प्रदूषण का अलार्म: दिल्ली ‘खराब’ तो तालचेर ‘बेहद खराब’, डब्ल्यूएचओ मानकों से 20 गुणा ज्यादा प्रदूषण

03 जनवरी 2026 को एक बार फिर देश में ओडिशा के तालचेर की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित रही, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 332 रिकॉर्ड किया गया
भारत की 96 फीसदी आबादी यानी 133 करोड़ लोग ऐसी हवा में सांस लेने को मजबूर हैं जहां पीएम 2.5 का वार्षिक औसत स्तर डब्ल्यूएचओ द्वारा जारी मानकों से सात गुणा खराब है; फोटो: आईस्टॉक
भारत की 96 फीसदी आबादी यानी 133 करोड़ लोग ऐसी हवा में सांस लेने को मजबूर हैं जहां पीएम 2.5 का वार्षिक औसत स्तर डब्ल्यूएचओ द्वारा जारी मानकों से सात गुणा खराब है; फोटो: आईस्टॉक
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सारांश
  • देश में प्रदूषण का स्तर चिंताजनक है, खासकर ओडिशा के तालचेर में जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 332 दर्ज किया गया। यह विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों से 20 गुणा अधिक है।

  • दिल्ली में भी प्रदूषण का स्तर 'खराब' है, जबकि दमोह की हवा सबसे साफ है। देश के अधिकांश शहरों में प्रदूषण के महीन कण हावी हैं।

  • राजधानी दिल्ली से जुड़े आंकड़ों को देखें तो वहां कल सूचकांक 236 दर्ज किया गया था, जो आज 31 अंकों के उछाल के साथ बढ़कर 267 पर पहुंच गया है। इसका मतलब है कि दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता 'खराब' बनी हुई है।

  • 03 जनवरी 2026 को 244 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां महज 2.05 फीसदी शहरों में हवा साफ है।

  • वहीं 29 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 68.9 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज भी हवा चिंताजनक है।

  • फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक 222 रिकॉर्ड किया गया है।  

  • आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में बारीपदा (324) दूसरे जबकि अंगुल (321) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह 302 अंकों के साथ सिंगरौली चौथे स्थान पर है।

  • कटक-बालासोर में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 300 और 297अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं।

  • भुवनेश्वर (294) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में राजमहेंद्रवरम (290), नागौर (277) और गुम्मिडीपूंडी (270) भी शामिल हैं।

  • आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में ओडिशा के छह (तालचेर, बारीपदा, अंगुल, कटक, बालासोर, भुवनेश्वर) शहर शामिल हैं।

विश्लेषण से पता चला है कि 03 जनवरी 2026 को एक बार फिर देश में ओडिशा के तालचेर की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित रही, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 332 रिकॉर्ड किया गया। कल तालचेर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 380 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में 48 अंकों  की गिरावट आई है।

हालांकि वहां आज भी वायु गुणवत्ता 'बेहद खराब' बनी हुई है। रुझानों में सामने आया है कि तालचेर की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) पूरी तरह हावी हैं। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।

तालचेर से स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 2,000 फीसदी अधिक है।

दूसरी तरफ देश में दमोह की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 17 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर तालचेर की तुलना दमोह से करें तो वहां स्थिति 19 गुणा खराब है।

राजधानी दिल्ली से जुड़े आंकड़ों को देखें तो वहां कल सूचकांक 236 दर्ज किया गया था, जो आज 31 अंकों के उछाल के साथ बढ़कर 267 पर पहुंच गया है। इसका मतलब है कि दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता 'खराब' बनी हुई है।

गौरतलब है कि इससे पहले 14 नवंबर को दिल्ली में 2025 का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया था, जब एक्यूआई बढ़कर 461 तक पहुंच गया।     

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 03 जनवरी 2026 को 244 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां महज 2.05 फीसदी शहरों में हवा साफ है।

