प्रदूषण में टॉप पर पहुंचा बाड़मेर, 299 एक्यूआई के साथ कोयंबटूर से 12 गुणा जहरीली हवा

दिल्ली में भी कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 106 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 143 पर पहुंच गया।
बढ़ते प्रदूषण के साथ हवा में घुला जहर लोगों को बहुत ज्यादा बीमार बना रहा है, बच्चे और बुजुर्ग इसका सबसे ज्यादा शिकार बन रहे हैं; फोटो: आईस्टॉक
बढ़ते प्रदूषण के साथ हवा में घुला जहर लोगों को बहुत ज्यादा बीमार बना रहा है, बच्चे और बुजुर्ग इसका सबसे ज्यादा शिकार बन रहे हैं; फोटो: आईस्टॉक
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सारांश
  • देश में वायु प्रदूषण की तस्वीर एक बार फिर चिंताजनक होती दिख रही है। 03 जून 2026 को राजस्थान का बाड़मेर 299 एक्यूआई के साथ देश का सबसे प्रदूषित शहर बनकर उभरा, जहां वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में पहुंच गई।

  • स्थिति इतनी गंभीर रही कि बाड़मेर की हवा देश के सबसे स्वच्छ शहर कोयंबटूर (एक्यूआई 24) की तुलना में करीब 12 गुणा अधिक प्रदूषित दर्ज की गई। विश्लेषण से पता चला है कि बाड़मेर में पीएम10 कणों का दबदबा है और प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से 550 फीसदी अधिक पहुंच चुका है।

  • राष्ट्रीय स्तर पर भी हालात बिगड़ने के संकेत मिले हैं। 237 शहरों के आंकड़ों में साफ हवा वाले शहरों की संख्या एक दिन में 23.8 फीसदी घट गई, जबकि खराब हवा वाले शहरों की संख्या में 400 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

  • दिल्ली में भी 24 घंटों के भीतर एक्यूआई 106 से बढ़कर 143 पहुंच गया, जबकि फरीदाबाद में यह 171 से बढ़कर 187 हो गया।

  • राजस्थान के पांच शहर देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल रहे, जो क्षेत्रीय स्तर पर बढ़ते धूल और कण प्रदूषण की गंभीर चुनौती को उजागर करता है। दूसरी ओर, कोयंबटूर, गंगटोक और तिरुवनंतपुरम जैसे शहरों ने अपेक्षाकृत स्वच्छ हवा बनाए रखी।

सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 03 जून 2026 को देश में बाड़मेर सबसे प्रदूषित शहर रहा। इस दौरान यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 299 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। इससे पहले कल सरकारी आंकड़ों में बाड़मेर का जिक्र नहीं था।

रुझानों में यह भी सामने आया है कि बाड़मेर की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम10) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है। बाड़मेर में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 550 फीसदी अधिक है।

दूसरी तरफ देश में कोयंबटूर की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 24 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर बाड़मेर की तुलना कोयंबटूर से करें तो वहां स्थिति 12 गुणा खराब है।

बता दें कि कल देश में सवाई माधोपुर की हवा सबसे ज्यादा खराब थी, जब सूचकांक 214 दर्ज किया गया। हालांकि आज 102 अंकों के भारी सुधार के साथ वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 112 पर पहुंच गया है। मतलब की सवाई माधोपुर में आज वायु गुणवत्ता खराब से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है।

राजधानी दिल्ली में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 106 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 143 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां सूचकांक में 37 अंकों का उछाल दर्ज किया गया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।    

इससे पहले 2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 30 मई को दर्ज किया गया था, जब एक्यूआई 85 पर पहुंच गया। वहीं 20 मार्च और आठ अप्रैल 2026 को एक्यूआई 93 रिकॉर्ड किया गया था। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।

दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में इजाफा हुआ है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 171 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 187 पर पहुंच गया। इसके साथ ही फरीदाबाद में आज एक बार फिर वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 03 जून 2026 को 237 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 13.5 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 53.6 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 32.9 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।

कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 23.8 फीसदी की गिरावट आई है। इसी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में भी 8.6 फीसदी की कमी दर्ज की गई। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की बात करें तो इनकी संख्या में कल से 38.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। खराब हवा वाले शहरों की स्थिति में बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही इन शहरों का आंकड़ा 400 फीसदी बढ़ गया, जोकि चिंता का विषय है।    

आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में मेघालय का बर्नीहाट (269) दूसरे जबकि पलवल (264) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह जोधपुर (245) चौथे स्थान पर है। जैसलमेर (219)- मेरठ (218) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।

