प्रदूषण में गुरुग्राम फिर नंबर वन, दिल्ली सहित दस शहरों में स्थिति 'बेहद खराब'

गुरुग्राम में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 2,100 फीसदी अधिक है
प्रदूषण में गुरुग्राम फिर नंबर वन, दिल्ली सहित दस शहरों में स्थिति 'बेहद खराब'
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सारांश
  • गुरुग्राम में प्रदूषण की स्थिति बेहद खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 358 दर्ज किया गया। दिल्ली सहित दस शहरों में भी हालात चिंताजनक हैं।

  • गुरुग्राम में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 2,100 फीसदी अधिक है।

  • दूसरी तरफ देश में शिलांग की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 29 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर में गुरुग्राम की तुलना शिलांग से करें तो वहां स्थिति 11 गुणा खराब है।

  • दिल्ली से जुड़े आंकड़ों को देखें तो कल से भले ही प्रदूषण में गिरावट आई है, लेकिन दिल्ली में वायु गुणवत्ता अभी भी बेहद खराब है।

  • 21 जनवरी 2026 को 248 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां महज 2.8 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 26.6 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 70.6 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं।

  • फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक 234 रिकॉर्ड किया गया है।  

  • आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में धारूहेड़ा-कल्याण (351) दूसरे जबकि गाजियाबाद (347) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह 337 अंकों के साथ नारनौल चौथे स्थान पर है। दिल्ली-नोएडा में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 330 और 329 अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं।

  • ग्रेटर नोएडा (320) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में मानेसर (316), भिवाड़ी (305), सिंगरौली (300) भी शामिल हैं।

  • आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में उत्तर प्रदेश के तीन शहर (गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा) और हरियाणा के चार शहर (गुरुग्राम, धारूहेड़ा, नारनौल, मानेसर) शामिल हैं।

विश्लेषण से पता चला है कि 21 जनवरी 2026 को देश में एक बार फिर गुरुग्राम की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित रही, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 358 रिकॉर्ड किया गया। इससे पहले 20 जनवरी को गुरुग्राम में वायु गुणवत्ता सूचकांक 394 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में 36 अंकों का सुधार आया है। हालांकि इसके बावजूद वहां वायु गुणवत्ता अभी भी बेहद खराब बनी हुई है।            

रुझानों में सामने आया है कि गुरुग्राम की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) पूरी तरह हावी हैं। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है। 

गुरुग्राम में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 2,100 फीसदी अधिक है।

दूसरी तरफ देश में शिलांग की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 29 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर में गुरुग्राम की तुलना शिलांग से करें तो वहां स्थिति 11 गुणा खराब है।

राजधानी दिल्ली से जुड़े आंकड़ों को देखें तो कल से भले ही प्रदूषण में गिरावट आई है, लेकिन दिल्ली में वायु गुणवत्ता अभी भी बेहद खराब है। कल दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 378 दर्ज किया गया था। हालांकि 21 जनवरी को 48 अंकों के सुधार के साथ दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 330 पर पहुंच गया है।

इससे पहले 14 नवंबर को दिल्ली में 2025 का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया था, जब एक्यूआई बढ़कर 461 तक पहुंच गया।     

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 21 जनवरी 2026 को 248 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां महज 2.8 फीसदी शहरों में हवा साफ है।

वहीं 26.6 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 70.6 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज भी हवा चिंताजनक बनी हुई है।

बता दें कि कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में कोई बदलाव नहीं हुआ है और स्थिति जस की तस है। वहीं संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में 9.6 फीसदी की कमी दर्ज की गई। दूसरी तरफ मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की बात करें तो इनकी संख्या में 22.7 फीसदी का इजाफा हुआ है। खराब वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में कल से 26.8 फीसदी की गिरावट आई है, जोकि राहत की खबर है। इसी तरह बेहद खराब हवा वाले शहरों की गिनती में भी कल से 16.7 फीसदी की गिरावट आई है।     

फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक 234 रिकॉर्ड किया गया है।  

आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में धारूहेड़ा-कल्याण (351) दूसरे जबकि गाजियाबाद (347) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह 337 अंकों के साथ नारनौल चौथे स्थान पर है। दिल्ली-नोएडा में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 330 और 329 अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं।

ग्रेटर नोएडा (320) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में मानेसर (316), भिवाड़ी (305), सिंगरौली (300) भी शामिल हैं। गौरतलब है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में उत्तर प्रदेश के तीन शहर (गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा) और हरियाणा के चार शहर (गुरुग्राम, धारूहेड़ा, नारनौल, मानेसर) शामिल हैं।

