

देश के 248 शहरों के ताजा आंकड़ों से साफ है कि भारत में हवा का संकट अभी भी गहरा है। महज 7.3 फीसदी शहरों में ही हवा साफ है, जबकि आधे से ज्यादा शहरों में प्रदूषण चिंताजनक स्तर पर बना हुआ है।
उड़ीसा का बिलीपाड़ा 379 एक्यूआई के साथ देश का सबसे प्रदूषित शहर बनकर उभरा, जहां एक दिन में प्रदूषण 161 अंक बढ़ गया।
दूसरी ओर दिल्ली और फरीदाबाद में प्रदूषण में कुछ गिरावट दर्ज की गई, लेकिन हवा अभी भी स्वास्थ्य मानकों से कई गुना खराब बनी हुई है।
विश्लेषण के मुताबिक 14 मार्च 2026 को देश में बिलीपाड़ा सबसे अधिक प्रदूषित शहर रहा। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 379 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। गौरतलब है कि कल बिलीपाड़ा में एक्यूआई 218 रिकॉर्ड किया गया था। मतलब कि कल से सूचकांक में 161 अंकों का भारी इजाफा हुआ है।
रुझानों में सामने आया है कि बिलीपाड़ा की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम10) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।
बिलीपाड़ा में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 700 फीसदी अधिक है।
दूसरी तरफ देश में नाहरलागुन की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 28 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर बिलीपाड़ा की तुलना नाहरलागुन से करें तो वहां स्थिति 13 गुणा खराब है।
इससे पहले कल देश में भिवाड़ी की हवा सबसे खराब थी, जब एक्यूआई 290 दर्ज किया गया। हालांकि आज 98 अंकों के सुधार के साथ सूचकांक 192 पर पहुंच गया है। लेकिन चिंता की बात है कि भिवाड़ी में वायु गुणवत्ता अभी भी मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।
राजधानी दिल्ली की बात करें तो कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 189 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 153 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में सूचकांक में 36 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। चिंता की बात यह है कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता अभी भी मानकों से 900 फीसदी अधिक खराब है।
इसी तरफ फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 190 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 157 पर पहुंच गया। इसका मतलब कि फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 14 मार्च 2026 को 248 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां महज 7.3 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 39.5 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 53.2 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा चिंताजनक बनी हुई है।
बता दें कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 50 फीसदी का इजाफा हुआ है। इसी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में भी 5.4 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की बात करें तो इनकी संख्या में कल से करीब 5.6 फीसदी की गिरावट आई है। इसी तरह खराब गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में भी कल से करीब 20 फीसदी का सुधार आया है, जोकि राहत की खबर है।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में नंदेसरी (288) दूसरे जबकि मिलुपारा (272) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह बारबिल चौथे स्थान पर है। मंडीदीप-बहादुरगढ़ में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 243 और 241 अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
कुंजेमुरा (231) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में तुमडीह (229), बाड़मेर (222), कोरबा (218) भी शामिल हैं।
विश्लेषण से यह भी पता चला है कि नंदेसरी, मिलुपारा, बारबिल, मंडीदीप, बहादुरगढ़, कुंजेमुरा, तुमडीह, कोरबा, ब्रजराजनगर, अहमदाबाद, भिवाड़ी, राउरकेला, गुरुग्राम, गांधीनगर, तिरुवनंतपुरम, हाजीपुर, फरीदाबाद, सोलापुर, दिल्ली, गाजियाबाद, वातवा, नागपुर, नलबाड़ी, बर्नीहाट, मानेसर, उदयपुर, कोटा, सोनीपत, छाल, महाड, इंदौर, कल्याण, पटना, रायबरेली, चिक्काबल्लापुर, नवी मुंबई, बेंगलुरु, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), लखनऊ, मेरठ, मुजफ्फरपुर, पुणे, सिवान, अंबाला, वापी आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।
