प्रदूषण में जारी उतार-चढ़ाव: श्री गंगानगर सबसे प्रदूषित, आइजोल सबसे साफ; दिल्ली-फरीदाबाद में भी दिखा सुधार

इससे पहले 05 सितम्बर को देश में कुड्डालोर की स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 493 तक पहुंच गया था। हालांकि 06 सितम्बर को जारी सरकारी रुझानों में कुड्डालोर नदारद है।
धनबाद शहर से करीब 8 किलोमीटर दूर बेलगड़िया क्षेत्र में लोगों के यातायात का सहारा सिर्फ ऑटो और ई-रिक्शा है। फोटो : विकास चौधरी/सीएसई
धनबाद शहर से करीब 8 किलोमीटर दूर बेलगड़िया क्षेत्र में लोगों के यातायात का सहारा सिर्फ ऑटो और ई-रिक्शा है। फोटो : विकास चौधरी/सीएसई
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सारांश
  • देशभर में वायु प्रदूषण का उतार-चढ़ाव जारी है। 6 सितंबर 2026 के सरकारी आंकड़ों में राजस्थान का श्री गंगानगर 186 एक्यूआई के साथ सबसे प्रदूषित शहर रहा, जबकि मिजोरम की राजधानी आइजोल महज 19 एक्यूआई के साथ सबसे साफ शहर रहा।

  • श्री गंगानगर की हवा में पीएम10 का दबदबा रहा और प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से करीब 300 फीसदी अधिक दर्ज किया गया। इसके मुकाबले आइजोल की हवा करीब 9.7 गुणा बेहतर रही।

  • केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 250 शहरों के आंकड़ों के अनुसार 92 शहरों में हवा साफ, 140 में संतोषजनक और 18 शहरों में मध्यम श्रेणी की रही। हालांकि साफ हवा वाले शहरों की हिस्सेदारी एक दिन में 7.1 फीसदी घटी है, जबकि मध्यम श्रेणी वाले शहरों की संख्या 5.9 फीसदी बढ़ी—जो प्रदूषण के दोबारा बढ़ने का संकेत है।

  • गोरखपुर, बद्दी और तालचेर भी सबसे प्रदूषित शहरों में रहे। वहीं दिल्ली और फरीदाबाद में राहत दिखी। दिल्ली का एक्यूआई 59 से घटकर 55 और फरीदाबाद का 105 से 86 पर आ गया।

  • आंकड़े बताते हैं कि देश की हवा भले फिलहाल ज्यादातर शहरों में संतोषजनक हो, लेकिन प्रदूषण की यह अस्थिर तस्वीर किसी बड़ी चिंता से कम नहीं है।

सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 06 सितम्बर 2026 को देश में श्री गंगानगर सबसे प्रदूषित रहा। इस दौरान वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 186 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (05 सितम्बर) को सरकारी आंकड़ों में श्री गंगानगर का जिक्र नहीं था।

रुझानों में यह भी सामने आया है कि श्री गंगानगर की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम10) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।

श्री गंगानगर में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमासे 300 फीसदी अधिक है।

दूसरी तरफ देश में आइजोल की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 19 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर श्री गंगानगर की तुलना आइजोल से करें तो वहां स्थिति 9.7 गुणा खराब है।

कल देश में कुड्डालोर की स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 493 तक पहुंच गया था। हालांकि आज सरकारी रुझानों में कुड्डालोर नदारद है।

दिल्ली में कल से प्रदूषण में कमी आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 59 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 55 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक में 4 अंकों की गिरावट आई है। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता ‘संतोषजनक’ श्रेणी में बनी हुई है। 

2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 09 जुलाई को दर्ज किया गया, जब एक्यूआई 48 रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह 08 जुलाई 2026 को सूचकांक 59 और 07-06 सितम्बर को 63 रिकॉर्ड किया गया। वहीं 04 अगस्त और 22 जुलाई 2026 को सूचकांक 64  दर्ज हुआ। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।

दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में कमी आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 105 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 86 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 19 अंकों के सुधार के साथ फरीदाबाद में एक्यूआई मध्यम से संतोषजनक श्रेणी में पहुंच गया है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 06 सितम्बर 2026 को 250 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 36.8 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 56 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 7.2 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।

कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 7.1 फीसदी की गिरावट आई है। दूसरी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में 5.3 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। रुझानों के मुताबिक मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में कल से करीब 5.9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जोकि चिंता का विषय है।

आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में गोरखपुर (171) दूसरे जबकि बद्दी (163) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह तालचेर (162) चौथे स्थान पर है। गुम्मिडीपूंडी (161) – पानीपत (153) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।

वातवा (139) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में बिलाईपाड़ा (128), छाल (123) और खैरथल (121) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में ओडिशा के तीन शहर (तालचेर, बिलाईपाड़ा, छाल) शामिल हैं।

विश्लेषण से यह भी पता चला है कि गुम्मिडीपूंडी, पानीपत, भागलपुर और पीथमपुर आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं। वहीं श्रीगंगानगर, बद्दी, तालचेर, वातवा, बिलाईपाड़ा, छाल, खैरथल, ब्रजराजनगर, छपरा, विशाखापत्तनम, बेगूसराय, पाली और कुंजेमुरा आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।

इन शहरों के विपरीत देश के 36.8 फीसदी यानी 92 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में कोयंबटूर, दमोह, दौसा, देहरादून, धौलपुर, धुले, डोंबिवली, फतेहपुर सीकरी, फिरोजाबाद, गंगटोक, गाजियाबाद, हापुड़, जालंधर, जलगांव, झालावाड़, झांसी, काकीनाडा, कलबुर्गी, कानपुर, करौली, कारवार, खुर्जा, कोल्हापुर, कोरबा, कुरनूल, कुरुक्षेत्र, लातूर, लखनऊ, मदिकेरी, महाड, मथुरा, मेरठ, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुंबई, मुजफ्फरनगर, नागपुर, नाहरलागुन, नांदेड़, नासिक, नवी मुंबई, नयागढ़, पंचकुला, परभणी, पटियाला, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रतापगढ़, पुणे आदि शामिल हैं।

इसी तरह देश के 140 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें देवास, धारूहेड़ा, धारवाड़, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलुरु, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गडग, गजरौला, गांधीनगर, गया, ग्रेटर नोएडा, गुंटूर, गुरुग्राम, गुवाहाटी, ग्वालियर, हाजीपुर, हल्दिया, हनुमानगढ़, हिंगोली, हिसार, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जयपुर, जैसलमेर, जलना, जालोर, झुंझुनू, जींद, जोधपुर, जोरापोखर, कडप्पा, कैथल, कल्याण, कन्नूर, करनाल, कटिहार, कटनी, क्योंझर, खन्ना, खोरा, किशनगंज, कोहिमा, कोलकाता, कोटा, मछलीपट्टनम, मालेगांव, मंडीदीप, मंडीखेड़ा, मानेसर, मंगुराहा, मेहसाणा, मिलुपारा, मुजफ्फरपुर, मैसूरु, नागांव, नागौर, नलबाड़ी, नंदेसरी, नारनौल, नेल्लोर, नोएडा, पलवल, पंपोर, पटना, प्रयागराज, पूर्णिया, रायबरेली, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, राजसमंद, राउरकेला, रूपनगर, सहरसा, समस्तीपुर, सासाराम, सतारा, सतना, सवाई माधोपुर, शामली, सीकर आदि शहर शामिल हैं।

इन शहरों के उलट आज देश के 18 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

इनमें बद्दी, बेगूसराय, भागलपुर, बिलाईपाड़ा, ब्रजराजनगर, छाल, छपरा, गोरखपुर, गुम्मिडीपूंडी, खैरथल, कुंजेमुरा, पाली, पानीपत, पीथमपुर, श्रीगंगानगर, तालचेर, वातवा और विशाखापत्तनम आदि शामिल हैं।

क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 250 में से 92 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 140 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 05 सितम्बर को भी यह आंकड़ा 133 दर्ज किया गया था।

18 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।

दूसरे शहरों की तुलना में श्री गंगानगर में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 186 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (05 सितम्बर) को सरकारी आंकड़ों में श्री गंगानगर का जिक्र नहीं था।

कल देश में कुड्डालोर की स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 493 तक पहुंच गया था। हालांकि आज सरकारी रुझानों में कुड्डालोर नदारद है।

दिल्ली में कल से प्रदूषण में कमी आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 59 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 55 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक में 4 अंकों की गिरावट आई है। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता ‘संतोषजनक’ श्रेणी में बनी हुई है। 

दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में कमी आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 105 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 86 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 19 अंकों के सुधार के साथ फरीदाबाद में एक्यूआई मध्यम से संतोषजनक श्रेणी में पहुंच गया है।

