

स्थानीय भूमि उभार और गुरुत्वाकर्षण के कारण ग्रीनलैंड के आस-पास समुद्र का स्तर 2100 तक 0.9 से 2.5 मीटर तक घट सकता है।
ग्रीनलैंड की बर्फ की चादर हर साल लगभग 200 अरब टन बर्फ खो रही है, जिससे समुद्र का स्थानीय स्तर घटेगा।
भूमि का उभार तेजी से हो रहा है, जिससे समुद्र का स्तर घटने में प्रमुख योगदान और स्थानीय बदलाव दिखाई देगा।
ग्रीनलैंड की गुरुत्वीय खिंचाव कम होने से समुद्र का पानी दूर जाता है, स्थानीय समुद्र स्तर लगभग 30 फीसदी और घटता है।
कम उत्सर्जन पर समुद्र स्तर 0.9 मीटर और उच्च उत्सर्जन पर 2.5 मीटर तक गिर सकता, तटीय इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रभावित होगा।
पूरी दुनिया में जलवायु परिवर्तन के कारण समुद्र का स्तर बढ़ रहा है। ग्लोबल वार्मिंग की वजह से ग्लेशियर पिघल रहे हैं और महासागरों में पानी बढ़ रहा है। लेकिन हाल ही में नेचर कम्युनिकेशन्स पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि ग्रीनलैंड के आस-पास समुद्र का स्तर बढ़ने के बजाय घट सकता है।
ग्रीनलैंड की बर्फ की चादर, जो लगभग पूरी द्वीप भूमि को ढकती है, हर साल लगभग 200 अरब टन बर्फ खो रही है। इसके बावजूद ग्रीनलैंड के तटों पर समुद्र का स्तर घटने की संभावना है। यह सुनने में विरोधाभासी लगता है, लेकिन इसके पीछे विज्ञान है।
बर्फ के नीचे की जमीन की उभार
सबसे पहला कारण है ग्रीनलैंड के नीचे की जमीन का ऊपर उठना। ग्रीनलैंड का बर्फ का आवरण इतना भारी है कि यह जमीन को नीचे दबा देता है। जैसे ही बर्फ पिघलती है, यह दबाव कम होता है और जमीन धीरे-धीरे ऊपर उठती है। वैज्ञानिक इसे एक “मेमोरी फोम गद्दे” के जैसा बताते हैं। जब कोई व्यक्ति गद्दे पर लेटता है और फिर उठता है, तो गद्दा धीरे-धीरे अपनी मूल स्थिति में लौटता है। ग्रीनलैंड में भी बर्फ के वजन के घटने से जमीन ऊपर उठ रही है।
इस जमीन के उठने से समुद्र का स्तर स्थानीय तौर पर घट जाता है। अध्ययन में पाया गया कि यह उभार पिछले अनुमान से तेज हो रहा है।
गुरुत्वाकर्षण का असर
दूसरा कारण है गुरुत्वाकर्षण। बड़ा बर्फ का आवरण अपने भारीपन से समुद्र की सतह को अपनी ओर खींचता है। इसका मतलब है कि बर्फ वाले इलाके के आस-पास समुद्र का स्तर अधिक रहता है। लेकिन जैसे ही बर्फ पिघलती है और उसका द्रव्यमान कम होता है, उसका गुरुत्वाकर्षण कम हो जाता है। परिणामस्वरूप समुद्र का पानी दूर चला जाता है और स्थानीय समुद्र का स्तर गिर जाता है।
अध्ययन के अनुसार, यह गुरुत्वीय प्रभाव ग्रीनलैंड में समुद्र स्तर गिरने में लगभग 30 फीसदी योगदान देता है।
समुद्र का स्तर घटने की भविष्यवाणी
अध्ययन ने दो तरह के भविष्य के परिदृश्य तैयार किए हैं -
कम उत्सर्जन वाला परिदृश्य : यदि दुनिया में ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन कम रखा जाता है, तो 2100 तक ग्रीनलैंड के तटों पर समुद्र का स्तर लगभग 0.9 मीटर यानी तीन फीट तक घट सकता है।
अधिक उत्सर्जन वाला परिदृश्य : अगर उत्सर्जन बढ़ता है, तो समुद्र का स्तर 2.5 मीटर यानी आठ फीट से अधिक गिर सकता है।
इसका मतलब है कि ग्रीनलैंड के तट अन्य जगहों के विपरीत प्रभावित होंगे।
स्थानीय प्रभाव
ग्रीनलैंड में समुद्र का स्तर घटने से स्थानीय समुदायों पर बड़ा असर पड़ेगा। तटीय इलाकों की इमारतें और बंदरगाह अब पानी के स्तर के लिए नहीं बने हैं। इसके परिणामस्वरूप जहाजरानी, मछली पकड़ने और अन्य बुनियादी ढांचे पर असर पड़ सकता है।
एक अन्य संभावना यह है कि समुद्र स्तर के घटने से कुछ ग्लेशियर समुद्र में स्थिर हो सकते हैं और उनका नुकसान धीमा हो सकता है। लेकिन अभी यह साफ नहीं है कि घटा हुआ समुद्र स्तर पर्याप्त होगा या नहीं।
वैज्ञानिक नजरिया
इस अध्ययन में ग्रीनलैंड के समुद्र स्तर में बदलाव को समझने के लिए इतिहास और हाल के उपग्रह के आंकड़े दोनों का उपयोग किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि ग्रीनलैंड में जमीन का उभार और गुरुत्वीय प्रभाव पहले की तुलना में तेज है।
इस प्रकार के अध्ययन से पता चलता है कि समुद्र स्तर के परिवर्तन को समझने के लिए स्थानीय और क्षेत्रीय स्तर पर आंकड़े बहुत महत्वपूर्ण है। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में समुद्र का स्तर अलग तरह से बदल सकता है।
ग्रीनलैंड एक विशेष उदाहरण है, जहां समुद्र का स्तर घटने की संभावना है, जबकि बाकी दुनिया में यह बढ़ रहा है। यह दर्शाता है कि हर क्षेत्र में समुद्र स्तर को प्रभावित करने वाले कारक अलग होते हैं।
ग्रीनलैंड में समुद्र स्तर घटने की घटना हमें यह सिखाती है कि जलवायु परिवर्तन के प्रभाव हर जगह समान नहीं होते। स्थानीय भूगर्भीय प्रक्रियाएं और बर्फ के द्रव्यमान में बदलाव समुद्र स्तर के स्थानीय पैटर्न को बदल सकते हैं।
वैज्ञानिकों का मानना है कि भविष्य में समुद्र स्तर के पूर्वानुमान और योजना बनाते समय स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखना अत्यंत आवश्यक होगा। ग्रीनलैंड का यह अध्ययन हमें दिखाता है कि प्रकृति कभी-कभी हमारी सामान्य समझ के विपरीत भी काम कर सकती है।