प्रदूषण में आज भी अव्वल अंगुल, बारिश के साथ दिल्ली-एनसीआर में आया सुधार

दूसरी तरफ देश में श्रीनगर की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 20 रिकॉर्ड किया गया है
भारत के कई शहरों में बढ़ते प्रदूषण से बड़े ही नहीं बच्चे भी प्रदूषित हवा में सांस लेने को मजबूर हैं; फोटो: आईस्टॉक
भारत के कई शहरों में बढ़ते प्रदूषण से बड़े ही नहीं बच्चे भी प्रदूषित हवा में सांस लेने को मजबूर हैं; फोटो: आईस्टॉक
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सारांश
  • ओड़िशा के अंगुल में वायु गुणवत्ता सूचकांक 309 दर्ज किया गया, जो देश में सबसे प्रदूषित है। दिल्ली-एनसीआर में बारिश के बाद सुधार देखा गया, जहां एक्यूआई 192 पर पहुंचा।

  • अंगुल में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 415 फीसदी अधिक है।

  • दूसरी तरफ देश में श्रीनगर की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 20 रिकॉर्ड किया गया।

  • 24 जनवरी 2026 को 231 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां महज 6.1 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 40.3 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 53.7 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं।

  • फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक 206 (-10) रिकॉर्ड किया गया है।  

  • आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में सिंगरौली (289) दूसरे जबकि भिवानी (258) तीसरे स्थान पर है।

  • इसी तरह 244 अंकों के साथ बल्लभगढ़ चौथे स्थान पर है। हावड़ा-गुरुग्राम में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 233 और 225 अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं।

  • आसनसोल (222) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में समस्तीपुर (222), कल्याण (219), कोलकाता (213) भी शामिल हैं। आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में पश्चिम बंगाल के तीन शहर (हावड़ा, आसनसोल, कोलकाता) शामिल हैं।

विश्लेषण से पता चला है कि 24 जनवरी 2026 को देश में एक बार फिर ओड़िशा के अंगुल की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित रही, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 309 दर्ज किया गया। इससे पहले 23 जनवरी को अंगुल में वायु गुणवत्ता सूचकांक 311 दर्ज किया गया। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में दो अंकों का मामूली सुधार आया है। अंगुल में अभी भी वायु गुणवत्ता बेहद खराब बनी हुई है।              

रुझानों में सामने आया है कि अंगुल की हवा में ओजोन पूरी तरह हावी हैं। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है। 

अंगुल में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 415 फीसदी अधिक है।

दूसरी तरफ देश में श्रीनगर की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 20 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर में अंगुल की तुलना श्रीनगर से करें तो वहां स्थिति 15 गुणा खराब है।

राजधानी दिल्ली से जुड़े आंकड़ों को देखें तो कल से प्रदूषण में गिरावट आई है, इसके साथ ही दिल्ली में वायु गुणवत्ता आज ‘खराब’ से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है। कल दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 282 दर्ज किया गया था, जो आज 24 जनवरी को 90 अंकों के भारी सुधार के साथ घटकर 192 पर पहुंच गया है।

इससे पहले 14 नवंबर को दिल्ली में 2025 का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया था, जब एक्यूआई बढ़कर 461 तक पहुंच गया।     

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 24 जनवरी 2026 को 231 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां महज 6.1 फीसदी शहरों में हवा साफ है।

वहीं 40.3 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 53.7 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज भी हवा चिंताजनक बनी हुई है।

बता दें कि कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 55.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में भी 19 फीसदी से अधिक का वृद्धि हुई है। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की बात करें तो इनकी संख्या में करीब 14 फीसदी की गिरावट आई है। दूसरी तरह खराब वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में कल से 39.1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जोकि राहत की खबर है। वहीं बेहद खराब हवा वाले शहरों की गिनती में कल से 67 फीसदी की गिरावट आई है।

फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक 206 (-10) रिकॉर्ड किया गया है।  

आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में सिंगरौली (289) दूसरे जबकि भिवानी (258) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह 244 अंकों के साथ बल्लभगढ़ चौथे स्थान पर है। हावड़ा-गुरुग्राम में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 233 और 225 अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं।

आसनसोल (222) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में समस्तीपुर (222), कल्याण (219), कोलकाता (213) भी शामिल हैं। गौरतलब है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में पश्चिम बंगाल के तीन शहर (हावड़ा, आसनसोल, कोलकाता) और हरियाणा के तीन शहर (भिवानी, बल्लभगढ़, गुरुग्राम) शामिल हैं।