वहीं 29 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 68.9 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज भी हवा चिंताजनक है।

बता दें कि कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 44 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है। दूसरी तरफ संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में कोई बदलाव नहीं हुआ और स्थिति जस की तस बनी हुई है। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की बात करें तो इनकी संख्या में करीब 16 फीसदी का इजाफा हुआ है।

दूसरी तरफ खराब वायु गुणवत्ता वाले शहरों से जुड़े आंकड़ों को देखें तो उनकी गिनती में कल से 11 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है। इसी तरह बेहद खराब वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में कल से 60 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जोकि राहत की खबर है।

फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक 222 रिकॉर्ड किया गया है।  

आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में बारीपदा (324) दूसरे जबकि अंगुल (321) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह 302 अंकों के साथ सिंगरौली चौथे स्थान पर है। कटक- बालासोर में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 300 और 297अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं।

भुवनेश्वर (294) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में राजमहेंद्रवरम (290), नागौर (277) और गुम्मिडीपूंडी (270) भी शामिल हैं। गौरतलब है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में ओडिशा के छह (तालचेर, बारीपदा, अंगुल, कटक, बालासोर, भुवनेश्वर) शहर शामिल हैं।

विश्लेषण से यह भी पता चला है कि तालचेर, बारीपदा, अंगुल, सिंगरौली, कटक, बालासोर, भुवनेश्वर, राजमहेंद्रवरम, नागौर, गुम्मिडीपूंडी, दिल्ली, बैरकपुर, ब्यासनगर, गाजियाबाद, बल्लभगढ़, धारूहेड़ा, आसनसोल, सीकर, बाड़मेर, विशाखापत्तनम, गुरुग्राम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, बद्दी, देहरादून, जोधपुर, चुरू, मंडीदीप, पाली, जालोर, सुआकाती, पीथमपुर, हावड़ा, बीकानेर, फरीदाबाद, आरा, नारनौल, कोलकाता, जैसलमेर, तिरुमाला, नागपुर, अररिया, अमरावती (आंध्रप्रदेश), खुर्जा, पानीपत, भिवाड़ी, काशीपुर, हल्दिया, सोनीपत, राजगीर, पुणे, भोपाल, कटिहार, छपरा, मोतिहारी, कुरुक्षेत्र, बर्नीहाट, ग्वालियर, तिरुवनंतपुरम, अनंतपुर, सागर, करनाल, रायरंगपुर, यादगीर, बेतिया, बारबिल, विजयवाड़ा, टोंक, जयपुर, परभनी, नलबाड़ी, मुजफ्फरनगर, कोटा, कडप्पा, पंचकुला, बिहार शरीफ, तिरुपति, अजमेर, बुलंदशहर, लातूर, अंबाला, इंदौर, धुले, हापुड़, नागांव, नाहरलागुन, पूर्णिया, समस्तीपुर, दावनगेरे, सिलीगुड़ी, मुंगेर, बागपत, देवास, यमुना नगर, मानेसर, चित्तूर, जालंधर, डूंगरपुर, भीलवाड़ा, चंडीगढ़ आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।

वहीं मेरठ, धनबाद, दुर्गापुर, पटना, सहरसा, बेगूसराय, सोलापुर, बिलीपाड़ा, क्योंझर, झुंझुनू, कल्याण, आगरा, औरंगाबाद (बिहार), राउरकेला, किशनगंज, पिंपरी-चिंचवाड़, भागलपुर, गया, रतलाम, फतेहाबाद, वातवा, सांगली, श्री गंगानगर, नयागढ़, भिवंडी, बदलापुर, सिरसा, हनुमानगढ़, महाद, अलवर, सवाई माधोपुर, सिवान, जलगांव, उदयपुर, अमृतसर, तुमकुरु, लखनऊ, अहमदाबाद, धारवाड़, टेन्सा, बेलापुर, तुमडीह, सासाराम, उल्हासनगर, मुंबई, नासिक, अमरावती (महाराष्ट्र), लुधियाना, धौलपुर, हैदराबाद, सूरत, अकोला आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।

