

सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण ने देश में वायु प्रदूषण की बदलती तस्वीर को फिर सामने ला दिया है। 09 अगस्त 2026 को महाराष्ट्र का हिंगोली लगातार तीसरे दिन देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा, जहां एक्यूआई 336 दर्ज किया गया। यह 08 अगस्त के 319 से 17 अंक अधिक है और ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है।
हिंगोली में प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से करीब 450 फीसदी अधिक रहा, जबकि हवा में ओजोन का दबदबा बना हुआ है।
इसके मुकाबले आइजोल महज 14 एक्यूआई के साथ देश का सबसे साफ शहर रहा। यानी हिंगोली की हवा आइजोल की तुलना में करीब 24 गुना अधिक प्रदूषित रही।
दिल्ली और फरीदाबाद में भी पिछले 24 घंटों में प्रदूषण बढ़ा है। दिल्ली का एक्यूआई 63 से बढ़कर 87 और फरीदाबाद का 93 से 98 हो गया, हालांकि दोनों शहरों में हवा अभी ‘संतोषजनक’ है।
देश के 244 शहरों में 91 में हवा साफ, 134 में संतोषजनक और 18 में मध्यम श्रेणी की रही। वहीं 10 सबसे प्रदूषित शहरों में राजस्थान के पाली और डूंगरपुर भी शामिल हैं।
यह तस्वीर बताती है कि देशभर में प्रदूषण का उतार-चढ़ाव जारी है और कुछ शहरों में हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं।
सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 09 अगस्त 2026 को देश में एक बार फिर हिंगोली सबसे प्रदूषित रहा। इस दौरान वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 336 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (08 अगस्त) को हिंगोली में सूचकांक 319 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से प्रदूषण के स्तर में 17 अंकों का इजाफा हुआ है।
रुझानों में यह भी सामने आया है कि हिंगोली की हवा में ओजोन पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।
हिंगोली में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 450 फीसदी अधिक है।
दूसरी तरफ देश में आइजोल की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 14 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर हिंगोली की तुलना आइजोल से करें तो वहां स्थिति 24 गुणा खराब है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 63 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 87 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता में 24 अंकों का उछाल आया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक बनी हुई है।
2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 09 जुलाई को दर्ज किया गया, जब एक्यूआई 48 रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह 08 जुलाई 2026 को सूचकांक 59 और 07-09 अगस्त को 63 रिकॉर्ड किया गया। वहीं 04 अगस्त और 22 जुलाई 2026 को सूचकांक 64 दर्ज हुआ। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।
दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 93 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 98 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 5 अंको के उछाल के बावजूद फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता आज भी संतोषजनक श्रेणी में बनी हुई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 09 अगस्त 2026 को 244 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 37.2 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 55 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 7.8 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।
कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 17.3 फीसदी की गिरावट आई है। दूसरी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में 16.5 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में कल से 18.2 फीसदी का कमी आई है, जोकि राहत की खबर है।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में चरखी दादरी (167) दूसरे जबकि पाली (149) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह ग्रेटर नोएडा (133) चौथे स्थान पर है। पीथमपुर (132) –गुम्मिडीपूंडी (120) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
