

24 सितंबर 2026 को देश के शहरों में वायु प्रदूषण की तस्वीर में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 245 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण के मुताबिक, श्रीगंगानगर 315 एक्यूआई के साथ देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा, जहां प्रदूषण का प्रमुख कारण पीएम10 रहा। एक दिन पहले यहां एक्यूआई 186 था, यानी 24 घंटे में 129 अंकों की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई।
इसके विपरीत आइजोल में एक्यूआई महज 14 रहा और वह देश का सबसे साफ शहर रहा।
प्रदूषण के मामले में पीथमपुर (268), गुरुग्राम (237), जींद (231) और कैथल (201) भी खराब श्रेणी में रहे।
इसी तरह शीर्ष 10 प्रदूषित शहरों में हरियाणा के पांच शहर शामिल रहे, जो राज्य में प्रदूषण के दबाव को दिखाता है। वहीं फतेहपुर सीकरी में एक दिन में 148 अंकों का सुधार हुआ और एक्यूआई 259 से घटकर 111 पहुंच गया।
दिल्ली में भी मामूली राहत मिली और एक्यूआई 154 से घटकर 145 रहा, जबकि फरीदाबाद में यह 81 से बढ़कर 105 पर पहुंच गया।
कुल मिलकर 245 शहरों में 70 की हवा बेहतर, 106 की संतोषजनक और 64 शहरों की हवा मध्यम श्रेणी में रही, जबकि चार शहर खराब और एक शहर बेहद खराब श्रेणी में दर्ज हुआ।
सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 24 सितम्बर 2026 को देश में श्री गंगानगर सबसे प्रदूषित शहर रहा। इस दौरान वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 315 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (23 सितम्बर) श्री गंगानगर में सूचकांक 186 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में 129 अंकों का भारी इजाफा हुआ है।
रुझानों में यह भी सामने आया है कि श्री गंगानगर की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम10) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।
श्री गंगानगर में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 600 फीसदी अधिक है।
दूसरी तरफ देश में आइजोल की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 14 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर श्री गंगानगर की तुलना आइजोल से करें तो वहां स्थिति 22.5 गुणा खराब है।
इससे पहले कल देश में फतेहपुर सीकरी की स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 259 दर्ज किया गया। हालांकि आज 148 अंकों के भारी सुधार के साथ फतेहपुर सीकरी में एक्यूआई घटकर 111 पर पहुंच गया है। मतलब कि वायु गुणवत्ता खराब से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में कमी आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 154 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 145 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक में 9 अंकों का सुधार दर्ज किया गया। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता ‘मध्यम’ श्रेणी में बनी हुई है।
2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 09 जुलाई को दर्ज किया गया, जब एक्यूआई 48 रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह 08 जुलाई 2026 को सूचकांक 59 और 07-24 सितम्बर को 63 रिकॉर्ड किया गया। वहीं 04 अगस्त और 22 जुलाई 2026 को सूचकांक 64 दर्ज हुआ। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।
दिल्ली के उलट फरीदाबाद में कल से प्रदूषण में उछाल आया है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 81 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 105 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 24 अंकों के उछाल के साथ फरीदाबाद में आज वायु गुणवत्ता मध्यम से संतोषजनक हो गई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 24 सितम्बर 2026 को 245 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 28.6 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 43.3 फीसदी में स्थिति संतोषजनक, जबकि दूसरी तरफ 28.2 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।
कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 16.7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। दूसरी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में 2.8 फीसदी की कमी दर्ज की गई। रुझानों के मुताबिक मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में कल से कोई बदलाव नहीं हुआ है और स्थिति जस की तस है। वहीं खराब हवा वाले शहरों की गिनती आज छह से चार पर आ गई है।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में पीथमपुर (268) दूसरे जबकि गुरुग्राम (237) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह जींद (231) चौथे स्थान पर है। कैथल (201) – गुम्मिडीपूंडी (196) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
