मेघालय का बर्नीहाट बना देश का सबसे प्रदूषित शहर, दिल्ली-एनसीआर में सुधरी हवा

दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 263 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 152 पर पहुंच गया
बढ़ते प्रदूषण के साथ हवा में घुला जहर लोगों को बहुत ज्यादा बीमार बना रहा है, बच्चे और बुजुर्ग इसका सबसे ज्यादा शिकार बन रहे हैं; फोटो: आईस्टॉक
बढ़ते प्रदूषण के साथ हवा में घुला जहर लोगों को बहुत ज्यादा बीमार बना रहा है, बच्चे और बुजुर्ग इसका सबसे ज्यादा शिकार बन रहे हैं; फोटो: आईस्टॉक
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सारांश
  • मेघालय का बर्नीहाट 18 अप्रैल 2026 को देश का सबसे प्रदूषित शहर बनकर उभरा, जहां एक ही दिन में एक्यूआई 122 से उछलकर 280 पहुंच गया, जो हवा में तेजी से बढ़ते खतरे का संकेत है। पीएम10 कणों के दबदबे ने हालात को और गंभीर बना दिया है, जहां प्रदूषण स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों से 500 फीसदी अधिक दर्ज किया गया।

  • इसके उलट पुदुचेरी में हवा सबसे साफ रही, जो देश के भीतर प्रदूषण की चरम असमानता को दर्शाती है।

  • हालांकि राहत की बात यह है कि दिल्ली-एनसीआर में हालात सुधरे हैं—दिल्ली, गाजियाबाद और फरीदाबाद में एक्यूआई में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। कुल मिलाकर, देश के अधिकतर शहरों में हवा ‘संतोषजनक’ श्रेणी में पहुंच गई है और खराब श्रेणी वाले शहरों की संख्या में बड़ी कमी आई है।

  • कुल मिलकर कहें तो देश में प्रदूषण का पैटर्न तेजी से बदल रहा है, जहां एक ओर कुछ शहरों में हालात विस्फोटक हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई शहरों में सुधार के संकेत मिल रहे हैं, जो बताता है कि हवा की गुणवत्ता अब भी बेहद अस्थिर और चिंता का विषय बनी हुई है।

सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 18 अप्रैल 2026 को देश में मेघालय का बर्नीहाट सबसे अधिक प्रदूषित शहर रहा। इस दौरान वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 280 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। गौरतलब है कि कल बर्नीहाट में वायु गुणवत्ता सूचकांक 122 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में 158 अंकों का भारी उछाल आया है।

रुझानों में यह भी सामने आया है कि बर्नीहाट की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम10) पूरी तरह हावी हैं। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है। बर्नीहाट में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 500 फीसदी अधिक है।

दूसरी तरफ देश में पुदुचेरी की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 21 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर बर्नीहाट की तुलना पुदुचेरी से करें तो वहां स्थिति 13 गुणा खराब है।

इससे पहले कल देश में गाजियाबाद की स्थिति सबसे खराब थी, जब एक्यूआई 346 रिकॉर्ड किया गया था। हालांकि आज 152 अंकों के सुधार के साथ गाजियाबाद में सूचकांक गिरकर 194 तक पहुंच गया।

राजधानी दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 263 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 152 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां सूचकांक में 111 अंकों का भारी सुधार दर्ज किया गया। इसके साथ ही दिल्ली में वायु गुणवत्ता खराब से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है।

बता दें कि 2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 20 मार्च और आठ अप्रैल 2026 को दर्ज किया गया, जब एक्यूआई 93 पर पहुंच गया था। इसके बाद 01 अप्रैल को सूचकांक 113 दर्ज क्या गया। वहीं आज सूचकांक 114 रिकॉर्ड किया गया है। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया था, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।

दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 187 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 126 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि वायु गुणवत्ता आज भी मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 18 अप्रैल 2026 को 249 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 10 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 49.4 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 40.6 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।

कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 4.2 फीसदी का इजाफा हुआ है। दूसरी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में 3.1 फीसदी की गिरावट आई है। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की बात करें तो इनकी संख्या में कल से करीब 28.4 फीसदी का इजाफा हुआ है। दूसरी तरफ खराब हवा वाले शहरों की गिनती में करीब 57.1 फीसदी की गिरावट आई है, जोकि राहत की खबर है।

आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में मंगुराहा (270) दूसरे जबकि मैसूर (257) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह सिंगरौली (237) चौथे स्थान पर है। टोंक-सवाई माधोपुर में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 210 और 203 अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं।

गाजियाबाद (194) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में बल्लभगढ़ (192), कुरुक्षेत्र (188) और मेरठ (185) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में उत्तरप्रदेश के दो शहर (गाजियाबाद, मेरठ) शामिल हैं।

