

एनजीटी के समक्ष पेश संयुक्त समिति की रिपोर्ट ने बीकानेर के खारा ग्रोथ सेंटर की चिंताजनक तस्वीर सामने रखी है, जहां 29 उद्योग बिना वैध अनुमति के चलते पाए गए और 19 इकाइयों के खिलाफ बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं।
गांव से महज 30 मीटर दूर स्थित औद्योगिक गतिविधियां, टूटी सड़कें, उड़ती धूल और हरित क्षेत्र की कमी इस क्षेत्र को गंभीर पर्यावरणीय जोखिम की ओर धकेल रही हैं।
हालांकि स्वास्थ्य प्रभावों को सीधे प्रदूषण से जोड़ने के निर्णायक वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिले, लेकिन रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि यदि नियामक खामियों और बुनियादी ढांचे की कमजोरियों को तत्काल नहीं सुधारा गया तो खारा ग्रोथ सेंटर भविष्य में बड़े पर्यावरणीय और सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकता है।
राजस्थान के बीकानेर में खारा के ग्रोथ सेंटर से फैल रहे प्रदूषण और उसके स्वास्थ्य प्रभावों को लेकर दायर शिकायतों पर गठित संयुक्त समिति ने 13 अप्रैल 2026 को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के समक्ष अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। इस रिपोर्ट में औद्योगिक क्षेत्र में कई गंभीर खामियां उजागर हुई हैं, हालांकि स्वास्थ्य प्रभावों को सीधे औद्योगिक प्रदूषण से जोड़ने के लिए संयुक्त समिति को पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिले हैं।
यह रिपोर्ट नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की केंद्रीय पीठ द्वारा 12 फरवरी, 2026 को दिए आदेश पर अदालत में सौंपी गई है।
गांव से महज 30 मीटर दूर इंडस्ट्रियल जोन
समिति ने बताया कि राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम लिमिटेड (रीको) ने 1994 में बीकानेर जिले के खारा में ग्रोथ सेंटर विकसित किया था, जिसे सामान्य, सिरेमिक और मिनरल जोन में विभाजित किया गया। चिंताजनक तथ्य यह है कि मिनरल जोन का एक हिस्सा खारा गांव से महज 30 मीटर दूरी पर स्थित है, जिससे स्थानीय आबादी पर प्रदूषण का खतरा बढ़ गया है।
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (आरएसपीसीबी) के रिकॉर्ड के अनुसार, ग्रोथ सेंटर में कुल 243 उद्योग हैं, जिनमें से 205 उद्योग अभी चल रहे हैं, जबकि 38 बंद पाए गए।
यह भी सामने आया है कि चल रहे 205 उद्योगों में रेड, ऑरेंज, ग्रीन और व्हाइट श्रेणी की इकाइयां शामिल हैं। इनमें से 151 इकाइयों के पास संचालन के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वैध सहमति (कंसेंट टू ऑपरेट) है, जबकि 29 उद्योग बिना वैध अनुमति के चलते पाए गए। रिपोर्ट में पुष्टि की गई है कि इनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
यह भी सामने आया है कि खारा ग्रोथ सेंटर में प्रदूषण नियंत्रण उपायों का पालन सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के बीकानेर क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा नियमित निरीक्षण किया जा रहा है।
19 उद्योगों को बंद करने के आदेश
राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, 1 जनवरी 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 और जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के उल्लंघन पर खारा ग्रोथ सेंटर की 19 उद्योग इकाइयों को बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। समिति ने पाया कि क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण उपायों की निगरानी नियमित रूप से की जा रही है, लेकिन जमीनी हालात अब भी चिंताजनक हैं।