लेह (193) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में वातवा (179), यमुना नगर (178) और बहादुरगढ़ (173) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के पांच शहर (गुरुग्राम, जींद, कैथल, यमुनानगर, बहादुरगढ़) शामिल हैं।
विश्लेषण से यह भी पता चला है कि गुरुग्राम, जींद, कैथल, गुम्मिडीपूंडी, वातवा, यमुनानगर, बहादुरगढ़, भिवानी, बड़ौत, मंडी गोबिंदगढ़, मानेसर, चरखी दादरी, टोंक, बागपत, गाजियाबाद, जयपुर, कुरुक्षेत्र, खोरा, खैरथल, हनुमानगढ़, पानीपत, मुजफ्फरनगर, धारूहेड़ा, हापुड़ और उल्हासनगर आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं। वहीं श्रीगंगानगर, पीथमपुर, ग्रेटर नोएडा, पाली, बीकानेर, नोएडा, दिल्ली, नागौर, मोदीनगर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, सिरसा, उदयपुर, भिवाड़ी, चूरू, बूंदी, जोधपुर, झुंझुनू, हिसार, गांधीनगर, अहमदाबाद, अंबरनाथ, नारनौल, मालेगांव, सीकर, फतेहपुर सीकरी, परभणी, अंबाला, छपरा, सवाई माधोपुर, दौसा, वडोदरा, अलवर, फरीदाबाद, जालोर, कोटा, मेरठ, अजमेर और लुधियाना आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।
इन शहरों के विपरीत देश के 28.6 फीसदी यानी 70 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में धौलपुर, डोंबिवली, एलुरु, फिरोजाबाद, हाजीपुर, हल्दिया, हावड़ा, काकीनाडा, कलबुर्गी, कानपुर, करौली, करनाल, कटनी, क्योंझर, किशनगंज, कोल्हापुर, कोलकाता, कोरबा, कुंजेमुरा, कुरनूल, लातूर, लखनऊ, मदिकेरी, मीरा-भायंदर, मुजफ्फरपुर, नागपुर, नाहरलागुन, नयागढ़, पंचगांव, प्रयागराज, रायपुर, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, रामनगर, राउरकेला, सागर, सहरसा, समस्तीपुर, सांगली, सिलीगुड़ी, शिवसागर, श्रीनगर, तालचेर, टेन्सा, तिरुवनंतपुरम आदि शामिल हैं।
इसी तरह देश के 106 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें भोपाल, बोइसर, ब्रजराजनगर, बुलंदशहर, बर्नीहाट (असम), बर्नीहाट (मेघालय), चंडीगढ़, चंद्रपुर, चेन्नई, छाल, चित्तूर, कटक, देहरादून, देवास, धारवाड़, डूंगरपुर, दुर्गापुर, फतेहाबाद, गजरौला, गया, गोरखपुर, गुंटूर, गुवाहाटी, ग्वालियर, हिंगोली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जैसलमेर, जालंधर, जलगांव, झालावाड़, झांसी, कडप्पा, कल्याण, कन्नूर, कटिहार, खन्ना, खुर्जा, कोहिमा, मछलीपट्टनम, महाड, मंडीखेड़ा, मंगलौर, मथुरा, मेहसाणा, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुंबई, नागांव, नलबाड़ी, नांदेड़, नंदेसरी, नासिक, नवी मुंबई, नेल्लोर, पलवल, पंचकुला, पारादीप, पटियाला, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रतापगढ़, पुडुचेरी, पुणे, रायबरेली आदि शहर शामिल हैं।
इन शहरों के उलट आज देश के 64 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
इनमें अहमदाबाद, अजमेर, अलवर, अंबाला, अंबरनाथ, अंगुल, बागपत, बहादुरगढ़, बड़ौत, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, भिवानी, बीकानेर, बूंदी, चरखी दादरी, छपरा, चित्तौड़गढ़, चूरू, दौसा, दिल्ली, धारूहेड़ा, एलूर, फरीदाबाद, फतेहपुर सीकरी, गांधीनगर, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुम्मिडीपूंडी, हनुमानगढ़, हापुड़, हिसार, जयपुर, जालोर, झुंझुनू, जोधपुर, खैरथल, खोरा, कोटा, कुरुक्षेत्र, लेह, लुधियाना, मालेगांव, मंडीदीप, मंडी गोबिंदगढ़, मानेसर, मेरठ, मोदीनगर, मुजफ्फरनगर, नागौर, नारनौल, नोएडा, पाली, पानीपत, परभणी, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरसा, टोंक, उदयपुर, उल्हासनगर, वडोदरा, वातवा, वृंदावन और यमुनानगर शामिल हैं।
वहीं पीथमपुर (268), गुरुग्राम (237), जींद (231) और कैथल (201) में स्थिति 'खराब' दर्ज की गई है। इसी तरह श्री गंगानगर में स्थिति बेहद खराब (315) दर्ज की गई है।
क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 245 में से 70 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 106 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 23 सितम्बर को भी यह आंकड़ा 109 दर्ज किया गया था।
64 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।
