

पश्चिमी विक्षोभ के कारण 13 से 18 फरवरी के बीच पहाड़ी राज्यों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी संभव।
17 फरवरी को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तर राजस्थान में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना।
दिल्ली-एनसीआर में धीरे-धीरे तापमान बढ़ेगा, अधिकतम 29 डिग्री और न्यूनतम लगभग 15 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान।
तटीय कर्नाटक तथा कोंकण-गोवा में उमस भरी गर्मी, जबकि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव क्षेत्र बनने के आसार।
मेघालय और हिमाचल प्रदेश में सुबह घना कोहरा, समुद्री क्षेत्रों में तेज हवाएं, मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आज सुबह, 13 फरवरी, 2026 को जारी बुलेटिन में कहा है कि ऊपरी हवा में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बादल छाने, बारिश और बर्फबारी की संभावना है। इसके साथ ही कुछ जगहों पर गरज-चमक, तेज हवाएं और कोहरा भी देखने को मिल सकता है। विभाग की मानें तो 13 फरवरी से 18 फरवरी 2026 के बीच कई राज्यों में अलग-अलग तरह का मौसम रहेगा।
इस समय एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है और 16 फरवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी के मौसम को बदल सकता है। साथ ही उत्तर-पूर्व भारत के ऊपर उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम सक्रिय है। इसकी हवा की रफ्तार लगभग 130 नॉट तक पहुंच रही है। यह मौसम प्रणाली को मजबूती दे रहा है, जिससे पहाड़ी इलाकों में मौसम तेजी से बदल सकता है।
पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी
मौसम विभाग के मुताबिक, 13, 16 और 17 फरवरी को जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद के कुछ हिस्सों में बारिश या बर्फबारी हो सकती है। ऊंचे इलाकों में बर्फ गिरने की संभावना अधिक बनी हुई है।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड का मौसम
16 से 18 फरवरी के बीच हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है। इसके कारण पहाड़ों में ठंड बढ़ सकती है और सड़कों पर फिसलन हो सकती है।
वहीं पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश में 14 और 15 फरवरी को हल्की बारिश और ऊंचाई वाले हिस्सों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
मैदानी इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश
17 फरवरी को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तर राजस्थान के कुछ हिस्सों में गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने का अंदेशा जताया गया है।
विभाग ने इन क्षेत्रों में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खुले मैदान में खड़े रहने से बचें और खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें।
दिल्ली-एनसीआर का मौसम
दिल्ली-एनसीआर में हवाओं की गति बढ़ गई है। 13 से 18 फरवरी के बीच यहां का अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान लगभग 15 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। कुल मिलाकर दिल्ली में दिन में तेज हवाओं के चलते हल्की गर्मी से राहत और रातें हल्की ठंडी रहेंगी।
कोहरे की चेतावनी
मेघालय में 13 फरवरी तक सुबह के समय घना कोहरा छाया रह सकता है। जबकि, हिमाचल प्रदेश में 14 फरवरी तक सुबह के समय कुछ जगहों पर घना कोहरा रहने की आशंका जताई गई है। कोहरे के कारण दृश्यता कम हो सकती है, जिससे सड़क और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है। वाहन चालकों को सावधानी से गाड़ी चलाने की सलाह दी गई है।
तापमान में उतार-चढ़ाव
मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि उत्तर-पश्चिम भारत, उत्तर-पूर्व भारत और मध्य प्रदेश में अगले तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद चार दिनों में तापमान दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। देश के बाकी हिस्सों में न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है।
वहीं अधिकतम तापमान में उतार-चढ़ाव की बात करें तो कर्नाटक, केरल और माहे तथा कोंकण और गोवा में अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। इसके बाद लगभग दो डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 12 फरवरी, 2026 को कर्नाटक के कारवार में अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पंजाब के अमृतसर में न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कहां रहेगा गर्म और उमस भरा मौसम?
देश के दक्षिणी हिस्सों में उमस भरी गर्मी ने दस्तक देना शुरू कर दिया है, आज 13 फरवरी, 2026 को तटीय कर्नाटक में गर्म और उमस भरा मौसम रहने का अंदेशा है। वहीं 14 और 15 फरवरी को कोंकण और गोवा में ऐसा ही मौसम रह सकता है। ऐसे मौसम में लोगों को अधिक पानी पीने और धूप में ज्यादा देर तक न रहने की सलाह दी गई है।
तटीय इलाकों में मौसम का मिजाज
पूर्वी भूमध्यरेखीय हिंद महासागर और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के आसपास ऊपरी हवा में चक्रवाती प्रसार बना हुआ है। इसके कारण 15 फरवरी के आसपास उसी क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बनने का पूर्वानुमान है।
इस दौरान दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और पूर्वी भूमध्यरेखीय हिंद महासागर के कुछ हिस्सों में 35 से 45 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं में और इजाफा होकर 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार में तब्दील होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने तूफानी मौसम को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।
क्या करें, क्या न करें
पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करते समय मौसम की जानकारी जरूर लें। बर्फबारी वाले क्षेत्रों में गर्म कपड़े पहनें और फिसलन से बचें। गरज-चमक व वज्रपात के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें। कोहरे में वाहन धीरे चलाएं। समुद्र में तेज हवाओं के दौरान मछुआरे सतर्क रहें।
13 से 18 फरवरी, 2026 के बीच देश के कई हिस्सों में मौसम अलग-अलग रूप दिखाएगा। कहीं बारिश और बर्फबारी होगी, कहीं गरज-चमक के साथ बारिश होगी, तो कहीं तापमान में बढ़ोतरी देखी जाएगी। पहाड़ी इलाकों में ठंड बढ़ सकती है, जबकि तटीय इलाकों में गर्मी और उमस का असर रहेगा।
मौसम के इस बदलाव के दौरान सावधानी और सतर्कता ही सबसे जरूरी है। नियमित रूप से मौसम की जानकारी लेते रहें और सुरक्षित रहें।