

हरियाणा में प्रदूषण की स्थिति गंभीर होती जा रही है। 26 फरवरी 2026 को चरखी दादरी 292 एक्यूआई के साथ देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा और यहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से 1,800 फीसदी अधिक दर्ज किया गया।
चौंकाने वाली बात यह है कि देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में से छह हरियाणा के हैं।
240 शहरों के विश्लेषण में सामने आया कि महज 5.4 फीसदी शहरों में हवा साफ है, जबकि करीब आधे शहरों में हालात चिंताजनक बने हुए हैं।
हालांकि कुछ शहरों में मामूली सुधार दर्ज किया गया है, लेकिन देश के बड़े हिस्से में पीएम2.5 और पीएम10 का कहर अब भी जारी है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरे की घंटी है।
विश्लेषण के मुताबिक 26 फरवरी 2026 को देश में चरखी दादरी सबसे अधिक प्रदूषित शहर रहा। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 292 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। इससे एक दिन पहले यानी 25 फरवरी को चरखी दादरी में एक्यूआई 296 था। यानी बीते 24 घंटों में प्रदूषण के स्तर में चार अंकों का सुधार आया है।
रुझानों में सामने आया है कि चरखी दादरी की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।
चरखी दादरी में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 1,800 फीसदी अधिक है।
दूसरी तरफ देश में मदिकेरी की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 29 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर चरखी दादरी की तुलना मदिकेरी से करें तो वहां स्थिति 10 गुणा खराब है।
गौरतलब है कि कल देश में अगरतला की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित थी, जब एक्यूआई 356 रिकॉर्ड किया गया था। हालांकि आज 105 अंकों के सुधार के साथ अगरतला में सूचकांक घटकर 251 पर पहुंच गया है।
राजधानी दिल्ली से जुड़े आंकड़ों को देखें तो कल से प्रदूषण में गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही आज वायु गुणवत्ता खराब से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है। कल दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 228 दर्ज किया गया था, जो 26 फरवरी को 28 अंकों के सुधार के साथ घटकर 200 पर पहुंच गया है। इससे पहले 18 जनवरी को दिल्ली में 2026 का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया था, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 26 फरवरी 2026 को 240 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां महज 5.4 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 47.1 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 47.5 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज भी हवा चिंताजनक बनी हुई है।
बता दें कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 7.1 फीसदी की गिरावट आई है। दूसरी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में 17.7 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की बात करें तो इनकी संख्या में 9.3 फीसदी की कमी दर्ज की गई। इसी तरफ खराब वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में भी कल से 15 फीसदी की गिरावट आई है, जोकि राहत की खबर है।
फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक 203 (+11) दर्ज किया गया है।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में बल्लभगढ़ (290) दूसरे जबकि भिवाड़ी (276) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह 265 अंकों के साथ कटक चौथे स्थान पर है। अगरतला-बहादुरगढ़ में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 251 और 249 अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
मानेसर (247) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में धारूहेड़ा (246), गुरुग्राम (246), अंगुल (242) भी शामिल हैं। गौरतलब है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के छह शहर (चरखी दादरी, बल्लभगढ़, बहादुरगढ़, मानेसर, धारूहेड़ा, गुरुग्राम) शामिल हैं।
