

देश में वायु प्रदूषण का संकट बरकरार है। 19 अक्टूबर 2026 को लगातार दूसरे दिन हरियाणा के बल्लभगढ़ की हवा सबसे प्रदूषित रही, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 248 दर्ज किया गया।
हालांकि, पिछले 24 घंटों में इसमें 30 अंकों का सुधार हुआ है, लेकिन यहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से 1,550 फीसदी अधिक है।
वहीं, उत्तर प्रदेश के खोरा (229), गुजरात के भावनगर (228) और राजस्थान के श्री गंगानगर (221) में भी हवा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। दूसरी ओर, दिल्ली और फरीदाबाद में प्रदूषण से कुछ राहत मिली है।
दिल्ली का एक्यूआई 187 से घटकर 139 और फरीदाबाद का 114 से गिरकर 109 पर आ गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 265 शहरों के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि देश के 30 शहरों में हवा साफ, जबकि 119 में संतोषजनक रही।
109 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में दर्ज की गई। पिछले दिन की तुलना में साफ हवा वाले शहरों की संख्या में 16.7 फीसदी की गिरावट आई, जबकि मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की संख्या में 16 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
देश में सबसे साफ हवा तमिलनाडु के कुड्डालोर में दर्ज की गई, जहां एक्यूआई महज 19 रहा।
सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 19 अक्टूबर 2026 को देश में एक बार फिर बल्लभगढ़ सबसे प्रदूषित शहर रहा। इस दौरान वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 248 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (18 अक्टूबर) को बल्लभगढ़ में सूचकांक 278 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में 30 अंकों का सुधार आया है।
रुझानों में यह भी सामने आया है कि बल्लभगढ़ की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।
बल्लभगढ़ में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 1,550 फीसदी अधिक है।
दूसरी तरफ देश में कुड्डालोर की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 19 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर बल्लभगढ़ की तुलना कुड्डालोर से करें तो वहां स्थिति 13 गुणा खराब है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 187 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 139 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक में 48 अंकों का सुधार दर्ज किया गया। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 09 जुलाई को दर्ज किया गया, जब एक्यूआई 48 रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह 08 जुलाई 2026 को सूचकांक 59 और 06 सितम्बर को 55 रिकॉर्ड किया गया। वहीं 04 अगस्त और 22 जुलाई 2026 को सूचकांक 64 दर्ज हुआ। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।
दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में कमी आई है। फरीदाबाद में जहां कल एक्यूआई 114 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 109 दर्ज किया गया। मतबल की कल से वहां प्रदूषण में 5 अंकों का सुधार आया है। इसके साथ ही वहां वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 19 अक्टूबर 2026 को 265 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 11.3 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 44.9 फीसदी में स्थिति संतोषजनक, जबकि दूसरी तरफ 43.8 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।
कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 16.7 फीसदी की गिरावट आई है। इसी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में 9.8 फीसदी की कमी दर्ज की गई। रुझानों के मुताबिक मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में कल से 16 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जोकि चिंता का विषय है। वहीं आज 7 शहरों में वायु गुणवत्ता खराब दर्ज की गई, जबकि कल इन शहरों की गिनती 11 रिकॉर्ड की गई थी।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में खोरा (229) दूसरे जबकि भावनगर (228) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह श्री गंगानगर (221) चौथे स्थान पर है। हिंगोली (216) – मानेसर (214) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