संयुक्त समिति ने वायु गुणवत्ता को प्रभावित करने वाले मौसम संबंधी कारकों पर भी विचार किया। समिति ने पाया कि सर्दियों के महीनों, विशेषकर नवंबर से दिसंबर में, तापमान उलटाव (टेम्परेचर इनवर्जन), हवा की धीमी गति और प्रदूषकों के कम फैलाव जैसी परिस्थितियों के कारण प्रदूषक जमीन के पास जमा हो जाते हैं। इससे प्रदूषण का स्तर अस्थाई रूप से बढ़ सकता है और स्थानीय वायु गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
धूल, धुआं और टूटी सड़कें बनीं संकट की वजह
निरीक्षण के दौरान समिति ने पाया कि क्षेत्र की अधिकांश सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही के दौरान भारी मात्रा में धूल उड़ रही है और वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। साथ ही, ग्रीन बेल्ट/पौधारोपण की व्यवस्था औद्योगिक गतिविधियों के अनुपात में बेहद कम पाई गई।
संयुक्त समिति ने दिसंबर 2025 की मीडिया रिपोर्टों में सामने आए स्कूलों में कम उपस्थिति के मुद्दे की भी जांच की। सत्यापन के लिए खारा गांव के चार स्कूलों की नवंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच बच्चों की उपस्थिति की समीक्षा की गई।
स्कूल प्रशासन के अनुसार, इस अवधि में उपस्थिति में उतार-चढ़ाव मुख्यतः छुट्टियों, त्योहारों और आसपास के अवकाश वाले दिनों के कारण रहा। ऐसे में उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर इस दावे की पुष्टि नहीं हो पाई कि पर्यावरण प्रदूषण के कारण लगातार विद्यार्थी अनुपस्थित हो रहे थे।
स्वास्थ्य प्रभावों की जांच के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने खारा गांव और आसपास के औद्योगिक क्षेत्र में घर-घर स्वास्थ्य सर्वेक्षण किया। सर्वेक्षण के दौरान 694 परिवारों में से 121 लोगों में सांस संबंधी बीमारियों के लक्षण पाए गए। इन सभी को विस्तृत जांच के लिए रेफर किया गया और 28 मार्च 2026 को एक चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया।
जांच में सिलिकोसिस का नहीं मिला कोई मामला
हालांकि चिकित्सा विभाग की 9 अप्रैल 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, जांच में किसी भी व्यक्ति में सिलिकोसिस नहीं पाया गया। चिन्हित मरीजों की उच्च स्तरीय चिकित्सा जांच के लिए विभाग को पत्र भेजा गया है।
समिति ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर सांस संबंधी रोगों को सीधे औद्योगिक प्रदूषण का परिणाम नहीं माना जा सकता, क्योंकि इसके लिए विस्तृत एक्सपोजर असेसमेंट आवश्यक है।
रीको लिमिटेड के मुताबिक खारा ग्रोथ सेंटर के मिनरल जोन में सड़क निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। इसका निर्माण कार्य अगले महीने शुरू होने की संभावना है। समिति को यह भी जानकारी दी गई है कि सड़कों को चौंड़ा करने, ग्रीन बेल्ट के विकास और पार्कों के निर्माण के लिए 2,943.44 लाख रुपए का अतिरिक्त प्रस्ताव स्वीकृति हेतु रीको के जयपुर स्थित मुख्यालय को भेजा गया है।
खारा ग्रोथ सेंटर उद्योग संघ ने 16 जनवरी 2026 को पत्र के माध्यम से जानकारी दी है कि पिछले वर्ष औद्योगिक क्षेत्र में पौधारोपण किया गया था तथा आगामी मानसून में भी व्यापक पौधारोपण की योजना है।
कुल मिलाकर, समिति रिपोर्ट बताती है कि भले ही स्वास्थ्य प्रभावों को सीधे प्रदूषण से जोड़ने के निर्णायक प्रमाण न मिले हों, लेकिन खारा ग्रोथ सेंटर में नियमों की अनदेखी, कमजोर बुनियादी ढांचा और हरित क्षेत्र की कमी यह संकेत देते हैं कि यदि समय रहते सुधार के लिए कदम न उठाए गए तो यह औद्योगिक क्षेत्र भविष्य में गंभीर पर्यावरणीय संकट का केंद्र बन सकता है।