नोएडा (218) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में नागौर (217), बीकानेर (211) और बर्नीहाट (असम) (210) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में राजस्थान के पांच शहर (बाड़मेर, जोधपुर, जैसलमेर, नागौर, बीकानेर) शामिल हैं।

विश्लेषण से यह भी पता चला है कि बर्नीहाट (मेघालय), बर्नीहाट (असम), भिवानी, जींद, पानीपत, किशनगंज, रूपनगर, टोंक, सहरसा, बिलीपाड़ा, सिंगरौली, वातवा, चरखी दादरी, हापुड़, कैथल, धारूहेड़ा, करनाल, नंदेसरी, अनंतपुर, बेगूसराय आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।

वहीं बाड़मेर, जोधपुर, जैसलमेर, नोएडा, नागौर, बीकानेर, फरीदाबाद, बल्लभगढ़, गाजियाबाद, मेहसाणा, भिवाड़ी, पाली, जालौर, सोनीपत, गुरुग्राम, राजकोट, सीकर, अजमेर, चंद्रपुर, छपरा, यमुना नगर, विशाखापत्तनम, अमृतसर, श्री गंगानगर, फतेहाबाद, बुलंदशहर, जयपुर, भीलवाड़ा, दौसा, उदयपुर, बहादुरगढ़, मुजफ्फरनगर, बांसवाड़ा, भावनगर, कुरुक्षेत्र, ग्वालियर, राजसमंद आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।

इन शहरों के विपरीत देश के 13.5 फीसदी यानी 32 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में बेतिया, भिलाई, बोइसर, चामराजनगर, छाल, चिक्काबल्लापुर, कोयंबटूर, धौलपुर, गंगटोक, जलना, झांसी, कलबुर्गी, कोहिमा, कोल्हापुर, कोरबा, मदिकेरी, मंगलौर, नलबाड़ी, नासिक, पंपोर, रामनगर, ऋषिकेश, समस्तीपुर, सांगली, शिवमोगा, श्रीनगर, तिरुवनंतपुरम आदि शामिल हैं।

इसी तरह देश के 127 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें भोपाल, भुवनेश्वर, बिहार शरीफ, बिलासपुर, ब्रजराजनगर, बूंदी, ब्यासनगर, चंडीगढ़, चेन्नई, चित्तूर, कटक, दमोह, देहरादून, धारवाड़, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलुरु, फिरोजाबाद, गांधीनगर, गया, गोरखपुर, गुम्मिडीपूंडी, गुंटूर, गुवाहाटी, हल्दिया, हिसार, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जालंधर, जलगांव, झुंझुनू, जोरापोखर, कडप्पा, कल्याण, कन्नूर, कानपुर, करौली, काशीपुर, कटिहार, कटनी, क्योंझर, खुर्जा, कोलकाता, कोल्लम, कोटा, कुंजेमुरा, लातूर, लखनऊ, लुधियाना, मछलीपट्टनम, मंडीदीप, मंडीखेड़ा, मानेसर, मुरादाबाद, मुंबई, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, नागपुर, नांदेड़, नारनौल, नवी मुंबई, नेल्लोर, पंचकुला, पटियाला, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पुडुचेरी, पुणे, पूर्णिया, रायपुर, रायरंगपुर, राजगीर, रतलाम, रोहतक, राउरकेला, सागर, सतना आदि शहर शामिल हैं।

इन शहरों के उलट आज देश के 68 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

इनमें अजमेर, अमृतसर, अनंतपुर, अंगुल, बद्दी, बहादुरगढ़, बल्लभगढ़, बांसवाड़ा, बारां, बेगूसराय, भरतपुर, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, भिवानी, बिलीपाड़ा, बुलंदशहर, बक्सर, चंद्रपुर, चरखी दादरी, छपरा, चूरू, दौसा, दिल्ली, देवास, धनबाद, धारूहेड़ा, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, ग्वालियर, हाजीपुर, हनुमानगढ़, हापुड़, जयपुर, जालौर, झालावाड़, जींद, कैथल, करनाल, किशनगंज, कुरुक्षेत्र, मेहसाणा, मुजफ्फरनगर, नंदेसरी, पाली, पंचगांव, पानीपत, परभणी, पीथमपुर, राजकोट, राजसमंद, रूपनगर, सहरसा, सवाई माधोपुर, सीकर, सिंगरौली, सिवान, सोनीपत, श्री गंगानगर, टोंक, तुमडीह, उदयपुर, वातवा, विशाखापत्तनम, यमुना नगर आदि शामिल हैं।