ग्रेटर नोएडा (205) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में बीकानेर (199), हापुड़ (195) और खुर्जा (191) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में उत्तर प्रदेश के चार शहर (खोरा, ग्रेटर नोएडा, हापुड़, खुर्जा) शामिल हैं।
विश्लेषण से यह भी पता चला है कि बल्लभगढ़, खोरा, भावनगर, हिंगोली, मानेसर, हापुड़, खुर्जा, पीथमपुर, बरौत, चरखी दादरी, डोंबिवली, गाजियाबाद, खैरथल, गजरौला, बहादुरगढ़, फतेहपुर सीकरी, मंडीदीप, राजसमंद, ग्वालियर, मुजफ्फरनगर, राजकोट, जालना, चंद्रपुर, कानपुर, पाली, गांधीनगर, सागर, अंकलेश्वर, अररिया, नोएडा, यमुनानगर, हनुमानगढ़, सवाई माधोपुर, कोटा, गुरुग्राम, भोपाल, जालंधर, नागपुर, उज्जैन, चित्तौड़गढ़, पानीपत, पिंपरी-चिंचवड़, मेरठ, महाड, मोतिहारी, करनाल, मुंबई, बारां, पुणे, हावड़ा, मेहसाणा, गया, पूर्णिया, वडोदरा और औरंगाबाद (महाराष्ट्र) आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।
वहीं श्री गंगानगर, ग्रेटर नोएडा, बीकानेर, भरतपुर, बुलंदशहर, अहमदाबाद, अगरतला, हिसार, भिवाड़ी, करौली, पारादीप, दौसा, धौलपुर, वृंदावन, जैसलमेर, बेलापुर, बागपत, नागौर, सिरसा, सासाराम, बर्नीहाट (मेघालय), मंडी गोबिंदगढ़, सूरत, वातवा, नारनौल, आगरा, बद्दी, जालौर, सतारा, धुले, अंबाला, नवी मुंबई, सीकर, तालचेर, वाराणसी, मथुरा, कुरुक्षेत्र, मालेगांव, बरेली, फरीदाबाद, टोंक, जोधपुर, उदयपुर, कैथल, भिवंडी, जबलपुर, छपरा, दमोह, फतेहाबाद, अंबरनाथ और टेन्सा आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।
इन शहरों के विपरीत देश के 11.3 फीसदी यानी 30 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में चित्तूर, कुड्डालोर, गंगटोक, कलबुर्गी, किशनगंज, कोप्पल, कोरबा, लेह, मदिकेरी, मैंगलोर, पुडुचेरी, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, रामनगर, ऋषिकेश, रूपनगर, शिवमोगा, सोलापुर, सोनीपत, श्रीनगर, तिरुवनंतपुरम, थूथुकुडी आदि शामिल हैं।
इसी तरह देश के 119 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें कटक, दरभंगा, देहरादून, धारूहेड़ा, धारवाड़, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलूर, एलुरु, फिरोजाबाद, गोरखपुर, गुम्मिडीपूंडी, गुंटूर, गुवाहाटी, हाजीपुर, हल्दिया, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जलगांव, झालावाड़, झांसी, जींद, जोरापोखर, कडप्पा, कल्याण, कन्नूर, कारवार, क्योंझर, खन्ना, कोहिमा, कोल्हापुर, कोलकाता, कुंजेमुरा, कुरनूल, लातूर, लखनऊ, लुधियाना, मैहर, मंगुराहा, मिलुपारा, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, मैसूरु, नागांव, नलबाड़ी, नांदेड़, नासिक, नयागढ़, नेल्लोर, पंचगांव, पंचकूला, परभणी, पटियाला, पटना, प्रतापगढ़, प्रयागराज, रायबरेली, रायपुर, रायरंगपुर, रतलाम, रोहतक, राउरकेला, समस्तीपुर, सांगली आदि शहर शामिल हैं।
इन शहरों के उलट आज देश के 109 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
इनमें अगरतला, आगरा, अहमदाबाद, अंबाला, अंबरनाथ, अंगुल, अंकलेश्वर, अररिया, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बद्दी, बागपत, बहादुरगढ़, बारां, बरौत, बरेली, बाड़मेर, बेलापुर, भरतपुर, भिवाड़ी, भिवंडी, भोपाल, बीकानेर, बुलंदशहर, बूंदी, ब्यासनगर, बर्नीहाट (मेघालय), चंद्रपुर, चरखी दादरी, छपरा, चित्तौड़गढ़, चुरू, दमोह, दौसा, दिल्ली, देवास, धौलपुर, धुले, डोंबिवली, फरीदाबाद, फतेहाबाद, फतेहपुर सीकरी, गजरौला, गांधीनगर, गया, गाजियाबाद, गुरुग्राम, ग्वालियर, हनुमानगढ़, हापुड़, हिसार, हावड़ा, जबलपुर, जयपुर, जैसलमेर, जालंधर, जालना, जालौर, झुंझुनू, जोधपुर, कैथल, कानपुर, करौली, करनाल, खैरथल, खुर्जा, कोटा, कुरुक्षेत्र, महाड, मालेगांव, मंडीदीप, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीखेड़ा, मथुरा, मेरठ, मेहसाणा, मोतिहारी, मुंबई, मुजफ्फरनगर, नागौर, नागपुर, नारनौल, नवी मुंबई, नोएडा, पाली, पानीपत, पारादीप, पिंपरी-चिंचवड़, पीथमपुर, पुणे, पूर्णिया, राजकोट, राजसमंद, सागर, सासाराम, सतारा, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरसा, सूरत, तालचेर, टेन्सा, टोंक, उदयपुर, उज्जैन, वडोदरा, वाराणसी, वातवा, वृंदावन और यमुनानगर शामिल हैं।