विश्लेषण से यह भी पता चला है कि गुरुग्राम, धारूहेड़ा, नारनौल, दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, मानेसर, सिंगरौली, बारीपदा, बीकानेर, बालासोर, चरखी दादरी, ग्वालियर, जींद, गुम्मिडीपूंडी, चूरू, कोलकाता, बागपत, फरीदाबाद, बुलंदशहर, सीकर, आसनसोल, हापुड़, छपरा, हल्दिया, मेरठ, टोंक, तालचेर, कोटा, बेलापुर, धौलपुर, जयपुर, पानीपत, अमरावती (आंध्रप्रदेश), चित्तौड़गढ़, पीथमपुर, रोहतक, झुंझुनू, सिरसा, बहादुरगढ़, मुजफ्फरनगर, फतेहाबाद, बैरकपुर, बिलीपाड़ा, करनाल, नागौर, मंडीदीप, राजमहेंद्रवरम, यमुना नगर , मंडी गोबिंदगढ़, मंडीखेड़ा, सवाई माधोपुर, कोल्लम, बर्नीहाट, पुणे, सुआकाती, बिहार शरीफ, क्योंझर, मालेगांव, दुर्गापुर, नागपुर, बूंदी, उल्हासनगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, हाजीपुर, बेतिया, नलबाड़ी, राजगीर, देहरादून, एलूर, झालावाड़, पाली, अररिया, बारां, मोतिहारी, सोनीपत, कडप्पा, भीलवाड़ा, चेन्नई, समस्तीपुर, बक्सर, काशीपुर आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।

वहीं गाजियाबाद, भिवाड़ी, हावड़ा, श्री गंगानगर, विशाखापत्तनम, आगरा, गुवाहाटी, खुर्जा, बद्दी, बारबिल, नयागढ़, धनबाद, राउरकेला, सहरसा, कुंजेमुरा, नाहरलागुन, चंद्रपुर, भिवंडी, गया, जालोर, ब्रजराजनगर, बेगूसराय, लखनऊ, कानपुर, तुमडीह, सिवान, अलवर, औरंगाबाद (बिहार), अंकलेश्वर, मुंबई, पटना, विरार, पिंपरी-चिंचवाड़, अहमदाबाद, अहमदनगर, धुले, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), भागलपुर, पटियाला, दौसा, नवी मुंबई, वातवा, तिरुवनंतपुरम, नासिक, बदलापुर, अजमेर, गांधीनगर, मुरादाबाद, रतलाम, रामनगर, लुधियाना, ठाणे, कोयंबटूर, डूंगरपुर, तुमकुरु, पलवल, कन्नूर, मंगुराहा, हिसार, कोरबा, नांदेड़, मीरा-भायंदर, प्रयागराज, जलना, वाराणसी, बेंगलुरु, अमरावती (महाराष्ट्र), खन्ना, महाड आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।

इन शहरों के विपरीत देश के 2.8 फीसदी यानी महज सात शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में बागलकोट, चामराजनगर, चिक्कमगलुरु, मदिकेरी, रूपनगर, शिलांग, श्रीनगर आदि शामिल हैं। 

आज देश के जिन 66 शहरों में वायु गुणवत्ता सन्तोषजनक है, उनमें हैदराबाद, इंदौर, जैसलमेर, जालंधर, जलगांव, झांसी, जोधपुर, कलबुर्गी, करौली, किशनगंज, कोहिमा, कोल्हापुर, लातूर, मदुरै, मिलुपारा, मुंगेर, मैसूरु, नागपट्टिनम, पंपोर, परभनी, पेरुंदुरई, पुडुकोट्टई, रायपुर, रायरंगपुर, राजसमंद, रामनाथपुरम, सागर, सांगली, सासाराम, सतना, शिवमोगा, सिलचर, सिरोही, शिवसागर, सोलापुर, सूरत, तंजावुर, थूथुकुडी, त्रिशूर, तिरुपति, विजयपुरा, विजयवाड़ा आदि शामिल हैं।

इन शहरों के उलट आज देश के 135 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

इन शहरों में आगरा, अहमदाबाद, अहमदनगर, अजमेर, अलवर, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अमरावती (महाराष्ट्र), अमृतसर, अंकलेश्वर, अररिया, औरंगाबाद (बिहार), औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बद्दी, बदलापुर, बहादुरगढ़, बांसवाड़ा, बारां, बारबिल, बैरकपुर, बेगूसराय, बेंगलुरु, बेतिया, भागलपुर, भरतपुर, भीलवाड़ा, भिवंडी, भोपाल, बिहार शरीफ, बिलीपाड़ा, ब्रजराजनगर, बूंदी, बक्सर, बर्नीहाट, चंडीगढ़, चंद्रपुर, चेन्नई, चित्तौड़गढ़, कोयंबटूर, कुड्डालोर, दौसा, देहरादून, धनबाद, धौलपुर, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलूर, फतेहाबाद, गांधीनगर, गया, गुवाहाटी, हाजीपुर, हिसार, जबलपुर, जयपुर, जलना, जालोर, झालावाड़, झुंझुनू, कडप्पा, कैथल, कन्नूर, कानपुर, करनाल, काशीपुर, कटिहार, कटनी, क्योंझर, खन्ना, खुर्जा, कोल्लम, कोरबा, कुंजेमुरा, कुरुक्षेत्र, लखनऊ, लुधियाना, महाड, मालेगांव, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीदीप, मंडीखेड़ा, मंगुराहा, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुंबई, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नागौर, नागपुर, नाहरलागुन, नलबाड़ी, नांदेड़, नासिक, नवी मुंबई, नयागढ़, पाली, पलवल, पंचगांव, पंचकुला, पानीपत, पटियाला, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पुडुचेरी, पुणे, पूर्णिया, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, रामनगर, रतलाम, रोहतक, राउरकेला, सहरसा, समस्तीपुर, सवाई माधोपुर, सिरसा, सिवान, सोनीपत, सुआकाती, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, तिरुमाला, तुमकुरु, तुमडीह, उदयपुर, उज्जैन, उल्हासनगर, वाराणसी, वातवा, विरार, यमुना नगर शामिल हैं।

