बच्चों की मृत्यु दर कम करने की गति पड़ी सुस्त, 49 लाख बच्चों की पांच साल से पहले मौत: रिपोर्ट

रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2024 में पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु, नवजात शिशु मौतें, गंभीर कुपोषण, मलेरिया और क्षेत्रीय असमानताओं को जिम्मेवार माना गया है
नवजात शिशुओं की मौतें कुल बाल मृत्युदरों का लगभग आधा, मुख्य कारण समय से पहले जन्म और जन्म के समय होने वाली जटिलताएं हैं।
नवजात शिशुओं की मौतें कुल बाल मृत्युदरों का लगभग आधा, मुख्य कारण समय से पहले जन्म और जन्म के समय होने वाली जटिलताएं हैं।फोटो साभार: आईस्टॉक
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सारांश
  • दुनिया में पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु लगभग 49 लाख, इसमें 23 लाख नवजात शामिल।

  • गंभीर कुपोषण के कारण 1-59 महीने के 1 लाख से अधिक बच्चों की मौत, वास्तविक संख्या और अधिक।

  • नवजात शिशुओं की मौतें कुल बाल मृत्युदरों का लगभग आधा, मुख्य कारण समय से पहले जन्म और जन्म-जटिलताएं।

  • सब-सहारा अफ्रीका में 58 फीसदी और दक्षिण एशिया में 25 फीसदी बाल मौतें, क्षेत्रीय असमानताएं स्पष्ट।

  • सस्ती और प्रभावी उपाय जैसे टीकाकरण, गंभीर कुपोषण का इलाज और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी जीवन रक्षक हो सकते हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन और अन्य एजेंसियों की नई रिपोर्ट “लेवल्स एंड ट्रेंड्स इन चाइल्ड मोर्टेलिटी” के अनुसार, 2024 में लगभग 49 लाख बच्चे पांच साल की उम्र से पहले अपनी जान गंवा बैठे, जिसमें 23 लाख नवजात बच्चे शामिल हैं। अधिकांश मौतें सस्ती और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाओं द्वारा रोकी जा सकती हैं।

बाल मृत्यु दर में कमी और रफ्तार में गिरावट

2000 के बाद से दुनिया भर में पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मौतें आधी से अधिक कम हुई हैं। लेकिन 2015 के बाद, इस कमी की रफ्तार में 60 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई है। इसका मतलब है कि प्रगति धीमी हो गई है और बच्चों की सुरक्षा के लिए अधिक प्रयास की आवश्यकता है।

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गंभीर कुपोषण

रिपोर्ट में पहली बार यह अनुमान लगाया गया है कि समान्यत: गंभीर कुपोषण के कारण एक से 59 महीने के एक लाख से अधिक बच्चों की मृत्यु हुई, जो कुल बाल मृत्युदरों का लगभग पांच प्रतिशत है। कुपोषण बच्चों की प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करता है और उन्हें सामान्य बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाता है।

कुछ देशों में गंभीर कुपोषण के कारण मौतें अधिक हैं, जैसे पाकिस्तान, सोमालिया और सूडान। रिपोर्ट में बताया गया है कि वास्तविक संख्या इससे भी अधिक हो सकती है क्योंकि अधिकांश आंकड़ों में कुपोषण को मौत का मूल कारण नहीं माना जाता।

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नवजात शिशुओं की मृत्यु

नवजात बच्चों की मृत्यु कुल पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मौतों का लगभग आधा हिस्सा है। इसके प्रमुख कारण हैं -

  • असमान्य समय से पहले जन्म की जटिलताएं: 36 फीसदी

  • प्रसव और जन्म के समय जटिलताएं: 21 फीसदी

संक्रमण और जन्मजात विकृतियां भी बड़ा कारण हैं।

नवजात बच्चों की मृत्यु को रोकने के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रसूति देखभाल, प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति, और आवश्यक नवजात सेवाएं जरूरी हैं।

