जनवरी के पहले दिन कई राज्यों में कोहरे व शीतलहर का ऑरेंज व येलो अलर्ट जारी

मौसम विभाग के द्वारा एक जनवरी, 2026 को जारी बुलेटिन के मुताबिक, मैदानी इलाकों में कोहरा व शीतलहर, जम्मू और कश्मीर में भारी बारिश व जमकर बर्फबारी होने का पूर्वानुमान है
उत्तर भारत के कई राज्यों में घना कोहरा और शीतलहर का ऑरेंज व येलो अलर्ट जारी, जनजीवन प्रभावित होने की आशंका।
उत्तर भारत के कई राज्यों में घना कोहरा और शीतलहर का ऑरेंज व येलो अलर्ट जारी, जनजीवन प्रभावित होने की आशंका।प्रतीकात्मक छवि, फोटो साभार: आईस्टॉक
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सारांश
  • उत्तर भारत के कई राज्यों में घना कोहरा और शीतलहर का ऑरेंज व येलो अलर्ट जारी, जनजीवन प्रभावित होने की आशंका।

  • जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के साथ जमकर बर्फबारी, ठंड में बढ़ोतरी।

  • पश्चिमी विक्षोभ और तेज पश्चिमी जेट स्ट्रीम के कारण मौसम सक्रिय, बारिश, बर्फबारी और तापमान में उतार-चढ़ाव।

  • पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और बिजली गिरने की आशंका।

  • घने कोहरे से हवाई, सड़क और रेल यातायात प्रभावित, दृश्यता घटने से दुर्घटनाओं और स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा।

डाउन टू अर्थ के सभी पाठकों को नए साल 2026 की शुभकामनाएं। नए साल की शुरुआत के साथ ही देश के कई हिस्सों में मौसम ने करवट ले ली है। खासकर उत्तर भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत और पहाड़ी क्षेत्रों में अलग-अलग प्रकार की मौसमी गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। इन बदलावों के पीछे मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ, ऊपरी हवा में बने चक्रवाती परिसंचरण और तेज पश्चिमी जेट स्ट्रीम हैं। इन सभी मौसम प्रणालियों का असर तापमान, बारिश, बर्फबारी, कोहरे का कहर और सर्दी के प्रकोप पर साफ दिखाई दे रहा है।

मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, एक जनवरी, 2026 को जारी बुलेटिन के मुताबिक, इस समय एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ पहले उत्तर पाकिस्तान और आसपास के अफगानिस्तान के हिस्सों में मौजूद था, जो अब पंजाब और उसके आसपास के इलाकों तक पहुंच गया है। इस पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं और कहीं-कहीं बारिश व बर्फबारी हो रही है। खासकर पर्वतीय इलाकों में इसका प्रभाव अधिक दिखाई दे रहा है।

साथ ही हरियाणा और उसके आसपास के इलाकों के ऊपरी हवा में चक्रवाती प्रसार बना हुआ है। इस गतिविधि के कारण आसपास के क्षेत्रों में बादल बनने और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।

उत्तर भारत के ऊपर इस समय उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम बहुत तेज रफ्तार से बह रही है। इसकी हवा की रफ्तार लगभग 120 नॉट्स है और यह लगभग 12.6 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है। जेट स्ट्रीम की यह तेज गति मौसम प्रणालियों को मजबूत बनाने में मदद करती है, जिससे बारिश, बर्फबारी और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है।

कहां होगी बारिश और कहां गिरेगी बर्फ?

पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का दौर जारी है, खासकर कश्मीर घाटी में नए साल के अवसर पर जमकर हिमपात हो रहा है। विभाग की मानें तो आज, एक जनवरी, 2026 को भी जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में भारी बारिश और जमकर बर्फबारी होने की संभावना है। इन इलाकों में पहाड़ों पर अच्छी बर्फबारी हो सकती है, जिससे ठंड और बढ़ेगी।

वहीं, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में एक और दो जनवरी को हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने का पूर्वानुमान है। मैदानी इलाकों में मौसमी बदलाव की बात करें तो आज, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली के कुछ हिस्सों में गरज के साथ हल्की बारिश व बिजली गिरने का अंदेशा जताया गया है

तापमान में उतार-चढ़ाव

मौसम विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में न्यूनतम तापमान में बदलाव देखने को मिलेगा। इसी क्रम में, उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद अगले तीन दिनों तक तापमान में दो से चार डिग्री की गिरावट आने की संभावना है। उसके बाद तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है।

मध्य भारत में अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री की वृद्धि हो सकती है, जबकि इसके बाद तापमान दो से चार डिग्री तक गिर सकता है। पूर्वी भारत में भी अगले दो दिनों तक तापमान में दो से तीन डिग्री की बढ़ोतरी होगी और उसके बाद तापमान लगभग स्थिर बना रहेगा।

महाराष्ट्र में अगले 24 घंटों तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद अगले चार दिनों में दो से तीन डिग्री की वृद्धि होने की संभावना है। दक्षिण महाराष्ट्र में भी इसी तरह तापमान बढ़ सकता है। गुजरात में अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट आ सकती है, लेकिन उसके बाद अगले पांच दिनों में तापमान फिर से बढ़ेगा।पूर्वोत्तर भारत में अगले सात दिनों तक तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 31 दिसंबर, 2025 को केरल के कोट्टायम में अधिकतम तापमान 34.3 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में हरियाणा के रोहतक, मध्य प्रदेश के खजुराहो और छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

शीतलहर और शीत दिवस का अलर्ट

मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में शीतलहर (कोल्ड वेव) की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा बिहार, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में शीत दिवस (कोल्ड डे) की स्थिति बन सकती है, जहां दिन के समय भी तापमान सामान्य से काफी नीचे रह सकता है।

कोहरे का कहर

घने कोहरे को लेकर भी मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। असम और मेघालय, बिहार, पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं घना कोहरा छा सकता है।

वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, ओडिशा, पंजाब और पश्चिमी राजस्थान के कुछ इलाकों में बहुत घना कोहरा पड़ने की आशंका है, जिसे देखते हुए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए गए हैं।

यातायात, बिजली और स्वास्थ्य पर असर

घने और बहुत घने कोहरे के कारण हवाई अड्डों, राष्ट्रीय राजमार्गों और रेलवे मार्गों पर यातायात प्रभावित हो सकता है। वाहन चलाने में दिक्कत होगी और यात्रा में अधिक समय लग सकता है। सावधानी न बरतने पर सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है।

घने कोहरे के कारण बिजली लाइनों में ट्रिपिंग की आशंका बनी रहती है, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है।

स्वास्थ्य की दृष्टि से घना कोहरा फेफड़ों के लिए हानिकारक हो सकता है। इसमें मौजूद प्रदूषक कण सांस के साथ शरीर में जाकर खांसी, सांस फूलना और घरघराहट जैसी समस्याएं बढ़ा सकते हैं। अस्थमा और ब्रोंकाइटिस के मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। इसके अलावा आंखों में जलन, लालिमा और संक्रमण की समस्या भी हो सकती है।

दक्षिण और समुद्री क्षेत्रों का हाल

श्रीलंका के तट के पास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में भी एक ऊपरी हवा का चक्रवाती प्रसार बना हुआ है, जो लगभग 3.1 किमी की ऊंचाई तक फैला है। इस गतिविधि के चलते दक्षिण भारत के मौसम पर इसका असर दिख सकता है।

वहीं आज, एक जनवरी, 2026 को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इसके साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अंदेशा जताया गया है।

कुल मिलाकर, आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम चुनौतीपूर्ण बना रह सकता है। ठंड, कोहरा, बारिश और बर्फबारी के कारण आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए, यात्रा के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

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