

आज देश में गाजियाबाद की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित रही, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक 303 तक पहुंच गया। गाजियाबाद में प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से 1,900 फीसदी अधिक है, जबकि दूसरी तरफ दमोह की हवा सबसे साफ है।
रुझानों में सामने आया है कि गाजियाबाद की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) पूरी तरह हावी है। इससे पहले कल देश में अंगुल की हवा सबसे खराब थी, जब एक्यूआई 310 दर्ज किया गया था। हालांकि आज 15 अंकों के सुधार के साथ अंगुल में वायु गुणवत्ता सूचकांक 295 पर पहुंच गया है।
दिल्ली से जुड़े आंकड़ों को देखें तो कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि वहां आज भी वायु गुणवत्ता खराब बनी हुई है। कल दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 226 दर्ज किया गया था, जो आज 30 जनवरी को 27 अंकों के उछाल के साथ बढ़कर 253 पर पहुंच गया है।
30 जनवरी 2026 को जारी आंकड़ों के अनुसार, देश के 240 शहरों में से केवल 11 शहरों में हवा साफ है। वहीं 39.2 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 56.3 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं।
फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक 144 (+15) रिकॉर्ड किया गया है।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में अंगुल (295) दूसरे जबकि बल्लभगढ़ (278) तीसरे स्थान पर है।
इसी तरह 269 अंकों के साथ गुम्मिडीपूंडी चौथे स्थान पर है। गुरुग्राम-चरखी दादरी में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 268 और 262 अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
सुआकाती (258) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में नोएडा (257), सिंगरौली (256), और टोंक (256) भी शामिल हैं। आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के तीन शहर(गुरुग्राम, बल्लभगढ़, चरखी दादरी) शामिल हैं।
विश्लेषण से पता चला है कि 30 जनवरी 2026 को देश में गाजियाबाद की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित रही, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 303 दर्ज किया गया। इससे पहले 29 जनवरी को गाजियाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक 272 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में 31 अंकों का उछाल आया है। इसके साथ ही गाजियाबाद में वायु गुणवत्ता खराब से बेहद खराब हो गई है।
रुझानों में सामने आया है कि गाजियाबाद की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।
गाजियाबाद में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 1,900 फीसदी अधिक है।
दूसरी तरफ देश में दमोह की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 16 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर गाजियाबाद की तुलना दमोह से करें तो वहां स्थिति 18 गुणा खराब है।
इससे पहले कल देश में अंगुल की हवा सबसे खराब थी, जब एक्यूआई 310 दर्ज किया गया था। हालांकि आज 15 अंकों के सुधार के साथ अंगुल में वायु गुणवत्ता सूचकांक 295 पर पहुंच गया है।
राजधानी दिल्ली से जुड़े आंकड़ों को देखें तो कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि वहां आज भी वायु गुणवत्ता खराब बनी हुई है। कल दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 226 दर्ज किया गया था, जो आज 30 जनवरी को 27 अंकों के उछाल के साथ बढ़कर 253 पर पहुंच गया है। इससे पहले 18 जनवरी को दिल्ली में 2026 का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया था, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 30 जनवरी 2026 को 240 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां महज 4.6 फीसदी शहरों में हवा साफ है।
वहीं 39.2 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 56.3 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज भी हवा चिंताजनक बनी हुई है।
बता दें कि कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 21.4 फीसदी की गिरावट आई है। इसी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में भी 3.1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी तरफ मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की बात करें तो इनकी संख्या में करीब चार फीसदी का इजाफा हुआ है। इसी तरह खराब वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में भी कल से 3.8 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बेहद खराब हवा वाले शहरों की गिनती में कल से 50 फीसदी की कमी आई है, जोकि राहत की खबर है।
फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक 144 (+15) रिकॉर्ड किया गया है।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में अंगुल (295) दूसरे जबकि बल्लभगढ़ (278) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह 269 अंकों के साथ गुम्मिडीपूंडी चौथे स्थान पर है। गुरुग्राम-चरखी दादरी में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 268 और 262 अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
सुआकाती (258) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में नोएडा (257), सिंगरौली (256), और टोंक (256) भी शामिल हैं। गौरतलब है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के तीन (गुरुग्राम, बल्लभगढ़, चरखी दादरी) और उत्तर प्रदेश के दो शहर (गाजियाबाद, नोएडा) शामिल हैं।
विश्लेषण से यह भी पता चला है कि गाजियाबाद, गुम्मिडीपूंडी, गुरुग्राम, चरखी दादरी, सुआकाती, नोएडा, सिंगरौली, टोंक, दिल्ली, विशाखापत्तनम, ग्रेटर नोएडा, बालासोर, कोल्लम, क्योंझर, मंडी गोबिंदगढ़, अमरावती (आंध्रप्रदेश), भिवाड़ी, बारीपदा, बागपत, भीलवाड़ा, धारूहेड़ा, चित्तौड़गढ़, नाहरलागुन, बूंदी, ब्यासनगर, सीकर, तुमकुरु, जयपुर, नारनौल, पीथमपुर, मुजफ्फरनगर, उदयपुर, मंडीदीप, बारबिल, बहादुरगढ़, भुवनेश्वर, तिरुमाला, कोलकाता, धुले, प्रतापगढ़, चेन्नई, चिक्काबल्लापुर, उल्हासनगर, पुणे, एलूर, जालोर, मालेगांव, बर्नीहाट, बदलापुर, वातवा, मानेसर, नागपुर, जींद, अंकलेश्वर, हल्दिया, ग्वालियर, राजसमंद, छाल, तालचेर, बेलापुर, पाली, मीरा-भायंदर, बुलंदशहर आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।
वहीं बल्लभगढ़, हनुमानगढ़, बिलीपाड़ा, कोटा, कुंजेमुरा, बद्दी, झुंझुनू, तिरुवनंतपुरम, ब्रजराजनगर, चूरू, हावड़ा, कल्याण, बीकानेर, भिवंडी, गुवाहाटी, फरीदाबाद, रामनगर, चंद्रपुर, नवी मुंबई, मेरठ, आगरा, मुंबई, सोलापुर, मिलुपारा, महाड, पिंपरी-चिंचवाड़, राउरकेला, गया, रतलाम, विरार, सवाई माधोपुर, श्री गंगानगर, अहमदाबाद, अलवर, ठाणे, भोपाल, लखनऊ, अजमेर, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), दौसा, रायरंगपुर, खुर्जा, अहमदनगर, कुरुक्षेत्र, नांदेड़, नागौर, जलगांव, मदुरै, सिलीगुड़ी, धनबाद, परभनी, मंडीखेड़ा आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।
इन शहरों के विपरीत देश के 4.6 फीसदी यानी महज 11 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में दमोह, झांसी, कलबुर्गी, करनाल, किशनगंज, पलवल, पंपोर, पंचकुला, श्रीनगर आदि शामिल हैं।
आज देश के जिन 94 शहरों में वायु गुणवत्ता सन्तोषजनक है, उनमें गोरखपुर, हिसार, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जैसलमेर, जालंधर, जलना, जोधपुर, कडप्पा, कैथल, कन्नूर, कानपुर, करौली, कटिहार, कटनी, खन्ना, कोहिमा, कोल्हापुर, कोरबा, लातूर, लुधियाना, मदिकेरी, मंगुराहा, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, मैसूर, नासिक, पानीपत, पटियाला, पटना, पेरुंदुरई, प्रयागराज, पुडुकोट्टई, पूर्णिया, रायपुर, राजगीर, रामनाथपुरम, रूपनगर, सागर, सहरसा, सांगली, सासाराम, सतना, शिलांग, शिवमोगा आदि शामिल हैं।
इन शहरों के उलट आज देश के 107 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
इन शहरों में आगरा, अहमदाबाद, अहमदनगर, अजमेर, अलवर, अंकलेश्वर, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बद्दी, बदलापुर, बहादुरगढ़, बारबिल, बैरकपुर, बेगूसराय, बेलापुर, बेंगलुरु, भिवंडी, भोपाल, भुवनेश्वर, बीकानेर, बिलीपाड़ा, बोइसर, ब्रजराजनगर, बुलंदशहर, ब्यासनगर, बर्नीहाट, चंद्रपुर, चेन्नई, छाल, चिक्काबल्लापुर, चूरू, कोयंबटूर, दौसा, दावनगेरे, देहरादून, देवास, धनबाद, धुले, डूंगरपुर, एलूर, फरीदाबाद, गया, गुवाहाटी, ग्वालियर, हल्दिया, हापुड़, हावड़ा, जयपुर, जलगांव, जालोर, झालावाड़, झुंझुनू, जींद, कल्याण, खुर्जा, कोलकाता, कोटा, कुंजेमुरा, कुरुक्षेत्र, लखनऊ, मदुरै, महाड, मालेगांव, मंडीदीप, मंडीखेड़ा, मानेसर, मेरठ, मिलुपारा, मीरा-भायंदर, मुंबई, मुजफ्फरनगर, नागौर, नागपुर, नलबाड़ी, नांदेड़, नारनौल, नवी मुंबई, पाली, पंचगांव, परभनी, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, प्रतापगढ़, पुदुचेरी, पुणे, रायरंगपुर, राजसमंद, रामनगर, रतलाम, रोहतक, राउरकेला, सवाई माधोपुर, सीकर, सिलीगुड़ी, सोलापुर, श्री गंगानगर, तालचेर, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, तिरुमाला, तिरुपति, तुमकुरु, उदयपुर, उज्जैन, उल्हासनगर, वातवा, विरार, यादगीर शामिल हैं।
