अब संभव हो सकता है ऑर्गेनिक शहद का उत्पादन, नई रिसर्च से मिली उम्मीद

अमेरिका में ऑर्गेनिक शहद उत्पादन की राह आसान होने की उम्मीद, नई रिसर्च में मधुमक्खियों की कम दूरी तक उड़ान और साफ शहद उत्पादन का खुलासा
नई रिसर्च में खुलासा: मधुमक्खियां छत्ते से कम दूरी तक जाती हैं, इसलिए ऑर्गेनिक शहद के सख्त नियम बदल सकते हैं।
नई रिसर्च में खुलासा: मधुमक्खियां छत्ते से कम दूरी तक जाती हैं, इसलिए ऑर्गेनिक शहद के सख्त नियम बदल सकते हैं।प्रतीकात्मक छवि, साभार: आईस्टॉक
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सारांश
  • नई रिसर्च में खुलासा, मधुमक्खियां छत्ते से कम दूरी तक जाती हैं, इसलिए ऑर्गेनिक शहद के सख्त नियम बदल सकते हैं।

  • अमेरिकी मधुमक्खी पालकों को मिलेगा फायदा, छोटे प्राकृतिक क्षेत्रों में भी ऑर्गेनिक शहद उत्पादन संभव होने के संकेत मिले।

  • शोध में पाया गया कि ऑर्गेनिक तरीकों से तैयार शहद में कीटनाशक अवशेष कम और गुणवत्ता बेहतर रही।

  • मौजूदा चार मील बफर नियम पर सवाल, वैज्ञानिकों ने मधुमक्खियों के वास्तविक व्यवहार से नई जानकारी हासिल की।

  • ऑर्गेनिक शहद बाजार में अमेरिकी उत्पादकों की भागीदारी बढ़ सकती है, जिससे किसानों को आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद।

अमेरिका में ऑर्गेनिक शहद का बाजार तेजी से बढ़ रहा है, क्योंकि लोग सामान्य शहद की तुलना में ऑर्गेनिक शहद के लिए 20 से 30 प्रतिशत तक अधिक कीमत देने को तैयार हैं। लेकिन अब तक अमेरिका के अधिकांश मधुमक्खी पालक इस बड़े बाजार का हिस्सा नहीं बन पाए थे। इसकी मुख्य वजह ऑर्गेनिक शहद उत्पादन के लिए बनाए गए सख्त नियम थे।

अमेरिकी कृषि विभाग के नियमों के अनुसार, ऑर्गेनिक शहद के लिए मधुमक्खियों के छत्तों के आसपास लगभग 6.4 किलोमीटर यानी करीब 4 मील क्षेत्र में ऑर्गेनिक या प्राकृतिक भूमि होनी चाहिए। इस क्षेत्र में मधुमक्खियों को फूलों से रस और पराग इकट्ठा करना होता है। अमेरिका के ज्यादातर हिस्सों में इतना बड़ा क्षेत्र पूरी तरह प्राकृतिक या ऑर्गेनिक मिलना बहुत मुश्किल है। यह शोध साइंस ऑफ द टोटल एनवायरनमेंट नामक पत्रिका में प्रकाशित किया गया है।

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इन नियमों के कारण महाद्वीपीय अमेरिका के मधुमक्खी पालक ऑर्गेनिक शहद बाजार में प्रवेश नहीं कर पाए। अमेरिका में अभी अधिकतर ऑर्गेनिक शहद दूसरे देशों से आयात किया जाता है, जिसमें ब्राजील जैसे देश प्रमुख हैं। केवल हवाई राज्य के कुछ उत्पादक ही इस बाजार में शामिल हैं।

नई रिसर्च ने बदली मधुमक्खियों के व्यवहार की समझ

अब एक नई वैज्ञानिक रिसर्च से पता चला है कि मौजूदा नियम शायद जरूरत से ज्यादा सख्त हो सकते हैं। वैज्ञानिकों ने पाया कि मधुमक्खियां आमतौर पर अपने छत्ते से बहुत दूर तक भोजन की तलाश में नहीं जातीं।

