

हर फूल का पराग नहीं पूर्ण आहार, मधुमक्खियों को चाहिए संतुलित पोषण; शोध ने फूलों की विविधता को बताया बेहद जरूरी।
नए अध्ययन में खुलासा, मधुमक्खियां पहचानती हैं बेहतर पोषण वाला भोजन और जरूरत के अनुसार पराग संग्रह करती हैं।
ऑक्सफोर्ड शोध से पता चला, अलग-अलग फूलों का पराग मिलकर मधुमक्खियों को देता है बेहतर पोषण संतुलन और स्वास्थ्य।
एकल फूलों पर निर्भरता बढ़ा सकती है खतरा, जंगली मधुमक्खियों के लिए जरूरी है विविध फूलों वाला पर्यावरण।
वैज्ञानिकों का संदेश, मधुमक्खी संरक्षण के लिए सिर्फ ज्यादा फूल नहीं बल्कि पोषक तत्वों से भरपूर फूल जरूरी हैं।
आमतौर पर माना जाता है कि फूल मधुमक्खियों के लिए सबसे अच्छा भोजन होते हैं। लेकिन एक नए शोध से पता चला है कि हर फूल का पराग (पोलन) मधुमक्खियों की सभी पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा नहीं करता। कुछ फूलों का पराग देखने में भरपूर हो सकता है, लेकिन उसमें जरूरी पोषक तत्वों का सही संतुलन नहीं होता।
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के नेतृत्व में किए गए इस शोध में पाया गया कि मधुमक्खियां केवल ज्यादा से ज्यादा पराग इकट्ठा नहीं करतीं, बल्कि वे यह भी पहचान सकती हैं कि उनके भोजन में जरूरी अमीनो एसिड (प्रोटीन के छोटे घटक) का संतुलन ठीक है या नहीं। अगर भोजन में पोषक तत्वों का संतुलन खराब हो, तो मधुमक्खियां उसकी मात्रा कम कर सकती हैं।
यह अध्ययन वैज्ञानिक पत्रिका ‘करंट बायोलॉजी’ में प्रकाशित हुआ है। इसके नतीजे बताते हैं कि मधुमक्खियों के संरक्षण के लिए केवल अधिक फूल लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अलग-अलग प्रकार के फूल उपलब्ध कराना भी जरूरी है।
पराग में छिपी पोषण की समस्या
मधुमक्खियों को ऊर्जा मुख्य रूप से फूलों के रस यानी नेक्टर से मिलती है, जबकि पराग उन्हें प्रोटीन देता है। यह प्रोटीन उनके शरीर के विकास, ऊतकों की मरम्मत और प्रजनन के लिए जरूरी होता है।
लेकिन पराग का निर्माण मधुमक्खियों को पोषण देने के लिए नहीं, बल्कि पौधों के प्रजनन के लिए होता है। इसलिए अलग-अलग पौधों के पराग में पोषक तत्वों की मात्रा अलग-अलग होती है। किसी फूल के पराग में एक अमीनो एसिड ज्यादा हो सकता है, जबकि दूसरा जरूरी अमीनो एसिड कम हो सकता है।
शोधकर्ताओं ने ब्रिटेन की 99 फूलों वाली पौधों की प्रजातियों के पराग का अध्ययन किया। उन्होंने देखा कि अधिकतर पराग मधुमक्खियों के शरीर में पाए जाने वाले पोषक तत्वों के सही अनुपात से मेल नहीं खाते थे।
मधुमक्खियां पहचान लेती हैं सही भोजन
वैज्ञानिकों ने प्रयोगशाला में मधुमक्खियों को अलग-अलग प्रकार के कृत्रिम भोजन दिए। कुछ भोजन में अमीनो एसिड का अनुपात अलग-अलग फूलों के पराग जैसा रखा गया, जबकि कुछ भोजन मधुमक्खियों के शरीर की जरूरतों के अनुसार तैयार किए गए।
परिणामों में पाया गया कि जिन मधुमक्खियों को उनके शरीर के लिए बेहतर संतुलित भोजन मिला, उन्होंने ज्यादा भोजन खाया, उनका वजन भी अधिक बढ़ा और उन्होंने ज्यादा प्रोटीन वाला भोजन चुना।
शोधकर्ताओं ने विशेष रूप से हिस्टिडीन नामक अमीनो एसिड का अध्ययन किया। यह मधुमक्खियों के लिए जरूरी है, लेकिन इसकी मात्रा अधिक होने पर मधुमक्खियां खाना कम कर देती हैं। इससे पता चलता है कि उनके शरीर में ऐसा तंत्र मौजूद हो सकता है जो भोजन के पोषण संतुलन को पहचानता है।
छत्ते में भोजन को बेहतर बनाती हैं मधुमक्खियां
शहद की मक्खियों ने इस समस्या से निपटने का एक खास तरीका विकसित किया है। वे अलग-अलग फूलों से पराग इकट्ठा करती हैं और उसे छत्ते में जमा करके “बी ब्रेड” बनाती हैं।
इसके बाद नर्स मधुमक्खियां इस भोजन को खाकर उसमें मौजूद पोषक तत्वों को बदलती हैं और लार ग्रंथियों से विशेष पोषक स्राव बनाती हैं। यही स्राव छोटे बच्चों यानी लार्वा को खिलाया जाता है।
शोध में पाया गया कि बी ब्रेड में अलग-अलग पराग स्रोतों को मिलाने के कारण पोषक तत्वों का संतुलन बेहतर हो जाता है। वहीं रॉयल जेली नामक स्राव मधुमक्खियों के शरीर की जरूरतों के और भी करीब होता है।
जंगली मधुमक्खियों के लिए बढ़ सकता है खतरा
शहद की मधुमक्खियों की तुलना में जंगली मधुमक्खियां इस समस्या से ज्यादा प्रभावित हो सकती हैं। कई जंगली मधुमक्खियां अपने बच्चों को सीधे पराग खिलाती हैं और उसे छत्ते में बदलकर बेहतर पोषण वाला भोजन नहीं बनातीं। अगर किसी इलाके में केवल एक या दो प्रकार के फूल बड़ी मात्रा में उगाए जाते हैं, तो मधुमक्खियों को बहुत सारा पराग तो मिल सकता है, लेकिन उसमें जरूरी पोषक तत्वों का संतुलन नहीं हो सकता।
मधुमक्खियों के लिए जरूरी है फूलों की विविधता
वैज्ञानिकों का कहना है कि बगीचों, खेतों और संरक्षण क्षेत्रों में मधुमक्खियों के लिए कई प्रकार के फूल लगाने चाहिए। ऐसे फूल होने चाहिए जो पूरे मौसम में अलग-अलग समय पर खिलते रहें।
अध्ययन यह संदेश देता है कि मधुमक्खियों की रक्षा के लिए केवल फूलों की संख्या बढ़ाना काफी नहीं है। उन्हें स्वस्थ रखने के लिए अलग-अलग पौधों से मिलने वाले विविध और संतुलित पोषण की जरूरत होती है। एक विविध फूलों वाला वातावरण मधुमक्खियों को बेहतर भोजन चुनने और स्वस्थ रहने में मदद कर सकता है।