प्रदूषण में एक बार फिर अव्वल बर्नीहाट, बारिश के बाद दिल्ली में सुधार, फरीदाबाद में बिगड़ी हवा

बूंदी जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 291 रिकॉर्ड किया गया, आज प्रदूषण के मामले में दूसरे स्थान पर है। इसी तरह 270 अंकों के साथ हाजीपुर देश के सबसे प्रदूषित शहरों की लिस्ट में तीसरे पायदान पर है
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण से बिगड़े हालात, बीमार, बुजुर्गों और बच्चों के लिए सांस लेना हुआ दुश्वार; फोटो: आईस्टॉक
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण से बिगड़े हालात, बीमार, बुजुर्गों और बच्चों के लिए सांस लेना हुआ दुश्वार; फोटो: आईस्टॉक
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प्रदूषण के मामले में एक बार फिर देश में मेघालय के शहर बर्नीहाट में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 337 तक पहुंच गया है। देश में आज बर्नीहाट एकलौता ऐसा शहर है, जहां एक्यूआई 300 से ज्यादा रिकॉर्ड किया गया। हालांकि कई अन्य शहरों में भी स्थिति कोई खास अच्छी नहीं है।

बूंदी जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 291 रिकॉर्ड किया गया, आज प्रदूषण के मामले में दूसरे स्थान पर है। इसी तरह 270 अंकों के साथ हाजीपुर देश के सबसे प्रदूषित शहरों की लिस्ट में तीसरे पायदान पर है।

राजधानी दिल्ली से जुड़े आंकड़ों पर गौर करें तो कल से प्रदूषण में गिरावट जरूर आई है, लेकिन इसके बावजूद दिल्ली में वायु गुणवत्ता खराब बनी हुई है। यही वजह है कि इसे देश के सबसे प्रदूषित शहरों में चौथे स्थान पर जगह दी गई है। प्रदूषण के मामले में बद्दी पांचवें स्थान पर है, जहां एक्यूआई 259 रिकॉर्ड किया गया है।

इसी तरह देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में सुआकाती छठे, झालावाड़ सातवें, जबकि राउरकेला आठवें स्थान पर रहा। बेगूसराय में भी स्थिति कमोबेश ऐसी है है जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 240 रिकॉर्ड किया गया। प्रदूषित शहरों में बेगूसराय आज नौवें स्थान पर रहा। वहीं 234 अंकों के साथ गुरूग्राम इस लिस्ट में दसवें पायदान पर रहा।

मतलब की कहीं न कहीं देश में बड़े शहरों की तुलना में छोटे शहरों की स्थिति कहीं ज्यादा खराब है, जो स्पष्ट तौर पर दर्शाता है कि वायु प्रदूषण अब महज बड़े शहरों की समस्या नहीं रह गया है।

दिल्ली के पड़ोसी शहर फरीदाबाद की बात करें तो कल से वायु गुणवत्ता सूचकांक में 41 अंकों का उछाल आया है, जिसके साथ ही फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता मध्यम से खराब श्रेणी में पहुंच गई है। गौरतलब है कि फरीदाबाद में एक्यूआई 203 रिकॉर्ड किया गया है।

फरीदाबाद की तरह ही देश के जिन 21 शहरों में वायु गुणवत्ता खराब बनी हुई है, उन शहरों में आसनसोल, बद्दी, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, बूंदी, चंडीगढ़, गुवाहाटी, हाजीपुर, हल्दिया, झालावाड़, कोटा, कुंजेमुरा, राउरकेला, सहरसा, सवाई माधोपुर, सिंगरौली, सुआकाती, वापी आदि शामिल हैं।

चिंता की बात यह रही कि कल से देश में 'खराब' हवा वाले शहरों की गिनती में दस फीसदी का इजाफा हुआ है।

वहीं दूसरी तरफ आज देश में थूथुकुडी की हवा सबसे साफ रही, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 30 दर्ज किया गया है। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर बर्नीहाट की तुलना थूथुकुडी से करें तो वहां स्थिति 11 गुणा ज्यादा खराब है।

थूथुकुडी की तरह ही देश के 14 शहरों में हवा साफ है। इन शहरों में बरेली, चामराजनगर, चिकबलपुर, तिरुनेलवेली, वाराणसी, विजयपुरा आदि शामिल हैं। कल से देखें तो देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 36 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है, जोकि चिंता का विषय है।