मंडी गोबिंदगढ़ (119) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में सिलीगुड़ी (119), गुरुग्राम (117) और डूंगरपुर (114) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में राजस्थान के दो शहर (पाली, डूंगरपुर) शामिल हैं।
विश्लेषण से यह भी पता चला है कि चरखी दादरी, गुम्मिडीपूंडी, गुरुग्राम, खोरा आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं। वहीं पाली, ग्रेटर नोएडा, पीथमपुर, मंडी गोबिंदगढ़, जैसलमेर, वातवा, अंबाला, सिवान, पलवल, उदयपुर आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।
इन शहरों के विपरीत देश के 37.3 फीसदी यानी 91 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में कोयंबटूर, कटक, दमोह, धौलपुर, डोंबिवली, फतेहपुर सीकरी, फिरोजाबाद, गजरौला, गया, गुवाहाटी, हाजीपुर, हल्दिया, हिसार, हावड़ा, हैदराबाद, जबलपुर, जलगांव, जींद, कैथल, कलबुर्गी, कल्याण, करौली, किशनगंज, कोहिमा, कोल्हापुर, कोरबा, कुंजेमुरा, कुरुक्षेत्र, मदिकेरी, मैहर, मैंगलोर, मिलुपारा, मीरा-भायंदर, मोदीनगर, मुरादाबाद, मुंबई, मुजफ्फरपुर, नाहरलागुन, नासिक, नवी मुंबई, पंपोर, पंचकुला, परभणी, पटियाला, प्रयागराज, पुडुचेरी, रायपुर, रायरंगपुर, रामनगर, ऋषिकेश, रोहतक, राउरकेला, सागर, समस्तीपुर, शिलांग, सीकर, सोलापुर, श्रीनगर, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर, तिरुमाला, तुमडीह, वापी, वृंदावन आदि शामिल हैं।
इसी तरह देश के 134 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें बांसवाड़ा, बारां, बाड़मेर, बेगूसराय, बेंगलुरु, भागलपुर, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, भिवानी, भोपाल, बीकानेर, बोइसर, बुलंदशहर, बूंदी, बर्नीहाट (असम), बर्नीहाट (मेघालय), चंद्रपुर, चेन्नई, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, चूरू, दौसा, दिल्ली, देवास, धारूहेड़ा, धारवाड़, धुले, दुर्गापुर, एलुरु, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गडग, गांधीनगर, गाजियाबाद, गुंटूर, ग्वालियर, हनुमानगढ़, हुबली, इंदौर, जयपुर, जालंधर, जलना, जालोर, झालावाड़, झांसी, जोधपुर, जोरापोखर, कडप्पा, कन्नूर, कानपुर, करनाल, कारवार, खैरथल, खन्ना, खुर्जा, कोलकाता, कोटा, लातूर, लखनऊ, लुधियाना, मछलीपट्टनम, महाद, मालेगांव, मंडीदीप, मंडीखेड़ा, मानेसर, मंगुराहा, मथुरा, मेरठ, मेहसाणा, मुजफ्फरनगर, मैसूरु, नागौर, नागपुर, नांदेड़, नंदेसरी, नारनौल, नेल्लोर, नोएडा, पंचगांव, पानीपत, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रतापगढ़, पुणे, पूर्णिया, रायबरेली आदि शहर शामिल हैं।
इन शहरों के उलट आज देश के 18 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
इनमें अंबाला, बद्दी, चरखी दादरी, डूंगरपुर, ग्रेटर नोएडा, गुम्मिडीपूंडी, गुरुग्राम, जैसलमेर, झुंझुनू, खोरा, मंडी गोबिंदगढ़, पाली, पलवल, पीथमपुर, सिलीगुड़ी, सिवान, उदयपुर, वातवा आदि शामिल हैं। वहीं हिंगोली (336) में वायु गुणवत्ता बेहद खराब दर्ज की गई है।
क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 244 में से 91 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 134 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 08 अगस्त को भी यह आंकड़ा 115 दर्ज किया गया था।
18 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।
दूसरे शहरों की तुलना में आज एक बार फिर हिंगोली में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 336 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (08 अगस्त) को हिंगोली में सूचकांक 319 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से प्रदूषण के स्तर में 17 अंकों का इजाफा हुआ है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 63 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 87 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता में 24 अंकों का उछाल आया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक बनी हुई है।
दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 93 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 98 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 5 अंको के उछाल के बावजूद फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता आज भी संतोषजनक श्रेणी में बनी हुई है।
प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 09 अगस्त को ग्रेटर नोएडा (133) चौथे स्थान पर है, वहीं चरखी दादरी (167) दूसरे, जबकि पाली (149) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 80, गाजियाबाद में 82, गुवाहाटी में 38, गुरूग्राम में 117, नोएडा में 83, ग्रेटर नोएडा में 133 पर पहुंच गया है।
इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 45 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘बेहतर‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 61, चेन्नई में 70, चंडीगढ़ में 35, हैदराबाद में 50, जयपुर में 54 और पटना में 65 दर्ज किया गया।
इन शहरों में साफ रही हवा
देश के जिन 91 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें अहमदनगर, आइजोल, अकोला, अररिया, बदलापुर, बालासोर, बारबिल, बरेली, बैरकपुर, बठिंडा, बीड, बेलापुर, बेलगाम, बेतिया, भरतपुर, भिलाई, भिवंडी, भुवनेश्वर, बिलासपुर, ब्रजराजनगर, ब्यासनगर, चामराजनगर, चंडीगढ़, चिक्काबल्लापुर, चिक्कमगलुरु, कोयंबटूर, कटक, दमोह, धौलपुर, डोंबिवली, फतेहपुर सीकरी, फिरोजाबाद, गजरौला, गया, गुवाहाटी, हाजीपुर, हल्दिया, हिसार, हावड़ा, हैदराबाद, जबलपुर, जलगांव, जींद, कैथल, कलबुर्गी, कल्याण, करौली, किशनगंज, कोहिमा, कोल्हापुर, कोरबा, कुंजेमुरा, कुरुक्षेत्र, मदिकेरी, मैहर, मैंगलोर, मिलुपारा, मीरा-भायंदर, मोदीनगर, मुरादाबाद, मुंबई, मुजफ्फरपुर, नाहरलागुन, नासिक, नवी मुंबई, पंपोर, पंचकुला, परभणी, पटियाला, प्रयागराज, पुडुचेरी, रायपुर, रायरंगपुर, रामनगर, ऋषिकेश, रोहतक, राउरकेला, सागर, समस्तीपुर, शिलांग, सीकर, सोलापुर, श्रीनगर, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर, तिरुमाला, तुमडीह, वापी, वृंदावन और यादगीर शामिल हैं।
वहीं अगरतला, आगरा, अहमदाबाद, अलवर, अमरावती (आंध्र प्रदेश), अंबरनाथ, अमरावती (महाराष्ट्र), अमृतसर, अनंतपुर, अंगुल, अंकलेश्वर, आरा, आसनसोल, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बागपत, बहादुरगढ़, बल्लभगढ़, बांसवाड़ा, बारां, बाड़मेर, बेगूसराय, बेंगलुरु, भागलपुर, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, भिवानी, भोपाल, बीकानेर, बोइसर, बुलंदशहर, बूंदी, बर्नीहाट (असम), बर्नीहाट (मेघालय), चंद्रपुर, चेन्नई, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, चूरू, दौसा, दिल्ली, देवास, धारूहेड़ा, धारवाड़, धुले, दुर्गापुर, एलुरु, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गडग, गांधीनगर, गाजियाबाद, गुंटूर, ग्वालियर, हनुमानगढ़, हुबली, इंदौर, जयपुर, जालंधर, जलना, जालोर, झालावाड़, झांसी, जोधपुर, जोरापोखर, कडप्पा, कन्नूर, कानपुर, करनाल, कारवार, खैरथल, खन्ना, खुर्जा, कोलकाता, कोटा, लातूर, लखनऊ, लुधियाना, मछलीपट्टनम, महाद, मालेगांव, मंडीदीप, मंडीखेड़ा, मानेसर, मंगुराहा, मथुरा, मेरठ, मेहसाणा, मुजफ्फरनगर, मैसूरु, नागौर, नागपुर, नांदेड़, नंदेसरी, नारनौल, नेल्लोर, नोएडा, पंचगांव, पानीपत, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रतापगढ़, पुणे, पूर्णिया, रायबरेली, राजमहेंद्रवरम, राजकोट, राजसमंद, रतलाम, सहरसा, सांगली, सतारा, सतना, सवाई माधोपुर, शामली, शिवमोगा, सिलचर, सिंगरौली, सिरोही, सिरसा, सोनीपत, श्री गंगानगर, सूरत, टेन्सा, थूथुकुडी, तिरुपति, टोंक, उज्जैन, उल्हासनगर, वडोदरा, वाराणसी, विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम और यमुना नगर आदि 134 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।
इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।
ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।
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