

30 अक्टूबर 2026 को देश के 256 शहरों के वायु गुणवत्ता आंकड़ों में बारिश के बाद बड़ा बदलाव देखने को मिला।
सबसे राहत की बात यह रही कि दिल्ली में एक्यूआई 162 अंकों की भारी गिरावट के साथ 222 से घटकर 60 पर पहुंच गया। इसके साथ ही राजधानी की हवा खराब से सीधे संतोषजनक श्रेणी में आ गई।
फरीदाबाद में भी एक्यूआई 122 से घटकर 94 दर्ज किया गया, जबकि भिवाड़ी में 232 अंकों के बड़े सुधार के साथ सूचकांक 302 से गिरकर 70 पर पहुंच गया।
देशभर में साफ हवा वाले शहरों की संख्या में भी एक दिन में 83.7 फीसदी की वृद्धि हुई और खराब हवा वाले 19 शहरों की संख्या घटकर शून्य हो गई। अब 79 शहरों में हवा साफ और 142 शहरों में संतोषजनक दर्ज की गई। यानी देश के करीब 86.4 फीसदी शहरों में हवा बेहतर या संतोषजनक रही।
हालांकि यह राहत सभी शहरों तक नहीं पहुंची। बीकानेर 196 एक्यूआई के साथ देश का सबसे प्रदूषित शहर बना, जहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से 330 फीसदी अधिक रहा।
बर्नीहाट और गुम्मिडीपूंडी में भी प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। आंकड़े बताते हैं कि बारिश के बाद हवा में सुधार जरूर आया है, लेकिन देश के कई शहरों में प्रदूषण का खतरा अब भी बरकरार है।
सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 30 अक्टूबर 2026 को देश में बीकानेर सबसे प्रदूषित शहर रहा। इस दौरान वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 196 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। हालांकि कल (29 अक्टूबर) को बीकानेर में सूचकांक 243 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में 47 अंकों का सुधार आया है।
रुझानों में यह भी सामने आया है कि बीकानेर की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम10) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।
बीकानेर में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 330 फीसदी अधिक है।
दूसरी तरफ देश में गंगटोक की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 12 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर बीकानेर की तुलना गंगटोक से करें तो वहां स्थिति 16 गुणा खराब है।
इससे पहले कल भिवाड़ी में एक्यूआई 302 दर्ज किया गया था। हालांकि आज 232 अंकों के भारी सुधार के साथ भिवाड़ी में सूचकांक घटकर 70 पर पहुंच गया। मतलब कि सुधार के साथ ही वहां वायु गुणवत्ता बेहद खराब से सीधे संतोषजनक हो गई है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 222 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 60 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक में 162 अंकों का भारी सुधार आया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज वायु गुणवत्ता खराब से संतोषजनक हो गई है।
2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 09 जुलाई को दर्ज किया गया, जब एक्यूआई 48 रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह 08 जुलाई 2026 को सूचकांक 59 और 06 सितम्बर को 55 रिकॉर्ड किया गया। वहीं 04 अगस्त और 22 जुलाई 2026 को सूचकांक 64 दर्ज हुआ। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।
दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में कमी आई है। फरीदाबाद में जहां कल एक्यूआई 122 रिकॉर्ड किया गया था, जो आज घटकर 94 दर्ज किया गया। मतबल की कल से वहां प्रदूषण में 28 अंकों का सुधार आया है। इसके साथ ही वहां वायु गुणवत्ता मध्यम से संतोषजनक श्रेणी में पहुंच गई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 30 अक्टूबर 2026 को 256 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 30.9 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 55.5 फीसदी में स्थिति संतोषजनक, जबकि दूसरी तरफ 13.7 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।
कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 83.7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में 23.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। रुझानों के मुताबिक मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में कल से 60 फीसदी से अधिक की कमी आई है, जोकि राहत की खबर है। वहीं आज देश के किसी भी शहर में वायु गुणवत्ता खराब नहीं दर्ज की गई, जबकि कल इन शहरों की गिनती 19 रिकॉर्ड की गई थी।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में बर्नीहाट (मेघालय) (195) दूसरे जबकि गुम्मिडीपूंडी तीसरे स्थान पर है। इसी तरह राजकोट (188) चौथे स्थान पर है। अमृतसर (178) – बद्दी (176) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
खन्ना (173) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में चित्तौड़गढ़, लेह और मंडी गोबिंदगढ़ शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में पंजाब के तीन शहर (अमृतसर, खन्ना, मंडी गोबिंदगढ़) शामिल हैं।
विश्लेषण से यह भी पता चला है कि गुम्मिडीपूंडी, राजकोट, अमृतसर, बद्दी, खन्ना, चित्तौड़गढ़, मंडी गोबिंदगढ़, झालावाड़, सोनीपत, प्रतापगढ़, बारां, टोंक, वातवा, सवाई माधोपुर, ठाणे, अहमदाबाद, श्रीकाकुलम, डूंगरपुर और कोटा आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।
वहीं बीकानेर, बर्नीहाट (मेघालय), श्री गंगानगर, नागौर, भिवंडी, जैसलमेर, जालौर, जोधपुर, मालेगांव और रायचूर आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।
इन शहरों के विपरीत देश के 30.9 फीसदी यानी 79 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में दरभंगा, देहरादून, धौलपुर, दुर्गापुर, फिरोजाबाद, गंगटोक, गया, हाजीपुर, हल्दिया, हापुड़, इंदौर, जबलपुर, जलना, जमुई, झांसी, जींद, कलबुर्गी, कानपुर, करनाल, कटनी, क्योंझर, खोरा, खुर्जा, किशनगंज, कोलकाता, कोरबा, कुरुक्षेत्र, लातूर, मधुबनी, मदिकेरी, मैंगलोर, मोदीनगर, मुरादाबाद, मुजफ्फरपुर, नागपुर, नयागढ़, पटियाला, प्रयागराज, रायबरेली आदि शामिल हैं।
इसी तरह देश के 142 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें कटक, दौसा, दिल्ली, देवास, धारूहेड़ा, धारवाड़, धुले, डोंबिवली, फरीदाबाद, फतेहपुर सीकरी, गडग, गांधीनगर, गाजियाबाद, गोरखपुर, ग्रेटर नोएडा, गुंटूर, गुरुग्राम, गुवाहाटी, ग्वालियर, हनुमानगढ़, हिंगोली, हिसार, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, जयपुर, जालंधर, जलगांव, झुंझुनू, जोरापोखर, कडप्पा, कैथल, कल्याण, कन्नूर, करौली, कारवार, कटिहार, कोहिमा, कोलार, कोल्हापुर, कुरनूल, लखनऊ, लुधियाना, मछलीपट्टनम, महाड, मैहर, मंडीदीप, मानेसर, मंगुराहा, मथुरा, मेरठ, मेहसाणा, मीरा-भायंदर, मोतिहारी, मुंबई, मुंगेर, मुजफ्फरनगर, मैसूर, नागांव, नाहरलागुन, नांदेड़, नारनौल, नासिक, नवी मुंबई, नोएडा, ओंगोल, पलवल, पंचकूला, पानीपत, पारादीप, परभणी, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, पुडुचेरी, पुणे, राजमहेंद्रवरम, राजसमंद, रामनगर, रतलाम आदि शहर शामिल हैं।
इन शहरों के उलट आज देश के 35 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
इनमें अहमदाबाद, अमृतसर, बद्दी, बारां, बाड़मेर, भिवंडी, बीकानेर, बर्नीहाट (मेघालय), चेन्नई, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, गजरौला, गुम्मिडीपूंडी, जैसलमेर, जालौर, झालावाड़, जोधपुर, खैरथल, खन्ना, कोटा, लेह, मालेगांव, मंडी गोबिंदगढ़, नागौर, प्रतापगढ़, रायचूर, राजकोट, सतारा, सवाई माधोपुर, सोनीपत, श्री गंगानगर, श्रीकाकुलम, ठाणे, टोंक और वातवा शामिल हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 256 में से 79 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 142 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 29 अक्टूबर को यह आंकड़ा 115 दर्ज किया गया था।
35 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।
दूसरे शहरों की तुलना में आज बीकानेर में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 196 दर्ज किया गया, जोकि ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। हालांकि कल (29 अक्टूबर) को बीकानेर में सूचकांक 243 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में 47 अंकों का सुधार आया है।
