

देश के 239 शहरों में जारी आंकड़ों ने गंभीर तस्वीर पेश की है, इनमें से जहां महज पांच फीसदी शहरों में हवा साफ है, जबकि आधे से ज्यादा शहर खराब या चिंताजनक श्रेणी में हैं। गुरुग्राम 307 एक्यूआई के साथ सबसे प्रदूषित रहा, वहीं पुदुचेरी 27 के साथ सबसे साफ शहर बना।
हरियाणा और उत्तर प्रदेश एक बार फिर प्रदूषण के गढ़ बनकर उभरे हैं। गुरुग्राम में 24 घंटों में 40 अंकों की छलांग के साथ एक्यूआई 307 पर पहुंच गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में है।
दिल्ली में भी प्रदूषण बढ़कर 239 पर पहुंच गया है। आंकड़े बताते हैं कि उत्तर भारत में पीएम2.5 का दबदबा बना हुआ है और हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं।
विश्लेषण के मुताबिक 24 फरवरी 2026 को देश में गुरुग्राम सबसे अधिक प्रदूषित शहर रहा। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 307 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। इससे एक दिन पहले यानी 23 फरवरी को गुरुग्राम में एक्यूआई 267 था। यानी बीते 24 घंटों में प्रदूषण के स्तर में 40 अंकों का भारी उछाल आया है।
रुझानों में सामने आया है कि गुरुग्राम की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।
गुरुग्राम में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 1900 फीसदी अधिक है।
दूसरी तरफ देश में पुदुचेरी की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 27 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर गुरुग्राम की तुलना पुदुचेरी से करें तो वहां स्थिति 11 गुणा खराब है।
गौरतलब है कि कल देश में बल्लभगढ़ की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित थी, जब एक्यूआई 315 रिकॉर्ड किया गया था। हालांकि आज 45 अंकों के सुधार के साथ बल्लभगढ़ में सूचकांक घटकर 270 पर पहुंच गया है।
राजधानी दिल्ली से जुड़े आंकड़ों को देखें तो कल से प्रदूषण में इजाफा दर्ज किया गया है। इसके साथ ही आज भी वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में बनी हुई है। कल दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 228 दर्ज किया गया था, जो 24 फरवरी को 11 अंकों के उछाल के साथ बढ़कर 239 पर पहुंच गया। इससे पहले 18 जनवरी को दिल्ली में 2026 का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया था, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 24 फरवरी 2026 को 239 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां महज पांच फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 44.8 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 50.2 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज भी हवा चिंताजनक बनी हुई है।
बता दें कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 20 फीसदी की गिरावट आई है। दूसरी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में 12.6 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की बात करें तो इनकी संख्या में 9.6 फीसदी की गिरावट आई है। दूसरी तरफ खराब वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में कल से 14.3 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया, जोकि चिंता का विषय है।
फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक 196 (-1) दर्ज किया गया है।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में चरखी दादरी (293) दूसरे जबकि मानेसर तीसरे स्थान पर है। इसी तरह 270 अंकों के साथ बल्लभगढ़ चौथे स्थान पर है। धारूहेड़ा-गाजियाबाद में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 268 और 267 अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
भिवाड़ी (266) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में ग्रेटर नोएडा (264), हापुड़ (252), नोएडा (247) भी शामिल हैं। गौरतलब है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के पांच शहर (गुरुग्राम, चरखी दादरी, मानेसर, बल्लभगढ़, धारूहेड़ा) शामिल हैं।