इसी तरह बल्लभगढ़, खोरा, भावनगर, श्री गंगानगर, हिंगोली, मानेसर और ग्रेटर नोएडा में स्थिति खराब दर्ज की गई है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 265 में से 30 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 119 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 18 अक्टूबर को यह आंकड़ा 132 दर्ज किया गया था।
109 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।
दूसरे शहरों की तुलना में आज एक बार फिर बल्लभगढ़ में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 248 दर्ज किया गया, जोकि ‘खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (18 अक्टूबर) को बल्लभगढ़ में सूचकांक 278 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में 30 अंकों का सुधार आया है।
दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 187 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 139 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक में 48 अंकों का सुधार दर्ज किया गया। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में कमी आई है। फरीदाबाद में जहां कल एक्यूआई 114 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 109 दर्ज किया गया। मतबल की कल से वहां प्रदूषण में 5 अंकों का सुधार आया है। इसके साथ ही वहां वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।
प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 19 अक्टूबर को श्री गंगानगर (221) चौथे स्थान पर है, वहीं खोरा (229) दूसरे, जबकि भावनगर (228) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 159, गाजियाबाद में 175, गुवाहाटी में 78, गुरूग्राम में 132, नोएडा में 138, ग्रेटर नोएडा में 205 पर पहुंच गया है।
इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 114 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘मध्यम‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 98, चेन्नई में 61, चंडीगढ़ में 51, हैदराबाद में 59, जयपुर में 114 और पटना में 94 दर्ज किया गया।
देश के जिन 30 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा। इन शहरों में आइजोल, अमरावती (आंध्र प्रदेश), बेतिया, बक्सर, चामराजनगर, चिक्काबल्लापुर, चित्तूर, कुड्डालोर, गंगटोक, कलबुर्गी, किशनगंज, कोप्पल, कोरबा, लेह, मदिकेरी, मैंगलोर, पुडुचेरी, राजमहेंद्रवरम, राजगीर, रामनगर, ऋषिकेश, रूपनगर, शिवमोगा, सोलापुर, सोनीपत, श्रीनगर, तिरुवनंतपुरम, थूथुकुडी, विजयपुरा और विशाखापत्तनम शामिल हैं।
वहीं अहमदनगर, अजमेर, अकोला, अलवर, अमरावती (महाराष्ट्र), अमृतसर, अनंतपुर, आरा, आसनसोल, औरंगाबाद (बिहार), बदलापुर, बागलकोट, बालासोर, बांसवाड़ा, बारबिल, बारीपदा, बैरकपुर, बठिंडा, बीड, बेगूसराय, बेंगलुरु, भागलपुर, भिलाई, भीलवाड़ा, भिवानी, भुवनेश्वर, बिहार शरीफ, बिलासपुर, बोइसर, ब्रजराजनगर, बर्नीहाट (असम), चंडीगढ़, चेन्नई, छाल, कटक, दरभंगा, देहरादून, धारूहेड़ा, धारवाड़, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलूर, एलुरु, फिरोजाबाद, गोरखपुर, गुम्मिडीपूंडी, गुंटूर, गुवाहाटी, हाजीपुर, हल्दिया, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जलगांव, झालावाड़, झांसी, जींद, जोरापोखर, कडप्पा, कल्याण, कन्नूर, कारवार, क्योंझर, खन्ना, कोहिमा, कोल्हापुर, कोलकाता, कुंजेमुरा, कुरनूल, लातूर, लखनऊ, लुधियाना, मैहर, मंगुराहा, मिलुपारा, मीरा-भायंदर, मुरादाबाद, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, मैसूरु, नागांव, नलबाड़ी, नांदेड़, नासिक, नयागढ़, नेल्लोर, पंचगांव, पंचकूला, परभणी, पटियाला, पटना, प्रतापगढ़, प्रयागराज, रायबरेली, रायपुर, रायरंगपुर, रतलाम, रोहतक, राउरकेला, समस्तीपुर, सांगली, सतना, शामली, शिलांग, सिलचर, सिरोही, शिवसागर, श्रीकाकुलम, सुआकाती, ठाणे, त्रिशूर, तिरुमाला, तिरुपति, तुमडीह, उडुपी, उल्हासनगर, वापी, विजयवाड़ा और विरार आदि 119 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।
इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।
ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।
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