इससे पहले कल भिवाड़ी में एक्यूआई 302 दर्ज किया गया था। हालांकि आज 232 अंकों के भारी सुधार के साथ भिवाड़ी में सूचकांक घटकर 70 पर पहुंच गया। मतलब कि सुधार के साथ ही वहां वायु गुणवत्ता बेहद खराब से सीधे संतोषजनक हो गई है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 222 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 60 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक में 162 अंकों का भारी सुधार आया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज वायु गुणवत्ता खराब से संतोषजनक हो गई है।
दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में कमी आई है। फरीदाबाद में जहां कल एक्यूआई 122 रिकॉर्ड किया गया था, जो आज घटकर 94 दर्ज किया गया। मतबल की कल से वहां प्रदूषण में 28 अंकों का सुधार आया है। इसके साथ ही वहां वायु गुणवत्ता मध्यम से संतोषजनक श्रेणी में पहुंच गई है।
प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 30 अक्टूबर को राजकोट (188) चौथे स्थान पर है, वहीं बर्नीहाट (मेघालय) (195) दूसरे, जबकि गुम्मिडीपूंडी तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 83, गाजियाबाद में 55, गुवाहाटी में 95, गुरूग्राम में 69, नोएडा में 58, ग्रेटर नोएडा में 59 पर पहुंच गया है।
इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 77 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 64, चेन्नई में 108, चंडीगढ़ में 57, हैदराबाद में 66, जयपुर में 69 और पटना में 63 दर्ज किया गया।
देश के जिन 79 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा। इन शहरों में आइजोल, अकोला, आसनसोल, औरंगाबाद (बिहार), बालासोर, बांसवाड़ा, बरबिल, बारीपाड़ा, बैरकपुर, बठिंडा, बीड, बेगूसराय, बेतिया, भिलाई, भिवानी, भोपाल, बिलीपाड़ा, बक्सर, ब्यासनगर, चामराजनगर, चरखी दादरी, चिक्कमगलुरु, दमोह, दरभंगा, देहरादून, धौलपुर, दुर्गापुर, फिरोजाबाद, गंगटोक, गया, हाजीपुर, हल्दिया, हापुड़, इंदौर, जबलपुर, जलना, जमुई, झांसी, जींद, कलबुर्गी, कानपुर, करनाल, कटनी, क्योंझर, खोरा, खुर्जा, किशनगंज, कोलकाता, कोरबा, कुरुक्षेत्र, लातूर, मधुबनी, मदिकेरी, मैंगलोर, मोदीनगर, मुरादाबाद, मुजफ्फरपुर, नागपुर, नयागढ़, पटियाला, प्रयागराज, रायबरेली, रायपुर, रायरंगपुर, ऋषिकेश, रोहतक, राउरकेला, सागर, सहरसा, सासाराम, शिवमोगा, सिलीगुड़ी, सीतामढ़ी, सुआकाती, तालचेर, थूथुकुडी, वाराणसी, विजयपुरा और वृंदावन शामिल हैं।
वहीं अगरतला, आगरा, अहमदनगर, अजमेर, अलवर, अमरावती (आंध्र प्रदेश), अंबाला, अमरावती (महाराष्ट्र), अनंतपुर, अंगुल, अंकलेश्वर, अनपरा, अररिया, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बदलापुर, बागलकोट, बहादुरगढ़, बल्लभगढ़, बड़ौत, बरेली, बेलापुर, बेंगलुरु, भागलपुर, भरतपुर, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, भुवनेश्वर, बोइसर, बुलंदशहर, बूंदी, बर्नीहाट (असम), चंडीगढ़, चंद्रपुर, छाल, छपरा, चित्तूर, चूरू, कटक, दौसा, दिल्ली, देवास, धारूहेड़ा, धारवाड़, धुले, डोंबिवली, फरीदाबाद, फतेहपुर सीकरी, गडग, गांधीनगर, गाजियाबाद, गोरखपुर, ग्रेटर नोएडा, गुंटूर, गुरुग्राम, गुवाहाटी, ग्वालियर, हनुमानगढ़, हिंगोली, हिसार, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, जयपुर, जालंधर, जलगांव, झुंझुनू, जोरापोखर, कडप्पा, कैथल, कल्याण, कन्नूर, करौली, कारवार, कटिहार, कोहिमा, कोलार, कोल्हापुर, कुरनूल, लखनऊ, लुधियाना, मछलीपट्टनम, महाड, मैहर, मंडीदीप, मानेसर, मंगुराहा, मथुरा, मेरठ, मेहसाणा, मीरा-भायंदर, मोतिहारी, मुंबई, मुंगेर, मुजफ्फरनगर, मैसूर, नागांव, नाहरलागुन, नांदेड़, नारनौल, नासिक, नवी मुंबई, नोएडा, ओंगोल, पलवल, पंचकूला, पानीपत, पारादीप, परभणी, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, पुडुचेरी, पुणे, राजमहेंद्रवरम, राजसमंद, रामनगर, रतलाम, सांगली, सतना, शामली, सीकर, सिलचर, सिरोही, सिरसा, शिवसागर, सिवान, सोलापुर, श्रीनगर, सूरत, तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर, तिरुमाला, तुमडीह, उदयपुर, उडुपी, उज्जैन, उल्हासनगर, वडोदरा, विजयवाड़ा, यादगीर और यमुना नगर आदि 142 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।
इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।
ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।
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