विश्लेषण से यह भी पता चला है कि गुरुग्राम, चरखी दादरी, मानेसर, धारूहेड़ा, गाजियाबाद, भिवाड़ी, हापुड़, नोएडा, बहादुरगढ़, पानीपत, हाजीपुर, करनाल, सिंगरौली, यमुना नगर, कुरुक्षेत्र, बागपत, फरीदाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, मंडीदीप, गुवाहाटी, जींद, नंदेसरी, सूरत, गांधीनगर, काशीपुर, लखनऊ, अहमदाबाद, बोइसर आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।
वहीं बल्लभगढ़, ग्रेटर नोएडा, बीकानेर, सिलीगुड़ी, तालचेर, बद्दी, बारबिल, कुंजेमुरा, पीथमपुर, सिरसा, चूरू, जालंधर, बुलंदशहर, बिलाईपाड़ा, भिवंडी, नागौर, बठिंडा, मंगुराहा, भावनगर, अलवर, खुर्जा, महाड, नयागढ़, तुमडीह, अमृतसर, बेलापुर, बदलापुर, जैसलमेर, अगरतला, सीकर, भरतपुर, गोरखपुर, हनुमानगढ़, विशाखापत्तनम, दौसा, लुधियाना, ठाणे, उदयपुर, जोधपुर, पटियाला, पाली, अंकलेश्वर, जलगांव, बूंदी, धौलपुर आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।
इन शहरों के विपरीत देश के पांच फीसदी यानी महज 12 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में भिलाई, दमोह, कलबुर्गी, लातूर, मदिकेरी, पंपोर, पंचकुला, परभनी, पुदुचेरी, श्रीनगर, थूथुकुडी, तिरुमाला आदि शामिल हैं।
आज देश के जिन 107 शहरों में वायु गुणवत्ता सन्तोषजनक है, उनमें भोपाल, भुवनेश्वर, बिलासपुर, ब्रजराजनगर, बक्सर, ब्यासनगर, चामराजनगर, चंद्रपुर, छाल, छपरा, धनबाद, धारवाड़, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलूर, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, गंगटोक, गया, गुम्मिडीपूंडी, हल्दिया, हिसार, हुबली, हैदराबाद, जबलपुर, जालोर, झालावाड़, झांसी, कडप्पा, कैथल, कन्नूर, करौली, कटिहार, कटनी, क्योंझर, कोहिमा, कोल्हापुर, कोलकाता, कोल्लम, कोरबा, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीखेड़ा, मीरा-भायंदर, मुंगेर, मैसूर, नागपुर, नांदेड़, नासिक, पलवल, पेरुंदुरई, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पूर्णिया, रायपुर, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, राजसमंद, रामनगर, रतलाम, ऋषिकेश, रोहतक, राउरकेला, सागर, सांगली आदि शामिल हैं।
इन शहरों के उलट आज देश के 103 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
इन शहरों में अगरतला, अहमदाबाद, अहमदनगर, अलवर, अमृतसर, अंगुल, अंकलेश्वर, औरंगाबाद (बिहार), बद्दी, बदलापुर, बागपत, बारबिल, बारीपाड़ा, बैरकपुर, बठिंडा, बेलापुर, भरतपुर, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवंडी, बीकानेर, बिलाईपाड़ा, बोइसर, बुलंदशहर, बूंदी, चंडीगढ़, चेन्नई, चित्तौड़गढ़, चूरू, कटक, दौसा, देहरादून, देवास, धौलपुर, फरीदाबाद, गांधीनगर, गोरखपुर, गुवाहाटी, ग्वालियर, हनुमानगढ़, हावड़ा, इंदौर, जयपुर, जैसलमेर, जालंधर, जलगांव, झुंझुनू, जींद, जोधपुर, कल्याण, कानपुर, काशीपुर, खन्ना, खुर्जा, किशनगंज, कोटा, कुंजेमुरा, कुरुक्षेत्र, लखनऊ, लुधियाना, महाड, मंडीदीप, मंगुराहा, मेरठ, मेहसाणा, मिलुपारा, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुंबई, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नागांव, नागौर, नाहरलागुन, नंदेसरी, नारनौल, नवी मुंबई, नयागढ़, पाली, पटियाला, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, पुणे, राजकोट, रूपनगर, सहरसा, सवाई माधोपुर, सीकर, सिलीगुड़ी, सिरसा, सोनीपत, श्री गंगानगर, सूरत, तालचेर, ठाणे, तुमडीह, उदयपुर, उज्जैन, उल्हासनगर, वातवा, विशाखापत्तनम, वृंदावन शामिल हैं।
आंकड़ों में यह भी सामने आया है कि आज देश के 16 शहरों में वायु गुणवत्ता खराब है। इन शहरों में बहादुरगढ़, बल्लभगढ़, भिवाड़ी, चरखी दादरी, दिल्ली, धारूहेड़ा, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, हाजीपुर, हापुड़, करनाल, मानेसर, नोएडा, पानीपत, सिंगरौली, यमुना नगर शामिल हैं। वहीं गुरुग्राम में स्थिति बेहद खराब है।
क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 239 में से महज 12 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 107 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 23 फरवरी 2026 को यह आंकड़ा 95 दर्ज किया गया था।
103 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' (101-200 के बीच) बनी हुई है।
