

17 जून 2026 को देश के वायु प्रदूषण के नक्शे में बड़ा बदलाव देखने को मिला। मेघालय का औद्योगिक शहर बर्नीहाट 253 के एक्यूआई के साथ देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया, जहां सिर्फ 24 घंटों में प्रदूषण 83 अंक बढ़ गया है।
वहां पीएम2.5 का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से करीब 15 गुना (1,500 फीसदी) अधिक दर्ज किया गया, जो गंभीर स्वास्थ्य खतरे का संकेत है।
दूसरी ओर, पंपोर सबसे स्वच्छ शहर रहा, जहां एक्यूआई केवल 25 दर्ज किया गया।
सबसे प्रदूषित 10 शहरों में हिसार, रूपनगर, बल्लभगढ़, पाली, हाजीपुर, अंगुल, मेरठ, ग्रेटर नोएडा और सिलीगुड़ी शामिल रहे।
राहत की बात यह रही कि दिल्ली और फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ और दोनों शहर फिर से ‘संतोषजनक’ श्रेणी में पहुंच गए।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 247 शहरों के आंकड़ों के अनुसार, देश के करीब 80 फीसदी शहरों में हवा या तो साफ रही या संतोषजनक, जबकि लगभग 20 फीसदी शहरों में प्रदूषण अब भी चिंता का विषय बना हुआ है।
यह तस्वीर बताती है कि भारत में वायु प्रदूषण अब किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं, बल्कि लगातार बदलते भूगोल वाला संकट बन चुका है, जहां एक शहर में राहत मिलती है तो दूसरे में हालात तेजी से बिगड़ जाते हैं।
सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 17 जून 2026 को देश में बर्नीहाट (मेघालय) सबसे प्रदूषित रहा। इस दौरान यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 253 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। इससे पहले कल बर्नीहाट में सूचकांक 170 रिकॉर्ड किया गया था। मतलब कि वहां कल से प्रदूषण में 83 अंकों का भारी इजाफा हुआ है।
रुझानों में यह भी सामने आया है कि बर्नीहाट की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।
बर्नीहाट में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 1,500 फीसदी अधिक है।
दूसरी तरफ देश में पंपोर की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 25 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर बर्नीहाट की तुलना पंपोर से करें तो वहां स्थिति 10 गुणा खराब है।
बता दें कि इससे पहले कल बीकानेर में स्थिति सबसे खराब थी, जब एक्यूआई 282 तक पहुंच गया था। वहीं आज 189 अंकों के भारी सुधार के साथ बीकानेर में सूचकांक 93 पर पहुंच गया है। मतलब की सुधार के साथ आज वायु गुणवत्ता सीधे खराब से संतोषजनक श्रेणी में पहुंच गई है।
राजधानी दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में कल एक्यूआई 116 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 92 पर पहुंच गया है। मतलब की 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता में 24 अंकों का सुधार आया है। इसके साथ ही दिल्ली में एक बार फिर वायु गुणवत्ता मध्यम से संतोषजनक श्रेणी में पहुंच गई है।
2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 30 मई को दर्ज किया गया था, जब एक्यूआई 85 पर पहुंच गया। वहीं 05 मई को सूचकांक 86, जबकि 04 मई को 88 दर्ज किया गया था। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।
दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 135 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 98 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 37 अंकों के सुधार के साथ फरीदाबाद में भी आज वायु गुणवत्ता संतोषजनक हो गई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 17 जून 2026 को 247 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 14.2 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 65.6 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 20.2 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।
कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 12.9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में भी कल से 5.2 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती 17.5 फीसदी घट गई है। कुछ ऐसी ही स्थिति खराब हवा वाले शहरों की भी है, जिनकी संख्या में कल से करीब 40 फीसदी का कमी आई है, जोकि राहत की खबर है।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में हिसार (224) दूसरे जबकि रूपनगर (210) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह बल्लभगढ़ (182) चौथे स्थान पर है। पाली (177) – हाजीपुर (169) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