विश्लेषण से यह भी पता चला है कि सिंगरौली, भिवानी, गुरुग्राम, आसनसोल, समस्तीपुर, कोलकाता, नागपुर, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गुम्मिडीपूंडी, नाहरलागुन, ग्वालियर, हाजीपुर, दिल्ली, बहादुरगढ़, धारूहेड़ा, नोएडा, मोतिहारी, मंडीदीप, तालचेर, कटनी, मानेसर, पीथमपुर, हल्दिया, ग्रेटर नोएडा, तुमकुरु, बेतिया, सहरसा, विशाखापत्तनम, बिलीपाड़ा, बैरकपुर, पुणे, रोहतक, बर्नीहाट, पूर्णिया, तिरुमाला, मुजफ्फरपुर, एलूर, मुंगेर, शिलांग, नागांव, अररिया, बारीपदा, बिहार शरीफ, बक्सर, राजमहेंद्रवरम, कटिहार, राजगीर, लातूर, हापुड़, मंगुराहा, चरखी दादरी, सिरसा, बिलासपुर आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।

वहीं बल्लभगढ़, हावड़ा, कल्याण, बीकानेर, श्री गंगानगर, सिवान, धनबाद, सीकर, छपरा, भिवाड़ी, गुवाहाटी, दुर्गापुर, चूरू, भुवनेश्वर, झुंझुनू, तुमडीह, चंद्रपुर, कुंजेमुरा, पाली, सुआकाती, ब्रजराजनगर, जैसलमेर, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), भोपाल, चित्तौड़गढ़, महाड, पटना, बद्दी, बेगूसराय, अमरावती (आंधप्रदेश), हनुमानगढ़, नागौर, राउरकेला, अलवर, गया, लखनऊ, बदलापुर, जयपुर, धौलपुर, फतेहाबाद, जालौर, वातवा, बाड़मेर, भागलपुर, सागर, मालेगांव, जबलपुर, आगरा, अहमदनगर, चिक्काबल्लापुर, क्योंझर, पिंपरी-चिंचवाड़, धुले, नांदेड़, औरंगाबाद (बिहार), भिवंडी, बेंगलुरु, रामनगर, अजमेर, बुलंदशहर, जलना, प्रयागराज, अमरावती (महाराष्ट्र), कानपुर आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।

इन शहरों के विपरीत देश के 6.1 फीसदी यानी महज 14 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में बागलकोट, बरेली, चामराजनगर, चिक्कमगलुरु, दमोह, देहरादून, फिरोजाबाद, गंगटोक, मदिकेरी, नागपट्टिनम, पंचगांव, श्रीनगर, सूरत, वृंदावन आदि शामिल हैं। 

आज देश के जिन 93 शहरों में वायु गुणवत्ता सन्तोषजनक है, उनमें धारवाड़, डूंगरपुर, गांधीनगर, गोरखपुर, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जालंधर, जलगांव, झालावाड़, झांसी, जोधपुर, कडप्पा, कैथल, कलबुर्गी, कन्नूर, करौली, करनाल, खन्ना, खुर्जा, किशनगंज, कोहिमा, कोल्हापुर, कोरबा, कोटा, कुरुक्षेत्र, लुधियाना, मदुरई, मंडीखेड़ा, मेरठ, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मुंबई, मैसूरु, नासिक, नवी मुंबई, पलवल, परभनी, पटियाला, पेरुंदुरई, प्रतापगढ़, पुडुचेरी, पुडुकोट्टई, रायपुर, रायरंगपुर, राजसमंद, रतलाम, सासाराम, सतना, सवाई माधोपुर, शिवमोगा, सिलचर आदि शामिल हैं।

इन शहरों के उलट आज देश के 109 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

इन शहरों में आगरा, अहमदनगर, अजमेर, अलवर, अमरावती (आंधप्रदेश), अमरावती (महाराष्ट्र), अररिया, औरंगाबाद (बिहार), औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बद्दी, बदलापुर, बहादुरगढ़, बालासोर, बारीपदा, बाड़मेर, बैरकपुर, बेगूसराय, बेंगलुरु, बेतिया, भागलपुर, भिवाड़ी, भिवंडी, भोपाल, भुवनेश्वर, बिहार शरीफ, बीकानेर, बिलासपुर, बिलीपाड़ा, ब्रजराजनगर, बुलंदशहर, बक्सर, ब्यासनगर, बर्नीहाट, चंद्रपुर, चरखी दादरी, छपरा, चिक्काबल्लापुर, चित्तौड़गढ़, चूरू, कटक, दिल्ली, धनबाद, धारूहेड़ा, धौलपुर, धुले, दुर्गापुर, एलूर, फतेहाबाद, गया, ग्रेटर नोएडा, गुवाहाटी, ग्वालियर, हाजीपुर, हल्दिया, हनुमानगढ़, हापुड़, जबलपुर, जयपुर, जैसलमेर, जलना, जालौर, झुंझुनू, कानपुर, कटिहार, कटनी, क्योंझर, कुंजेमुरा, लातूर, लखनऊ, महाड, मालेगांव, मंडीदीप, मानेसर, मंगुराहा, मिलुपारा, मोतिहारी, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, नागांव, नागौर, नांदेड़, नारनौल, नोएडा, पाली, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, प्रयागराज, पुणे, पूर्णिया, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, रामनगर, रोहतक, राउरकेला, सागर, सहरसा, शिलांग, सीकर, सिरसा, सिवान, श्री गंगानगर, सुआकाती, तालचेर, तिरुमाला, तुमकुरु, तुमडीह, वातवा, विशाखापत्तनम शामिल हैं।

