

चरखी दादरी 288 एक्यूआई के साथ देश का सबसे प्रदूषित शहर बना हुआ है, जहां हवा डब्ल्यूएचओ मानकों से 1,800 फीसदी अधिक जहरीली है।
इसी तरह हरियाणा के पांच शहर देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हैं, जबकि देश के महज 4.3 फीसदी शहरों में ही हवा साफ है। साफ हवा वाले शहरों की संख्या में गिरावट और फरीदाबाद में बढ़ते प्रदूषण ने चिंता और बढ़ा दी है।
विश्लेषण के मुताबिक 27 फरवरी 2026 को एक बार फिर देश में चरखी दादरी सबसे अधिक प्रदूषित शहर रहा। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 288 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। इससे एक दिन पहले यानी 26 फरवरी को चरखी दादरी में एक्यूआई 292 था। यानी बीते 24 घंटों में प्रदूषण के स्तर में चार अंकों का सुधार आया है।
रुझानों में सामने आया है कि चरखी दादरी की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।
चरखी दादरी में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 1,800 फीसदी अधिक है।
दूसरी तरफ देश में मदिकेरी की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 23 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर चरखी दादरी की तुलना मदिकेरी से करें तो वहां स्थिति 12 गुणा खराब है।
राजधानी दिल्ली से जुड़े आंकड़ों को देखें तो कल से प्रदूषण में कोई बदलाव नहीं हुआ है और स्थिति जस की तस है। मतलब कि दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 दर्ज किया गया है। इससे पहले 18 जनवरी को दिल्ली में 2026 का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया था, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 27 फरवरी 2026 को 233 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां महज 4.3 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 47.6 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 48 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज भी हवा चिंताजनक बनी हुई है।
बता दें कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 23.1 फीसदी की गिरावट आई है। इसी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में भी 1.8 फीसदी की कमी आई है। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की बात करें तो इनकी संख्या में 2.1 फीसदी की कमी दर्ज की गई।
फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक 221 (+18) दर्ज किया गया है।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में बल्लभगढ़ (277) दूसरे जबकि अंगुल (275) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह 268 अंकों के साथ मानेसर चौथे स्थान पर है। अगरतला- मंडी गोबिंदगढ़ में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 263 और 252 अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
भिवाड़ी (244) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में गुरुग्राम (242), धारूहेड़ा (241) और कटक (240) भी शामिल हैं। गौरतलब है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के पांच शहर (चरखी दादरी, बल्लभगढ़, मानेसर, गुरुग्राम, धारूहेड़ा) शामिल हैं।
विश्लेषण से यह भी पता चला है कि चरखी दादरी, मानेसर, अगरतला, मंडी गोबिंदगढ़, धारूहेड़ा, मंडीदीप, गुम्मिडीपूंडी, पानीपत, पंचगांव, बर्नीहाट, कुरुक्षेत्र, देहरादून, नंदेसरी, यमुना नगर, कैथल, बागपत, हाजीपुर, नाहरलागुन, पाली, बद्दी, नागपुर, नलबाड़ी, बालासोर, खन्ना, वातवा, मुजफ्फरनगर, नारनौल, रूपनगर, करनाल, हल्दिया, मोतिहारी, अररिया, मुजफ्फरपुर, तिरुपति, तिरुमाला, कडप्पा आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।