वहीं बिलीपाड़ा, बाड़मेर, पाली, बल्लभगढ़, जालौर, टोंक, नयागढ़, पीथमपुर, भीलवाड़ा, ग्रेटर नोएडा, प्रतापगढ़, अंबरनाथ, सिरोही, अंकलेश्वर, क्योंझर, जोधपुर, जैसलमेर, राजकोट, ग्वालियर, सीकर, सिरसा, झालावाड़, कटनी, नागौर, नोएडा, धारवाड़, हनुमानगढ़, बीकानेर, डूंगरपुर, मालेगांव, धनबाद, सहरसा, बुलंदशहर, दमोह, बांसवाड़ा, पिंपरी-चिंचवाड़, बदलापुर, आगरा, उल्हासनगर, अजमेर, भावनगर, रायरंगपुर, रतलाम, टेन्सा, भिवंडी, देवास, जलगांव, श्री गंगानगर, विशाखापत्तनम, बोइसर, नासिक, चूरू, नांदेड़, मुजफ्फरनगर, मंगुराहा, अकोला, अनंतपुर आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।
इन शहरों के विपरीत देश के 7.3 फीसदी यानी महज 18 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में चामराजनगर, चित्तूर, गंगटोक, गुंटूर, कोहिमा, मदिकेरी, नाहरलागुन, पंचकुला, पुदुचेरी, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, शिलांग, सिलचर, शिवसागर, श्रीनगर आदि शामिल हैं।
आज देश के जिन 98 शहरों में वायु गुणवत्ता सन्तोषजनक है, उनमें अमृतसर, अररिया, आरा, आसनसोल, औरंगाबाद (बिहार), बालासोर, बरेली, बारीपदा, बठिंडा, बेगूसराय, बेलापुर, भिलाई, भिवानी, भुवनेश्वर, बिहार शरीफ, बिलासपुर, बक्सर, ब्यासनगर, चंडीगढ़, चरखी दादरी, चेन्नई, छपरा, कोयंबटूर, कटक, देहरादून, धारूहेड़ा, धुले, दुर्गापुर, एलूर, एलुरु, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, गया, गुम्मिडीपूंडी, गुवाहाटी, हल्दिया, हिसार, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, जालंधर, जलना, झांसी, जींद, कडप्पा, कैथल, कन्नूर, कानपुर, करौली, करनाल, कटिहार, खन्ना, खुर्जा, किशनगंज, कोलकाता, लातूर, लुधियाना, मंडीखेड़ा, मंगलौर, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुंबई, मुंगेर, मैसूर, नागांव, नारनौल, पलवल, पंपोर, पंचगांव, परभनी, पटियाला, पेरुंदुरई, प्रयागराज आदि शामिल हैं।
इन शहरों के उलट आज देश के 119 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
इन शहरों में आगरा, अहमदाबाद, अहमदनगर, अजमेर, अकोला, अलवर, अंबाला, अंबरनाथ, अमरावती (महाराष्ट्र), अनंतपुर, अंगुल, अंकलेश्वर, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बद्दी, बदलापुर, बांसवाड़ा, बारां, बेंगलुरु, भागलपुर, भरतपुर, भावनगर, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, भिवंडी, भोपाल, बीकानेर, बोइसर, बुलंदशहर, बूंदी, बर्नीहाट, चंद्रपुर, छाल, चिक्काबल्लापुर, चित्तौड़गढ़, चूरू, दमोह, दौसा, दिल्ली, देवास, धनबाद, धारवाड़, धौलपुर, डूंगरपुर, फरीदाबाद, गांधीनगर, गाजियाबाद, गोरखपुर, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, ग्वालियर, हाजीपुर, हनुमानगढ़, हापुड़, इंदौर, जबलपुर, जयपुर, जैसलमेर, जलगांव, जालौर, झालावाड़, झुंझुनू, जोधपुर, कल्याण, कटनी, क्योंझर, कोटा, कुरुक्षेत्र, लखनऊ, महाड, मालेगांव, मानेसर, मंगुराहा, मेरठ, मेहसाणा, मीरा-भायंदर, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नागौर, नागपुर, नलबाड़ी, नांदेड़, नासिक, नवी मुंबई, नयागढ़, नोएडा, पानीपत, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, प्रतापगढ़, पुणे, रायबरेली, रायरंगपुर, राजकोट, रतलाम, राउरकेला, सागर, सहरसा, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरोही, सिरसा, सिवान, सोलापुर, सोनीपत, श्री गंगानगर, सुआकाती, सूरत, टेन्सा, तिरुवनंतपुरम, टोंक, उदयपुर, उज्जैन, उल्हासनगर, वापी, वातवा, विशाखापत्तनम, यादगीर, यमुना नगर शामिल हैं।
आंकड़ों में यह भी सामने आया है कि आज देश के 12 शहरों में वायु गुणवत्ता खराब है। इन शहरों में बहादुरगढ़, बल्लभगढ़, बारबिल, बाड़मेर, ब्रजराजनगर, कोरबा, कुंजेमुरा, मंडीदीप, मिलुपारा, नंदेसरी, पाली, तुमडीह शामिल हैं।
इसी तरह बिलीपाड़ा में सूचकांक 379 रिकॉर्ड किया गया, जो बेहद खराब हवा को दर्शाता है।
