मौसम का मिजाज: कई राज्यों में शीतलहर व कोहरा, तमिलनाडु-पुडुचेरी में भारी बारिश

आठ जनवरी, 2026 को जारी ताजा अपडेट में कहा गया है कि पश्चिमी हिमालयी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ हिस्सों में बर्फबारी हो सकती है।
दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान समेत कई राज्यों में शीत दिवस और भीषण ठंड की चेतावनी जारी
दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान समेत कई राज्यों में शीत दिवस और भीषण ठंड की चेतावनी जारी
Published on
सारांश
  • उत्तर भारत में शीतलहर और घना कोहरा, पश्चिमी हिमालय में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी संभव

  • दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान समेत कई राज्यों में शीत दिवस और भीषण ठंड की चेतावनी जारी

  • पूर्वी भारत और मध्य भारत में अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है

  • तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भारी बारिश, बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन सक्रिय होने के पूरे आसार

  • घने कोहरे और ठंड से स्वास्थ्य, यातायात, कृषि और बिजली आपूर्ति पर व्यापक असर पड़ने की आशंका

देश के कई हिस्सों में इस समय मौसम में बड़े बदलाव देखे जा रहे हैं। उत्तर भारत से लेकर पूर्वी और मध्य भारत तक ठंड, कोहरा और शीतलहर का प्रभाव बढ़ गया है। वहीं दक्षिण भारत और बंगाल की खाड़ी के इलाकों में बारिश और तूफानी हवाओं की स्थिति बनी हुई है। इन मौसमी गतिविधियों का असर आम जनजीवन, स्वास्थ्य, यातायात, कृषि और बिजली आपूर्ति पर पड़ सकता है।

उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के द्वारा आज सुबह, आठ जनवरी, 2026 को जारी ताजा अपडेट में कहा गया है कि जम्मू और उसके आसपास के इलाकों में ऊपरी हवाओं में एक पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। इसके कारण पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ हिस्सों में बर्फबारी की संभावना है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड और बढ़ सकती है। इसके साथ ही उत्तर भारत के ऊपर तेज गति से बहने वाली उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट धारा ठंड को और अधिक बढ़ा रही है।

मध्य भारत में तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी

मध्य भारत के राज्यों जैसे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अगले तीन दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसका असर यह होगा कि रात की ठंड में कुछ कमी महसूस की जा सकती है। हालांकि तापमान बढ़ेगा, लेकिन इसके बाद कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। यानी सर्दी पूरी तरह खत्म नहीं होगी, बल्कि हल्की राहत मिलेगी।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, सात जनवरी, 2026 को केरल के कोट्टायम में अधिकतम तापमान 35.8 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

कहां-कहां हैं ठंड, शीतलहर और शीत दिवस के आसार

कई राज्यों में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा में कुछ हिस्सों में शीतलहर चलने की आशंका जताई गई है। जबकि बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी राजस्थान में शीत दिवस (कोल्ड डे) के आसार हैं, जहां दिन के समय भी तापमान सामान्य से काफी कम रह सकता है।

पूर्वी राजस्थान में हालात और गंभीर हो सकते हैं, जहां भीषण शीत दिवस का अंदेशा जताया गया है। असम, मेघालय और उत्तराखंड के कुछ इलाकों में पाले की भी आशंका है, जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है।

कोहरे का व्यापक असर

देश के कई इलाकों में घने और बहुत घने कोहरे की स्थिति बनी हुई है। असम, मेघालय, बिहार, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में घना कोहरा छा सकता है। जबकि हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और पूर्वी राजस्थान में बहुत घना कोहरा पड़ने की आशंका जताई गई है

कोहरे के कारण दृश्यता बहुत कम हो जाती है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है। कई जगहों पर गाड़ियों की रफ्तार धीमी करनी पड़ सकती है और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। घने कोहरे वाले इलाकों में बिजली की लाइनों में खराबी आने की भी आशंका रहती है।

स्वास्थ्य पर प्रभाव

घना कोहरा और अत्यधिक ठंड स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। कोहरे में मौजूद धूल और प्रदूषक तत्व फेफड़ों में जाकर सांस की समस्याएं पैदा कर सकते हैं। इससे खांसी, घरघराहट और सांस फूलने की शिकायत बढ़ सकती है। अस्थमा और ब्रोंकाइटिस से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

कोहरे के कारण आंखों में जलन, लालिमा और संक्रमण की समस्या भी हो सकती है। लंबे समय तक ठंड में रहने से सर्दी, जुकाम, बुखार, नाक से खून आना जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

ठंड में शरीर के अत्यधिक ठंडा हो जाने से कांपना शुरू हो जाता है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह शरीर के तापमान गिरने का पहला संकेत होता है। ज्यादा देर तक ठंड में रहने से फ्रॉस्टबाइट यानी शीतदंश की स्थिति पैदा हो सकती है, जिसमें उंगलियां, पैर की उंगलियां, नाक और कान सुन्न पड़ जाते हैं और गंभीर मामलों में त्वचा काली पड़ सकती है। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लेना आवश्यक है।

कृषि और जनजीवन पर असर

ठंड, पाला और कोहरा कृषि के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। फसलों पर पाले का असर पड़ सकता है, खासकर सब्जियों और तिलहन की फसलों पर। पशुपालकों को भी अपने पशुओं को ठंड से बचाने की जरूरत है।

यातायात में बाधा, बिजली आपूर्ति में रुकावट और स्वास्थ्य समस्याओं के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है। स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

सावधानियां और सुझाव

लोगों को सलाह दी जाती है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, खासकर सुबह और देर रात के समय। वाहन चलाते समय फॉग लाइट का प्रयोग करें और धीमी गति से चलें। गर्म कपड़े पहनें और शरीर को ढककर रखें। बीमार लोगों को घर के अंदर ही रहने की कोशिश करनी चाहिए।

कुल मिलाकर, देश के कई हिस्सों में मौसम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। सतर्कता और सावधानी बरतकर ही इन परिस्थितियों से सुरक्षित रहा जा सकता है।

दक्षिण भारत और बंगाल की खाड़ी की स्थिति

बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में एक डिप्रेशन बना हुआ है, जो धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। अगले कुछ घंटों में इसके और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में तब्दील होने के आसार हैं। इसके प्रभाव से तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। विभाग ने इन राज्यों में बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।

डिप्रेशन संबंधी मौसमी गतिविधि के चलते आज, श्रीलंका के तटवर्ती क्षेत्रों, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी, मन्नार की खाड़ी और कोमोरिन क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ खराब मौसम बना रह सकता है। जहां 35 से 45 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं के और तेज होकर 55 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने के आसार हैं। मौसम विभाग ने तूफानी हवाओं को देखते हुए मछुआरों को इन क्षेत्रों में समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

Related Stories

No stories found.
Down to Earth- Hindi
hindi.downtoearth.org.in