बड़े शहरों तक सीमित नहीं प्रदूषण, सवाई माधोपुर में 214, बर्नीहाट में 201 एक्यूआई

02 जून 2026 को 232 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि जहां करीब 18.1 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 59.9 फीसदी में स्थिति संतोषजनक, जबकि 22 फीसदी में हालात चिंताजनक हैं
बड़े शहरों तक सीमित नहीं प्रदूषण, सवाई माधोपुर में 214, बर्नीहाट में 201 एक्यूआई
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सारांश
  • देश में वायु प्रदूषण अब केवल दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े महानगरों की समस्या नहीं रह गया। 2 जून 2026 को जारी सरकारी आंकड़े बताते हैं कि राजस्थान का सवाई माधोपुर 214 एक्यूआई के साथ देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया, जबकि असम का बर्नीहाट 201 एक्यूआई के साथ दूसरे स्थान पर रहा।

  • चिंताजनक बात यह है कि सवाई माधोपुर में महज 24 घंटे के भीतर प्रदूषण 104 से बढ़कर 214 पर पहुंच गया, यानी 110 अंकों का उछाल दर्ज किया गया। वहां ओजोन प्रदूषण का स्तर इतना अधिक है कि यह विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से 250 फीसदी ऊपर पहुंच गया है।

  • दूसरी ओर, असम के नलबाड़ी में एक्यूआई केवल 23 दर्ज किया गया, जिससे साफ और प्रदूषित शहरों के बीच की खाई स्पष्ट होती है।

  • 232 शहरों के विश्लेषण से पता चला कि 18.1 फीसदी शहरों में हवा साफ, 59.9 फीसदी में संतोषजनक और 22 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं।

  • बिहार के सहरसा और हाजीपुर भी देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल रहे। हालांकि सीकर में एक दिन पहले के 333 एक्यूआई से गिरकर 83 पर पहुंचना राहत का संकेत है, लेकिन आंकड़े यह भी दर्शाते हैं कि प्रदूषण का संकट अब छोटे और मध्यम शहरों में तेजी से गहराता जा रहा है, जहां स्वास्थ्य पर इसका असर लगातार बढ़ रहा है।

सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 02 जून 2026 को देश में सवाई माधोपुर सबसे प्रदूषित शहर रहा। इस दौरान यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 214 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। इससे पहले कल सवाई माधोपुर में सूचकांक 104 दर्ज किया गया। मतलब की कल से वहां प्रदूषण में 110 अंकों का भारी उछाल आया है।

रुझानों में यह भी सामने आया है कि सवाई माधोपुर की हवा में ओजोन पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।

सवाई माधोपुर में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 250 फीसदी अधिक है।

दूसरी तरफ देश में नलबाड़ी की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 23 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर सवाई माधोपुर की तुलना नलबाड़ी से करें तो वहां स्थिति 9.3 गुणा खराब है।

बता दें कि कल देश में सीकर की हवा सबसे ज्यादा खराब थी, जब सूचकांक 333 दर्ज किया गया। हालांकि आज 250 अंकों के भारी सुधार के साथ वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 83 पर पहुंच गया है। मतलब की सीकर में आज वायु गुणवत्ता बेहद खराब से संतोषजनक हो गई है।

राजधानी दिल्ली में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 105 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 106 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां सूचकांक में एक अंक का मामूली उछाल दर्ज किया गया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है। 

बता दें कि इससे पहले 2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 30 मई को दर्ज किया गया था, जब एक्यूआई 85 पर पहुंच गया। वहीं 20 मार्च और आठ अप्रैल 2026 को एक्यूआई 93 रिकॉर्ड किया गया था। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।

दिल्ली के उलट फरीदाबाद में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 236 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 171 पर पहुंच गया। इसके साथ ही फरीदाबाद में आज वायु गुणवत्ता सूचकांक एक बार फिर खराब से मध्यम श्रेणी में पहुंच गया।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 02 जून 2026 को 232 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 18.1 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 59.9 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 22 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।

कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 6.7 फीसदी की गिरावट आई है। दूसरी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में भी 9.4 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की बात करें तो इनकी संख्या में कल से दो फीसदी की कमी आई है। खराब हवा वाले शहरों की स्थिति में गिरावट आई है। इसके साथ ही इन शहरों का आंकड़ा 60 फीसदी घट गया, जोकि राहत की खबर है।    

आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में असम का बर्नीहाट (201) दूसरे जबकि परभणी (199) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह अंगुल (195) चौथे स्थान पर है। सहरसा (190)- सिंगरौली (189) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।