अंगुल (161) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में मेरठ (157), ग्रेटर नोएडा (155) और सिलीगुड़ी (153) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के दो शहर (हिसार, बल्लभगढ़) शामिल हैं।
विश्लेषण से यह भी पता चला है कि बर्नीहाट (मेघालय), हिसार, रूपनगर, हाजीपुर, सहरसा, सिरसा, जालंधर, किशनगंज, मुजफ्फरपुर, तालचेर, पंचकुला, महाद आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।
वहीं बल्लभगढ़, पाली, अंगुल, कानपुर, विशाखापत्तनम, पानीपत, गाजियाबाद, सोनीपत, बुलंदशहर, छपरा, अगरतला, बागपत, भिवाड़ी, लखनऊ, सिंगरौली, वातवा, बारबिल, जालोर, मंडी गोबिंदगढ़, गुम्मिडीपूंडी, बेगूसराय, अमरावती (आंध्रप्रदेश), उदयपुर, दौसा, जयपुर, राजमहेंद्रवरम आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।
इन शहरों के विपरीत देश के 14.2 फीसदी यानी 35 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में डूंगरपुर, एलुरु, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, गडग, गंगटोक, जलना, कैथल, कलबुर्गी, कल्याण, क्योंझर, कोहिमा, कोल्हापुर, कोरबा, मदिकेरी, मंगलौर, मीरा-भायंदर, मुंगेर, नलबाड़ी, नासिक, पंपोर, रामनगर, रोहतक, सांगली, शिवमोगा आदि शामिल हैं।
इसी तरह देश के 162 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें बेंगलुरु, भागलपुर, भावनगर, भिलाई, भीलवाड़ा, भिवंडी, भिवानी, भोपाल, भुवनेश्वर, बिहार शरीफ, बीकानेर, बिलासपुर, ब्रजराजनगर, बूंदी, बक्सर, ब्यासनगर, बर्नीहाट (असम), चंडीगढ़, चंद्रपुर, चेन्नई, छाल, चिक्काबल्लापुर, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, चुरू, कोयंबटूर, कुड्डालोर, कटक, दमोह, देहरादून, दिल्ली, धारूहेड़ा, धारवाड़, धौलपुर, धुले, दुर्गापुर, फरीदाबाद, गांधीनगर, गया, गोरखपुर, गुंटूर, गुरुग्राम, गुवाहाटी, ग्वालियर, हल्दिया, हनुमानगढ़, हापुड़, हावड़ा, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जैसलमेर, जलगांव, झालावाड़, झांसी, झुंझुनू, जींद, जोधपुर, जोरापोखर, कडप्पा, करौली, करनाल, कटिहार, कटनी, खन्ना, खुर्जा, कोलकाता, कोटा, कुंजेमुरा, कुरुक्षेत्र, लातूर, लुधियाना, मछलीपट्टनम, मदुरै, मैहर, मंडीदीप, मानेसर, मथुरा, मेहसाणा, मुरादाबाद, मुंबई, मुजफ्फरनगर, मैसूर, नागांव, नागौर, नागपुर, नांदेड़, नंदेसरी, नारनौल, नवी मुंबई, नेल्लोर, पलवल, परभणी, पटियाला, पटना, पेरुंदुरई, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पुडुचेरी, पुणे, पूर्णिया, रायपुर आदि शहर शामिल हैं।
इन शहरों के उलट आज देश के 47 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
इनमें अगरतला, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अंगुल, औरंगाबाद (बिहार), बागपत, बल्लभगढ़, बारबिल, बेगूसराय, भरतपुर, भिवाड़ी, बुलंदशहर, छपरा, दौसा, धनबाद, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुम्मिडीपूंडी, हाजीपुर, जयपुर, जालंधर, जालोर, कानपुर, किशनगंज, लखनऊ, महाद, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीखेड़ा, मेरठ, मिलुपारा, मुजफ्फरपुर, नोएडा, पाली, पंचकुला, पानीपत, रायबरेली, राजमहेंद्रवरम, ऋषिकेश, सहरसा, सिलीगुड़ी, सिंगरौली, सिरसा, सोनीपत, श्री गंगानगर, तालचेर, उदयपुर, वातवा, विशाखापत्तनम आदि शामिल हैं।
इसी तरह बर्नीहाट (मेघालय), हिसार, और रूपनगर में स्थिति खराब दर्ज की गई है।
क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 247 में से 35 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 162 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 16 जून को यह आंकड़ा 154 दर्ज किया गया था।
47 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।
दूसरे शहरों की तुलना में आज मेघालय के बर्नीहाट में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 253 दर्ज किया गया। हालांकि कल वहां एक्यूआई 170 दर्ज किया गया था। मतलब कि पिछले 24 घंटों में बर्नीहाट में प्रदूषण के स्तर में 83 अंकों का भारी उछाल आया है।