विश्लेषण से यह भी पता चला है कि चरखी दादरी, अगरतला, बहादुरगढ़, मानेसर, धारूहेड़ा, बागपत, पानीपत, नंदेसरी, कुरुक्षेत्र, हापुड़, बालासोर, रायबरेली, पंचगांव, नाहरलागुन, करनाल, गुम्मिडीपूंडी, बर्नीहाट, कोलकाता, यमुना नगर, बद्दी, काशीपुर, कैथल, मुजफ्फरनगर, देहरादून, मंडीदीप, नलबाड़ी, हल्दिया, वातवा, रोहतक, चंडीगढ़, नागांव, रूपनगर, नारनौल, इंदौर, समस्तीपुर आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।
वहीं बल्लभगढ़, भिवाड़ी, गुरुग्राम, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद, दिल्ली, विशाखापत्तनम, सिंगरौली, सवाई माधोपुर, नोएडा, बठिंडा, हावड़ा, बुलंदशहर, गांधीनगर, तालचेर, नयागढ़, भुवनेश्वर, श्री गंगानगर, लखनऊ, पीथमपुर, दुर्गापुर, ग्वालियर, कटनी, खुर्जा, सिलीगुड़ी, पाली, जालोर, मेरठ, आगरा, दौसा, मंगुराहा, नागपुर, चंद्रपुर, हाजीपुर, जोधपुर, बारबिल, भरतपुर, चित्तौड़गढ़, पटना, अलवर, भीलवाड़ा, अहमदाबाद, पटियाला, सहरसा, उदयपुर, जलगांव, कोटा, कुंजेमुरा, सूरत, गोरखपुर, अजमेर, मुरादाबाद, भोपाल, जयपुर आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।
इन शहरों के विपरीत देश के 5.4 फीसदी यानी महज 13 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में भिलाई, चामराजनगर, धुले, कोल्हापुर, मदिकेरी, मीरा-भायंदर, पंपोर, पुदुचेरी, शिलांग, श्री विजयनगर पुरम, श्रीनगर, थूथुकुडी, वापी आदि शामिल हैं।
आज देश के जिन 113 शहरों में वायु गुणवत्ता सन्तोषजनक है, उनमें भागलपुर, भावनगर, भिवंडी, भिवानी, बिलासपुर, बोइसर, बूंदी, बक्सर, चेन्नई, छाल, छपरा, चिक्काबल्लापुर, चिक्कमगलुरु, चित्तूर, दमोह, धारवाड़, एलूर, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, गंगटोक, गया, गुवाहाटी, हुबली, हैदराबाद, जबलपुर, जालंधर, झालावाड़, झांसी, कडप्पा, कलबुर्गी, कल्याण, कन्नूर, कानपुर, करौली, कटिहार, क्योंझर, किशनगंज, कोहिमा, कोरबा, लातूर, महाड, मालेगांव, मंडीखेड़ा, मोतिहारी, मुंबई, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, मैसूर, नागौर, नासिक, नवी मुंबई, पलवल, पंचकुला, परभनी आदि शामिल हैं।
इन शहरों के उलट आज देश के 97 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
इन शहरों में आगरा, अहमदाबाद, अजमेर, अलवर, अमृतसर, आसनसोल, औरंगाबाद (बिहार), बद्दी, बालासोर, बारबिल, बाड़मेर, बठिंडा, भरतपुर, भीलवाड़ा, भोपाल, भुवनेश्वर, बीकानेर, बुलंदशहर, ब्यासनगर, बर्नीहाट, चंडीगढ़, चंद्रपुर, चित्तौड़गढ़, चूरू, कोयंबटूर, दौसा, देहरादून, दिल्ली, देवास, धौलपुर, डूंगरपुर, दुर्गापुर, गांधीनगर, गोरखपुर, गुम्मिडीपूंडी, ग्वालियर, हाजीपुर, हल्दिया, हनुमानगढ़, हापुड़, हावड़ा, इंदौर, जयपुर, जैसलमेर, जलगांव, जालोर, झुंझुनू, जोधपुर, कैथल, करनाल, काशीपुर, कटनी, खन्ना, खुर्जा, कोलकाता, कोटा, कुंजेमुरा, लखनऊ, लुधियाना, मंडीदीप, मंगुराहा, मेरठ, मेहसाणा, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, नागांव, नागपुर, नाहरलागुन, नलबाड़ी, नारनौल, नयागढ़, नोएडा, पाली, पंचगांव, पटियाला, पटना, पीथमपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली, राजकोट, रतलाम, रोहतक, रूपनगर, सहरसा, समस्तीपुर, सवाई माधोपुर, सीकर, सिलीगुड़ी, सिंगरौली, श्री गंगानगर, सुआकाती, सूरत, तालचेर, उदयपुर, वातवा, विशाखापत्तनम, यमुना नगर शामिल हैं।
आंकड़ों में यह भी सामने आया है कि आज देश के 17 शहरों में वायु गुणवत्ता खराब है। इन शहरों में अगरतला, अंगुल, बागपत, बहादुरगढ़, बल्लभगढ़, भिवाड़ी, चरखी दादरी, कटक, धारूहेड़ा, फरीदाबाद, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, कुरुक्षेत्र, मानेसर, नंदेसरी, पानीपत शामिल हैं।
क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 240 में से महज 13 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 113 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 25 फरवरी 2026 को यह आंकड़ा 96 दर्ज किया गया था।
97 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' (101-200 के बीच) बनी हुई है।