आंकड़ों में यह भी सामने आया है कि आज देश के 14 शहरों में वायु गुणवत्ता खराब है। इन शहरों में आसनसोल, बल्लभगढ़, भिवानी, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गुम्मिडीपूंडी, गुरुग्राम, हावड़ा, कल्याण, कोलकाता, नागपुर, नाहरलागुन, समस्तीपुर, सिंगरौली शामिल हैं। वहीं अंगुल में वायु गुणवत्ता 'बेहद खराब' है।

क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 231 में से महज 14 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 93 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 23 जनवरी 2026 को भी यह आंकड़ा 78 दर्ज किया गया था।

109 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' (101-200 के बीच) बनी हुई है।

दूसरे शहरों की तुलना में आज एक बार फिर अंगुल (309) में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। हालांकि आंकड़ों के मुताबिक अंगुल में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। इसके बावजूद अंगुल में वायु गुणवत्ता अभी भी बेहद खराब बनी हुई है।           

दिल्ली में भी आज प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक 282 दर्ज किया गया, जो आज घटकर 192 पर पहुंच गया है। मतलब कि कल से दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में 90 अंकों की भारी गिरावट आई है। चिंता की बात यह है कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता अभी भी मानकों से 1,100 फीसदी अधिक खराब है।

दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में गिरावट आई है, जहां सूचकांक 206 रिकॉर्ड किया गया। इसका मतलब है कि फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता अभी भी खराब श्रेणी में है।   

प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 24 जनवरी को बल्लभगढ़ चौथे स्थान पर है, वहीं सिंगरौली (289) दूसरे, जबकि भिवानी (258) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 199, गाजियाबाद में 203, गुवाहाटी में 176, गुरूग्राम में 225, नोएडा में 184, ग्रेटर नोएडा में 170 पर पहुंच गया है।

इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 80 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 124, चेन्नई में 81, चंडीगढ़ में 78, हैदराबाद में 85, जयपुर में 123 और पटना में 133 दर्ज किया गया।

इन शहरों में साफ रही हवा

देश के जिन 14 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें बागलकोट, बरेली, चामराजनगर, चिक्कमगलुरु, दमोह, देहरादून, फिरोजाबाद, गंगटोक, मदिकेरी, नागपट्टिनम, पंचगांव, श्रीनगर, सूरत, वृंदावन शामिल हैं।

वहीं अहमदाबाद, आइजोल, अकोला, अमृतसर, अनंतपुर, अंकलेश्वर, बागपत, बांसवाड़ा, बारां, बारबिल, बठिंडा, बेलगाम, भिलाई, भीलवाड़ा, बोइसर, बूंदी, चंडीगढ़, चेन्नई, छाल, चित्तूर, कोयंबटूर, कुड्डालोर, दौसा, दावनगेरे, देवास, धारवाड़, डूंगरपुर, गांधीनगर, गोरखपुर, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जालंधर, जलगांव, झालावाड़, झांसी, जोधपुर, कडप्पा, कैथल, कलबुर्गी, कन्नूर, करौली, करनाल, खन्ना, खुर्जा, किशनगंज, कोहिमा, कोल्हापुर, कोरबा, कोटा, कुरुक्षेत्र, लुधियाना, मदुरई, मंडीखेड़ा, मेरठ, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मुंबई, मैसूरु, नासिक, नवी मुंबई, पलवल, परभनी, पटियाला, पेरुंदुरई, प्रतापगढ़, पुडुचेरी, पुडुकोट्टई, रायपुर, रायरंगपुर, राजसमंद, रतलाम, सासाराम, सतना, सवाई माधोपुर, शिवमोगा, सिलचर, सिरोही, शिवसागर, सोलापुर, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, थूथुकुडी, तिरुपति, उदयपुर, उज्जैन, उल्हासनगर, वाराणसी, विजयपुरा, विजयवाड़ा, विरार, यादगीर, यमुना नगर आदि 93 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।

क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक

देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।

इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।

यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।

ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।

कल देश में वायु गुणवत्ता की स्थिति कैसी थी इसकी जानकारी आप डाउन टू अर्थ के एयर क्वालिटी ट्रैकर के पिछले अंक से प्राप्त कर सकते हैं:

ओड़िशा में प्रदूषण से बिगड़े हालात, अंगुल-कटक में 300 के पार एक्यूआई

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