रायपुर की सड़कों पर दौड़ रहे 80 हजार से ज्यादा अनफिट वाहन, एनजीटी में खुली पोल

रिपोर्ट के मुताबिक रायपुर में 2025-26 के दौरान पीएम2.5 और पीएम10 के औसत स्तर में गिरावट दर्ज की गई है। इस दौरान पीएम2.5 का औसत स्तर घटकर 25.4 और पीएम10 का औसत स्तर 62.86 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रिकॉर्ड किया गया।
रायपुर में आबादी से चार गुणा अधिक तेजी से बढ़ रहे हैं वाहन। 2024 में प्रतिदिन 355 वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ। फोटो : भागीरथ
रायपुर में आबादी से चार गुणा अधिक तेजी से बढ़ रहे हैं वाहन। 2024 में प्रतिदिन 355 वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ। फोटो : भागीरथ
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सारांश
  • रायपुर में वायु गुणवत्ता के आंकड़ों में सुधार और मानकों के अनुरूप प्रदूषण के दर्ज होने के बावजूद जमीनी हकीकत चिंताजनक बनी हुई है।

  • एनजीटी में पेश एक मामले में याचिकाकर्ता का आरोप है रायपुर की सड़कों पर अब भी 80 हजार से ज्यादा अनफिट वाहन दौड़ रहे हैं, जबकि धुआं उगलते सार्वजनिक वाहन और बिना फिटनेस वाले भारी ट्रकों की आवाजाही प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करती है।

  • वहीं दूसरी तरफ समिति ने अपनी रिपोर्ट में जानकारी दी है कि क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय ने समस्या से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसमें वाहन पोर्टल पर बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र के किसी भी वाहन संबंधी कार्य पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा प्रदूषण प्रमाणपत्र के बिना चलने वाले वाहनों पर ई-चालान की कार्रवाई भी की जा रही है।

  • रिपोर्ट में इस बात पर भी प्रकाश डाला है कि रायपुर में 2024-25 के दौरान पीएम2.5 का औसत स्तर 28.82 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर और पीएम10 का औसत स्तर 65.38 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर दर्ज किया गया। वहीं 2025-26 में पीएम2.5 का स्तर घटकर 25.4 और पीएम10 का औसत स्तर 62.86 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रिकॉर्ड किया गया।

  • ऐसे में साफ है कि भले ही आंकड़ों में सुधार दिखता हो लेकिन साथ ही प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नियमों का सख्ती से पालन और प्रभावी अमल भी बेहद जरूरी है।

वाहनों से बढ़ते प्रदूषण के मामले में 14 अप्रैल 2026 को संयुक्त समिति ने अपनी रिपोर्ट नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के समक्ष प्रस्तुत कर दी है। इस रिपोर्ट में रायपुर शहर के ई-डिटेक्शन सिस्टम और अनफिट वाहनों की ई-चालान व्यवस्था की समीक्षा की गई है।

याचिकाकर्ता का आरोप है कि परिवहन विभाग की नियमित कार्रवाई के दावों के बावजूद रायपुर की सड़कों पर 80 हजार से ज्यादा अनफिट वाहन अब भी दौड़ रहे हैं। शहरभर में धुआं उगलते ऑटो, बसें और टैक्सियां दिनभर देखी जा सकती हैं, जबकि रात में नो-एंट्री खत्म होते ही बिना फिटनेस सर्टिफिकेट वाले भारी वाहन शहर में प्रवेश कर रहे हैं।

आवेदन में यह भी कहा गया कि रेत, गिट्टी और निर्माण सामग्री ढोने वाले ट्रक व डंपर बिना जांच और फिटनेस क्लियरेंस के शहर की सीमा में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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रायपुर में आबादी से चार गुणा अधिक तेजी से बढ़ रहे हैं वाहन। 2024 में प्रतिदिन 355 वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ। फोटो : भागीरथ

वहीं दूसरी तरफ समिति ने अपनी रिपोर्ट में जानकारी दी है कि क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय ने समस्या से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसमें वाहन पोर्टल पर बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र के किसी भी वाहन संबंधी कार्य पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा प्रदूषण प्रमाणपत्र के बिना चलने वाले वाहनों पर ई-चालान की कार्रवाई भी की जा रही है।

मानकों के अनुरूप है रायपुर में वायु गुणवत्ता

नेशनल एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग प्रोग्राम के तहत, रायपुर में छह जगहों पर मैनुअल एम्बिएंट एयर क्वालिटी मेजरमेंट किए जाते हैं। इसके अलावा, रायपुर में चार सतत एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन चालू हैं।

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रायपुर में आबादी से चार गुणा अधिक तेजी से बढ़ रहे हैं वाहन। 2024 में प्रतिदिन 355 वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ। फोटो : भागीरथ

रिपोर्ट में इस बात पर भी प्रकाश डाला है कि रायपुर में 2024-25 के दौरान पीएम2.5 का औसत स्तर 28.82 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर और पीएम10 का औसत स्तर 65.38 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर दर्ज किया गया। वहीं 2025-26 में पीएम2.5 का स्तर घटकर 25.4 और पीएम10 का औसत स्तर 62.86 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रिकॉर्ड किया गया।

इसी तरह रायपुर में सतत मॉनिटरिंग स्टेशनों के आंकड़ों में भी सुधार दर्ज किया गया है। आंकड़ों के अनुसार, 2024-25 में पीएम2.5 का औसत स्तर 32.8 और पीमए10 का औसत स्तर 80.79 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रहा। वहीं 2025-26 में पीएम2.5 घटकर 27.79 और पीएम10 का औसत स्तर 68.59 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर दर्ज किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, ये स्तर निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं।

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रायपुर में आबादी से चार गुणा अधिक तेजी से बढ़ रहे हैं वाहन। 2024 में प्रतिदिन 355 वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ। फोटो : भागीरथ

समिति के मुताबिक वायु गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप है। हालांकि देखा जाए तो सड़कों पर बड़ी संख्या में अनफिट वाहनों की मौजूदगी चिंता का विषय बनी हुई है।

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