इन शहरों के विपरीत देश के 2.04 फीसदी यानी महज पांच शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में चामराजनगर, चिक्कमगलुरु, दमोह, मदिकेरी, विजयपुरा आदि शामिल हैं। 

आज देश के जिन 71 शहरों में वायु गुणवत्ता सन्तोषजनक है, उनमें बेलगाम, भिलाई, भिवानी, बिलासपुर, बोइसर, बूंदी, चंद्रपुर, छाल, कोयंबटूर, कुड्डालोर, दौसा, एलूर, फिरोजाबाद, गांधीनगर, गोरखपुर, गुवाहाटी, हिसार, हुबली, झालावाड़, झांसी, जींद, कलबुर्गी, कन्नूर, कानपुर, करौली, करूर, कोहिमा, कोल्हापुर, कोरबा, कुंजेमुरा, मदुरै, मैहर, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीखेड़ा, मंगुराहा, मिलुपारा, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मैसूर, ऊटी आदि शामिल हैं।

इन शहरों के उलट आज देश के 124 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

इन शहरों में आगरा, अहमदाबाद, अजमेर, अकोला, अलवर, अंबाला, अमरावती (महाराष्ट्र), अमृतसर, अनंतपुर, औरंगाबाद (बिहार), औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बदलापुर, बागपत, बारबिल, बेगूसराय, बेलापुर, बेंगलुरु, बेतिया, भागलपुर, भरतपुर, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, भिवंडी, भोपाल, बिहार शरीफ, बिलीपाड़ा, बुलंदशहर, बक्सर, बर्नीहाट, चंडीगढ़, चेन्नई, छपरा, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, दावनगेरे, देवास, धनबाद, धारवाड़, धौलपुर, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, फतेहाबाद, गया, ग्वालियर, हाजीपुर, हल्दिया, हनुमानगढ़, हापुड़, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जयपुर, जालंधर, जलगांव, जलना, झुंझुनू, कडप्पा, कल्याण, करनाल, काशीपुर, कटिहार, कटनी, क्योंझर, खुर्जा, किशनगंज, कोटा, कुरुक्षेत्र, लातूर, लखनऊ, लुधियाना, महाद, मानेसर, मोतिहारी, मुंबई, मुंगेर, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नागांव, नाहरलागुन, नलबाड़ी, नासिक, नवी मुंबई, नयागढ़, पंचकुला, पानीपत, परभनी, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, पुडुचेरी, पुणे, पूर्णिया, रायरंगपुर, राजगीर, रतलाम, ऋषिकेश, रोहतक, राउरकेला, सागर, सहरसा, समस्तीपुर, सांगली, सासाराम, सवाई माधोपुर, सिलीगुड़ी, सिरोही, सिरसा, सिवान, सोलापुर, सोनीपत, श्री गंगानगर, सूरत, टेन्सा, तिरुवनंतपुरम, तिरुपति, टोंक, तुमकुरु, तुमडीह, उदयपुर, उल्हासनगर, वातवा, विजयवाड़ा, यादगीर, यमुना नगर शामिल हैं।

आंकड़ों में यह भी सामने आया है कि आज देश के 40 शहरों में वायु गुणवत्ता खराब है। इन शहरों में अमरावती (आंध्रप्रदेश), अररिया, आरा, आसनसोल, बद्दी, बालासोर, बल्लभगढ़, बाड़मेर, बैरकपुर, भुवनेश्वर, बीकानेर, ब्यासनगर, चुरू, कटक, देहरादून, दिल्ली, धारूहेड़ा, फरीदाबाद, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुम्मिडीपूंडी, गुरुग्राम, हावड़ा, जैसलमेर, जालोर, जोधपुर, कोलकाता, मंडीदीप, मेरठ, नागौर, नागपुर, नारनौल, नोएडा, पाली, पीथमपुर, राजमहेंद्रवरम, सीकर, सुआकाती, तिरुमाला, विशाखापत्तनम शामिल हैं।

