

देश में प्रदूषण की तस्वीर अभी भी चिंताजनक बनी हुई है, जहां 25 मार्च 2026 को बल्लभगढ़ सबसे प्रदूषित शहर रहा और इसकी हवा डब्ल्यूएचओ मानकों से 400 फीसदी जहरीली पाई गई।
हालांकि कुछ राहत के संकेत भी दिखे, दिल्ली-फरीदाबाद सहित कई शहरों में प्रदूषण घटा है, लेकिन देश के करीब एक-तिहाई शहर अब भी खराब हवा की चपेट में हैं।
जहां एक ओर कोहिमा की हवा सबसे साफ रही, वहीं हरियाणा के चार शहर टॉप-10 प्रदूषित शहरों में शामिल होकर क्षेत्रीय संकट की ओर इशारा करते हैं। कुल मिलाकर, हवा में सुधार के संकेत जरूर हैं, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है।
विश्लेषण के मुताबिक 25 मार्च 2026 को देश में बल्लभगढ़ सबसे अधिक प्रदूषित शहर रहा। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 236 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। गौरतलब है कि कल हरियाणा के इस शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 246 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में 10 अंकों का सुधार आया है।
रुझानों में सामने आया है कि बल्लभगढ़ की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम10) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है। बल्लभगढ़ में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 400 फीसदी अधिक है।
दूसरी तरफ देश में कोहिमा की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 32 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर बल्लभगढ़ की तुलना कोहिमा से करें तो वहां स्थिति 7.3 गुणा खराब है।
राजधानी दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 192 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 183 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में सूचकांक में 9 अंकों का सुधार दर्ज किया गया। हालांकि दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।
दिल्ली की तरफ ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में कमी आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 201 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 180 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता आज खराब से एक बार फिर मध्यम श्रेणी में पहुंच गई।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 25 मार्च 2026 को 249 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां महज 9.6 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 57.4 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 32.9 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।
बता दें कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 4.3 फीसदी का इजाफा हुआ है। दूसरी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में कोई बदलाव नहीं हुआ है और स्थिति जस की तस है। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की बात करें तो इनकी संख्या में कल से करीब 2.7 फीसदी का इजाफा हुआ है। वहीं खराब हवा वाले शहरों में कल से 37.5 फीसदी की गिरावट आई है, जोकि राहत की खबर है।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में चरखी दादरी (222) दूसरे जबकि सिंगरौली (220) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह बारबिल (216) चौथे स्थान पर है। रूपनगर-बुलंदशहर में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 209 और 183 अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
दिल्ली (183) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में गुरुग्राम (182), फरीदाबाद (180) और गाजियाबाद (180) भी शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के चार शहर (बल्लभगढ़, फरीदाबाद, गुरुग्राम, चरखी दादरी) शामिल हैं।
विश्लेषण से यह भी पता चला है कि चरखी दादरी, रूपनगर, नंदेसरी, गुम्मिडीपूंडी, धारूहेड़ा, हापुड़, मानेसर, रोहतक, वातवा, हाजीपुर, बिलीपाड़ा, मंडीदीप, महाद, मंडीखेड़ा, अगरतला, बहादुरगढ़, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर, जींद आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।
वहीं बल्लभगढ़, सिंगरौली, बुलंदशहर, दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, बीकानेर, नोएडा, पीथमपुर, बद्दी, भिवाड़ी, सिरसा, ग्वालियर, नयागढ़, अहमदाबाद, चित्तौड़गढ़, गया, पाली, बेलापुर, बागपत, ब्रजराजनगर, देवास, उल्हासनगर, वडोदरा, गांधीनगर, खुर्जा, कुरुक्षेत्र, नागपुर, मालेगांव, पिंपरी-चिंचवाड़, अहमदनगर, सुआकाती, आगरा, कुंजेमुरा, राउरकेला, भीलवाड़ा, पुणे, कोरबा, मेहसाणा, मुजफ्फरनगर आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।
इन शहरों के विपरीत देश के 9.6 फीसदी यानी महज 24 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में चेन्नई, एलुरु, हुबली, कोहिमा, कोप्पल, मदिकेरी, मैहर, नागांव, नलबाड़ी, नेल्लोर, पेरुंदुरई, पुदुचेरी, राजमहेंद्रवरम, ऋषिकेश, शिवमोगा, शिवसागर, श्रीनगर, थूथुकुडी, तिरुपति आदि शामिल हैं।
आज देश के जिन 143 शहरों में वायु गुणवत्ता सन्तोषजनक है, उनमें कटक, दमोह, दौसा, देहरादून, धारवाड़, धौलपुर, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलूर, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, गोरखपुर, गुंटूर, गुवाहाटी, हल्दिया, हनुमानगढ़, हावड़ा, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जैसलमेर, जालंधर, जलगांव, जलना, जालौर, झांसी, जोधपुर, कडप्पा, कैथल, कलबुर्गी, कल्याण, कन्नूर, कानपुर, करौली, करनाल, कटिहार, कटनी, क्योंझर, खन्ना, किशनगंज, कोल्हापुर, कोलकाता, कोल्लम, लातूर, लखनऊ, लुधियाना, मछलीपट्टनम, मंडी गोबिंदगढ़, मंगलौर, मंगुराहा, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुंबई, मुंगेर, मैसूरु, नागौर, नांदेड़, नारनौल, नासिक, नवी मुंबई, पलवल, पंपोर, पंचगांव, पंचकुला, परभनी, पटियाला, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पूर्णिया, रायबरेली आदि शामिल हैं।
