उत्तर अटलांटिक राइट व्हेल: उम्मीद की किरण, लेकिन खतरा अब भी बरकरार

थोड़ी बढ़ी जन्म दर से दिखी आशा, लेकिन जहाजों और मछली जाल से खतरा अब भी राइट व्हेल के लिए बना हुआ है
आज भी जहाजों से टकराव और मछली पकड़ने के जाल में फंसना राइट व्हेल की मौत के मुख्य कारण हैं
आज भी जहाजों से टकराव और मछली पकड़ने के जाल में फंसना राइट व्हेल की मौत के मुख्य कारण हैं फोटो साभार: विकिमीडिया कॉमन्स, ओल्गा अर्न्स्ट
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सारांश
  • उत्तर अटलांटिक राइट व्हेल की आबादी लगभग 384 है और कई वर्षों बाद इसमें थोड़ी वृद्धि दर्ज हुई हालिया रिपोर्ट

  • इस सर्दी अब तक 15 शावकों का जन्म हुआ जो हाल के वर्षों से बेहतर संख्या मानी जा रही है

  • विशेषज्ञों के अनुसार प्रजाति को बचाने के लिए हर साल कम से कम पचास शावकों का जन्म जरूरी बताया गया

  • आज भी जहाजों से टकराव और मछली पकड़ने के जाल में फंसना राइट व्हेल की मौत के मुख्य कारण हैं

  • सुरक्षा कानूनों पर रोक और कमजोर नियमों के कारण पर्यावरण संगठनों ने सरकार से सख्त कदमों की मांग की है

उत्तर अटलांटिक राइट व्हेल दुनिया की सबसे दुर्लभ व्हेल प्रजातियों में से एक है। हाल ही में वैज्ञानिकों ने बताया है कि इस साल इन व्हेलों के बच्चों की संख्या कुछ बेहतर रही है। यह खबर उत्साहजनक है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि केवल इतने बच्चों से इस प्रजाति को विलुप्त होने से नहीं बचाया जा सकता

इस समय उत्तर अटलांटिक राइट व्हेल की कुल आबादी लगभग 384 मानी जाती है। यह संख्या 2020 की तुलना में करीब सात प्रतिशत अधिक है। पिछले कुछ सालों में इन व्हेलों की संख्या लगातार घट रही थी, इसलिए यह थोड़ी सी बढ़ोतरी राहत देने वाली है। हर सर्दी के मौसम में ये व्हेल दक्षिण-पूर्वी अमेरिका के समुद्री इलाकों में बच्चों को जन्म देती हैं और फिर उत्तर की ओर भोजन के लिए प्रवास करती हैं।

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इस सर्दी में अब तक वैज्ञानिकों ने 15 व्हेल शावकों की पहचान की है। यह संख्या पिछले तीन वर्षों में से दो वर्षों से अधिक है। उदाहरण के लिए, पिछली सर्दी में केवल 11 शावक पैदा हुए थे और 2018 में तो एक भी शावक नहीं हुआ था। फिर भी, वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर इस प्रजाति को सच में बचाना है, तो हर साल कम से कम 50 या उससे अधिक शावकों का जन्म कई वर्षों तक होना जरूरी है।

समस्या यह है कि मौजूदा आबादी में प्रजनन करने वाली मादा व्हेलों की संख्या बहुत कम है। इसलिए 50 शावकों का लक्ष्य अभी व्यावहारिक नहीं लगता। पर्यावरण संगठन ओशियाना के अभियान निदेशक का कहना है कि केवल ज्यादा बच्चों के जन्म से ही यह प्रजाति नहीं बचेगी। इसके लिए मौतों को रोकना भी उतना ही जरूरी है।

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उत्तर अटलांटिक राइट व्हेल के लिए सबसे बड़े खतरे हैं बड़े जहाजों से टकराना और मछली पकड़ने के जालों में फंस जाना। जब व्हेल इन जालों में उलझ जाती हैं, तो वे गंभीर रूप से घायल हो सकती हैं या उनकी मौत भी हो सकती है। इसी तरह, व्यस्त समुद्री मार्गों में चलने वाले बड़े जहाज कई बार व्हेल को देख नहीं पाते और टक्कर हो जाती है।

अमेरिकी सरकार ने व्हेल की सुरक्षा के लिए कुछ नियम बनाए थे, लेकिन फिलहाल 2028 तक नए संघीय नियमों पर रोक लगी हुई है। कुछ व्यावसायिक मछली पकड़ने वाले समूह इस रोक को और आगे बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सुरक्षा नियमों को मजबूत नहीं किया गया, तो हाल की सकारात्मक खबरें भी ज्यादा मायने नहीं रखेंगी।

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वैज्ञानिक यह भी बताते हैं कि घायल या कुपोषित व्हेलों में प्रजनन की संभावना कम हो जाती है। पिछले दशक में जन्मों की तुलना में मौतों की संख्या ज्यादा रही है, जिससे पूरी प्रजाति संकट में है। ऐतिहासिक रूप से, व्यावसायिक व्हेल शिकार के दौर में इन व्हेलों को लगभग खत्म कर दिया गया था। बाद में इन्हें कानूनी संरक्षण मिला, लेकिन आज भी इनका भविष्य सुरक्षित नहीं है।

हालांकि इस साल जन्मे 15 शावक उम्मीद की एक किरण जरूर हैं, लेकिन विशेषज्ञ साफ कहते हैं कि यह पर्याप्त नहीं है। राष्ट्रीय महासागरीय और वायुमंडलीय प्रशासन (नोआ) का कहना है कि उत्तर अटलांटिक राइट व्हेल को बचाने के लिए जरूरी है कि जहाजों की गति सीमित की जाए, मछली पकड़ने के सुरक्षित तरीकों को अपनाया जाए और सख्त कानून लागू किए जाएं।

अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह दुर्लभ और सुंदर प्रजाति आने वाले वर्षों में हमेशा के लिए समुद्र से गायब हो सकती है।

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