दूसरे शहरों की तुलना में आज श्री गंगानगर में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 315 दर्ज किया गया, जोकि ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (23 सितम्बर) श्री गंगानगर में सूचकांक 186 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में 129 अंकों का इजाफा हुआ है।
इससे पहले कल देश में फतेहपुर सीकरी की स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 259 दर्ज किया गया। हालांकि आज 148 अंकों के भारी सुधार के साथ फतेहपुर सीकरी में एक्यूआई घटकर 111 पर पहुंच गया है। मतलब कि वायु गुणवत्ता खराब से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में कमी आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 154 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 145 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक में 9 अंकों का सुधार दर्ज किया गया। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता ‘मध्यम’ श्रेणी में बनी हुई है।
दिल्ली के उलट फरीदाबाद में कल से प्रदूषण में उछाल आया है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 81 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 105 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 24 अंकों के उछाल के साथ फरीदाबाद में आज वायु गुणवत्ता मध्यम से संतोषजनक हो गई है।
प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 24 सितम्बर को जींद (231) चौथे स्थान पर है, वहीं पीथमपुर (268) दूसरे, जबकि गुरुग्राम (237) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 58, गाजियाबाद में 146, गुवाहाटी में 54, गुरूग्राम में 237, नोएडा में 158, ग्रेटर नोएडा में 173 पर पहुंच गया है।
इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 56 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 48, चेन्नई में 86, चंडीगढ़ में 57, हैदराबाद में 54, जयपुर में 139 और पटना में 61 दर्ज किया गया।
इन शहरों में साफ रही हवा
देश के जिन 70 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा। इन शहरों में अगरतला, आइजोल, अकोला, अमरावती (महाराष्ट्र), अररिया, आसनसोल, बदलापुर, बालासोर, बारबिल, बारीपाड़ा, बैरकपुर, बेतिया, भिलाई, भुवनेश्वर, बिलासपुर, बिलीपाड़ा, ब्यासनगर, चिक्काबल्लापुर, चिक्कमगलुरु, धौलपुर, डोंबिवली, एलुरु, फिरोजाबाद, हाजीपुर, हल्दिया, हावड़ा, काकीनाडा, कलबुर्गी, कानपुर, करौली, करनाल, कटनी, क्योंझर, किशनगंज, कोल्हापुर, कोलकाता, कोरबा, कुंजेमुरा, कुरनूल, लातूर, लखनऊ, मदिकेरी, मीरा-भायंदर, मुजफ्फरपुर, नागपुर, नाहरलागुन, नयागढ़, पंचगांव, प्रयागराज, रायपुर, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, रामनगर, राउरकेला, सागर, सहरसा, समस्तीपुर, सांगली, सिलीगुड़ी, शिवसागर, श्रीनगर, तालचेर, टेन्सा, तिरुवनंतपुरम, वाराणसी, विजयवाड़ा, विरार, विशाखापत्तनम और यादगीर शामिल हैं।
वहीं आगरा, अहमदनगर, अमृतसर, अनंतपुर, आरा, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बद्दी, बल्लभगढ़, बांसवाड़ा, बारां, बरेली, बाड़मेर, बठिंडा, बीड, बेगूसराय, बेलापुर, बेंगलुरु, भरतपुर, भावनगर, भिवंडी, भोपाल, बोइसर, ब्रजराजनगर, बुलंदशहर, बर्नीहाट (असम), बर्नीहाट (मेघालय), चंडीगढ़, चंद्रपुर, चेन्नई, छाल, चित्तूर, कटक, देहरादून, देवास, धारवाड़, डूंगरपुर, दुर्गापुर, फतेहाबाद, गजरौला, गया, गोरखपुर, गुंटूर, गुवाहाटी, ग्वालियर, हिंगोली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जैसलमेर, जालंधर, जलगांव, झालावाड़, झांसी, कडप्पा, कल्याण, कन्नूर, कटिहार, खन्ना, खुर्जा, कोहिमा, मछलीपट्टनम, महाड, मंडीखेड़ा, मंगलौर, मथुरा, मेहसाणा, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुंबई, नागांव, नलबाड़ी, नांदेड़, नंदेसरी, नासिक, नवी मुंबई, नेल्लोर, पलवल, पंचकुला, पारादीप, पटियाला, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रतापगढ़, पुडुचेरी, पुणे, रायबरेली, राजकोट, राजसमंद, रतलाम, ऋषिकेश, रोहतक, रूपनगर, सतारा, सतना, सिलचर, सिरोही, सोलापुर, सोनीपत, सूरत, ठाणे, थूथुकुडी, त्रिशूर, तिरुमाला, तिरुपति, उडुपी और वापी आदि 106 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।
इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।
ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।
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