आंकड़ों में यह भी सामने आया है कि आज देश के 30 शहरों में वायु गुणवत्ता खराब है। इन शहरों में अंगुल, आसनसोल, बागपत, बालासोर, बारीपदा, बेलापुर, भुवनेश्वर, बीकानेर, बुलंदशहर, ब्यासनगर, चरखी दादरी, छपरा, चूरू, कटक, फरीदाबाद, गुम्मिडीपूंडी, ग्वालियर, हल्दिया, हापुड़, हावड़ा, जींद, कोलकाता, कोटा, मेरठ, सीकर, सिंगरौली, श्री गंगानगर, तालचेर, टोंक, विशाखापत्तनम शामिल हैं।

वहीं भिवाड़ी, दिल्ली, धारूहेड़ा, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, कल्याण, मानेसर, नारनौल, नोएडा में वायु गुणवत्ता 'बेहद खराब' है।

क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 248 में से महज सात शहरों में हवा 'बेहतर' है। 66 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 20 जनवरी 2026 को भी यह आंकड़ा 73 दर्ज किया गया था।

135 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' (101-200 के बीच) बनी हुई है।

दूसरे शहरों की तुलना में आज गुरुग्राम (358) में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। आंकड़ों के मुताबिक वहां कल से प्रदूषण में 36 अंकों का सुधार आया है। हालांकि गुरुग्राम में वायु गुणवत्ता अभी भी बेहद खराब बनी हुई है।           

दिल्ली में भी आज स्थिति बेहद खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 330 दर्ज किया गया। गौरतलब है कि कल दिल्ली में एक्यूआई बढ़कर 378 तक पहुंच गया था। मतलब कि कल से दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में गिरावट आई है। चिंता की बात यह है कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता अभी भी मानकों से 2,000 फीसदी अधिक खराब है।

दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है, जहां सूचकांक 234 रिकॉर्ड किया गया। इसका मतलब है कि फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता अभी भी खराब श्रेणी में है।

प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 21 जनवरी को गाजियाबाद चौथे स्थान पर है, वहीं धारूहेड़ा (351) दूसरे, जबकि कल्याण (351) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 252, गाजियाबाद में 347, गुवाहाटी में 187, गुरूग्राम में 358, नोएडा में 329, ग्रेटर नोएडा में 320 पर पहुंच गया है।

इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 127 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘मध्यम‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 138, चेन्नई में 129, चंडीगढ़ में 110, हैदराबाद में 85, जयपुर में 199 और पटना में 127 दर्ज किया गया।

इन शहरों में साफ रही हवा

देश के जिन सात शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें बागलकोट, चामराजनगर, चिक्कमगलुरु, मदिकेरी, रूपनगर, शिलांग, श्रीनगर शामिल हैं।

वहीं अगरतला, आइजोल, अकोला, अंबाला, अनंतपुर, आरा, बरेली, बाड़मेर, बठिंडा, बेलगाम, भिलाई, बिलासपुर, बोइसर, छाल, चित्तूर, दावनगेरे, देवास, धारवाड़, डिंडीगुल, फिरोजाबाद, गोरखपुर, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जैसलमेर, जालंधर, जलगांव, झांसी, जोधपुर, कलबुर्गी, करौली, किशनगंज, कोहिमा, कोल्हापुर, लातूर, मदुरै, मिलुपारा, मुंगेर, मैसूरु, नागपट्टिनम, पंपोर, परभनी, पेरुंदुरई, पुडुकोट्टई, रायपुर, रायरंगपुर, राजसमंद, रामनाथपुरम, सागर, सांगली, सासाराम, सतना, शिवमोगा, सिलचर, सिरोही, शिवसागर, सोलापुर, सूरत, तंजावुर, थूथुकुडी, त्रिशूर, तिरुपति, विजयपुरा, विजयवाड़ा, वृंदावन, यादगीर आदि 66 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।

क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक

देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।

इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।

यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।

ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।

कल देश में वायु गुणवत्ता की स्थिति कैसी थी इसकी जानकारी आप डाउन टू अर्थ के एयर क्वालिटी ट्रैकर के पिछले अंक से प्राप्त कर सकते हैं:

प्रदूषण की राजधानी बना गुरुग्राम, दिल्ली-गाजियाबाद में भी स्थिति 'बेहद खराब'

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