इसी तरह आज देश के चार शहरों में वायु गुणवत्ता बेहद खराब है। इन शहरों में अंगुल, बारीपदा, सिंगरौली, तालचेर शामिल हैं।

क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 244 में से महज पांच शहरों में हवा 'बेहतर' है। 71 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 02 जनवरी 2026 को भी यह आंकड़ा 71 दर्ज किया गया था।

124 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' (101-200 के बीच) बनी हुई है।

दूसरे शहरों की तुलना में आज भी तालचेर (332) में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां एक्यूआई 340 के करीब पहुंच गया। इसके साथ ही तालचेर में वायु गुणवत्ता आज भी ‘बेहद खराब’ बनी हुई है। हालांकि कल से प्रदूषण में 48 अंकों की गिरावट जरूर आई है।    

गौरतलब है कि कल दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 236 दर्ज किया गया था। हालांकि आज 31 अंकों के उछाल के साथ दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक बढ़कर 267 पर पहुंच गया। मतलब कि आज भी दिल्ली में स्थिति 'खराब' बनी हुई है।

दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में इजाफा हुआ है। आज फरीदाबाद में एक्यूआई 222 रिकॉर्ड किया गया। इसका मतलब है कि आज भी फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता ‘खराब’ बनी हुई है।   

प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 03 जनवरी को सिंगरौली चौथे स्थान पर है, वहीं बारीपदा (324) दूसरे, जबकि अंगुल (321) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 173, गाजियाबाद में 262, गुवाहाटी में 72, गुरूग्राम में 244, नोएडा में 242, ग्रेटर नोएडा में 239 पर पहुंच गया है।

इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 106 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘मध्यम‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 110, चेन्नई में 109, चंडीगढ़ में 114, हैदराबाद में 102, जयपुर में 153 और पटना में 168 दर्ज किया गया।

इन शहरों में साफ रही हवा

देश के जिन पांच शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें चामराजनगर, चिक्कमगलुरु, दमोह, मदिकेरी, विजयपुरा शामिल हैं।

वहीं अगरतला, अहमदनगर, आइजोल, अंकलेश्वर, बागलकोट, बारां, बरेली, बठिंडा, बेलगाम, भिलाई, भिवानी, बिलासपुर, बोइसर, बूंदी, चंद्रपुर, छाल, कोयंबटूर, कुड्डालोर, दौसा, एलूर, फिरोजाबाद, गांधीनगर, गोरखपुर, गुवाहाटी, हिसार, हुबली, झालावाड़, झांसी, जींद, कलबुर्गी, कन्नूर, कानपुर, करौली, करूर, कोहिमा, कोल्हापुर, कोरबा, कुंजेमुरा, मदुरै, मैहर, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीखेड़ा, मंगुराहा, मिलुपारा, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मैसूर, ऊटी, पलवल, पंपोर, पंचगांव, पटियाला, प्रतापगढ़, प्रयागराज, रायपुर, राजसमंद, रामनगर, रूपनगर, सतना, शिलांग, शिवमोगा, सिलचर, शिवसागर, श्रीनगर, ठाणे, थूथुकुडी, त्रिशूर, वापी, वाराणसी, विरार, वृंदावन आदि 71 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।

क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक

देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।

इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।

यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।

ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।

कल देश में वायु गुणवत्ता की स्थिति कैसी थी इसकी जानकारी आप डाउन टू अर्थ के एयर क्वालिटी ट्रैकर के पिछले अंक से प्राप्त कर सकते हैं:

प्रदूषण का रिपोर्ट कार्ड: प्रदूषण का हॉटस्पॉट बना ओडिशा, कोयला शहर तालचेर की हवा सबसे खराब

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