वहीं बल्लभगढ़, भिवाड़ी, गुरुग्राम, तालचेर, फरीदाबाद, गाजियाबाद, सवाई माधोपुर, झुंझुनू, बुलंदशहर, सिरसा, कटनी, नोएडा, हावड़ा, जैसलमेर, नागौर, पीथमपुर, कोलकाता, सीकर, सिलीगुड़ी, भुवनेश्वर, दमोह, पटना, लखनऊ, मंगुराहा, श्री गंगानगर, चित्तौड़गढ़, ग्वालियर, उदयपुर, बूंदी, चूरू, हापुड़, जोधपुर, खुर्जा, अलवर, गांधीनगर, जयपुर, सुआकाती, दौसा, गुवाहाटी, नयागढ़, चंद्रपुर, भोपाल, कोटा, मेरठ, प्रतापगढ़, बठिंडा, चेन्नई आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।
इन शहरों के विपरीत देश के 4.3 फीसदी यानी महज 10 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में भिलाई, चामराजनगर, चिक्कमगलुरु, धुले, कोल्हापुर, मदिकेरी, पंचकुला, सांगली, शिलांग, श्रीनगर आदि शामिल हैं।
आज देश के जिन 111 शहरों में वायु गुणवत्ता सन्तोषजनक है, उनमें भावनगर, भिवंडी, भिवानी, बिलासपुर, बोइसर, बक्सर, छाल, छपरा, चिक्काबल्लापुर, चित्तूर, कोयंबटूर, धारवाड़, धौलपुर, डूंगरपुर, एलूर, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, गंगटोक, गया, गोरखपुर, हुबली, हैदराबाद, जबलपुर, जालंधर, जलना, जालोर, झालावाड़, झांसी, कलबुर्गी, कल्याण, कन्नूर, करौली, कटिहार, क्योंझर, किशनगंज, कोहिमा, कोरबा, कुंजेमुरा, लातूर, लुधियाना, महाड, मालेगांव, मंडीखेड़ा, मिलुपारा, मुंबई, मुंगेर, मैसूर, नांदेड़, नासिक, नवी मुंबई, पलवल, पंपोर, परभनी, पेरुंदुरई, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रयागराज, पुदुचेरी, पुणे, पूर्णिया, रायपुर, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, राजसमंद, रतलाम, ऋषिकेश, राउरकेला, सागर, सासाराम, सतना आदि शामिल हैं।
इन शहरों के उलट आज देश के 95 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
इन शहरों में आगरा, अहमदाबाद, अजमेर, अलवर, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अररिया, औरंगाबाद (बिहार), बद्दी, बागपत, बालासोर, बारां, बारबिल, बठिंडा, बेंगलुरु, भीलवाड़ा, भोपाल, भुवनेश्वर, बिहार शरीफ, बीकानेर, बुलंदशहर, बूंदी, बर्नीहाट, चंडीगढ़, चंद्रपुर, चेन्नई, चित्तौड़गढ़, चूरू, दमोह, दौसा, देहरादून, दिल्ली, देवास, दुर्गापुर, गांधीनगर, गुवाहाटी, ग्वालियर, हाजीपुर, हल्दिया, हनुमानगढ़, हापुड़, हावड़ा, इंदौर, जयपुर, जैसलमेर, झुंझुनू, जोधपुर, कडप्पा, कैथल, कानपुर, करनाल, कटनी, खन्ना, खुर्जा, कोलकाता, कोटा, कुरुक्षेत्र, लखनऊ, मंगुराहा, मेरठ, मेहसाणा, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नागौर, नागपुर, नाहरलागुन, नलबाड़ी, नंदेसरी, नारनौल, नयागढ़, नोएडा, पाली, पंचगांव, पानीपत, पटियाला, पटना, पीथमपुर, प्रतापगढ़, राजकोट, रामनगर, रूपनगर, सहरसा, सवाई धोपुर, सीकर, सिलीगुड़ी, सिरसा, श्री गंगानगर, सुआकाती, तिरुवनंतपुरम, तिरुमाला, तिरुपति, उदयपुर, वातवा, यमुना नगर शामिल हैं।
आंकड़ों में यह भी सामने आया है कि आज देश के 17 शहरों में वायु गुणवत्ता खराब है। इन शहरों में अगरतला, अंगुल, बल्लभगढ़, भिवाड़ी, ब्यासनगर, चरखी दादरी, कटक, धारूहेड़ा, फरीदाबाद, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुम्मिडीपूंडी, गुरुग्राम, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीदीप, मानेसर, तालचेर शामिल हैं।
क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 233 में से महज 10 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 111 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 26 फरवरी को यह आंकड़ा 113 दर्ज किया गया था।
