

अंगुल और बालासोर में वायु प्रदूषण की स्थिति बेहद खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 310 और 301 दर्ज किया गया।
रुझानों में सामने आया है कि अंगुल की हवा में ओजोन पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।
दूसरी तरफ देश में श्रीनगर की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 30 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर में अंगुल की तुलना श्रीनगर से करें तो वहां स्थिति 10 गुणा खराब है।
दिल्ली और फरीदाबाद में हवा की गुणवत्ता में सुधार देखा गया है। दिल्ली में एक्यूआई 226 पर पहुंचा, जबकि फरीदाबाद में 129 दर्ज किया गया।
29 जनवरी 2026 को 242 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां महज 5.8 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 40.1 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 54.1 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं।
फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक 129 (-7) रिकॉर्ड किया गया है।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में बालासोर (301) दूसरे जबकि गुम्मिडीपूंडी (281) तीसरे स्थान पर है।
इसी तरह 272 अंकों के साथ गाजियाबाद चौथे स्थान पर है। सुआकाती-सिंगरौली में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 272 और 267 अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
बिलीपाड़ा (257) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में बूंदी (256), टोंक (254), कटक (253) भी शामिल हैं। आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में ओडिशा के चार शहर (अंगुल, बालासोर, सुआकाती, कटक) शामिल हैं।
विश्लेषण से पता चला है कि 29 जनवरी 2026 को देश में अंगुल की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित रही, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 310 दर्ज किया गया। इससे पहले 28 जनवरी को अंगुल में वायु गुणवत्ता सूचकांक 315 दर्ज किया गया। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में पांच अंकों का सुधार आया है। हालांकि अंगुल में वायु गुणवत्ता अभी भी बेहद खराब बनी हुई है।
रुझानों में सामने आया है कि अंगुल की हवा में ओजोन पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।
अंगुल में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 400 फीसदी अधिक है।
दूसरी तरफ देश में श्रीनगर की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 30 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर में अंगुल की तुलना श्रीनगर से करें तो वहां स्थिति 10 गुणा खराब है।
इससे पहले कल देश में सिंगरौली की हवा सबसे खराब थी, जब एक्यूआई 363 दर्ज किया गया था। हालांकि आज 96 अंकों के सुधार के साथ सिंगरौली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 267 पर पहुंच गया है।
राजधानी दिल्ली से जुड़े आंकड़ों को देखें तो कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। हालांकि वहां आज भी वायु गुणवत्ता खराब बनी हुई है। कल दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 255 दर्ज किया गया था, जो आज 29 जनवरी को 29 अंकों के सुधार के साथ घटकर 226 पर पहुंच गया है। इससे पहले 18 जनवरी को दिल्ली में 2026 का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया था, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 29 जनवरी 2026 को 242 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां महज 5.8 फीसदी शहरों में हवा साफ है।
वहीं 40.1 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 54.1 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज भी हवा चिंताजनक बनी हुई है।
बता दें कि कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 6.7 फीसदी की गिरावट आई है। इसी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में भी दो फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी तरफ मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की बात करें तो इनकी संख्या में करीब चार फीसदी का इजाफा हुआ है। इसी तरह खराब वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में भी कल से 36.8 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बेहद खराब हवा वाले शहरों की गिनती में कल से 60 फीसदी की कमी आई है, जोकि राहत की खबर है।
फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक 129 (-7) रिकॉर्ड किया गया है।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में बालासोर (301) दूसरे जबकि गुम्मिडीपूंडी (281) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह 272 अंकों के साथ गाजियाबाद चौथे स्थान पर है। सुआकाती-सिंगरौली में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 272 और 267 अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
बिलीपाड़ा (257) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में बूंदी (256), टोंक (254), कटक (253) भी शामिल हैं। गौरतलब है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में ओडिशा के चार शहर (अंगुल, बालासोर, सुआकाती, कटक) और राजस्थान के दो शहर (टोंक, बूंदी) शामिल हैं।
विश्लेषण से यह भी पता चला है कि बालासोर, गुम्मिडीपूंडी, गाजियाबाद, सुआकाती, सिंगरौली, बिलीपाड़ा, बूंदी, टोंक, ग्रेटर नोएडा, नोएडा, पीथमपुर, बारबिल, चरखी दादरी, गुरुग्राम, बारीपदा, विशाखापत्तनम, अमरावती (आंध्रप्रदेश), दिल्ली, सीकर, धारूहेड़ा, चित्तौड़गढ़, नारनौल, भीलवाड़ा, राजमहेंद्रवरम, हावड़ा, कोलकाता, नाहरलागुन, बागपत, क्योंझर, जयपुर, ब्रजराजनगर, बहादुरगढ़, वातवा, हल्दिया, तिरुमाला, आसनसोल, भिवाड़ी, बर्नीहाट, भुवनेश्वर, तालचेर, बल्लभगढ़, बारां, छाल, कोल्लम, मुजफ्फरनगर, नलबाड़ी, प्रतापगढ़, नागपुर, बुलंदशहर, दुर्गापुर, मानेसर, चेन्नई, मंगुराहा, एलूर, पुणे, सोनीपत, यादगीर आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।
वहीं कोटा, कुंजेमुरा, हनुमानगढ़, कल्याण, बीकानेर, तुमकुरु, चूरू, चंद्रपुर, धनबाद, सवाई माधोपुर, चिक्काबल्लापुर, राउरकेला, झुंझुनू, मेरठ, रामनगर, फरीदाबाद, सिलीगुड़ी, बद्दी, गुवाहाटी, बेलापुर, गांधीनगर, गया, अलवर, मालेगांव, रतलाम, तिरुवनंतपुरम, सहरसा, उल्हासनगर, अजमेर, अमृतसर, भोपाल, सोलापुर, लुधियाना, बदलापुर, भिवंडी, श्री गंगानगर, रायरंगपुर, उदयपुर, आगरा, कुरुक्षेत्र, कन्नूर, मीरा-भायंदर, पटना, पुडुकोट्टई, धुले, पिंपरी-चिंचवाड़, बांसवाड़ा, भरतपुर आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।
इन शहरों के विपरीत देश के 5.8 फीसदी यानी महज 14 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में फिरोजाबाद, गंगटोक, झांसी, करनाल, मदिकेरी, पलवल, पंचगांव, रूपनगर, श्रीनगर, तंजावुर, वृंदावन आदि शामिल हैं।
आज देश के जिन 97 शहरों में वायु गुणवत्ता सन्तोषजनक है, उनमें दौसा, देहरादून, धारवाड़, धौलपुर, गोरखपुर, हापुड़, हिसार, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जैसलमेर, जालंधर, जलगांव, जलना, जालोर, जोधपुर, कडप्पा, कलबुर्गी, कानपुर, करौली, कटिहार, कटनी, खन्ना, खुर्जा, किशनगंज, कोहिमा, कोल्हापुर, कोरबा, लातूर, लखनऊ, मदुरै, महाड, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीखेड़ा, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुंबई, मैसूर, नागपट्टिनम, नागौर, नासिक, नवी मुंबई, पाली, पंपोर, पंचकुला, पानीपत, परभनी, पटियाला, पेरुंदुरई, प्रयागराज, रायपुर, राजगीर, रामनाथपुरम, ऋषिकेश आदि शामिल हैं।
इन शहरों के उलट आज देश के 103 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
इन शहरों में आगरा, अहमदाबाद, अजमेर, अलवर, अमृतसर, अररिया, आसनसोल, बद्दी, बदलापुर, बागपत, बहादुरगढ़, बल्लभगढ़, बांसवाड़ा, बारां, बैरकपुर, बेगूसराय, बेलापुर, बेंगलुरु, भरतपुर, भिवाड़ी, भिवंडी, भोपाल, भुवनेश्वर, बीकानेर, ब्रजराजनगर, बुलंदशहर, बर्नीहाट, चंद्रपुर, चेन्नई, छाल, चिक्काबल्लापुर, चूरू, कोयंबटूर, देवास, धनबाद, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलूर, रीदाबाद, गांधीनगर, गया, गुवाहाटी, ग्वालियर, हाजीपुर, हल्दिया, हनुमानगढ़, जबलपुर, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनू, जींद, कल्याण, कन्नूर, क्योंझर, कोलकाता, कोल्लम, कोटा, कुंजेमुरा, कुरुक्षेत्र, लुधियाना, मालेगांव, मंडीदीप, मानेसर, मंगुराहा, मेरठ, मिलुपारा, मीरा-भायंदर, मुंगेर, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नागांव, नागपुर, नाहरलागुन, नलबाड़ी, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रतापगढ़, पुदुचेरी, पुडुकोट्टई, पुणे, पूर्णिया, रायरंगपुर, राजसमंद, रामनगर, रतलाम, रोहतक, राउरकेला, सहरसा, सवाई माधोपुर, शिलांग, सिलीगुड़ी, सोलापुर, सोनीपत, श्री गंगानगर, तालचेर, तिरुवनंतपुरम, तिरुमाला, तुमकुरु, उदयपुर, उल्हासनगर, वातवा, यादगीर शामिल हैं।
