छोटे शहरों पर हावी होता प्रदूषण: फतेहपुर सीकरी में 259 पर पहुंचा एक्यूआई, खोरा-मोदीनगर में स्थिति खराब

फतेहपुर सीकरी में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 1,600 फीसदी अधिक है।
फोटो: सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट
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सारांश
  • देश में वायु प्रदूषण अब सिर्फ बड़े महानगरों की समस्या नहीं रह गया है। 23 सितम्बर 2026 के केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के विश्लेषण में सामने आया है कि छोटे और मध्यम शहरों में भी हवा की गुणवत्ता तेजी से चिंता का कारण बन रही है।

  • फतेहपुर सीकरी में एक्यूआई 259 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में है। एक दिन पहले यहां एक्यूआई 190 था, यानी 24 घंटे में 69 अंकों की बढ़ोतरी हुई। शहर की हवा में पीएम2.5 का दबदबा रहा और प्रदूषण का स्तर डब्ल्यूएचओ की सुरक्षित सीमा से करीब 1,600 फीसदी अधिक दर्ज किया गया।

  • फतेहपुर सीकरी के बाद खोरा में एक्यूआई 239 और मोदीनगर में 230 रहा। गुरुग्राम, जींद और पीथमपुर भी 200 से ऊपर के एक्यूआई के साथ ‘खराब’ श्रेणी में रहे।

  • दस सबसे प्रदूषित शहरों में उत्तर प्रदेश के पांच शहर शामिल रहे, जो बताता है कि प्रदूषण का दबाव राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के छोटे शहरों तक भी फैला हुआ है।

  • हालांकि कुछ शहरों में राहत भी दिखी। खोरा का एक्यूआई 302 से घटकर 239 और दिल्ली का 178 से घटकर 154 हुआ, जबकि फरीदाबाद में यह 113 से गिरकर 81 पहुंच गया। कुल 239 शहरों में 60 की हवा ‘बेहतर’, 109 की ‘संतोषजनक’ और 64 की ‘मध्यम’ रही, जबकि छह शहरों में हवा ‘खराब’ दर्ज की गई।

सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 23 सितम्बर 2026 को देश में फतेहपुर सीकरी सबसे प्रदूषित शहर रहा। इस दौरान वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 259 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (22 सितम्बर) फतेहपुर सीकरी में सूचकांक 190 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में 69 अंकों का इजाफा हुआ है।

रुझानों में यह भी सामने आया है कि फतेहपुर सीकरी की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।

फतेहपुर सीकरी में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 1,600 फीसदी अधिक है।

दूसरी तरफ देश में कोरबा की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 12 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर फतेहपुर सीकरी की तुलना कोरबा से करें तो वहां स्थिति 21.6 गुणा खराब है।

इससे पहले कल देश में खोरा की स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 302 दर्ज किया गया। हालांकि आज 63 अंकों के भारी सुधार के साथ खोरा में एक्यूआई घटकर 239 पर पहुंच गया है। मतलब कि वायु गुणवत्ता बेहद खराब से खराब श्रेणी में पहुंच गई है।

दिल्ली में कल से प्रदूषण में कमी आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 178 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 154 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक में 24 अंकों का सुधार दर्ज किया गया। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता ‘मध्यम’ श्रेणी में बनी हुई है।

2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 09 जुलाई को दर्ज किया गया, जब एक्यूआई 48 रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह 08 जुलाई 2026 को सूचकांक 59 और 07-23 सितम्बर को 63 रिकॉर्ड किया गया। वहीं 04 अगस्त और 22 जुलाई 2026 को सूचकांक 64  दर्ज हुआ। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।

दिल्ली की तरह फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 113 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 81 पर पहुंच गया। हालांकि 32 अंकों के सुधार के बावजूद फरीदाबाद में आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 23 सितम्बर 2026 को 239 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 25.1 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 45.6 फीसदी में स्थिति संतोषजनक, जबकि दूसरी तरफ 29.3 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।

कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 9.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। दूसरी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में 3.5 फीसदी की कमी दर्ज की गई। रुझानों के मुताबिक मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में कल से 7.2 फीसदी की गिरावट आई है, जोकि राहत की खबर है। वहीं खराब हवा वाले शहरों की गिनती आज भी छह पर बनी हुई है।

आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में खोरा (239) दूसरे जबकि मोदीनगर (230) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह गुरुग्राम (214) चौथे स्थान पर है। जींद (210) – पीथमपुर (209) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।

