243 शहरों का रिपोर्ट कार्ड: 40 फीसदी में हवा साफ, 54 फीसदी में संतोषजनक, भिवानी सहित छह फीसदी में चिंताजनक

दिल्ली-फरीदाबाद में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 69 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 74 पर पहुंच गया।
243 शहरों का रिपोर्ट कार्ड: 40 फीसदी में हवा साफ, 54 फीसदी में संतोषजनक, भिवानी सहित छह फीसदी में चिंताजनक
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सारांश
  • देश की हवा में राहत और चिंता की दो तस्वीरें एक साथ सामने आई हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के 243 शहरों के ताजा आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि करीब 40 फीसदी शहरों में हवा साफ, 54 फीसदी में संतोषजनक और केवल 6 फीसदी शहरों में वायु गुणवत्ता चिंताजनक रही।

  • हालांकि हरियाणा का भिवानी 159 एक्यूआई के साथ देश का सबसे प्रदूषित शहर बनकर उभरा, जहां हवा में पीएम2.5 का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से 950 फीसदी अधिक दर्ज किया गया।

  • इसके विपरीत मदिकेरी सबसे स्वच्छ शहर रहा, जहां एक्यूआई महज 14 रहा। दिल्ली और फरीदाबाद में पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदूषण बढ़ा है।

  • दिल्ली का एक्यूआई 69 से बढ़कर 74 और फरीदाबाद का 80 से बढ़कर 113 पहुंच गया, जिससे फरीदाबाद की हवा संतोषजनक से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई।

  • राहत की बात यह है कि एक दिन पहले सबसे प्रदूषित रहे धौलपुर में 266 अंकों के सुधार के साथ एक्यूआई 298 से घटकर 32 पर आ गया। कुल मिलाकर, देश के अधिकांश शहरों में हवा फिलहाल सांस लेने लायक बनी हुई है, लेकिन कुछ शहरों में प्रदूषण के बढ़ते स्तर लगातार सतर्क रहने का संकेत दे रहे हैं।

सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 06 अगस्त 2026 को देश में भिवानी सबसे प्रदूषित रहा। इस दौरान वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 159 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (05 अगस्त) सरकारी आंकड़ों में भिवानी का जिक्र नहीं था।

रुझानों में यह भी सामने आया है कि भिवानी की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है। भिवानी में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 950 फीसदी अधिक है।

दूसरी तरफ देश में मदिकेरी की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 14 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर भिवानी की तुलना मदिकेरी से करें तो वहां स्थिति 11.3 गुणा खराब है।

इससे पहले कल धौलपुर में स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 298 दर्ज किया गया था। हालांकि आज 266 अंकों के भारी सुधार के साथ धौलपुर में सूचकांक 32 पर पहुंच गया है। इसके साथ ही 24 घंटों में धौलपुर में स्थिति खराब से बेहतर हो गई है।

दिल्ली में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 69 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 74 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता में 5 अंकों का उछाल आया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक बनी हुई है।

2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 05 अगस्त को दर्ज किया गया, जब एक्यूआई 48 रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह 12 जून 2026 को सूचकांक 73 और 30 मई को 85 रिकॉर्ड किया गया। वहीं 05 मई को सूचकांक 86, जबकि 04 मई को 88 दर्ज हुआ। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।

दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में इजाफा हुआ है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 80 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 113 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 33 अंको के उछाल के साथ फरीदाबाद में आज वायु गुणवत्ता संतोषजनक से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 06 अगस्त 2026 को 243 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 40 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 54 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 6 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।

कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 4.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों में 9.2 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई। वहीं दूसरी तरफ मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में कल से 44.4 फीसदी की कमी आई है, जोकि राहत की खबर है।   

आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में पाली (135) दूसरे जबकि सोनीपत (134) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह सिलीगुड़ी (122) चौथे स्थान पर है। भागलपुर (121) – जैसलमेर (120) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।

गुम्मिडीपूंडी (119) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में मंडी गोबिंदगढ़ (118), वातवा (117) और फरीदाबाद (113) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के तीन शहर (भिवानी, सोनीपत और फरीदाबाद) शामिल हैं।