क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 248 में से महज 18 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 98 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 13 मार्च को यह आंकड़ा 93 दर्ज किया गया था।
119 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' (101-200 के बीच) बनी हुई है।
दूसरे शहरों की तुलना में आज बिलीपाड़ा में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 379 पर पहुंच गया। वहीं कल बिलीपाड़ा में एक्यूआई 218 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से सूचकांक में 161 अंकों का इजाफा हुआ है।
इससे पहले कल भिवाड़ी में स्थिति सबसे ज्यादा खराब रिकॉर्ड की गई थी, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 290 तक पहुंच गया। वहीं आज बिलीपाड़ा में एक्यूआई 192 दर्ज किया गया। मतलब कि कल से सूचकांक में 98 अंकों का सुधार आया है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 189 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 153 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में सूचकांक में 36 अंकों की गिरावट दर्ज की गई है। चिंता की बात यह है कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता अभी भी मानकों से 900 फीसदी अधिक खराब है।
दिल्ली की तरफ ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 190 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 157 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता आज मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है।
प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 14 मार्च को बारबिल चौथे स्थान पर है, वहीं नंदेसरी (288) दूसरे, जबकि मिलुपारा (272) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 140, गाजियाबाद में 152, गुवाहाटी में 59, गुरूग्राम में 183, नोएडा में 133, ग्रेटर नोएडा में 162 पर पहुंच गया है।
इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 97 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 116, चेन्नई में 59, चंडीगढ़ में 81, हैदराबाद में 79, जयपुर में 111 और पटना में 126 दर्ज किया गया।
इन शहरों में साफ रही हवा
देश के जिन 18 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें बागलकोट, बैरकपुर, चामराजनगर, चित्तूर, गंगटोक, गुंटूर, कोहिमा, मदिकेरी, नाहरलागुन, पंचकुला, पुदुचेरी, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, शिलांग, सिलचर, शिवसागर, श्रीनगर, थूथुकुडी शामिल हैं।
वहीं अगरतला, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अमृतसर, अररिया, आरा, आसनसोल, औरंगाबाद (बिहार), बालासोर, बरेली, बारीपदा, बठिंडा, बेगूसराय, बेलापुर, भिलाई, भिवानी, भुवनेश्वर, बिहार शरीफ, बिलासपुर, बक्सर, ब्यासनगर, चंडीगढ़, चरखी दादरी, चेन्नई, छपरा, कोयंबटूर, कटक, देहरादून, धारूहेड़ा, धुले, दुर्गापुर, एलूर, एलुरु, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, गया, गुम्मिडीपूंडी, गुवाहाटी, हल्दिया, हिसार, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, जालंधर, जलना, झांसी, जींद, कडप्पा, कैथल, कन्नूर, कानपुर, करौली, करनाल, कटिहार, खन्ना, खुर्जा, किशनगंज, कोलकाता, लातूर, लुधियाना, मंडीखेड़ा, मंगलौर, मुरादाबाद, मोतिहारी, मुंबई, मुंगेर, मैसूर, नागांव, नारनौल, पलवल, पंपोर, पंचगांव, परभनी, पटियाला, पेरुंदुरई, प्रयागराज, पूर्णिया, रायपुर, राजसमंद, रामनगर, ऋषिकेश, रोहतक, रूपनगर, समस्तीपुर, सांगली, सासाराम, सतना, शिवमोगा, सिलीगुड़ी, तालचेर, ठाणे, त्रिशूर, तिरुमाला, तिरुपति, वडोदरा, वाराणसी, विजयपुरा, विजयवाड़ा, वृंदावन आदि 98 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।
इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।
ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।
कल देश में वायु गुणवत्ता की स्थिति कैसी थी इसकी जानकारी आप डाउन टू अर्थ के एयर क्वालिटी ट्रैकर के पिछले अंक से प्राप्त कर सकते हैं:
बड़े शहरों तक सीमित नहीं प्रदूषण: भिवाड़ी बना देश का सबसे प्रदूषित शहर, 290 पर पहुंचा एक्यूआई