

पश्चिमी विक्षोभ के कारण पश्चिमी हिमालयी इलाकों में बारिश और बर्फबारी जारी रहने की संभावना बनी हुई है।
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में पांच व छह फरवरी को गरज-चमक के साथ बारिश और बर्फबारी संभव।
दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में घना कोहरा और ठंडी हवाओं से ठंड का अहसास बढ़ा।
उत्तराखंड और हिमाचल में आज मौसम शुष्क रहेगा, जिससे यात्रियों और किसानों को अस्थायी राहत मिलेगी।
दक्षिण भारत के तमिलनाडु और तटीय क्षेत्रों में हवाओं की ट्रफ के कारण हल्की और छिटपुट बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के द्वारा आज, चार फरवरी, 2026 को जारी अपनी रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में विभिन्न मौसमी गतिविधियां सक्रिय हैं, जिनका प्रभाव पहाड़ी क्षेत्रों से लेकर मैदानी इलाकों और दक्षिण भारत तक दिखाई दे रहा है। खासकर उत्तर भारत, पश्चिमी हिमालयी इलाकों और दक्षिणी राज्यों में मौसम में बदलाव देखा जा रहा है।
सबसे पहले बात करें पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) की। वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे पंजाब क्षेत्र के ऊपर सक्रिय है। यह ऊंचाई पर चक्रवाती प्रसार के रूप में बना हुआ है। इसके साथ ही ऊपरी वायुमंडल में एक ट्रफ भी सक्रिय है। इन मौसमी गतिविधियों के कारण पश्चिमी हिमालयी इलाकों में मौसम लगातार बदल रहा है।
इसके अलावा उत्तर-पूर्वी पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में भी चक्रवाती प्रसार बना हुआ है। इसके कारण भी मौसम में बदलाव हो रहा है।
ऊपरी वायुमंडल में उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम भी काफी मजबूत बनी हुई है। पूर्वोत्तर भारत के ऊपर लगभग 12.6 किमी की ऊंचाई पर इसकी गति लगभग 130 नॉट्स दर्ज की गई है। यह तेज जेट स्ट्रीम पश्चिमी विक्षोभों को और अधिक सक्रिय बना रही है, जिससे पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी की स्थिति बन रही है।
पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, पांच फरवरी की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी इलाकों के मौसम में एक बार फिर बदलाव कर सकता है। इसके बाद आठ फरवरी की रात से एक और नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में रुक-रुक कर बारिश और बर्फबारी देखने को मिल सकती है।
वहीं पांच और छह फरवरी, 2026 को जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। कुछ हिस्सों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
हाल ही में हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में भारी बर्फबारी दर्ज की गई। मनाली, लाहौल-स्पीति और किन्नौर में ताजा हिमपात के कारण कई सड़कें बंद हो गई हैं। रोहतांग के पास अटल टनल क्षेत्र में हिमस्खलन की घटना भी सामने आई, जिससे यातायात बाधित हुआ। वहीं, मैदानी जिलों में घना कोहरा छाया रहा। मौसम विभाग के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में चार, पांच और सात फरवरी को मौसम शुष्क रह सकता है, जबकि छह, आठ और नौ फरवरी को हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। जिसके कारण तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
उत्तराखंड में आज मौसम ने कुछ राहत दी है। मौसम विभाग के अनुसार, आज चार फरवरी को प्रदेश के सभी जिलों में मौसम के शुष्क रहने का पूर्वानुमान है। पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में धूप खिलने की संभावना है। हालांकि हाल की बर्फबारी के कारण ठंड बनी रहेगी। हरिद्वार और उधम सिंह नगर में मौसम साफ रहेगा। यह दिन यात्रियों और पर्यटकों के लिए अनुकूल माना जा रहा है। किसानों को भी इसका फायदा मिलेगा, लेकिन सुबह और शाम की ठंड से सावधानी बरतने की जरूरत है।
दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में घने कोहरे का असर साफ दिखाई दे रहा है। आज सुबह दृश्यता काफी कम रही। नमी का स्तर लगभग 84 प्रतिशत दर्ज किया गया, जिससे कोहरा और घना हो गया। आज दिल्ली का न्यूनतम तापमान के नौ डिग्री, जबकि अधिकतम तापमान के 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। तापमान सामान्य के करीब होने के बावजूद 10 से 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही ठंडी हवाओं के कारण ठंड अधिक महसूस हो रही है। इसे “विंड चिल फैक्टर” कहा जाता है, जो लोगों को वास्तविक तापमान से ज्यादा ठंड का अहसास कराता है।
घने कोहरे की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, बिहार, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में घना कोहरा छा सकता है। इससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
तापमान में उतार-चढ़ाव
तापमान के रुझान की बात करें तो अगले सात दिनों में उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। वहीं महाराष्ट्र में अगले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद अगले तीन दिनों में तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट आने की संभावना है और फिर कोई खास बदलाव नहीं होगा।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, तीन फरवरी, 2026 को कर्नाटक के कारवार में अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पंजाब के बठिंडा में न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
दक्षिण भारत में मौसमी बदलाव
दक्षिण भारत में मौसमी बदलाव की बात करें तो केरल के दक्षिणी हिस्से से लेकर कर्नाटक तट के पास तक पूर्वी हवाओं में एक ट्रफ बनी हुई है। यह ट्रफ लक्षद्वीप और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी अरब सागर के ऊपर चक्रवाती प्रसार के रूप में देखी जा रही है। इसके कारण दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों, विशेषकर तमिलनाडु में हल्की से लेकर मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है।
कुल मिलाकर, देश के पहाड़ी इलाकों में पश्चिमी विक्षोभों के कारण बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रहेगा। मैदानी इलाकों में ठंड और कोहरे का प्रभाव बना रहेगा, जबकि दक्षिण भारत में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। विभाग ने लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है।