दूसरे शहरों की तुलना में आज गुरुग्राम में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 307 पर पहुंच गया। इससे पहले कल गुरुग्राम में एक्यूआई 267 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में 40 अंकों का इजाफा हुआ है।
कल बल्लभगढ़ में वायु गुणवत्ता सूचकांक 315 दर्ज किया गया था। वहीं आज 45 अंकों के सुधार के साथ एक्यूआई घटकर 270 पर पहुंच गया है। मतलब कि वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ से खराब श्रेणी में पहुंच गई है।
दिल्ली में 24 फरवरी को प्रदूषण में वृद्धि दर्ज की गई। दिल्ली में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक 228 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 239 पर पहुंच गया। मतलब कि कल से दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में 11 अंकों का उछाल आया है। चिंता की बात यह है कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता अभी भी मानकों से 290 फीसदी अधिक खराब है।
दूसरी तरफ फरीदाबाद में कल से प्रदूषण में मामूली गिरावट आई है। फरीदाबाद में कल जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 197 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 196 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता आज भी मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।
प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 24 फरवरी को बल्लभगढ़ चौथे स्थान पर है, वहीं चरखी दादरी (293) दूसरे, जबकि मानेसर (280) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 112, गाजियाबाद में 267, गुवाहाटी में 177, गुरूग्राम में 307, नोएडा में 247, ग्रेटर नोएडा में 264 पर पहुंच गया है।
इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 101 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘मध्यम‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 157, चेन्नई में 105, चंडीगढ़ में 118, हैदराबाद में 72, जयपुर में 122 और पटना में 133 दर्ज किया गया।
इन शहरों में साफ रही हवा
देश के जिन 12 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें भिलाई, दमोह, कलबुर्गी, लातूर, मदिकेरी, पंपोर, पंचकुला, परभनी, पुदुचेरी, श्रीनगर, थूथुकुडी, तिरुमाला शामिल हैं।
वहीं आगरा, आइजोल, अजमेर, अकोला, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अंबाला, अमरावती (महाराष्ट्र), अनंतपुर, अररिया, आरा, आसनसोल, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बालासोर, बांसवाड़ा, बारां, बरेली, बाड़मेर, बेगूसराय, बेंगलुरु, बेतिया, भागलपुर, भिवानी, भोपाल, भुवनेश्वर, बिलासपुर, ब्रजराजनगर, बक्सर, ब्यासनगर, चामराजनगर, चंद्रपुर, छाल, छपरा, धनबाद, धारवाड़, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलूर, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, गंगटोक, गया, गुम्मिडीपूंडी, हल्दिया, हिसार, हुबली, हैदराबाद, जबलपुर, जालोर, झालावाड़, झांसी, कडप्पा, कैथल, कन्नूर, करौली, कटिहार, कटनी, क्योंझर, कोहिमा, कोल्हापुर, कोलकाता, कोल्लम, कोरबा, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीखेड़ा, मीरा-भायंदर, मुंगेर, मैसूर, नागपुर, नांदेड़, नासिक, पलवल, पेरुंदुरई, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पूर्णिया, रायपुर, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, राजसमंद, रामनगर, रतलाम, ऋषिकेश, रोहतक, राउरकेला, सागर, सांगली, सतना, शिलांग, सिलचर, सिरोही, शिवसागर, सिवान, सोलापुर, सुआकाती, तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर, तिरुपति, टोंक, वडोदरा, वापी, वाराणसी, विजयपुरा, विजयवाड़ा, विरार, यादगीर आदि 107 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।
इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।
ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।
कल देश में वायु गुणवत्ता की स्थिति कैसी थी इसकी जानकारी आप डाउन टू अर्थ के एयर क्वालिटी ट्रैकर के पिछले अंक से प्राप्त कर सकते हैं:
बढ़ते ओजोन से श्री गंगानगर में स्थिति 'बेहद खराब', ब्यासनगर-धारूहेड़ा में भी 300 से ऊपर एक्यूआई