नोएडा (199) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में लेह (196), मानेसर (188) और श्री गंगानगर (186) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में उत्तर प्रदेश के पांच शहर (फतेहपुर सीकरी, खोरा, मोदीनगर, नोएडा) शामिल हैं।

विश्लेषण से यह भी पता चला है कि फतेहपुर सीकरी, खोरा, गुरुग्राम, जींद, मानेसर, मथुरा, पानीपत, यमुना नगर, हापुड़, गजरौला, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, मंडी गोबिंदगढ़, जलना, मुजफ्फरनगर, बहादुरगढ़, बड़ौत, जयपुर, धारूहेड़ा, आगरा, अहमदाबाद, भिवानी, हनुमानगढ़, चरखी दादरी, लुधियाना, जालंधर और ग्वालियर आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं। वहीं पीथमपुर, नोएडा, श्री गंगानगर, बागपत, वृंदावन, बीकानेर, नागौर, बर्नीहाट (मेघालय), दौसा, भिवाड़ी, मंडीदीप, भीलवाड़ा, अंबाला, टोंक, बुलंदशहर, जोधपुर, उदयपुर, सवाई माधोपुर, सिरसा, अलवर, वातवा, भरतपुर, चित्तौड़गढ़, गांधीनगर, सीकर, चूरू, नारनौल, मुरादाबाद, कैथल, खुर्जा, परभणी, कुरुक्षेत्र, हिसार, जालोर, धौलपुर और मालेगांव आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।

इन शहरों के विपरीत देश के 25.1 फीसदी यानी 60 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में बालासोर, बारबिल, बारीपाड़ा, बैरकपुर, बेतिया, भिलाई, भुवनेश्वर, बिलासपुर, बिलाईपाड़ा, ब्यासनगर, चामराजनगर, चंडीगढ़, छाल, चिक्काबल्लापुर, फिरोजाबाद, गंगटोक, हल्दिया, कलबुर्गी, करनाल, क्योंझर, किशनगंज, कोल्हापुर, कोलकाता, कोरबा, कुंजेमुरा, कुरनूल, महाड, मंगलौर, मिलुपारा, मीरा-भायंदर, मुंबई, मुजफ्फरपुर, नागपुर, नाहरलागुन, नयागढ़, प्रयागराज, पुडुचेरी, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, ऋषिकेश आदि शामिल हैं।

इसी तरह देश के 109 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें भोपाल, बोइसर, ब्रजराजनगर, बूंदी, बर्नीहाट (असम), चंद्रपुर, चेन्नई, कटक, देहरादून, देवास, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलुरु, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गया, गोरखपुर, गुंटूर, गुवाहाटी, हाजीपुर, हिंगोली, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जैसलमेर, जलगांव, झालावाड़, झांसी, कडप्पा, काकीनाडा, कल्याण, कानपुर, करौली, कटिहार, कटनी, खन्ना, कोटा, लातूर, लखनऊ, मछलीपट्टनम, मंडीखेड़ा, मंगुराहा, मेहसाणा, मैसूर, नागांव, नलबाड़ी, नांदेड़, नंदेसरी, नासिक, नवी मुंबई, नेल्लोर, पाली, पलवल, पंचगांव, पारादीप, पटियाला, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रतापगढ़, पुणे, रायबरेली, रायपुर, राजकोट, राजसमंद आदि शहर शामिल हैं।

इन शहरों के उलट आज देश के 64 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

इनमें आगरा, अहमदाबाद, अलवर, अंबाला, बागपत, बहादुरगढ़, बड़ौत, भरतपुर, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, भिवानी, बीकानेर, बुलंदशहर, बर्नीहाट (मेघालय), चरखी दादरी, चित्तौड़गढ़, चूरू, दौसा, दिल्ली, धारूहेड़ा, धौलपुर, एलूर, गजरौला, गांधीनगर, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, ग्वालियर, हनुमानगढ़, हापुड़, हिसार, जयपुर, जालंधर, जलना, जालोर, झुंझुनू, जोधपुर, कैथल, खुर्जा, कुरुक्षेत्र, लेह, लुधियाना, मालेगांव, मंडीदीप, मंडी गोबिंदगढ़, मानेसर, मथुरा, मेरठ, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, नागौर, नारनौल, नोएडा, पानीपत, परभणी, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरसा, श्री गंगानगर, टोंक, उदयपुर, उज्जैन, वातवा, वृंदावन और यमुना नगर शामिल हैं।

वहीं फतेहपुर सीकरी (259), खोरा (239), मोदीनगर (230), गुरुग्राम (214), जींद (210) और पीथमपुर (209) में स्थिति 'खराब' दर्ज की गई है।