दूसरे शहरों की तुलना में आज चरखी दादरी में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 292 पर पहुंच गया। इससे पहले कल चरखी दादरी में एक्यूआई 296 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में चार अंकों का सुधार आया है।
कल अगरतला में वायु गुणवत्ता सूचकांक 356 दर्ज किया गया था। वहीं आज 105 अंकों के सुधार के साथ एक्यूआई घटकर 251 पर पहुंच गया है। मतलब कि वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ से खराब श्रेणी में पहुंच गई है।
दिल्ली में 26 फरवरी को प्रदूषण में गिरावट दर्ज की गई। दिल्ली में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक 228 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 200 पर पहुंच गया। मतलब कि कल से दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में 28 अंकों की गिरावट आई है। चिंता की बात यह है कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता अभी भी मानकों से 300 फीसदी अधिक खराब है।
दूसरी तरफ फरीदाबाद में कल से प्रदूषण में इजाफा हुआ है। फरीदाबाद में कल जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 192 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 203 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता आज मध्यम से खराब श्रेणी में पहुंच गई है।
प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 26 फरवरी को कटक चौथे स्थान पर है, वहीं बल्लभगढ़ (290) दूसरे, जबकि भिवाड़ी (276) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 140, गाजियाबाद में 216, गुवाहाटी में 100, गुरूग्राम में 246, नोएडा में 169, ग्रेटर नोएडा में 212 पर पहुंच गया है।
इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 63 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 145, चेन्नई में 84, चंडीगढ़ में 126, हैदराबाद में 82, जयपुर में 109 और पटना में 123 दर्ज किया गया।
इन शहरों में साफ रही हवा
देश के जिन 13 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें भिलाई, चामराजनगर, धुले, कोल्हापुर, मदिकेरी, मीरा-भायंदर, पंपोर, पुदुचेरी, शिलांग, श्री विजयनगर पुरम, श्रीनगर, थूथुकुडी, वापी शामिल हैं।
वहीं अहमदनगर, आइजोल, अकोला, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अंबाला, अमरावती (महाराष्ट्र), अनंतपुर, अंकलेश्वर, अररिया, आरा, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बदलापुर, बांसवाड़ा, बारां, बरेली, बारीपदा, बैरकपुर, बेगूसराय, बेलापुर, बेंगलुरु, बेतिया, भागलपुर, भावनगर, भिवंडी, भिवानी, बिलासपुर, बोइसर, बूंदी, बक्सर, चेन्नई, छाल, छपरा, चिक्काबल्लापुर, चिक्कमगलुरु, चित्तूर, दमोह, धारवाड़, एलूर, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, गंगटोक, गया, गुवाहाटी, हुबली, हैदराबाद, जबलपुर, जालंधर, झालावाड़, झांसी, कडप्पा, कलबुर्गी, कल्याण, कन्नूर, कानपुर, करौली, कटिहार, क्योंझर, किशनगंज, कोहिमा, कोरबा, लातूर, महाड, मालेगांव, मंडीखेड़ा, मोतिहारी, मुंबई, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, मैसूर, नागौर, नासिक, नवी मुंबई, पलवल, पंचकुला, परभनी, पेरुंदुरई, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रयागराज, पुणे, पूर्णिया, रायपुर, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, राजसमंद, रामनगर, ऋषिकेश, राउरकेला, सागर, सांगली, सासाराम, सतना, सिलचर, सिरोही, शिवसागर, सिवान, सोलापुर, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर, तिरुमाला, तिरुपति, टोंक, तुमडीह, उज्जैन, उल्हासनगर, वडोदरा, वाराणसी, विजयपुरा, विजयवाड़ा, विरार, वृंदावन, यादगीर आदि 113 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।
इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।
ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।
कल देश में वायु गुणवत्ता की स्थिति कैसी थी इसकी जानकारी आप डाउन टू अर्थ के एयर क्वालिटी ट्रैकर के पिछले अंक से प्राप्त कर सकते हैं:
अगरतला बना देश का सबसे प्रदूषित शहर, एक्यूआई में 209 फीसदी का उछाल