इससे पहले कल बीकानेर में स्थिति सबसे खराब थी, जब एक्यूआई 282 तक पहुंच गया था। वहीं आज 189 अंकों के भारी सुधार के साथ बीकानेर में सूचकांक 93 पर पहुंच गया है। मतलब की सुधार के साथ आज वायु गुणवत्ता सीधे खराब से संतोषजनक श्रेणी में पहुंच गई है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में कल एक्यूआई 116 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 92 पर पहुंच गया है। मतलब की 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता में 24 अंकों का सुधार आया है। इसके साथ ही दिल्ली में एक बार फिर वायु गुणवत्ता मध्यम से संतोषजनक श्रेणी में पहुंच गई है।
दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 135 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 98 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 37 अंकों के सुधार के साथ फरीदाबाद में भी आज वायु गुणवत्ता संतोषजनक हो गई है।
प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 17 जून को बल्लभगढ़ (182) चौथे स्थान पर है, वहीं हिसार (224) दूसरे, जबकि रूपनगर (210) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 88, गाजियाबाद में 140, गुवाहाटी में 63, गुरूग्राम में 90, नोएडा में 138, ग्रेटर नोएडा में 155 पर पहुंच गया है।
इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 51 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 120, चेन्नई में 87, चंडीगढ़ में 71, हैदराबाद में 73, जयपुर में 101 और पटना में 92 दर्ज किया गया।
इन शहरों में साफ रही हवा
देश के जिन 35 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें अहमदनगर, अंबरनाथ, चामराजनगर, चरखी दादरी, चिक्कमगलुरु, डूंगरपुर, एलुरु, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, गडग, गंगटोक, जलना, कैथल, कलबुर्गी, कल्याण, क्योंझर, कोहिमा, कोल्हापुर, कोरबा, मदिकेरी, मंगलौर, मीरा-भायंदर, मुंगेर, नलबाड़ी, नासिक, पंपोर, रामनगर, रोहतक, सांगली, शिवमोगा, सिरोही, श्रीनगर, सूरत, टेन्सा, विजयपुरा शामिल हैं।
वहीं आगरा, अहमदाबाद, अजमेर, अकोला, अलवर, अंबाला, अमरावती (महाराष्ट्र), अमृतसर, अनंतपुर, अंकलेश्वर, अररिया, आरा, आसनसोल, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बदलापुर, बागलकोट, बहादुरगढ़, बालासोर, बांसवाड़ा, बारां, बरेली, बारीपदा, बाड़मेर, बैरकपुर, बठिंडा, बेंगलुरु, भागलपुर, भावनगर, भिलाई, भीलवाड़ा, भिवंडी, भिवानी, भोपाल, भुवनेश्वर, बिहार शरीफ, बीकानेर, बिलासपुर, ब्रजराजनगर, बूंदी, बक्सर, ब्यासनगर, बर्नीहाट (असम), चंडीगढ़, चंद्रपुर, चेन्नई, छाल, चिक्काबल्लापुर, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, चुरू, कोयंबटूर, कुड्डालोर, कटक, दमोह, देहरादून, दिल्ली, धारूहेड़ा, धारवाड़, धौलपुर, धुले, दुर्गापुर, फरीदाबाद, गांधीनगर, गया, गोरखपुर, गुंटूर, गुरुग्राम, गुवाहाटी, ग्वालियर, हल्दिया, हनुमानगढ़, हापुड़, हावड़ा, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जैसलमेर, जलगांव, झालावाड़, झांसी, झुंझुनू, जींद, जोधपुर, जोरापोखर, कडप्पा, करौली, करनाल, कटिहार, कटनी, खन्ना, खुर्जा, कोलकाता, कोटा, कुंजेमुरा, कुरुक्षेत्र, लातूर, लुधियाना, मछलीपट्टनम, मदुरै, मैहर, मंडीदीप, मानेसर, मथुरा, मेहसाणा, मुरादाबाद, मुंबई, मुजफ्फरनगर, मैसूर, नागांव, नागौर, नागपुर, नांदेड़, नंदेसरी, नारनौल, नवी मुंबई, नेल्लोर, पलवल, परभणी, पटियाला, पटना, पेरुंदुरई, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पुडुचेरी, पुणे, पूर्णिया, रायपुर, रायरंगपुर, राजगीर, राजकोट, राजसमंद, रतलाम, राउरकेला, सागर, सतना, सवाई माधोपुर, सीकर, सिलचर, शिवसागर, सिवान, सोलापुर, सुआकाती, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, थूथुकुडी, त्रिशूर, तिरुमाला, तिरुपति, टोंक, तुमकुरु, तुमडीह, उज्जैन, उल्हासनगर, वडोदरा, वापी, वाराणसी, विजयवाड़ा, वृंदावन, यादगीर, यमुना नगर आदि 162 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।
इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।
ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।
देश में वायु गुणवत्ता की ताजा जानकारी आप डाउन टू अर्थ के एयर क्वालिटी ट्रैकर से प्राप्त कर सकते हैं