रुझानों में यह भी सामने आया है कि देश में बाड़मेर सहित 66 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर संतोषजनक बना हुआ है। इन शहरों में परभनी, पिंपरी-चिंचवाड, प्रयागराज, पुदुचेरी, रायपुर, राजमहेंद्रवरम, रामनगर, ऋषिकेश, सलेम, सतना, सिलचर, सिरोही, शिवसागर, सूरत, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर, तिरुचिरापल्ली, तिरुमाला, उदयपुर, उडुपी, उज्जैन, वेल्लोर आदि शामिल हैं।

राहत की बात यह रही कि कल से देश में संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में करीब दो फीसदी का इजाफा हुआ है।

इसी तरह अहमदनगर सहित देश के 109 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।

इन शहरों में अहमदाबाद, अहमदनगर, अकोला, अमरावती, अंकलेश्वर, अररिया, औरंगाबाद (बिहार), औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बदलापुर, बागपत, बांसवाड़ा, बारां, बारीपदा, बेतिया, भागलपुर, भरतपुर, भिलाई, भोपाल, बिहारशरीफ, बीकानेर, बिलीपाड़ा, ब्रजराजनगर, बुलन्दशहर, बक्सर, चंद्रपुर, चरखी दादरी, चित्तौड़गढ़, चुरू, दौसा, देवास, धौलपुर, धुले, डिंडीगुल, दुर्गापुर, गया, गाजियाबाद, गोरखपुर, ग्रेटर नोएडा, गुम्मिडिपूंडी, ग्वालियर, हापुड, हावड़ा, इंफाल, इंदौर, जयपुर, जैसलमेर, जालंधर, जलगांव, झांसी, झुंझुनूं, जोधपुर, कल्याण, करौली, काशीपुर, कटिहार, कटनी, खुर्जा, किशनगंज, कोहिमा, कोलकाता, कोरबा, लातूर, लखनऊ, महाड, मालेगांव, मंडीदीप, मंगलौर, मंगुराहा, मेरठ, मिलुपारा, मोतिहारी, मुंबई, मुंगेर, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नगांव, नागौर, नागपुर, नलबाड़ी, नासिक, नवी मुंबई, नयागढ़, नोएडा, पाली, पटियाला, पटना, पीथमपुर, प्रतापगढ़, पुणे, पूर्णिया, राजगीर, राजसमंद, रतलाम, रूपनगर, सागर, सांगली, सीकर, सिलीगुड़ी, सोलापुर, श्रीगंगानगर, तालचेर, टेन्सा, तिरुपुर, टोंक, तुमकुरु, तुमिडीह, वातवा, विशाखापत्तनम, वृंदावन शामिल हैं।

कल से देखें तो देश में जिन शहरों की वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है, उनमें करीब चार फीसदी की गिरावट आई है। कुल मिलाकर देखें तो देश में जहां करीब सात फीसदी शहरों में हवा साफ है, वहीं दूसरी तरफ 62 फीसदी से ज्यादा शहरों में हालात चिंताजनक बने हुए हैं। इसी तरह देश के 31 फीसदी से ज्यादा शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर संतोषजनक रिकॉर्ड किया गया।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 04 फरवरी 2025 को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 212 में से महज 14 शहरों में हवा 'बेहतर' (0-50 के बीच) रही। वहीं 66 शहरों में वायु गुणवत्ता 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) है, गौरतलब है कि 03 फरवरी 2025 को यह आंकड़ा 65 दर्ज किया गया।

109 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' (101-200 के बीच) बनी हुई है।

दूसरे शहरों की तुलना में बर्नीहाट (337) में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां आज एक्यूआई 350 के करीब पहुंच गया। वहीं कल बदलापुर में हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित थी, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 दर्ज किया गया।

आंकड़ों पर गौर करें तो कल से दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में 22 अंकों की गिरावट आई है। इसके साथ ही दिल्ली में वायु गुणवत्ता का स्तर आज गिरकर 264 पर पहुंच गया, मतलब की दिल्ली में वायु गुणवत्ता ‘खराब’ स्तर पर पहुंच गई है।

गौरतलब है कि जनवरी 2025 में एक भी दिन ऐसा नहीं रहा जब दिल्ली में हवा जहरीली न हो। नवंबर में आठ दिन दिल्ली में वायु गुणवत्ता का स्तर 'गंभीर' दर्ज किया गया। इसी तरह दिसंबर 2024 में भी छह दिन वायु गुणवत्ता गंभीर दर्ज की गई थी। इस दौरान हवा में प्रदूषण का स्तर इतना ज्यादा था कि वो लोगों को लोगों को सांस लेना तक मुश्किल हो गया था।