95 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' (101-200 के बीच) बनी हुई है।
दूसरे शहरों की तुलना में आज चरखी दादरी में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 288 पर पहुंच गया। इससे पहले कल चरखी दादरी में एक्यूआई 292 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में चार अंकों का सुधार आया है।
दिल्ली में 27 फरवरी को प्रदूषण में कोई बदलाव नहीं हुआ है और स्थिति जस की तस है। दिल्ली में कल और आज वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 दर्ज किया गया। चिंता की बात यह है कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता अभी भी मानकों से 300 फीसदी अधिक खराब है।
दूसरी तरफ फरीदाबाद में कल से प्रदूषण में इजाफा हुआ है। फरीदाबाद में कल जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 203 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 221 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता आज मध्यम से खराब श्रेणी में पहुंच गई है।
प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 27 फरवरी को मानेसर चौथे स्थान पर है, वहीं बल्लभगढ़ (277) दूसरे, जबकि अंगुल (275) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 126, गाजियाबाद में 207, गुवाहाटी में 120, गुरूग्राम में 242, नोएडा में 147, ग्रेटर नोएडा में 235 पर पहुंच गया है।
इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 54 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 129, चेन्नई में 114, चंडीगढ़ में 105, हैदराबाद में 79, जयपुर में 121 और पटना में 132 दर्ज किया गया।
इन शहरों में साफ रही हवा
देश के जिन 10 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें भिलाई, चामराजनगर, चिक्कमगलुरु, धुले, कोल्हापुर, मदिकेरी, पंचकुला, सांगली, शिलांग, श्रीनगर शामिल हैं।
वहीं अहमदनगर, आइजोल, अकोला, अंबाला, अमरावती (महाराष्ट्र), अमृतसर, अनंतपुर, अंकलेश्वर, आरा, आसनसोल, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बदलापुर, बांसवाड़ा, बरेली, बारीपदा, बाड़मेर, बैरकपुर, बेगूसराय, बेलापुर, बेतिया, भागलपुर, भरतपुर, भावनगर, भिवंडी, भिवानी, बिलासपुर, बोइसर, बक्सर, छाल, छपरा, चिक्काबल्लापुर, चित्तूर, कोयंबटूर, धारवाड़, धौलपुर, डूंगरपुर, एलूर, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, गंगटोक, गया, गोरखपुर, हुबली, हैदराबाद, जबलपुर, जालंधर, जलना, जालोर, झालावाड़, झांसी, कलबुर्गी, कल्याण, कन्नूर, करौली, कटिहार, क्योंझर, किशनगंज, कोहिमा, कोरबा, कुंजेमुरा, लातूर, लुधियाना, महाड, मालेगांव, मंडीखेड़ा, मिलुपारा, मुंबई, मुंगेर, मैसूर, नांदेड़, नासिक, नवी मुंबई, पलवल, पंपोर, परभनी, पेरुंदुरई, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रयागराज, पुदुचेरी, पुणे, पूर्णिया, रायपुर, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, राजसमंद, रतलाम, ऋषिकेश, राउरकेला, सागर, सासाराम, सतना, सिलचर, सिरोही, शिवसागर, सिवान, सोलापुर, सूरत, टेन्सा, ठाणे, थूथुकुडी, त्रिशूर, टोंक, उल्हासनगर, वडोदरा, वाराणसी, विजयवाड़ा, विरार, विशाखापत्तनम, वृंदावन, यादगीर आदि 111 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।
इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।
ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।
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हरियाणा में बढ़ते प्रदूषण से बिगड़ी स्थिति, चरखी दादरी में 300 के करीब एक्यूआई