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एक महीने के बाद की मौतें

एक महीने के बाद बच्चों की मौतों में मुख्य कारणों में मलेरिया, दस्त और निमोनिया शामिल है। मलेरिया की वजह से 17 फीसदी मौतों होती है।

अधिकांश मलेरिया से होने वाली मौतें सब-सहारा अफ्रीका के देशों में होती हैं जैसे चाड, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, नाइजर और नाइजीरिया। इन देशों में संघर्ष, जलवायु संकट, कीटों की समस्या और दवा प्रतिरोध जैसी चुनौतियां रोकथाम और उपचार को मुश्किल बनाती हैं।

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क्षेत्रीय असमानताएं

सब-सहारा अफ्रीका में 58 फीसदी पांच साल से कम उम्र की मौतें, 54 फीसदी मौतों के पीछे का कारण संक्रमण है।

दक्षिण एशिया में 25 फीसदी मौतें, मुख्य कारण नवजात जटिलताएं जैसे समय से पहले जन्म, जन्म के समय चोट और संक्रमण।

यूरोप और उत्तरी अमेरिका में नौ फीसदी मौतें संक्रमणों के कारण होती हैं।

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में छह फीसदी मौतें संक्रमणों के कारण होती हैं।

ये असमानताएं स्पष्ट करती हैं कि सस्ती और जीवन रक्षक सेवाओं तक पहुंच में अंतर कितना बड़ा है।

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संघर्ष और अस्थिर परिस्थितियों में बच्चों का जोखिम

संघर्ष और अस्थिर परिस्थितियों वाले देशों में जन्म लेने वाले बच्चों के पांच साल से पहले मरने की संभावना तीन गुना अधिक है। इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी सुविधाओं की कमी बच्चों के जीवन पर गंभीर असर डालती है।

बड़े बच्चे और युवा (पांच से 24 वर्ष)

2024 में लगभग 21 लाख बच्चे, किशोर और युवा (पांच से 24 वर्ष) की मृत्यु हुई। छोटे बच्चों में मौतों का मुख्य कारण संक्रमण और चोटें हैं। 15 से 19 साल की लड़कियों में मौतों के पीछे का कारण आत्महत्या और लड़कों में सड़क दुर्घटनाएं प्रमुख हैं।

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बाल स्वास्थ्य में निवेश का महत्व

साक्ष्य बताते हैं कि बाल स्वास्थ्य में निवेश सबसे प्रभावी विकास उपायों में से एक है। कम लागत वाले उपाय जैसे टीकाकरण, गंभीर कुपोषण का इलाज और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की देखभाल सबसे अधिक फायदा देते हैं। हर एक डॉलर का निवेश बच्चों की सुरक्षा में 20 डॉलर तक सामाजिक और आर्थिक लाभ पहुंचा सकता है।

सुधार के लिए आवश्यक कदम

राजनीतिक और वित्तीय प्राथमिकता: अधिक खतरे वाले देशों में घरेलू संसाधन जुटाना और सभी के लिए सस्ती, गुणात्मक सेवाएं उपलब्ध कराना।

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अधिक खतरे वाले क्षेत्रों पर ध्यान: सब-सहारा अफ्रीका, दक्षिण एशिया, संघर्ष और अस्थिर क्षेत्र हैं।

जवाबदेही और डेटा प्रणाली मजबूत करना: मौतों का पारदर्शी रिकॉर्ड और रिपोर्टिंग।

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प्राथमिक स्वास्थ्य प्रणाली में निवेश: प्रमुख मौतों को रोकने, पहचानने और इलाज करने के लिए, समुदाय स्वास्थ्य कार्यकर्ता और प्रशिक्षित जन्म देखभाल शामिल।

बाल मृत्यु दर को कम करना सिर्फ स्वास्थ्य का मामला नहीं, बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था की प्रगति से जुड़ा है। सस्ती, प्रभावी और जीवन रक्षक सेवाओं में निवेश करके लाखों बच्चों की जान बचाई जा सकती है।

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