देखा जाए तो देश में प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर अभी भी जारी है। प्रदूषण के मामले में आज दिल्ली चौथे स्थान पर है, वहीं बूंदी (291) दूसरे, जबकि हाजीपुर (270) तीसरे स्थान पर है।

अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो फरीदाबाद में इंडेक्स 203, गाजियाबाद में 142, गुरुग्राम में 234, नोएडा में 141, ग्रेटर नोएडा में 194 पर पहुंच गया है।

इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 113 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘मध्यम’ स्तर को दर्शाता है। जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 173, चेन्नई में 76, चंडीगढ़ में 226, हैदराबाद में 89, जयपुर में 140 और पटना में 183 दर्ज किया गया।

इन शहरों में साफ रही हवा

देश के जिन 14 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें बरेली, चामराजनगर, चिकबलपुर, कुड्डालोर, गडग, हुबली, मदिकेरी, पालकलाईपेरुर, रामनाथपुरम, शिवमोगा, थूथुकुडी, तिरुनेलवेली, वाराणसी, विजयपुरा शामिल हैं।

वहीं आगरा, आइजोल, अजमेर, अलवर, अमरावती, अनंतपुर, बाड़मेर, बठिंडा, बेंगलुरु, बिलासपुर, चेंगलपट्टू, चेन्नई, छाल, छपरा, चित्तूर, कोयंबटूर, दमोह, दावनगेरे, देहरादून, धनबाद, धारवाड़, एलूर, फिरोजाबाद, गांधीनगर, हनुमानगढ़, हैदराबाद, जबलपुर, कडपा, कलबुर्गी, कन्नूर, कानपुर, क्योंझर, खन्ना, कोलार, कोल्हापुर, लुधियाना, मदुरै, मंडी गोबिंदगढ़, मुरादाबाद, मैसूर, नांदेड़, परभनी, पिंपरी-चिंचवाड, प्रयागराज, पुदुचेरी, रायपुर, राजमहेंद्रवरम, रामनगर, ऋषिकेश, सलेम, सतना, सिलचर, सिरोही, शिवसागर, सूरत, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर, तिरुचिरापल्ली, तिरुमाला, उदयपुर, उडुपी, उज्जैन, वेल्लोर, विजयवाड़ा, यादगीर आदि 66 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।

क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक

देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।

इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।

यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।

ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।

प्रदूषण के मामले में एक बार फिर देश में मेघालय के शहर बर्नीहाट में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 337 तक पहुंच गया है। देश में आज बर्नीहाट एकलौता ऐसा शहर है, जहां एक्यूआई 300 से ज्यादा रिकॉर्ड किया गया। हालांकि कई अन्य शहरों में भी स्थिति कोई खास अच्छी नहीं है।

बूंदी जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 291 रिकॉर्ड किया गया, आज प्रदूषण के मामले में दूसरे स्थान पर है। इसी तरह 270 अंकों के साथ हाजीपुर देश के सबसे प्रदूषित शहरों की लिस्ट में तीसरे पायदान पर है।

राजधानी दिल्ली से जुड़े आंकड़ों पर गौर करें तो कल से प्रदूषण में गिरावट जरूर आई है, लेकिन इसके बावजूद दिल्ली में वायु गुणवत्ता खराब बनी हुई है। यही वजह है कि इसे देश के सबसे प्रदूषित शहरों में चौथे स्थान पर जगह दी गई है। प्रदूषण के मामले में बद्दी पांचवें स्थान पर है, जहां एक्यूआई 259 रिकॉर्ड किया गया है।

इसी तरह देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में सुआकाती छठे, झालावाड़ सातवें, जबकि राउरकेला आठवें स्थान पर रहा। बेगूसराय में भी स्थिति कमोबेश ऐसी है है जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 240 रिकॉर्ड किया गया। प्रदूषित शहरों में बेगूसराय आज नौवें स्थान पर रहा। वहीं 234 अंकों के साथ गुरूग्राम इस लिस्ट में दसवें पायदान पर रहा।