विश्लेषण से यह भी पता चला है कि मंगुराहा, नंदेसरी, लखनऊ, ग्वालियर, जींद, गुरुग्राम, करनाल, चरखी दादरी, मंडीदीप, बिलासपुर, भिवाड़ी, अंबाला, वडोदरा, बहादुरगढ़, भागलपुर, कैथल, बर्नीहाट (असम), रोहतक, जयपुर, वाराणसी, फरीदाबाद, गया, मंडी गोबिंदगढ़, मानेसर, पंचगांव, पटना, नारनौल, गुवाहाटी, नागपुर, वातवा, गोरखपुर, कानपुर आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।

वहीं बर्नीहाट (मेघालय), सिंगरौली, टोंक, सवाई माधोपुर, बल्लभगढ़, कुरुक्षेत्र, पानीपत, ग्रेटर नोएडा, दमोह, हनुमानगढ़, बठिंडा, बुलंदशहर, बागपत, दिल्ली, हिसार, नोएडा, करौली, बिलीपाड़ा, आगरा, चूरू, झुंझुनू, जैसलमेर, बारबिल, गांधीनगर, अहमदाबाद, खुर्जा, सोनीपत, सीकर, बद्दी, मालेगांव, मेहसाणा, श्री गंगानगर, हापुड़, जलगांव, नांदेड़, अजमेर, बीकानेर, पीथमपुर, अलवर, भावनगर, दौसा, सहरसा, अंकलेश्वर, बांसवाड़ा, भीलवाड़ा, धुले, आइजोल, मिलुपारा, पटियाला, देवास आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।

इन शहरों के विपरीत देश के 10 फीसदी यानी महज 25 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में भिवानी, चामराजनगर, चेन्नई, चिक्कमगलुरु, गंगटोक, हल्दिया, किशनगंज, कोहिमा, कोलकाता, मदिकेरी, मंगलौर, नलबाड़ी, नेल्लोर, पलवल, पेरुंदुरई, पुदुचेरी, राजमहेंद्रवरम, रामनाथपुरम, रूपनगर, शिलांग, श्रीनगर शामिल हैं।

इसी तरह देश के 123 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें अनंतपुर, अंगुल, अररिया, आरा, आसनसोल, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बदलापुर, बागलकोट, बालासोर, बरेली, बारीपदा, बाड़मेर, बेगूसराय, बेलगाम, बेंगलुरु, भिलाई, भिवंडी, भुवनेश्वर, बिहार शरीफ, बोइसर, ब्रजराजनगर, बक्सर, ब्यासनगर, चंडीगढ़, छाल, छपरा, चिक्काबल्लापुर, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, कोयंबटूर, कटक, देहरादून, धारूहेड़ा, धारवाड़, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलुरु, फिरोजाबाद, गुम्मिडीपूंडी, गुंटूर, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जालंधर, जलना, जालोर, झांसी, जोधपुर, जोरापोखर, कडप्पा, कलबुर्गी, कन्नूर, कटिहार, खन्ना, कोल्हापुर, कोल्लम, कोरबा, कुंजेमुरा, लातूर, लुधियाना, मछलीपट्टनम, मदुरै, महाड, मंडीखेड़ा, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुंबई, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, नागांव, नागौर, नाहरलागुन, नासिक, नवी मुंबई, नयागढ़, पाली, पंचकुला, परभनी, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रयागराज, पुणे, पूर्णिया, रायपुर आदि शहर शामिल हैं।

इन शहरों के उलट आज देश के 95 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

इन शहरों में आगरा, अहमदाबाद, आइजोल, अजमेर, अलवर, अंबाला, अंकलेश्वर, औरंगाबाद (बिहार), बद्दी, बागपत, बहादुरगढ़, बल्लभगढ़, बांसवाड़ा, बारां, बारबिल, बठिंडा, बेलापुर, भागलपुर, भरतपुर, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, भोपाल, बीकानेर, बिलासपुर, बिलीपाड़ा, बुलंदशहर, बूंदी, बर्नीहाट (असम), चंद्रपुर, चरखी दादरी, चूरू, दमोह, दौसा, दिल्ली, देवास, धुले, फरीदाबाद, गांधीनगर, गया, गाजियाबाद, गोरखपुर, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, गुवाहाटी, ग्वालियर, हाजीपुर, हनुमानगढ़, हापुड़, हिसार, जबलपुर, जयपुर, जैसलमेर, जलगांव, झालावाड़, झुंझुनू, जींद, कैथल, कानपुर, करौली, करनाल, कटनी, खुर्जा, कोटा, कुरुक्षेत्र, लखनऊ, मालेगांव, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीदीप, मानेसर, मेरठ, मेहसाणा, मिलुपारा, मुजफ्फरनगर, नागपुर, नांदेड़, नंदेसरी, नारनौल, नोएडा, पंचगांव, पानीपत, पटियाला, पटना, पीथमपुर, प्रतापगढ़, रोहतक, सागर, सहरसा, सीकर, सोनीपत, श्री गंगानगर, वडोदरा, वाराणसी, वातवा, यादगीर आदि शामिल हैं।