इन शहरों के उलट आज देश के 77 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
इन शहरों में अगरतला, आगरा, अहमदाबाद, अहमदनगर, अंगुल, औरंगाबाद (बिहार), बद्दी, बागपत, बहादुरगढ़, बारां, बेगूसराय, बेलापुर, बेंगलुरु, भरतपुर, भीलवाड़ा,
भिवाड़ी, बीकानेर, बिलीपाड़ा, ब्रजराजनगर, बुलंदशहर, बूंदी, ब्यासनगर, छाल, चित्तौड़गढ़, चूरू, दिल्ली, देवास, धारूहेड़ा, फरीदाबाद, गांधीनगर, गया, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुम्मिडीपूंडी, गुरुग्राम, ग्वालियर, हाजीपुर, हापुड़, हिसार, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनू, जींद, खुर्जा, कोरबा, कोटा, कुंजेमुरा, कुरुक्षेत्र, महाद, मालेगांव, मंडीदीप, मंडीखेड़ा, मानेसर, मेरठ, मेहसाणा, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नागपुर, नंदेसरी, नयागढ़, नोएडा, पाली, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, पुणे, रोहतक, राउरकेला, सागर, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरसा, श्री गंगानगर, सुआकाती, उल्हासनगर, वडोदरा, वातवा शामिल हैं।
इसी तरह बल्लभगढ़, बारबिल, चरखी दादरी, रूपनगर, सिंगरौली में वायु गुणवत्ता ‘खराब’ है।
क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 249 में से महज 24 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 143 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 24 मार्च को यह आंकड़ा 143 दर्ज किया गया था।
77 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।
दूसरे शहरों की तुलना में आज बल्लभगढ़ में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 236 दर्ज किया गया। वहीं कल बल्लभगढ़ में सूचकांक 246 रिकॉर्ड किया गया था। मतलब कि कल से प्रदूषण के स्तर में 10 अंकों का सुधार आया है।
इससे पहले कल देश में (24 मार्च) को औरंगाबाद (बिहार) में वायु गुणवत्ता सबसे खराब थी, जब एक्यूआई 382 दर्ज किया गया था। हालांकि आज वहां वायु गुणवत्ता में 280 अंकों का सुधार आया है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 192 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 183 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में सूचकांक में 9 अंकों का सुधार दर्ज किया गया। हालांकि दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।
दिल्ली की तरफ ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में कमी आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 201 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 180 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता आज खराब से एक बार फिर मध्यम श्रेणी में पहुंच गई।
प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 25 मार्च को बारबिल चौथे स्थान पर है, वहीं चरखी दादरी (222) दूसरे, जबकि सिंगरौली (220) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 129, गाजियाबाद में 180, गुवाहाटी में 56, गुरूग्राम में 182, नोएडा में 162, ग्रेटर नोएडा में 175 पर पहुंच गया है।
इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 77 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 95, चेन्नई में 50, चंडीगढ़ में 73, हैदराबाद में 75, जयपुर में 102 और पटना में 123 दर्ज किया गया।
इन शहरों में साफ रही हवा
देश के जिन 24 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें बागलकोट, बेतिया, भिलाई, बीदर, चामराजनगर, चेन्नई, एलुरु, हुबली, कोहिमा, कोप्पल, मदिकेरी, मैहर, नागांव, नलबाड़ी, नेल्लोर, पेरुंदुरई, पुदुचेरी, राजमहेंद्रवरम, ऋषिकेश, शिवमोगा, शिवसागर, श्रीनगर, थूथुकुडी, तिरुपति शामिल हैं।
वहीं आइजोल, अजमेर, अकोला, अलवर, अमरावती (आंधप्रदेश), अंबाला, अमरावती (महाराष्ट्र), अमृतसर, अनंतपुर, अंकलेश्वर, अररिया, आसनसोल, औरंगाबाद महाराष्ट्र), बदलापुर, बालासोर, बांसवाड़ा, बरेली, बारीपदा, बाड़मेर, बठिंडा, भागलपुर, भावनगर, भिवंडी, भिवानी, भोपाल, भुवनेश्वर, बिहार शरीफ, बिलासपुर, बोइसर, बक्सर, बर्नीहाट, चंडीगढ़, चंद्रपुर, छपरा, चिक्काबल्लापुर, चिक्कमगलुरु, चित्तूर, कटक, दमोह, दौसा, देहरादून, धारवाड़, धौलपुर, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलूर, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, गोरखपुर, गुंटूर, गुवाहाटी, हल्दिया, हनुमानगढ़, हावड़ा, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जैसलमेर, जालंधर, जलगांव, जलना, जालौर, झांसी, जोधपुर, कडप्पा, कैथल, कलबुर्गी, कल्याण, कन्नूर, कानपुर, करौली, करनाल, कटिहार, कटनी, क्योंझर, खन्ना, किशनगंज, कोल्हापुर, कोलकाता, कोल्लम, लातूर, लखनऊ, लुधियाना, मछलीपट्टनम, मंडी गोबिंदगढ़, मंगलौर, मंगुराहा, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुंबई, मुंगेर, मैसूरु, नागौर, नांदेड़, नारनौल, नासिक, नवी मुंबई, पलवल, पंपोर, पंचगांव, पंचकुला, परभनी, पटियाला, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पूर्णिया, रायबरेली, रायपुर, रायरंगपुर, राजगीर, राजकोट, राजसमंद, रामनगर, रतलाम, सहरसा, सांगली, सासाराम, सतना, शिलांग, सिलचर, सिलीगुड़ी, सिरोही, सिवान, सोलापुर, सूरत, तालचेर, टेन्सा, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर, तिरुमाला, तुमडीह, उदयपुर, उडुपी, वापी, वाराणसी, विजयवाड़ा, विरार, विशाखापत्तनम, वृंदावन, यादगीर आदि 143 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।
इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।
ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।
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