मतलब की कहीं न कहीं देश में बड़े शहरों की तुलना में छोटे शहरों की स्थिति कहीं ज्यादा खराब है, जो स्पष्ट तौर पर दर्शाता है कि वायु प्रदूषण अब महज बड़े शहरों की समस्या नहीं रह गया है।

दिल्ली के पड़ोसी शहर फरीदाबाद की बात करें तो कल से वायु गुणवत्ता सूचकांक में 41 अंकों का उछाल आया है, जिसके साथ ही फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता मध्यम से खराब श्रेणी में पहुंच गई है। गौरतलब है कि फरीदाबाद में एक्यूआई 203 रिकॉर्ड किया गया है।

फरीदाबाद की तरह ही देश के जिन 21 शहरों में वायु गुणवत्ता खराब बनी हुई है, उन शहरों में आसनसोल, बद्दी, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, बूंदी, चंडीगढ़, गुवाहाटी, हाजीपुर, हल्दिया, झालावाड़, कोटा, कुंजेमुरा, राउरकेला, सहरसा, सवाई माधोपुर, सिंगरौली, सुआकाती, वापी आदि शामिल हैं।

चिंता की बात यह रही कि कल से देश में 'खराब' हवा वाले शहरों की गिनती में दस फीसदी का इजाफा हुआ है।

वहीं दूसरी तरफ आज देश में थूथुकुडी की हवा सबसे साफ रही, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 30 दर्ज किया गया है। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर बर्नीहाट की तुलना थूथुकुडी से करें तो वहां स्थिति 11 गुणा ज्यादा खराब है।

थूथुकुडी की तरह ही देश के 14 शहरों में हवा साफ है। इन शहरों में बरेली, चामराजनगर, चिकबलपुर, तिरुनेलवेली, वाराणसी, विजयपुरा आदि शामिल हैं। कल से देखें तो देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 36 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है, जोकि चिंता का विषय है।

रुझानों में यह भी सामने आया है कि देश में बाड़मेर सहित 66 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर संतोषजनक बना हुआ है। इन शहरों में परभनी, पिंपरी-चिंचवाड, प्रयागराज, पुदुचेरी, रायपुर, राजमहेंद्रवरम, रामनगर, ऋषिकेश, सलेम, सतना, सिलचर, सिरोही, शिवसागर, सूरत, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर, तिरुचिरापल्ली, तिरुमाला, उदयपुर, उडुपी, उज्जैन, वेल्लोर आदि शामिल हैं।

राहत की बात यह रही कि कल से देश में संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में करीब दो फीसदी का इजाफा हुआ है।

इसी तरह अहमदनगर सहित देश के 109 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।

इन शहरों में अहमदाबाद, अहमदनगर, अकोला, अमरावती, अंकलेश्वर, अररिया, औरंगाबाद (बिहार), औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बदलापुर, बागपत, बांसवाड़ा, बारां, बारीपदा, बेतिया, भागलपुर, भरतपुर, भिलाई, भोपाल, बिहारशरीफ, बीकानेर, बिलीपाड़ा, ब्रजराजनगर, बुलन्दशहर, बक्सर, चंद्रपुर, चरखी दादरी, चित्तौड़गढ़, चुरू, दौसा, देवास, धौलपुर, धुले, डिंडीगुल, दुर्गापुर, गया, गाजियाबाद, गोरखपुर, ग्रेटर नोएडा, गुम्मिडिपूंडी, ग्वालियर, हापुड, हावड़ा, इंफाल, इंदौर, जयपुर, जैसलमेर, जालंधर, जलगांव, झांसी, झुंझुनूं, जोधपुर, कल्याण, करौली, काशीपुर, कटिहार, कटनी, खुर्जा, किशनगंज, कोहिमा, कोलकाता, कोरबा, लातूर, लखनऊ, महाड, मालेगांव, मंडीदीप, मंगलौर, मंगुराहा, मेरठ, मिलुपारा, मोतिहारी, मुंबई, मुंगेर, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नगांव, नागौर, नागपुर, नलबाड़ी, नासिक, नवी मुंबई, नयागढ़, नोएडा, पाली, पटियाला, पटना, पीथमपुर, प्रतापगढ़, पुणे, पूर्णिया, राजगीर, राजसमंद, रतलाम, रूपनगर, सागर, सांगली, सीकर, सिलीगुड़ी, सोलापुर, श्रीगंगानगर, तालचेर, टेन्सा, तिरुपुर, टोंक, तुमकुरु, तुमिडीह, वातवा, विशाखापत्तनम, वृंदावन शामिल हैं।