आंकड़ों में यह भी सामने आया है कि आज देश के 27 शहरों में वायु गुणवत्ता खराब है। इन शहरों में अमरावती (आंध्रप्रदेश), अंगुल, बागपत, बालासोर, बल्लभगढ़, बारीपदा, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, बूंदी, चरखी दादरी, चित्तौड़गढ़, कटक, दिल्ली, धारूहेड़ा, ग्रेटर एडा, गुम्मिडीपूंडी, गुरुग्राम, हनुमानगढ़, क्योंझर, कोल्लम, मंडी गोबिंदगढ़, नाहरलागुन, नोएडा, सिंगरौली, सुआकाती, टोंक, विशाखापत्तनम शामिल हैं।
वहीं गाजियाबाद में वायु गुणवत्ता 'बेहद खराब' है।
क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 240 में से महज 11 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 94 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 29 जनवरी 2026 को यह आंकड़ा 97 दर्ज किया गया था।
107 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' (101-200 के बीच) बनी हुई है।
दूसरे शहरों की तुलना में आज गाजियाबाद (303) में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां कल से प्रदूषण में इजाफा हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक गाजियाबाद में कल से एक्यूआई में 31 अंकों का उछाल आया है। इसके साथ ही वायु गुणवत्ता खराब से बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई है। बता दें कल गाजियाबाद में एक्यूआई 272 दर्ज किया गया था।
इससे पहले कल देश में अंगुल की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित थी, जब एक्यूआई बढ़कर 310 तक पहुंच गया था। हालांकि आज 15 अंकों के सुधार के साथ अंगुल में सूचकांक 295 पर पहुंच गया है।
दिल्ली में आज प्रदूषण में इजाफा हुआ है। दिल्ली में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक 226 दर्ज किया गया, जो आज बढ़कर 253 पर पहुंच गया है। मतलब कि कल से दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में 27 अंकों का उछाल आया है। चिंता की बात यह है कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता अभी भी मानकों से 1,500 फीसदी अधिक खराब है।
दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है, जहां सूचकांक 144 (+15) रिकॉर्ड किया गया। इसका मतलब है कि फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता आज भी मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।
प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 30 जनवरी को गुम्मिडीपूंडी चौथे स्थान पर है, वहीं अंगुल (295) दूसरे, जबकि बल्लभगढ़ (278) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 148, गाजियाबाद में 303, गुवाहाटी में 145, गुरूग्राम में 268, नोएडा में 257, ग्रेटर नोएडा में 248 पर पहुंच गया है।
इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 127 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 113, चेन्नई में 163, चंडीगढ़ में 79, हैदराबाद में 92, जयपुर में 198 और पटना में 92 दर्ज किया गया।
इन शहरों में साफ रही हवा
देश के जिन 11 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें बागलकोट, बेतिया, दमोह, झांसी, कलबुर्गी, करनाल, किशनगंज, पलवल, पंपोर, पंचकुला, श्रीनगर शामिल हैं।
वहीं आइजोल, अकोला, अंबाला, अमरावती (महाराष्ट्र), अमृतसर, अनंतपुर, अररिया, आरा, आसनसोल, बांसवाड़ा, बारां, बरेली, बाड़मेर, बठिंडा, बेलगाम, भागलपुर, भरतपुर, भिलाई, बिहार शरीफ, बिलासपुर, बक्सर, चामराजनगर, चंडीगढ़, छपरा, चिक्कमगलुरु, चित्तूर, धारवाड़, दुर्गापुर, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, गांधीनगर, गंगटोक, गोरखपुर, हिसार, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जैसलमेर, जालंधर, जलना, जोधपुर, कडप्पा, कैथल, कन्नूर, कानपुर, करौली, कटिहार, कटनी, खन्ना, कोहिमा, कोल्हापुर, कोरबा, लातूर, लुधियाना, मदिकेरी, मंगुराहा, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, मैसूर, नासिक, पानीपत, पटियाला, पटना, पेरुंदुरई, प्रयागराज, पुडुकोट्टई, पूर्णिया, रायपुर, राजगीर, रामनाथपुरम, रूपनगर, सागर, सहरसा, सांगली, सासाराम, सतना, शिलांग, शिवमोगा, सिलचर, सिरोही, सिरसा, शिवसागर, सिवान, सूरत, थूथुकुडी, त्रिशूर, वाराणसी, विजयपुरा, विजयवाड़ा, वृंदावन, यमुना नगर आदि 94 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।
इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।
ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।
कल देश में वायु गुणवत्ता की स्थिति कैसी थी इसकी जानकारी आप डाउन टू अर्थ के एयर क्वालिटी ट्रैकर के पिछले अंक से प्राप्त कर सकते हैं:
अंगुल-बालासोर में प्रदूषण से स्थिति ‘बेहद खराब’, दिल्ली-फरीदाबाद में सुधरी हवा