आंकड़ों में यह भी सामने आया है कि आज देश के 26 शहरों में वायु गुणवत्ता खराब है। इन शहरों में अमरावती (आंध्रप्रदेश), बारबिल, बारीपदा, भीलवाड़ा, बिलीपाड़ा, बूंदी, ब्यासनगर, चरखी दादरी, चित्तौड़गढ़, कटक, दिल्ली, धारूहेड़ा, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुम्मिडीपूंडी, गुरुग्राम, हावड़ा, नारनौल, नोएडा, पीथमपुर, राजमहेंद्रवरम, सीकर, सिंगरौली, सुआकाती, टोंक, विशाखापत्तनम शामिल हैं। वहीं अंगुल-बालासोर में वायु गुणवत्ता 'बेहद खराब' है।
क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 242 में से महज 14 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 97 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 28 जनवरी 2026 को यह आंकड़ा 99 दर्ज किया गया था।
103 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' (101-200 के बीच) बनी हुई है।
दूसरे शहरों की तुलना में आज अंगुल (310) में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। आंकड़ों के मुताबिक अंगुल में कल से एक्यूआई में पांच अंकों का सुधार आया है। हालांकि वायु गुणवत्ता अभी भी बेहद खराब बनी हुई है। बता दें कल अंगुल में एक्यूआई 315 दर्ज किया गया था।
इससे पहले कल देश में सिंगरौलीकी हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित थी, जब एक्यूआई बढ़कर 363 तक पहुंच गया था। हालांकि आज 96 अंकों के भारी सुधार के साथ सिंगरौलीमें सूचकांक 267 पर पहुंच गया है।
दिल्ली में आज प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक 255 दर्ज किया गया, जो आज घटकर 226 पर पहुंच गया है। मतलब कि कल से दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में 29 अंकों की गिरावट आई है। हालांकि चिंता की बात यह है कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता अभी भी मानकों से 1,400 फीसदी अधिक खराब है।
दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में गिरावट दर्ज की गई है, जहां सूचकांक 129 (-7) रिकॉर्ड किया गया। इसका मतलब है कि फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता आज भी मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।
प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 29 जनवरी को गाजियाबाद चौथे स्थान पर है, वहीं बालासोर (301) दूसरे, जबकि गुम्मिडीपूंडी (281) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 122, गाजियाबाद में 281, गुवाहाटी में 126, गुरूग्राम में 232, नोएडा में 247, ग्रेटर नोएडा में 250 पर पहुंच गया है।
इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 94 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 89, चेन्नई में 140, चंडीगढ़ में 64, हैदराबाद में 88, जयपुर में 190 और पटना में 103 दर्ज किया गया।
इन शहरों में साफ रही हवा
देश के जिन 14 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें अंबाला, बागलकोट, चामराजनगर, फिरोजाबाद, गंगटोक, झांसी, करनाल, मदिकेरी, पलवल, पंचगांव, रूपनगर, श्रीनगर, तंजावुर, वृंदावन शामिल हैं।
वहीं अहमदनगर, आइजोल, अकोला, अमरावती (महाराष्ट्र), अनंतपुर, अंकलेश्वर, आरा, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बरेली, बाड़मेर, बठिंडा, बेलगाम, भागलपुर, भिलाई, बिहार शरीफ, बिलासपुर, बोइसर, बक्सर, चंडीगढ़, छपरा, चिक्कमगलुरु, चित्तूर, दौसा, देहरादून, धारवाड़, धौलपुर, गोरखपुर, हापुड़, हिसार, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जैसलमेर, जालंधर, जलगांव, जलना, जालोर, जोधपुर, कडप्पा, कलबुर्गी, कानपुर, करौली, कटिहार, कटनी, खन्ना, खुर्जा, किशनगंज, कोहिमा, कोल्हापुर, कोरबा, लातूर, लखनऊ, मदुरै, महाड, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीखेड़ा, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुंबई, मैसूर, नागपट्टिनम, नागौर, नासिक, नवी मुंबई, पाली, पंपोर, पंचकुला, पानीपत, परभनी, पटियाला, पेरुंदुरई, प्रयागराज, रायपुर, राजगीर, रामनाथपुरम, ऋषिकेश, सागर, समस्तीपुर, सांगली, सासाराम, सतना, शिवमोगा, सिलचर, सिरोही, शिवसागर, सिवान, सूरत, ठाणे, थूथुकुडी, त्रिशूर, तिरुपति, वापी, वाराणसी, विजयपुरा, विजयवाड़ा, विरार, यमुना नगर आदि 97 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।
इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।
ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।
कल देश में वायु गुणवत्ता की स्थिति कैसी थी इसकी जानकारी आप डाउन टू अर्थ के एयर क्वालिटी ट्रैकर के पिछले अंक से प्राप्त कर सकते हैं:
प्रदूषण का हाल: सिंगरौली में बढ़कर 363 पर पहुंचा एक्यूआई, दिल्ली-गाजियाबाद में आया सुधार