प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 06 सितम्बर को तालचेर (162) चौथे स्थान पर है, वहीं गोरखपुर (171) दूसरे, जबकि बद्दी (163) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 58, गाजियाबाद में 48, गुवाहाटी में 59, गुरूग्राम में 76, नोएडा में 62, ग्रेटर नोएडा में 70 पर पहुंच गया है।

इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 41 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘बेहतर‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 48, चेन्नई में 90, चंडीगढ़ में 33, हैदराबाद में 58, जयपुर में 56 और पटना में 72 दर्ज किया गया।

इन शहरों में साफ रही हवा

देश के जिन 92 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा। इन शहरों में अहमदनगर, आइजोल, अकोला, अमरावती, औरंगाबाद, बदलापुर, बागपत, बहादुरगढ़, बारां, बरेली, बठिंडा, बीड, बेलापुर, बेतिया, भरतपुर, भिलाई, भिवंडी, भोपाल, बुलंदशहर, चामराजनगर, चंडीगढ़, चरखी दादरी, चिक्कमगलुरु, कोयंबटूर, दमोह, दौसा, देहरादून, धौलपुर, धुले, डोंबिवली, फतेहपुर सीकरी, फिरोजाबाद, गंगटोक, गाजियाबाद, हापुड़, जालंधर, जलगांव, झालावाड़, झांसी, काकीनाडा, कलबुर्गी, कानपुर, करौली, कारवार, खुर्जा, कोल्हापुर, कोरबा, कुरनूल, कुरुक्षेत्र, लातूर, लखनऊ, मदिकेरी, महाड, मथुरा, मेरठ, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुंबई, मुजफ्फरनगर, नागपुर, नाहरलागुन, नांदेड़, नासिक, नवी मुंबई, नयागढ़, पंचकुला, परभणी, पटियाला, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रतापगढ़, पुणे, रायपुर, राजगीर, राजकोट, रामनगर, रतलाम, ऋषिकेश, रोहतक, सागर, सांगली, शिवमोगा, सिलचर, शिवसागर, सोलापुर, सूरत, तुमडीह, उल्हासनगर, वापी, विजयपुरा, विरार और वृंदावन शामिल हैं।

वहीं अगरतला, आगरा, अहमदाबाद, अजमेर, अलवर, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अंबाला, अंबरनाथ, अमृतसर, अनंतपुर, अंगुल, अंकलेश्वर, अररिया, आसनसोल, बालासोर, बल्लभगढ़, बांसवाड़ा, बारबिल, बारीपाड़ा, बाड़मेर, बैरकपुर, बेंगलुरु, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, भुवनेश्वर, बीकानेर, बिलासपुर, बूंदी, ब्यासनगर, बर्नीहाट (असम), चंद्रपुर, चेन्नई, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, चूरू, कटक, दिल्ली, देवास, धारूहेड़ा, धारवाड़, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलुरु, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गडग, गजरौला, गांधीनगर, गया, ग्रेटर नोएडा, गुंटूर, गुरुग्राम, गुवाहाटी, ग्वालियर, हाजीपुर, हल्दिया, हनुमानगढ़, हिंगोली, हिसार, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जयपुर, जैसलमेर, जलना, जालोर, झुंझुनू, जींद, जोधपुर, जोरापोखर, कडप्पा, कैथल, कल्याण, कन्नूर, करनाल, कटिहार, कटनी, क्योंझर, खन्ना, खोरा, किशनगंज, कोहिमा, कोलकाता, कोटा, मछलीपट्टनम, मालेगांव, मंडीदीप, मंडीखेड़ा, मानेसर, मंगुराहा, मेहसाणा, मिलुपारा, मुजफ्फरपुर, मैसूरु, नागांव, नागौर, नलबाड़ी, नंदेसरी, नारनौल, नेल्लोर, नोएडा, पलवल, पंपोर, पटना, प्रयागराज, पूर्णिया, रायबरेली, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, राजसमंद, राउरकेला, रूपनगर, सहरसा, समस्तीपुर, सासाराम, सतारा, सतना, सवाई माधोपुर, शामली, सीकर, सिरोही, सिरसा, सोनीपत, श्रीनगर, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, थूथुकुडी, त्रिशूर, तिरुमाला, तिरुपति, टोंक, उदयपुर, उज्जैन, वडोदरा, वाराणसी, विजयवाड़ा और यमुना नगर आदि 140 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।

क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक

देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।

इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।

यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।

ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।

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