कल से देखें तो देश में जिन शहरों की वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है, उनमें करीब चार फीसदी की गिरावट आई है। कुल मिलाकर देखें तो देश में जहां करीब सात फीसदी शहरों में हवा साफ है, वहीं दूसरी तरफ 62 फीसदी से ज्यादा शहरों में हालात चिंताजनक बने हुए हैं। इसी तरह देश के 31 फीसदी से ज्यादा शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर संतोषजनक रिकॉर्ड किया गया।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 04 फरवरी 2025 को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 212 में से महज 14 शहरों में हवा 'बेहतर' (0-50 के बीच) रही। वहीं 66 शहरों में वायु गुणवत्ता 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) है, गौरतलब है कि 03 फरवरी 2025 को यह आंकड़ा 65 दर्ज किया गया।

109 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' (101-200 के बीच) बनी हुई है।

दूसरे शहरों की तुलना में बर्नीहाट (337) में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां आज एक्यूआई 350 के करीब पहुंच गया। वहीं कल बदलापुर में हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित थी, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 दर्ज किया गया।

आंकड़ों पर गौर करें तो कल से दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में 22 अंकों की गिरावट आई है। इसके साथ ही दिल्ली में वायु गुणवत्ता का स्तर आज गिरकर 264 पर पहुंच गया, मतलब की दिल्ली में वायु गुणवत्ता ‘खराब’ स्तर पर पहुंच गई है।

गौरतलब है कि जनवरी 2025 में एक भी दिन ऐसा नहीं रहा जब दिल्ली में हवा जहरीली न हो। नवंबर में आठ दिन दिल्ली में वायु गुणवत्ता का स्तर 'गंभीर' दर्ज किया गया। इसी तरह दिसंबर 2024 में भी छह दिन वायु गुणवत्ता गंभीर दर्ज की गई थी। इस दौरान हवा में प्रदूषण का स्तर इतना ज्यादा था कि वो लोगों को लोगों को सांस लेना तक मुश्किल हो गया था।

देखा जाए तो देश में प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर अभी भी जारी है। प्रदूषण के मामले में आज दिल्ली चौथे स्थान पर है, वहीं बूंदी (291) दूसरे, जबकि हाजीपुर (270) तीसरे स्थान पर है।

अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो फरीदाबाद में इंडेक्स 203, गाजियाबाद में 142, गुरुग्राम में 234, नोएडा में 141, ग्रेटर नोएडा में 194 पर पहुंच गया है।

इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 113 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘मध्यम’ स्तर को दर्शाता है। जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 173, चेन्नई में 76, चंडीगढ़ में 226, हैदराबाद में 89, जयपुर में 140 और पटना में 183 दर्ज किया गया।

इन शहरों में साफ रही हवा

देश के जिन 14 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें बरेली, चामराजनगर, चिकबलपुर, कुड्डालोर, गडग, हुबली, मदिकेरी, पालकलाईपेरुर, रामनाथपुरम, शिवमोगा, थूथुकुडी, तिरुनेलवेली, वाराणसी, विजयपुरा शामिल हैं।

वहीं आगरा, आइजोल, अजमेर, अलवर, अमरावती, अनंतपुर, बाड़मेर, बठिंडा, बेंगलुरु, बिलासपुर, चेंगलपट्टू, चेन्नई, छाल, छपरा, चित्तूर, कोयंबटूर, दमोह, दावनगेरे, देहरादून, धनबाद, धारवाड़, एलूर, फिरोजाबाद, गांधीनगर, हनुमानगढ़, हैदराबाद, जबलपुर, कडपा, कलबुर्गी, कन्नूर, कानपुर, क्योंझर, खन्ना, कोलार, कोल्हापुर, लुधियाना, मदुरै, मंडी गोबिंदगढ़, मुरादाबाद, मैसूर, नांदेड़, परभनी, पिंपरी-चिंचवाड, प्रयागराज, पुदुचेरी, रायपुर, राजमहेंद्रवरम, रामनगर, ऋषिकेश, सलेम, सतना, सिलचर, सिरोही, शिवसागर, सूरत, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर, तिरुचिरापल्ली, तिरुमाला, उदयपुर, उडुपी, उज्जैन, वेल्लोर, विजयवाड़ा, यादगीर आदि 66 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।

क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक

देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।

इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।

यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।

ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।

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