

मध्य प्रदेश के डिंडोरी और अनूपपुर जिले के अमरकंटक क्षेत्र में साल बोरर कीट से प्रभावित पेड़ों को काटने की मंजूरी मिल गई है। डिंडोरी वन विभाग में सब डिवीजनल ऑफिसर (एसडीओ) सुरेंद्र जाटव ने डाउन टू अर्थ को बताया कि डिंडोरी में 1,46,784 पेड़ों को कटाई की अनुमति केंद्र सरकार ने दी है। कुल दिन पहले ही यह मंजूरी मिली है। उनका कहना है कि जल्द ही प्रभावित पेड़ों की कटाई शुरू हो जाएगी।
अनूपपुर जिले के अमरकंटक क्षेत्र में 9,535 साल के पेड़ कटेंगे। अनूपपुर के डिवीजनल फॉरेस्ट ऑफिसर डेविड चेनाप का कहना है कि पेड़ों को काटने की स्वीकृति मिल गई है। उनका कहना है कि अक्टूबर से पेड़ों की कटाई शुरू कर दी जाएगी। इस संबंध में 17 सितंबर में एक वर्कशॉप आयोजित ही गई, जिसमें आगे की रूपरेखा तय की गई।
डाउन टू अर्थ ने दो महीने पहले ही बता दिया था कि साल बोरर से सर्वाधित प्रभावित डिंडोरी जिले में करीब 1.5 लाख पेड़ काटने की इजाजत वन विभाग ने मांगी है। इसके साथ ही वन विभाग साल बोरर के फैलाव को रोकने के लिए ट्रैप ट्री विधि से कीड़े पकड़ रहा है और उन्हें दो रुपए प्रति कीड़े की दर से खरीद रहा है।
सुरेंद्र जाटव के अनुसार, डिंडोरी वन मंडल में 19,25,118 कीड़े खरीदे जा चुके हैं। यानी वन विभाग ने 38.5 लाख रुपए कीड़ों को खरीदने पर खर्च किए हैं। वनों में रहने वाले ग्रामीण-आदिवासियों ने साल बोरर कीड़ों के सिरों की माला बनाकर उन्हें वन विभाग के कलेक्शन सेंटर पहुंचाया है।
डाउन टू अर्थ ने दिसंबर 2025 में साल बोरर प्रभावित इलाकों को दौरा कर पाया था कि साल के पेड़ों पर लगने वाले कीड़े महामारी का रूप ले रहे हैं। पेड़ों के नीचे बड़ी संख्या में बुरादा जमा था जो पेड़ों के गंभीर रूप से प्रभावित होने की पुष्टि कर रहे थे।
डाउन टू अर्थ ने सबसे गंभीर रूप से प्रभावित करंजिया रेंज का दौरा किया था जहां उस वक्त साल बोरर प्रभावित पेड़ों पर मार्किंग का काम चल रहा था। इस काम में लगे लोगों ने डाउन टू अर्थ को बताया था कि हालात बेहद गंभीर हैं और लाखों पेड़ कीट की चपेट में आए हैं। साल के सबसे अधिक पेड़ इसी इलाके में कटेंगे। डिंडोरी के इसी इलाके साल बोरर प्रभावित करीब 90 प्रतिशत पेड़ हैं।