क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 239 में से 60 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 109 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 22 सितम्बर को भी यह आंकड़ा 113 दर्ज किया गया था।

64 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।

दूसरे शहरों की तुलना में आज फतेहपुर सीकरी में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 259 दर्ज किया गया, जोकि ‘खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (22 सितम्बर) फतेहपुर सीकरी में सूचकांक 190 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में 69 अंकों का इजाफा हुआ है।

इससे पहले कल देश में खोरा की स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 302 दर्ज किया गया। हालांकि आज 63 अंकों के भारी सुधार के साथ खोरा में एक्यूआई घटकर 239 पर पहुंच गया है। मतलब कि वायु गुणवत्ता बेहद खराब से खराब श्रेणी में पहुंच गई है।

दिल्ली में कल से प्रदूषण में कमी आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 178 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 154 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक में 24 अंकों का सुधार दर्ज किया गया। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता ‘मध्यम’ श्रेणी में बनी हुई है।

दिल्ली की तरह फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 113 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 81 पर पहुंच गया। हालांकि 32 अंकों के सुधार के बावजूद फरीदाबाद में आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।

प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 23 सितम्बर को गुरुग्राम (214) चौथे स्थान पर है, वहीं खोरा (239) दूसरे, जबकि मोदीनगर (230) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 104, गाजियाबाद में 170, गुवाहाटी में 53, गुरूग्राम में 214, नोएडा में 199, ग्रेटर नोएडा में 170 पर पहुंच गया है।

इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 49 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘बेहतर‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 73, चेन्नई में 83, चंडीगढ़ में 50, हैदराबाद में 51, जयपुर में 133 और पटना में 59 दर्ज किया गया।

इन शहरों में साफ रही हवा

देश के जिन 60 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा। इन शहरों में अगरतला, आइजोल, अकोला, अमरावती (महाराष्ट्र), अंगुल, आसनसोल, बालासोर, बारबिल, बारीपाड़ा, बैरकपुर, बेतिया, भिलाई, भुवनेश्वर, बिलासपुर, बिलाईपाड़ा, ब्यासनगर, चामराजनगर, चंडीगढ़, छाल, चिक्काबल्लापुर, फिरोजाबाद, गंगटोक, हल्दिया, कलबुर्गी, करनाल, क्योंझर, किशनगंज, कोल्हापुर, कोलकाता, कोरबा, कुंजेमुरा, कुरनूल, महाड, मंगलौर, मिलुपारा, मीरा-भायंदर, मुंबई, मुजफ्फरपुर, नागपुर, नाहरलागुन, नयागढ़, प्रयागराज, पुडुचेरी, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, ऋषिकेश, राउरकेला, सांगली, शिवमोगा, सिलचर, सिलीगुड़ी, शिवसागर, सोलापुर, तालचेर, टेन्सा, तुमडीह, विरार, विशाखापत्तनम और यादगीर शामिल हैं।

वहीं अहमदनगर, अजमेर, अमरावती (आंध्र प्रदेश), अंबरनाथ, अमृतसर, अररिया, आरा, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बद्दी, बदलापुर, बल्लभगढ़, बांसवाड़ा, बारां, बरेली, बाड़मेर, बठिंडा, बेगूसराय, बेलापुर, बेंगलुरु, भागलपुर, भावनगर, भिवंडी, भोपाल, बोइसर, ब्रजराजनगर, बूंदी, बर्नीहाट (असम), चंद्रपुर, चेन्नई, कटक, देहरादून, देवास, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलुरु, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गया, गोरखपुर, गुंटूर, गुवाहाटी, हाजीपुर, हिंगोली, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जैसलमेर, जलगांव, झालावाड़, झांसी, कडप्पा, काकीनाडा, कल्याण, कानपुर, करौली, कटिहार, कटनी, खन्ना, कोटा, लातूर, लखनऊ, मछलीपट्टनम, मंडीखेड़ा, मंगुराहा, मेहसाणा, मैसूर, नागांव, नलबाड़ी, नांदेड़, नंदेसरी, नासिक, नवी मुंबई, नेल्लोर, पाली, पलवल, पंचगांव, पारादीप, पटियाला, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रतापगढ़, पुणे, रायबरेली, रायपुर, राजकोट, राजसमंद, रामनगर, रतलाम, रोहतक, रूपनगर, सहरसा, सतारा, सतना, सिरोही, सोनीपत, श्रीनगर, सूरत, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर, तिरुमाला, उडुपी, उल्हासनगर, वडोदरा, वापी, वाराणसी और विजयवाड़ा आदि 109 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।

क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक

देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।

इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।

यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।

ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।

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