हाजीपुर (178) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में बद्दी (176), मेरठ (172) और फरीदाबाद (171) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में बिहार के दो शहर (सहरसा, हाजीपुर) शामिल हैं।

विश्लेषण से यह भी पता चला है कि बर्नीहाट (असम), सहरसा, हाजीपुर, फरीदाबाद, पानीपत, मंगुराहा, मुजफ्फरपुर, बिलाईपाड़ा, गाजियाबाद, भिवानी, धौलपुर, करनाल, ग्रेटर नोएडा, गुम्मिडीपूंडी, नेल्लोर, धारूहेड़ा, चरखी दादरी आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।

वहीं सिंगरौली, बीकानेर, सोनीपत, रूपनगर, बारबिल, मेहसाणा, राजकोट, विशाखापत्तनम, नोएडा, बागपत, पटना, अमृतसर, चुरू, फतेहाबाद, मुजफ्फरनगर, बहादुरगढ़, कैथल, भिवाड़ी, जैसलमेर, वातवा, धनबाद आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।

इन शहरों के विपरीत देश के 18.1 फीसदी यानी 42 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में बेतिया, भिलाई, बोइसर, चामराजनगर, चिक्कमगलुरु, कुड्डालोर, फिरोजाबाद, गंगटोक, हुबली, जलना, झांसी, कडप्पा, कलबुर्गी, कोहिमा, कोल्हापुर, कोरबा, मदिकेरी, मंगलौर, मीरा-भायंदर, नागौर, नाहरलागुन, नलबाड़ी, पटियाला, रामनगर, ऋषिकेश, सांगली, शिलांग, शिवमोगा, सिलचर, शिवसागर, तिरुवनंतपुरम, थूथुकुडी, तिरुमाला आदि शामिल हैं।

इसी तरह देश के 139 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें बेंगलुरु, भागलपुर, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवंडी, भोपाल, भुवनेश्वर, बिहार शरीफ, ब्रजराजनगर, बुलंदशहर, बूंदी, बक्सर, ब्यासनगर, चंडीगढ़, चंद्रपुर, चेन्नई, छाल, चिक्काबल्लापुर, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, कटक, दमोह, दौसा, देहरादून, देवास, धारवाड़, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलुरु, गांधीनगर, गया, गोरखपुर, गुंटूर, गुरुग्राम, गुवाहाटी, हल्दिया, हनुमानगढ़, हापुड़, हावड़ा, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जयपुर, जालंधर, जलगांव, जालौर, झुंझुनू, जींद, जोधपुर, जोरापोखर, कन्नूर, कानपुर, करौली, काशीपुर, कटिहार, कटनी, क्योंझर, किशनगंज, कोलकाता, कोटा, कुंजेमुरा, कुरुक्षेत्र, लातूर, लखनऊ, लुधियाना, मछलीपट्टनम, मंडीदीप, मानेसर, मुरादाबाद, मुंबई, मैसूरु, नागांव, नागपुर, नांदेड़, नंदेसरी, नारनौल, नासिक, नवी मुंबई, पाली, पंपोर, पंचगांव, पंचकुला, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पुडुचेरी, पुणे, पूर्णिया, रायपुर आदि शहर शामिल हैं।

इन शहरों के उलट आज देश के 49 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

इनमें अमृतसर, अंगुल, बद्दी, बागपत, बहादुरगढ़, बारबिल, भरतपुर, भिवाड़ी, भिवानी, बीकानेर, बिलाईपाड़ा, चरखी दादरी, चुरू, दिल्ली, धनबाद, धारूहेड़ा, धौलपुर, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुम्मिडीपूंडी, ग्वालियर, हाजीपुर, जैसलमेर, झालावाड़, कैथल, करनाल, मंडीखेड़ा, मंगुराहा, मेरठ, मेहसाणा, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नेल्लोर, नोएडा, पलवल, पानीपत, परभणी, पटना, पीथमपुर, राजकोट, रूपनगर, सहरसा, सिंगरौली, सोनीपत, श्री गंगानगर, वातवा, विशाखापत्तनम आदि शामिल हैं।

इसी तरह देश में सवाई माधोपुर (214) और बर्नीहाट (असम) (201)  में स्थिति ‘खराब’ है।

क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 232 में से 42 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 139 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 01 जून को यह आंकड़ा 127 दर्ज किया गया था।

49 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।

दूसरे शहरों की तुलना में आज सवाई माधोपुर में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 214 दर्ज किया गया। इससे पहले कल सवाई माधोपुर में सूचकांक 104 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण में 110 अंकों का भारी उछाल आया है। इसके साथ ही आज सवाई माधोपुर में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' से ‘खराब’ श्रेणी में पहुंच गई है।

