अध्ययन में खुलासा: समुद्री भंवरों से गहराई तक पहुंचने वाला कार्बन अनुमान से बहुत कम

समुद्र की सतह से गहराई तक कार्बन के सफर में धाराओं की भूमिका और उनके सीमित लेकिन अहम योगदान होता है
समुद्र का जैविक कार्बन पंप सतह से गहराई तक कार्बन ले जाकर वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषण में मदद करता है।
समुद्र का जैविक कार्बन पंप सतह से गहराई तक कार्बन ले जाकर वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषण में मदद करता है।फोटो साभार: आईस्टॉक
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सारांश
  • समुद्र का जैविक कार्बन पंप सतह से गहराई तक कार्बन ले जाकर वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषण में मदद करता है।

  • एडी सबडक्शन पंप छोटे घूमते जल प्रवाह द्वारा कार्बन को नीचे ले जाता है, लेकिन इसका योगदान कुल में बहुत कम है।

  • अध्ययन में 941 आर्गो फ्लोट्स के आंकड़ों से 1,333 सबडक्शन घटनाएं मिलीं, जिनमें कुछ में कार्बन गहराई तक पहुंचा।

  • यह पंप हर साल लगभग 0.05 पेटाग्राम कार्बन नीचे ले जाता है, जो कुल जैविक कार्बन पंप का पांच प्रतिशत से कम है।

  • दक्षिणी महासागर और उत्तरी अटलांटिक में यह प्रक्रिया अधिक सक्रिय है, खासकर वसंत ऋतु में जब जैविक गतिविधियां बढ़ती हैं।

समुद्र पृथ्वी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह हवा से कार्बन डाइऑक्साइड (सीओ2) को अपने अंदर खींचकर जलवायु को संतुलित रखने में मदद करता है। इस प्रक्रिया को जैविक कार्बन पंप कहा जाता है। यह प्रणाली सतह से गहराई तक कार्बन को ले जाती है, जिससे ऊपर का पानी और अधिक सीओ2 सोख पाता है।

एडी सबडक्शन पंप क्या है?

समुद्र में छोटे-छोटे गोल घूमने वाले पानी के बहाव होते हैं, जिन्हें एडी कहा जाता है। ये एडी पानी को नीचे की ओर धकेलते हैं। जब सतह का पानी नीचे जाता है, तो उसके साथ कार्बन भी गहराई में चला जाता है। इस प्रक्रिया को एडी सबडक्शन पंप कहते हैं।

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समुद्र का जैविक कार्बन पंप सतह से गहराई तक कार्बन ले जाकर वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषण में मदद करता है।

कैसे किया गया अध्ययन?

वैज्ञानिकों ने 2010 से 2024 तक के आंकड़ों का अध्ययन किया। ये आंकड़े 941 आर्गो फ्लोट्स से मिले, जो समुद्र में तैरते हुए जानकारी इकट्ठा करते हैं। इन उपकरणों ने दुनिया भर के महासागरों में पानी की गति और कार्बन के स्तर को मापा गया।

क्या हैं अध्ययन के मुख्य निष्कर्ष

ग्लोबल बायोजिओकेमिकल साइकिल नामक पत्रिका में प्रकाशित इस अध्ययन में कुल 1,333 ऐसे घटनाएं मिलीं, जहां पानी 200 मीटर से नीचे गया। इनमें से कुछ घटनाओं में कार्बन भी गहराई में पहुंचा। वैज्ञानिकों ने पाया कि एडी सबडक्शन पंप हर साल लगभग 0.05 पेटाग्राम (करीब पांच करोड़ टन) कार्बन को नीचे ले जाता है। यह कुल जैविक कार्बन पंप का पांच फीसदी से भी कम है। इसका मतलब है कि यह प्रक्रिया महत्वपूर्ण तो है, लेकिन सबसे बड़ी भूमिका नहीं निभाती।

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समुद्र का जैविक कार्बन पंप सतह से गहराई तक कार्बन ले जाकर वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषण में मदद करता है।

कहां ज्यादा प्रभाव देखा गया

यह प्रक्रिया खास तौर पर दक्षिणी महासागर और उत्तरी अटलांटिक के ठंडे इलाकों में ज्यादा देखी गई। इन जगहों पर वसंत ऋतु में इसका प्रभाव बढ़ जाता है। यह समय समुद्र में जीवों की गतिविधि बढ़ने का भी होता है।

प्रक्रिया कैसे काम करती है

अध्ययन में यह भी पाया गया कि जहां एडी ज्यादा तेज होती हैं, वहां पानी के नीचे जाने की संभावना भी अधिक होती है। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि एडी कार्बन को नीचे ले जाने में कैसे योगदान देती हैं।

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समुद्र का जैविक कार्बन पंप सतह से गहराई तक कार्बन ले जाकर वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषण में मदद करता है।

अध्ययन की सीमाएं

कुछ क्षेत्रों जैसे प्रशांत महासागर और भारतीय महासागर के कुछ हिस्सों में आंकड़ों की कमी थी। इससे वहां के परिणाम पूरी तरह सही नहीं हो सकते। इसके अलावा, आर्गो फ्लोट्स घुले हुए कार्बन को सही से नहीं माप पाते, जिससे कुछ जानकारी छूट सकती है।

यह अध्ययन बताता है कि एडी सबडक्शन पंप का योगदान सीमित है। पहले वैज्ञानिक सोचते थे कि यह बहुत बड़ा योगदान देता है, लेकिन अब यह स्पष्ट हो गया है कि यह केवल एक सहायक प्रक्रिया है। इससे वैज्ञानिकों को समुद्र में कार्बन के प्रवाह को बेहतर समझने में मदद मिलेगी।

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