पश्चिमी विक्षोभ के कारण बदलेगा मौसम, दक्षिण में भारी बारिश का दौर जारी

पश्चिमी विक्षोभ के कारण दिल्ली और आस-पास के इलाकों में बारिश हो सकती हैं
पश्चिमी विक्षोभ के कारण बदलेगा मौसम, दक्षिण में भारी बारिश का दौर जारी
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स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, उत्तराखंड के अधिकतर इलाकों में मौसम शुष्क बना हुआ है। दूसरी और पश्चिमी विक्षोभ लगातार जारी है वहीं, 25 नवंबर से एक और नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर पश्चिम और पश्चिम भारत के मौसम में जबरदस्त बदलाव होने का अनुमान है।

पश्चिमी विक्षोभ के कारण 25 नवंबर को उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बारिश तथा ऊंची-ऊंची चोटियों में बर्फबारी हो सकती है, जबकि 26 और 27 नवंबर को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश होने का अनुमान है। मौसम संबंधी इस गतिविधि के चलते मैदानी इलाके तक में सर्दी के सितम में वृद्धि के आसार जताए गए हैं।

दिल्ली-एनसीआर के मौसम में बदलाव की बात करें तो, पिछले कुछ दिनों से यहां लगातार तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण दिल्ली और आस-पास के इलाकों में बारिश हो सकती हैं।

देश की राजधानी दिल्ली तथा आसपास के इलाकों में सुबह-सुबह धुंध देखी जा सकती है। प्रदूषण जारी है, यहां की आबोहवा आज भी काफी खराब है। साथ ही आज यहां पर बरसात होने का भी अनुमान है जिससे वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार होने की संभावना है

मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखें तो, एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ 25 और 26 नवंबर को गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा तटों से दूर पूर्व-मध्य अरब सागर तक फैली ऊपरी स्तर की ट्रफ के रूप में उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बढ़ेगा। इसके कारण मध्य और ऊपरी स्तरों में पश्चिमी हवाओं का एक गर्त पूर्वी हवाओं के निचले स्तरों की गर्त के साथ परस्पर असर डालेगा।

उपरोक्त मौसम संबंधी गतिविधि को देखते हुए, मौसम विभाग ने 24 से 27 नवंबर के दौरान मध्य महाराष्ट्र, कोंकण और गोवा, मराठवाड़ा, मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश तथा कुछ इलाकों में गरज के साथ भारी बारिश और बिजली गिरने के आसार जताए हैं। वहीं 25 और 26 नवंबर को गुजरात के मौसम में भी भारी बदलाव होने का अनुमान लगाया गया है।

26 नवंबर को दक्षिणी राजस्थान, दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश, उत्तरी मध्य महाराष्ट्र और उत्तरी मराठवाड़ा के अलग-अलग हिस्सों में आंधी और बिजली गिरने के साथ ओलावृष्टि होने की आशंका जताई गई है। इसी दौरान दक्षिण पश्चिम मध्य प्रदेश, उत्तरी मध्य महाराष्ट्र और गुजरात के अलग-अलग स्थानों हिस्सों में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है।

वहीं 26 से 28 नवंबर के दौरान पश्चिमी हिमालय क्षेत्र और उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश होने की भी संभावना है। 27 नवंबर को उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में तूफानी हवाओं के साथ बिजली गिरने तथा ओलावृष्टि के आसार हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी हवाओं में एक ट्रफ निचले स्तरों पर मालदीव से दक्षिण महाराष्ट्र तट तक जारी है। इसके कारण 24 और 25 नवंबर को केरल और माहे के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश तथा कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने तथा बिजली गिरने के आसार हैं।

वहीं आज, 24 नवंबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल तथा केरल और माहे के अलग-अलग हिस्सों में भारी बरसात होने के आसार जताए हैं, यानी इन राज्यों में 64.5 मिमी से 115.5 मिमी तक बारिश होने का अनुमान है।

कहां चलेंगी तेज हवाएं, कहां पड़ेगी गरज के साथ बौछारें तथा कहां गिरेगी बिजली?
आज, केरल और माहे के अलग-अलग इलाकों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं के साथ बौछारें पड़ने तथा वज्रपात के आसार हैं

वहीं आज, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, कोंकण और गोवा, उत्तर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल और लक्षद्वीप के अलग-अलग हिस्सों में बारिश होने तथा बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

एक और चक्रवाती तूफान की आशंका
मौसम विभाग के मुताबिक, 25 नवंबर के आसपास दक्षिण अंडमान सागर और उसके आसपास एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र उभरने की आशंका जताई गई है। इसके कारण 26 नवंबर के आसपास दक्षिण अंडमान सागर और उसके आसपास एक कम दबाव के क्षेत्र बनने के आसार हैं। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और 27 नवंबर के आसपास दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और इससे सटे अंडमान सागर पर गहरे दबाव में तब्दील होने का अनुमान है

चक्रवाती प्रसार के चलते 26 से 28 नवंबर के दौरान अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा तथा कुछ इलाकों में गरज के साथ भारी बारिश तथा बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। वहीं इसी दौरान अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्व की खाड़ी में भयंकर रफ्तार से तूफानी हवाओं के चलने के आसार हैं।

कल कहां हुई बारिश और कहां पड़ी गरज के साथ बौछारें?
कल, 23 नवंबर को 8:30 से 5:30 के दौरान तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम तथा केरल और माहे के कई हिस्सों, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल तथा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में झूम के बादल बरसे या गरज के साथ बौछारें पड़ी।

वहीं कल, उत्तराखंड, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद, पंजाब, बिहार, झारखंड, असम और मेघालय, मराठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा तथा लक्षद्वीप के अलग-अलग इलाकों में बारिश हुई या गरज के साथ बौछारें पड़ी।

कल कहां हुई एक सेमी या उससे अधिक बारिश?
कल, 23 नवंबर को 8:30 से 5:30 के दौरान खटीमा में 6 सेमी, हर्रान में 5 सेमी, मुशालपुर और विजयराय प्रत्येक जगह 2 सेमी बारिश दर्ज की गई।

कहां-कहां रहा न्यूनतम तापमान सामान्य से बहुत कम?
कल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से -1.6 डिग्री से -3.0 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।

कहां-कहां रहा अधिकतम तापमान सामान्य से बहुत कम?
कल, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, तेलंगाना तथा मध्य महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से -1.6 डिग्री से -3.0 डिग्री सेल्सियस काफी नीचे रहा।

कहां रहा न्यूनतम तापमान सामान्य से कम?
कल, देश के मैदानी इलाकों में सीकर (पूर्वी राजस्थान) में न्यूनतम तापमान 7.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

कहां रहा अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक?
कल, कारवार (तटीय कर्नाटक) में अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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