इसी तरह देश में बाड़मेर, बीकानेर, बर्नीहाट (असम), बर्नीहाट (मेघालय), जैसलमेर, जोधपुर, मेरठ, नागौर, नोएडा, पलवल में स्थिति ‘खराब’ है।

क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 237 में से 32 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 127 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 02 जून को यह आंकड़ा 139 दर्ज किया गया था।

68 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।

दूसरे शहरों की तुलना में आज बाड़मेर में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 299 दर्ज किया गया। मतलब की वायु गुणवत्ता खराब है। वहीं कल सरकारी आंकड़ों में बाड़मेर का जिक्र नहीं था।

बता दें कि कल देश में सवाई माधोपुर की हवा सबसे ज्यादा खराब थी, जब सूचकांक 214 दर्ज किया गया। हालांकि आज 102 अंकों के भारी सुधार के साथ वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 112 पर पहुंच गया है। मतलब की सवाई माधोपुर में आज वायु गुणवत्ता खराब से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है।

दिल्ली में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 106 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 143 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां सूचकांक में 37 अंकों का उछाल दर्ज किया गया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।    

दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में इजाफा हुआ है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 171 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 187 पर पहुंच गया। इसके साथ ही फरीदाबाद में आज एक बार फिर वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।

प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 03 जून को जोधपुर (245) चौथे स्थान पर है, वहीं बर्नीहाट (मेघालय) (269) दूसरे, जबकि पलवल (264) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 103, गाजियाबाद में 172, गुवाहाटी में 58, गुरूग्राम में 138, नोएडा में 218, ग्रेटर नोएडा में 176 पर पहुंच गया है।

इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 58 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 94, चेन्नई में 58, चंडीगढ़ में 67, हैदराबाद में 72, जयपुर में 111 और पटना में 98 दर्ज किया गया।

इन शहरों में साफ रही हवा

देश के जिन 32 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें अंबरनाथ, बागलकोट, बेतिया, भिलाई, बोइसर, चामराजनगर, छाल, चिक्काबल्लापुर, कोयंबटूर, धौलपुर, गंगटोक, जलना, झांसी, कलबुर्गी, कोहिमा, कोल्हापुर, कोरबा, मदिकेरी, मंगलौर, नलबाड़ी, नासिक, पंपोर, रामनगर, ऋषिकेश, समस्तीपुर, सांगली, शिवमोगा, श्रीनगर, तिरुवनंतपुरम, थूथुकुडी, उल्हासनगर, विजयपुरा शामिल हैं।

वहीं आगरा, अहमदाबाद, आइजोल, अकोला, अलवर, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अंबाला, अमरावती (महाराष्ट्र), अंकलेश्वर, अररिया, आरा, आसनसोल, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बदलापुर, बालासोर, बारबिल, बरेली, बारीपदा, बैरकपुर, बठिंडा, बेलापुर, बेलगाम, बेंगलुरु, भागलपुर, भिवंडी, भोपाल, भुवनेश्वर, बिहार शरीफ, बिलासपुर, ब्रजराजनगर, बूंदी, ब्यासनगर, चंडीगढ़, चेन्नई, चित्तूर, कटक, दमोह, देहरादून, धारवाड़, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलुरु, फिरोजाबाद, गांधीनगर, गया, गोरखपुर, गुम्मिडीपूंडी, गुंटूर, गुवाहाटी, हल्दिया, हिसार, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जालंधर, जलगांव, झुंझुनू, जोरापोखर, कडप्पा, कल्याण, कन्नूर, कानपुर, करौली, काशीपुर, कटिहार, कटनी, क्योंझर, खुर्जा, कोलकाता, कोल्लम, कोटा, कुंजेमुरा, लातूर, लखनऊ, लुधियाना, मछलीपट्टनम, मंडीदीप, मंडीखेड़ा, मानेसर, मुरादाबाद, मुंबई, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, नागपुर, नांदेड़, नारनौल, नवी मुंबई, नेल्लोर, पंचकुला, पटियाला, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पुडुचेरी, पुणे, पूर्णिया, रायपुर, रायरंगपुर, राजगीर, रतलाम, रोहतक, राउरकेला, सागर, सतना, सिलचर, सिरोही, सिरसा, शिवसागर, सोलापुर, सुआकाती, सूरत, तालचेर, टेन्सा, ठाणे, त्रिशूर, तिरुमाला, उज्जैन, वडोदरा, वापी, वाराणसी, विजयवाड़ा, विरार, वृंदावन आदि 127 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।

क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक

देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।

इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।

यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।

ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।

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