इसी तरह देश में बर्नीहाट (मेघालय), मंगुराहा, मैसूर, सवाई माधोपुर, सिंगरौली, टोंक में स्थिति ‘खराब’ है।

क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 249 में से महज 25 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 123 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 17 अप्रैल को यह आंकड़ा 127 दर्ज किया गया था।

95 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।

दूसरे शहरों की तुलना में आज बर्नीहाट (मेघालय) में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 280 दर्ज किया गया। गौरतलब है कि कल बर्नीहाट में वायु गुणवत्ता सूचकांक 122 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में 158 अंकों का भारी उछाल आया है। बर्नीहाट में आज स्थिति 'खराब' बनी हुई है।

इससे पहले कल देश में गाजियाबाद की स्थिति सबसे खराब थी, जब एक्यूआई 346 रिकॉर्ड किया गया था। हालांकि आज 152 अंकों के सुधार के साथ गाजियाबाद में सूचकांक गिरकर 194 तक पहुंच गया।  

दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 263 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 152 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां सूचकांक में 111 अंकों का भारी सुधार दर्ज किया गया है। इसके साथ ही दिल्ली में वायु गुणवत्ता खराब से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है।

दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 187 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 126 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि वायु गुणवत्ता आज भी मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।

प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 18 अप्रैल को सिंगरौली चौथे स्थान पर है, वहीं मंगुराहा (270) दूसरे, जबकि मैसूर (257) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 172, गाजियाबाद में 194, गुवाहाटी में 106, गुरूग्राम में 167, नोएडा में 147, ग्रेटर नोएडा में 180 पर पहुंच गया है।

इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 72 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 176, चेन्नई में 47, चंडीगढ़ में 78, हैदराबाद में 81, जयपुर में 128 और पटना में 111 दर्ज किया गया।

इन शहरों में साफ रही हवा

देश के जिन 25 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें अमरावती (आंध्रप्रदेश), बैरकपुर, बेतिया, भिवानी, चामराजनगर, चेन्नई, चिक्कमगलुरु, गंगटोक, हल्दिया, किशनगंज, कोहिमा, कोलकाता, मदिकेरी, मंगलौर, नलबाड़ी, नेल्लोर, पलवल, पेरुंदुरई, पुदुचेरी, राजमहेंद्रवरम, रामनाथपुरम, रूपनगर, शिलांग, श्रीनगर, विजयपुरा शामिल हैं।

वहीं अगरतला, अकोला, अंबरनाथ, अमरावती (महाराष्ट्र), अमृतसर, अनंतपुर, अंगुल, अररिया, आरा, आसनसोल, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बदलापुर, बागलकोट, बालासोर, बरेली, बारीपदा, बाड़मेर, बेगूसराय, बेलगाम, बेंगलुरु, भिलाई, भिवंडी, भुवनेश्वर, बिहार शरीफ, बोइसर, ब्रजराजनगर, बक्सर, ब्यासनगर, चंडीगढ़, छाल, छपरा, चिक्काबल्लापुर, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, कोयंबटूर, कटक, देहरादून, धारूहेड़ा, धारवाड़, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलुरु, फिरोजाबाद, गुम्मिडीपूंडी, गुंटूर, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जालंधर, जलना, जालोर, झांसी, जोधपुर, जोरापोखर, कडप्पा, कलबुर्गी, कन्नूर, कटिहार, खन्ना, कोल्हापुर, कोल्लम, कोरबा, कुंजेमुरा, लातूर, लुधियाना, मछलीपट्टनम, मदुरै, महाड, मंडीखेड़ा, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुंबई, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, नागांव, नागौर, नाहरलागुन, नासिक, नवी मुंबई, नयागढ़, पाली, पंचकुला, परभनी, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रयागराज, पुणे, पूर्णिया, रायपुर, रायरंगपुर, राजगीर, राजकोट, राजसमंद, रामनगर, रतलाम, राउरकेला, सांगली, सतना, शिवमोगा, सिलचर, सिरोही, सिरसा, शिवसागर, सिवान, सोलापुर, सुआकाती, सूरत, तालचेर, टेन्सा, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, थूथुकुडी, त्रिशूर, तिरुमाला, तिरुपति, तुमडीह, उदयपुर, उल्हासनगर, वापी, विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम, वृंदावन आदि 123 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।

क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक

देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।

इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।

यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।

ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।

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