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शोधकर्ताओं के अनुसार, मधुमक्खियों की सामान्य उड़ान दूरी का मध्य स्तर लगभग 750 मीटर यानी करीब 2,500 फीट पाया गया। यह दूरी 6.4 किलोमीटर के मौजूदा नियम से काफी कम है। इसका मतलब है कि मधुमक्खियों को स्वस्थ और कम रसायन वाले शहद के उत्पादन के लिए उतने बड़े क्षेत्र की आवश्यकता नहीं हो सकती, जितनी वर्तमान नियमों में बताई गई है।

यह अध्ययन न्यूयॉर्क स्थित कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं और अन्य वैज्ञानिकों की टीम ने किया। शोध के प्रमुख लेखक बेन डीमोरस ने बताया कि अमेरिका के उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में मधुमक्खी पालकों को ऑर्गेनिक शहद उत्पादन के लिए मौजूदा नियमों में तय क्षेत्र के केवल एक छोटे हिस्से की जरूरत हो सकती है।

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ऑर्गेनिक तरीके से तैयार किया गया शहद

शोध के दौरान वैज्ञानिकों ने 72 मधुमक्खी कॉलोनियों पर परीक्षण किया। इन्हें छह बड़े ऑर्गेनिक फार्मों पर रखा गया। इन जगहों के आसपास प्राकृतिक और अर्ध-प्राकृतिक क्षेत्र मौजूद थे।

शोधकर्ताओं ने मधुमक्खियों की देखभाल ऑर्गेनिक तरीकों से की। मधुमक्खियों को नुकसान पहुंचाने वाले वर्रोआ माइट नामक परजीवी से बचाने के लिए रासायनिक कीटनाशकों की जगह प्राकृतिक पदार्थों का इस्तेमाल किया गया।

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सामान्य मधुमक्खी पालन में कई बार अमितराज जैसे रसायनों का उपयोग किया जाता है, जो मोम में लंबे समय तक जमा रह सकते हैं। मधुमक्खियां इसी मोम से छत्ते बनाती हैं और कई बार पुराने मोम का दोबारा इस्तेमाल होता है। इसलिए ऑर्गेनिक शहद उत्पादन में साफ और रसायन मुक्त मोम का होना महत्वपूर्ण माना जाता है।

जांच में मिला साफ और सुरक्षित शहद

वैज्ञानिकों ने 2024 में इन कॉलोनियों से मिले शहद में 96 अलग-अलग कीटनाशक अवशेषों की जांच की। इसके बाद इसकी तुलना बाजार में मिलने वाले ऑर्गेनिक और सामान्य शहद से की गई।

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जांच में पाया गया कि इन फार्मों से मिला शहद ऑर्गेनिक शहद के बराबर साफ था। इसमें कीटनाशक अवशेषों की मात्रा बहुत कम थी और यह आयात किए गए ऑर्गेनिक शहद के स्तर के समान थी। वहीं सामान्य शहद में रासायनिक अवशेषों की मात्रा अधिक पाई गई।

बदल सकते हैं ऑर्गेनिक शहद के नियम

वैज्ञानिकों का कहना है कि यह अध्ययन साबित करता है कि अमेरिका में छोटे ऑर्गेनिक फार्मों पर भी ऐसा शहद तैयार किया जा सकता है जो ऑर्गेनिक मानकों को पूरा कर सके।

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अगर सरकार भविष्य में ऑर्गेनिक शहद के नियमों में बदलाव करती है, तो अमेरिका के कई मधुमक्खी पालकों को आर्थिक लाभ मिल सकता है। देश में पहले से ही कई पालक ऑर्गेनिक तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन मौजूदा नियमों के कारण वे आधिकारिक ऑर्गेनिक बाजार में शामिल नहीं हो पा रहे हैं।

शोधकर्ताओं की अगली योजना अमेरिका के अन्य हिस्सों में भी ऐसे परीक्षण करने की है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन क्षेत्रों में ऑर्गेनिक शहद उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सकता है।

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