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह नोएडा (278) चौथे स्थान पर है। चरखी दादरी-दिल्ली में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 267 और 266 अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
बारबिल (263) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में रोहतक (260), मानेसर (259) और सिंगरौली (254) भी शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के चार शहर (गुरुग्राम, चरखी दादरी, रोहतक, मानेसर) शामिल हैं।
विश्लेषण से यह भी पता चला है कि गुरुग्राम, चरखी दादरी, रोहतक, मानेसर, जींद, अंबाला, फरीदाबाद, अररिया, बल्लभगढ़, नारनौल, हाजीपुर, आगरा, करनाल, भिवानी, सोनीपत, मुजफ्फरपुर, बर्नीहाट (असम), पंचगांव, वातवा, नलबाड़ी, चंद्रपुर, कोरबा, मोतिहारी, दुर्गापुर, कन्नूर, समस्तीपुर आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।
वहीं ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, नोएडा, दिल्ली, सिंगरौली, बिलीपाड़ा, भिवाड़ी, मेरठ, पाली, टोंक, बुलंदशहर, सिरसा, सवाई माधोपुर, नयागढ़, हापुड़, जयपुर, अजमेर, सीकर, नागौर, बागपत, भीलवाड़ा, झुंझुनू, हिसार, फतेहाबाद, वृंदावन, चूरू, जालोर, बूंदी, कुरुक्षेत्र, बीकानेर, खुर्जा, अलवर, करौली, चित्तौड़गढ़, सिवान, पटना, भरतपुर, सिरोही, बद्दी, ग्वालियर, सहरसा, ब्रजराजनगर, बर्नीहाट (मेघालय), मुरादाबाद, हनुमानगढ़, मिलुपारा, कोटा, लुधियाना, मेहसाणा, गांधीनगर, जोरापोखर, अंकलेश्वर, पीथमपुर, अहमदाबाद, कैथल, भिवंडी, वाराणसी, क्योंझर आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।
इन शहरों के विपरीत देश के 11.3 फीसदी यानी महज 28 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बागलकोट, भिलाई, चामराजनगर, कोयंबटूर, डिंडीगुल, एलुरु, हल्दिया, कलबुर्गी, कोहिमा, कोप्पल, मदिकेरी, मंगलौर, नाहरलागुन, नेल्लोर, पुदुचेरी, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, ऋषिकेश, रूपनगर, शिवसागर, श्रीनगर आदि शामिल हैं।
आज देश के जिन 127 शहरों में वायु गुणवत्ता सन्तोषजनक है, उनमें भोपाल, भुवनेश्वर, बिहार शरीफ, बिलासपुर, बोइसर, बक्सर, चंडीगढ़, चेन्नई, छाल, चिक्काबल्लापुर, चिक्कमगलुरु, चित्तूर, कटक, दौसा, देवास, धारवाड़, धौलपुर, धुले, डूंगरपुर, फिरोजाबाद, गंगटोक, गया, गोरखपुर, गुम्मिडीपूंडी, गुंटूर, गुवाहाटी, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जैसलमेर, जालंधर, लगांव, झांसी, जोधपुर, कडप्पा, कल्याण, कानपुर, कटिहार, कटनी, खन्ना, किशनगंज, कोल्हापुर, कोलकाता, कोल्लम, कुंजेमुरा, लातूर, लखनऊ, मछलीपट्टनम, महाद, मालेगांव, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीदीप, मंगुराहा, मीरा-भायंदर, मुंबई, मुंगेर, नागपुर, नांदेड़, नंदेसरी, नासिक, नवी मुंबई, पलवल, परभनी, पटियाला, पेरुंदुरई, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पुणे, पूर्णिया, रायबरेली, रायपुर, रायरंगपुर, राजकोट, राजसमंद, रामनगर, रतलाम, राउरकेला, सागर, सांगली, सासाराम, सतना, शिलांग आदि शामिल हैं।
इन शहरों के उलट आज देश के 71 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
इन शहरों में आगरा, अहमदाबाद, अजमेर, अलवर, अंकलेश्वर, अररिया, बद्दी, बागपत, बल्लभगढ़, बारां, भरतपुर, भीलवाड़ा, भिवंडी, भिवानी, बीकानेर, ब्रजराजनगर, बूंदी, ब्यासनगर, बर्नीहाट (असम), बर्नीहाट (मेघालय), चंद्रपुर, चित्तौड़गढ़, चूरू, दुर्गापुर, फतेहाबाद, गांधीनगर, ग्वालियर, हाजीपुर, हनुमानगढ़, हापुड़, हिसार, जयपुर, जालोर, झालावाड़, झुंझुनू, जोरापोखर, कैथल, कन्नूर, करौली, करनाल, क्योंझर, खुर्जा, कोरबा, कोटा, कुरुक्षेत्र, लुधियाना, मेहसाणा, मिलुपारा, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर, मैसूरु, नागांव, नागौर, नलबाड़ी, नारनौल, नयागढ़, पंचगांव, पटना, पीथमपुर, सहरसा, समस्तीपुर, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरोही, सिवान, सोनीपत, श्री गंगानगर, वाराणसी, वातवा, वृंदावन शामिल हैं।
इसी तरह अंबाला, अंगुल, बारबिल, भिवाड़ी, बिलीपाड़ा, बुलंदशहर, चरखी दादरी, दिल्ली, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गुरुग्राम, जींद, मानेसर, मेरठ, नोएडा, पाली, रोहतक, सिंगरौली, सिरसा, टोंक में वायु गुणवत्ता ‘खराब’, जबकि ग्रेटर नोएडा (325) में बेहद खराब है।
