पहाड़ों पर एक बार फिर बारिश-बर्फबारी, मैदानी इलाकों में तापमान में उतार-चढ़ाव

नौ से 11 फरवरी, 2026 के बीच जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड में गरज के साथ बारिश-बर्फबारी, तूफानी हवाओं के साथ वज्रपात के आसार हैं।
नौ से 11 फरवरी तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी, 10 फरवरी को गरज के साथ बारिश, बिजली और तेज हवाओं के आसार।
नौ से 11 फरवरी तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी, 10 फरवरी को गरज के साथ बारिश, बिजली और तेज हवाओं के आसार।
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सारांश
  • नौ से 11 फरवरी तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी, 10 फरवरी को गरज के साथ बारिश, बिजली और तेज हवाओं के आसार।

  • दिल्ली में मौसम शुष्क रहेगा, आंशिक बादल छाए रहेंगे, तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर, बारिश की कोई संभावना नहीं।

  • उत्तर प्रदेश में घने से बहुत घना कोहरा, उत्तराखंड सहित कई राज्यों में सुबह-शाम दृश्यता घटने की आशंका।

  • अगले दिनों में उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में न्यूनतम तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव जारी रहने का अनुमान।

फरवरी महीने में भारत के मौसम में धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिल रहा है। देश के अलग-अलग इलाकों में विभिन्न तरह की मौसमी गतिविधियां सक्रिय हैं। खास तौर पर उत्तर भारत और पश्चिमी हिमालयी इलाकों में मौसम ज्यादा प्रभावी रहने वाला है। इसका मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ और उससे जुड़ी मौसमी प्रणालियां हैं।

मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, यानी नौ फरवरी, 2026 को जारी ताजा अपडेट में कहा गया है कि इस समय एक पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय है। यह लगभग 5.8 किमी की ऊंचाई पर स्थित है। यह पश्चिमी विक्षोभ आज, नौ फरवरी से पश्चिमी हिमालयी इलाकों के मौसम को बदलना शुरू करेगा।

पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है। यही कारण है कि जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में आने वाले दिनों में मौसम खराब हो सकता है

पश्चिमी विक्षोभ के साथ-साथ कुछ अन्य मौसमी प्रणालियां भी सक्रिय हैं। पश्चिमी राजस्थान और उसके आसपास 1.5 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती प्रसार बना हुआ है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती प्रसार मौजूद है। ये प्रणालियां नमी को बढ़ाने में मदद करेंगी, जिससे बारिश की संभावना बढ़ जाती है।

पूर्वोत्तर भारत के ऊपर 12.6 किमी की ऊंचाई पर उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम बह रही है, जिसकी हवा की गति लगभग 140 नॉट है। यह जेट स्ट्रीम ऊपरी वायुमंडल में मौसम पर असर डालती हैं।

पश्चिमी हिमालयी इलाकों में कैसा रहेगा मौसम?

पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में नौ से 11 फरवरी के बीच मौसम सक्रिय रहेगा। इस दौरान जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में बारिश और बर्फबारी हो सकती है। वहीं, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी इसी दौरान बारिश और हिमपात के आसार हैं।

विभाग ने कहा है कि 10 फरवरी को मौसम सबसे ज्यादा प्रभावी रहेगा। इस दिन कई जगहों पर भारी बारिश और जमकर बर्फबारी हो सकती है। इस दौरान गरज के साथ बारिश, बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अंदेशा जताया गया है।

मौसमी गतिविधि को देखते हुए पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि बर्फबारी के कारण सड़कों पर फिसलन और यातायात में बाधा आ सकती है।

दिल्ली और आसपास में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?

दिल्ली में फिलहाल मौसम ज्यादा खराब नहीं रहेगा। आज दिल्ली में आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा, लेकिन बारिश की कोई संभावना नहीं है। कल, आठ फरवरी को दिल्ली का अधिकतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा ज्यादा है। वहीं न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से थोड़ा ऊपर है। आने वाले दिनों में दिल्ली में मौसम सुहावना बना रह सकता है।

राष्ट्रीय राजधानी में आज अधिकतम तापमान के 24 डिग्री और न्यूनतम तापमान के नौ डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। दिल्ली में सुबह से ठंडी हवाएं बह रही हैं, जिसके पूरे दिन जारी रहने का पूर्वानुमान है।

कहां रहेगा कोहरे का कहर?

विभाग के मुताबिक, देश के कई हिस्सों में कोहरे की समस्या बनी हुई है। तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में घना कोहरा छाने की आशंका जताई गई है।

वहीं, उत्तराखंड में भी कहीं-कहीं घना कोहरा देखा जा सकता है। जबकि उत्तर प्रदेश में कुछ हिस्सों में घने से बहुत घना कोहरा छाने का अंदेशा जताया गया है। कोहरे के कारण सुबह और रात के समय दृश्यता कम हो सकती है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है।

तापमान में उतार-चढ़ाव

आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में न्यूनतम तापमान में बदलाव देखने को मिलेगा। उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद अगले दो दिनों में इसमें दो डिग्री की गिरावट आ सकती है।

मध्य भारत में अगले 24 घंटों तक तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है। इसके बाद अगले चार दिनों में तापमान दो से चार डिग्री तक बढ़ सकता है। पूर्वी भारत में अगले तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। इसके बाद दो से तीन डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है।

जबकि महाराष्ट्र में अगले 24 घंटों तक तापमान स्थिर रहेगा। इसके बाद अगले दो दिनों में तापमान दो से तीन डिग्री गिर सकता है और फिर धीरे-धीरे बढ़ेगा।विभाग की मानें तो देश के बाकी हिस्सों में तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, आठ फरवरी, 2026 को कर्नाटक के कारवार में अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पूर्वी राजस्थान के सीकर में न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस रहा।

कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि आने वाले कुछ दिनों में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी से मौसम सक्रिय रहेगा, जबकि मैदानी इलाकों में तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। कोहरे की वजह से कई जगहों पर सतर्क रहने की जरूरत है। लोगों को मौसम की जानकारी पर ध्यान देते हुए अपनी यात्रा और दैनिक गतिविधियों की योजना बनानी चाहिए।

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