विश्लेषण से यह भी पता चला है कि भिवानी, पाली, भागलपुर, गुम्मिडीपूंडी, फरीदाबाद आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं। वहीं सोनीपत, जैसलमेर, मंडी गोबिंदगढ़, वातवा, पीथमपुर, सिवान, टोंक आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।

इन शहरों के विपरीत देश के 40 फीसदी यानी 97 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में कोयंबटूर, कुड्डालोर, कटक, दमोह, धौलपुर, डोंबिवली, दुर्गापुर, एलुरु, फतेहपुर सीकरी, गडग, हाजीपुर, हापुड़, हैदराबाद, जलगांव, कलबुर्गी, कारवार, क्योंझर, कोल्हापुर, कोरबा, कुंजेमुरा, कुरनूल, कुरुक्षेत्र, लातूर, मदिकेरी, मदुरै, महाद, मैहर, मानेसर, मैंगलोर, मथुरा, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मुंबई, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, नागपुर, नाहरलागुन, नांदेड़, नासिक, नवी मुंबई, पंचगांव, पंचकुला, परभणी, पटियाला, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, पुडुचेरी, पुणे, रायपुर, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, रामनगर, रतलाम, ऋषिकेश, रोहतक, राउरकेला, सागर, सहरसा, सांगली, शिलांग, शिवमोगा, सीकर, सिलचर, सोलापुर, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर, तिरुमाला आदि शामिल हैं।

इसी तरह देश के 131 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें भोपाल, भुवनेश्वर, बीकानेर, बिलाईपाड़ा, बोईसर, बूंदी, बर्नीहाट (असम), बर्नीहाट (मेघालय), चरखी दादरी, चेन्नई, छपरा, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, चूरू, दौसा, दिल्ली, देवास, धारूहेड़ा, धारवाड़, धुले, डूंगरपुर, एलूर, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, गांधीनगर, गया, गाजियाबाद, गोरखपुर, ग्रेटर नोएडा, गुंटूर, गुरुग्राम, ग्वालियर, हनुमानगढ़, हिंगोली, हावड़ा, इंदौर, जबलपुर, जयपुर, जालंधर, जलना, जालोर, झालावाड़, झांसी, झुंझुनू, जींद, जोधपुर, जोरापोखर, काकीनाडा, कल्याण, कन्नूर, कानपुर, करनाल, कटनी, खैरथल, खन्ना, खोरा, खुर्जा, किशनगंज, कोहिमा, कोलकाता, कोटा, लखनऊ, लुधियाना, मछलीपट्टनम, मालेगांव, मंडीदीप, मंगुराहा, मेरठ, मेहसाणा, मुजफ्फरनगर, मैसूरु, नागांव, नागौर, नलबाड़ी, नंदेसरी, नारनौल, नेल्लोर, नोएडा, पंपोर, पानीपत, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पूर्णिया, रायबरेली, राजकोट आदि शहर शामिल हैं।

इन शहरों के उलट आज देश के 15 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

इनमें बद्दी, भागलपुर, भिवानी, फरीदाबाद, गुम्मिडीपूंडी, जैसलमेर, कैथल, मंडी गोबिंदगढ़, पाली, पीथमपुर, सिलीगुड़ी, सिवान, सोनीपत, टोंक, वातवा आदि शामिल हैं।

क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 243 में से 97 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 131 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 05 अगस्त को यह आंकड़ा 120 दर्ज किया गया था।

15 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।

दूसरे शहरों की तुलना में आज भिवानी में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 159 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (05 अगस्त) सरकारी आंकड़ों में भिवानी का जिक्र नहीं था।

इससे पहले कल धौलपुर में स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 298 दर्ज किया गया था। हालांकि आज 266 अंकों के भारी सुधार के साथ धौलपुर में सूचकांक 32 पर पहुंच गया है। इसके साथ ही 24 घंटों में धौलपुर में स्थिति खराब से बेहतर हो गई है।

दिल्ली में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 69 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 74 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता में 5 अंकों का उछाल आया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक बनी हुई है।

दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में इजाफा हुआ है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 80 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 113 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 33 अंको के उछाल के साथ फरीदाबाद में आज वायु गुणवत्ता संतोषजनक से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है।

प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 06 अगस्त को सिलीगुड़ी (122) चौथे स्थान पर है, वहीं पाली (135) दूसरे, जबकि सोनीपत (134) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 51, गाजियाबाद में 82, गोरखपुर में 55, गुरूग्राम में 90, नोएडा में 76, ग्रेटर नोएडा में 97 पर पहुंच गया है।

इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 46 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘बेहतर‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 54, चेन्नई में 80, चंडीगढ़ में 38, हैदराबाद में 45, जयपुर में 92 और पटना में 49 दर्ज किया गया।

इन शहरों में साफ रही हवा

देश के जिन 97 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें अहमदनगर, अकोला, अमरावती (महाराष्ट्र), बदलापुर, बहादुरगढ़, बरेली, बारीपाड़ा, बैरकपुर, बीड, बेगूसराय, बेलापुर, भरतपुर, भिलाई, बिलासपुर, ब्रजराजनगर, बुलंदशहर, चामराजनगर, चंडीगढ़, चंद्रपुर, छाल, चिक्काबल्लापुर, चिक्कमगलुरु, कोयंबटूर, कुड्डालोर, कटक, दमोह, धौलपुर, डोंबिवली, दुर्गापुर, एलुरु, फतेहपुर सीकरी, गडग, हाजीपुर, हापुड़, हैदराबाद, जलगांव, कलबुर्गी, कारवार, क्योंझर, कोल्हापुर, कोरबा, कुंजेमुरा, कुरनूल, कुरुक्षेत्र, लातूर, मदिकेरी, मदुरै, महाद, मैहर, मानेसर, मैंगलोर, मथुरा, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मुंबई, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, नागपुर, नाहरलागुन, नांदेड़, नासिक, नवी मुंबई, पंचगांव, पंचकुला, परभणी, पटियाला, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, पुडुचेरी, पुणे, रायपुर, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, रामनगर, रतलाम, ऋषिकेश, रोहतक, राउरकेला, सागर, सहरसा, सांगली, शिलांग, शिवमोगा, सीकर, सिलचर, सोलापुर, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर, तिरुमाला, तुमडीह, उल्हासनगर, वापी, वाराणसी, विजयपुरा, विरार, वृंदावन शामिल हैं।

वहीं अगरतला, आगरा, अहमदाबाद, अजमेर, अलवर, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अंबाला, अंबरनाथ, अमृतसर, अंगुल, अंकलेश्वर, आसनसोल, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बागलकोट, बालासोर, बल्लभगढ़, बांसवाड़ा, बारां, बाड़मेर, बेंगलुरु, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, भिवंडी, भोपाल, भुवनेश्वर, बीकानेर, बिलाईपाड़ा, बोईसर, बूंदी, बर्नीहाट (असम), बर्नीहाट (मेघालय), चरखी दादरी, चेन्नई, छपरा, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, चूरू, दौसा, दिल्ली, देवास, धारूहेड़ा, धारवाड़, धुले, डूंगरपुर, एलूर, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, गांधीनगर, गया, गाजियाबाद, गोरखपुर, ग्रेटर नोएडा, गुंटूर, गुरुग्राम, ग्वालियर, हनुमानगढ़, हिंगोली, हावड़ा, इंदौर, जबलपुर, जयपुर, जालंधर, जलना, जालोर, झालावाड़, झांसी, झुंझुनू, जींद, जोधपुर, जोरापोखर, काकीनाडा, कल्याण, कन्नूर, कानपुर, करनाल, कटनी, खैरथल, खन्ना, खोरा, खुर्जा, किशनगंज, कोहिमा, कोलकाता, कोटा, लखनऊ, लुधियाना, मछलीपट्टनम, मालेगांव, मंडीदीप, मंगुराहा, मेरठ, मेहसाणा, मुजफ्फरनगर, मैसूरु, नागांव, नागौर, नलबाड़ी, नंदेसरी, नारनौल, नेल्लोर, नोएडा, पंपोर, पानीपत, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पूर्णिया, रायबरेली, राजकोट, राजसमंद, रूपनगर, समस्तीपुर, सतारा, सतना, सवाई माधोपुर, शामली, सिरोही, सिरसा, श्री गंगानगर, श्रीनगर, सूरत, तालचेर, थूथुकुडी, तिरुपति, तुमकुरु, उदयपुर, उज्जैन, वडोदरा, विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम, यमुना नगर आदि 131 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।

क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक

देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।

इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।

यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।

ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।

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