क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 247 में से महज 28 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 127 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 02 अप्रैल को यह आंकड़ा 130 दर्ज किया गया था।
71 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।
दूसरे शहरों की तुलना में आज ग्रेटर नोएडा में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 325 दर्ज किया गया। गौरतलब है कि कल से ग्रेटर नोएडा में प्रदूषण में इजाफा हुआ है जहां कल एक्यूआई 282 दर्ज किया गया था।
बता दें कि कल अंगुल में एक्यूआई 303 दर्ज किया गया था, जहां आज एक्यूआई घटकर 252 पर पहुंच गया है। मतलब कि वहां पिछले 24 घंटों में सूचकांक में 51 अंकों का सुधार आया है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में इजाफा हुआ है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 194 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 266 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में सूचकांक में 72 अंकों की बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही दिल्ली में आज वायु गुणवत्ता मध्यम से गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है।
दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 178 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 209 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता आज मध्यम से खराब श्रेणी में पहुंच गई।
प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 03 अप्रैल को नोएडा चौथे स्थान पर है, वहीं गाजियाबाद (300) दूसरे, जबकि गुरुग्राम (295) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 119, गाजियाबाद में 300, गुवाहाटी में 65, गुरूग्राम में 295, नोएडा में 278, ग्रेटर नोएडा में 325 पर पहुंच गया है।
इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 79 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 96, चेन्नई में 60, चंडीगढ़ में 71, हैदराबाद में 70, जयपुर में 194 और पटना में 128 दर्ज किया गया।
इन शहरों में साफ रही हवा
देश के जिन 28 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें अकोला, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अंबरनाथ, आरा, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बागलकोट, भिलाई, चामराजनगर, कोयंबटूर, डिंडीगुल, एलुरु, हल्दिया, कलबुर्गी, कोहिमा, कोप्पल, मदिकेरी, मंगलौर, नाहरलागुन, नेल्लोर, पुदुचेरी, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, ऋषिकेश, रूपनगर, शिवसागर, श्रीनगर, तिरुपति, विजयपुरा शामिल हैं।
वहीं अगरतला, अहमदनगर, आइजोल, अमरावती (महाराष्ट्र), अमृतसर, अनंतपुर, आसनसोल, बदलापुर, बहादुरगढ़, बालासोर, बांसवाड़ा, बरेली, बारीपदा, बाड़मेर, बैरकपुर, बठिंडा, बेगूसराय, बेलापुर, बेंगलुरु, भागलपुर, भावनगर, भोपाल, भुवनेश्वर, बिहार शरीफ, बिलासपुर, बोइसर, बक्सर, चंडीगढ़, चेन्नई, छाल, चिक्काबल्लापुर, चिक्कमगलुरु, चित्तूर, कटक, दौसा, देवास, धारवाड़, धौलपुर, धुले, डूंगरपुर, फिरोजाबाद, गंगटोक, गया, गोरखपुर, गुम्मिडीपूंडी, गुंटूर, गुवाहाटी, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जैसलमेर, जालंधर, लगांव, झांसी, जोधपुर, कडप्पा, कल्याण, कानपुर, कटिहार, कटनी, खन्ना, किशनगंज, कोल्हापुर, कोलकाता, कोल्लम, कुंजेमुरा, लातूर, लखनऊ, मछलीपट्टनम, महाद, मालेगांव, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीदीप, मंगुराहा, मीरा-भायंदर, मुंबई, मुंगेर, नागपुर, नांदेड़, नंदेसरी, नासिक, नवी मुंबई, पलवल, परभनी, पटियाला, पेरुंदुरई, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पुणे, पूर्णिया, रायबरेली, रायपुर, रायरंगपुर, राजकोट, राजसमंद, रामनगर, रतलाम, राउरकेला, सागर, सांगली, सासाराम, सतना, शिलांग, शिवमोगा, सिलचर, सिलीगुड़ी, सोलापुर, सुआकाती, सूरत, तालचेर, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, थूथुकुडी, त्रिशूर, तिरुमाला, तुमडीह, उदयपुर, उल्हासनगर, वडोदरा, वापी, विजयवाड़ा, विरार, विशाखापत्तनम, यादगीर आदि 127 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।
इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।
ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।
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