बता दें कि कल देश में सीकर की हवा सबसे ज्यादा खराब थी, जब सूचकांक 333 दर्ज किया गया। हालांकि आज 250 अंकों के भारी सुधार के साथ वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 83 पर पहुंच गया है। मतलब की सीकर में आज वायु गुणवत्ता बेहद खराब से संतोषजनक हो गई है।

दिल्ली में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 105 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 106 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां सूचकांक में एक अंक का मामूली उछाल दर्ज किया गया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।    

दिल्ली के उलट फरीदाबाद में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 236 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 171 पर पहुंच गया। इसके साथ ही फरीदाबाद में आज वायु गुणवत्ता सूचकांक एक बार फिर खराब से मध्यम श्रेणी में पहुंच गया।

प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 02 जून को अंगुल (195) चौथे स्थान पर है, वहीं बर्नीहाट (असम) (201) दूसरे, जबकि परभणी (199) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 115, गाजियाबाद में 132, गुवाहाटी में 88, गुरूग्राम में 89, नोएडा में 124, ग्रेटर नोएडा में 117 पर पहुंच गया है।

इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 55 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 98, चेन्नई में 62, चंडीगढ़ में 82, हैदराबाद में 75, जयपुर में 90 और पटना में 114 दर्ज किया गया।

इन शहरों में साफ रही हवा

देश के जिन 42 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें अहमदनगर, आइजोल, अंबरनाथ, अमरावती (महाराष्ट्र), बागलकोट, बरेली, बेतिया, भिलाई, बोइसर, चामराजनगर, चिक्कमगलुरु, कुड्डालोर, फिरोजाबाद, गंगटोक, हुबली, जलना, झांसी, कडप्पा, कलबुर्गी, कोहिमा, कोल्हापुर, कोरबा, मदिकेरी, मंगलौर, मीरा-भायंदर, नागौर, नाहरलागुन, नलबाड़ी, पटियाला, रामनगर, ऋषिकेश, सांगली, शिलांग, शिवमोगा, सिलचर, शिवसागर, तिरुवनंतपुरम, थूथुकुडी, तिरुमाला, उज्जैन, उल्हासनगर, विजयपुरा शामिल हैं।

वहीं आगरा, अहमदाबाद, अकोला, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अंबाला, अनंतपुर, अररिया, आरा, आसनसोल, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बदलापुर, बालासोर, बल्लभगढ़, बांसवाड़ा, बारां, बारीपाड़ा, बैरकपुर, बठिंडा, बेगूसराय, बेलापुर, बेलगाम, बेंगलुरु, भागलपुर, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवंडी, भोपाल, भुवनेश्वर, बिहार शरीफ, ब्रजराजनगर, बुलंदशहर, बूंदी, बक्सर, ब्यासनगर, चंडीगढ़, चंद्रपुर, चेन्नई, छाल, चिक्काबल्लापुर, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, कटक, दमोह, दौसा, देहरादून, देवास, धारवाड़, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलुरु, गांधीनगर, गया, गोरखपुर, गुंटूर, गुरुग्राम, गुवाहाटी, हल्दिया, हनुमानगढ़, हापुड़, हावड़ा, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जयपुर, जालंधर, जलगांव, जालौर, झुंझुनू, जींद, जोधपुर, जोरापोखर, कन्नूर, कानपुर, करौली, काशीपुर, कटिहार, कटनी, क्योंझर, किशनगंज, कोलकाता, कोटा, कुंजेमुरा, कुरुक्षेत्र, लातूर, लखनऊ, लुधियाना, मछलीपट्टनम, मंडीदीप, मानेसर, मुरादाबाद, मुंबई, मैसूरु, नागांव, नागपुर, नांदेड़, नंदेसरी, नारनौल, नासिक, नवी मुंबई, पाली, पंपोर, पंचगांव, पंचकुला, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पुडुचेरी, पुणे, पूर्णिया, रायपुर, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, राजसमंद, रतलाम, रोहतक, राउरकेला, सागर, समस्तीपुर, सतना, सीकर, सिरोही, सिरसा, सोलापुर, श्रीनगर, सुआकाती, सूरत, तालचेर, ठाणे, त्रिशूर, तिरुपति, तुमडीह, उदयपुर, वडोदरा, वापी, वाराणसी, विजयवाड़ा, विरार, यमुना नगर आदि 139 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।

क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक

देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।

इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।

यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।

ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।

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